रेखा- अतुल का माल-1

लेखिका : उषा मस्तानी

आपने मेरी लिखी कहानी “हमारी नौकरानी सरीना “पढ़ी।

उसी को आगे बढ़ाते हुए अब अगला भाग “रेखा- अतुल का माल” पढ़िए।

दो बजने से 5 मिनट पहले ही घंटी बजी। सामने अतुल, उनकी पड़ोसन रेखा और सरीना खड़ी थीं। सरीना के हाथ मैं एक बैग था जिसमें कुछ कपड़े थे।

हम लोग अन्दर आ गए, सरीना ने मेरा परिचय अतुल और रेखा से कराया। रेखा एक सांवले बदन की 28-29 साल की छोटी-छोटी चूचियों वाली पतली दुबली महिला थी।

हमने कोल्ड ड्रिंक और चिप्स का नाश्ता किया।

फ़िर सरीना बोली- आप लोग कपड़े बदल लो !

बैग में से दो लुंगी निकाल कर उसने हमें दे दीं। सरीना ने दोनों के कान में कहा- आप अंदर जाकर सिर्फ लुंगी पहन लो !

हम लोग अंदर अपने सारे कपड़े उतार कर सिर्फ लुंगी पहन कर आ गए।

सरीना बोली- रेखा जी, आप थोड़ी शरमा रही हैं, आप साड़ी उतार दें और मैं आपको पेटीकोट ब्लाउज देती हूँ ! उन्हें पहन लें नहीं तो आपके कपड़े ख़राब हो जाएँगे, थोड़ी देर पेटीकोट-ब्लाउज में रहेंगी तो शर्म भी छूट जाएगी।

थोड़ा न-नुकुर के बाद रेखा ने अंदर जाकर कपड़े बदल लिए। अब वह गहरे गले के ब्लाउज और पेटीकोट में थी। पेटीकोट नाभि के नीचे बंधा था, रेखा का बदन चिकना और जवान था जिसने मेरा लण्ड खड़ा कर दिया था। हम लोग बेडरूम में आ गए थे। इसके बाद अतुल और मुझे सरीना ने एक एक हॉट ड्रिंक दे दी, थोड़ी सी उसने रेखा को दी थी। हम सब लोगों ने ड्रिंक पीना शुरू कर दी थी।

रेखा ब्लाउज के नीचे ब्रा नहीं पहने थी। अतुल रेखा के ब्लाउज में हाथ डाल कर उसकी छोटी छोटी चूचियाँ 5-5 बार दबा चुका था। रेखा उसका हाथ बार बार हटा देती थी।

सरीना रेखा के पास गई और बोली- इतना शरमाओगी तो रात का मज़ा कैसे लोगी? ब्लाउज उतार लो और इन छोटी छोटी संतरियों का जूस अतुल जी को पिलाओ तभी तो रात का पूरा मज़ा मिलेगा। सरीना ने पीछे जाकर उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए और उसका ब्लाउज उतार दिया। रेखा की नरम नरम चिकनी और छोटी छोटी दूधिया चूचियाँ बाहर निकल आई थीं, मेरा और अतुल दोनों का लण्ड उछालें मार रहा था।

अतुल लुंगी ठीक से नहीं पहने थे, उनका लण्ड खड़ा हुआ था जो 5 इंच के करीब होगा, मेरा भी ८ इंची तना हुआ लण्ड लुंगी से बाहर निकलने को उतावला हो रहा था। अतुल रेखा से चिपक कर उसके गुलाबी होंठ चूमने लगा और साथ ही साथ उसके नंगे दूध कस कस कर मसल रहा था। अतुल की लुंगी खुलकर हट गई थी अब उसका नंगा लण्ड हम सब देख सकते थे।

सरीना ने आगे बढ़कर रेखा का हाथ अतुल के लण्ड पर रख दिया और रेखा से बोली- अब शर्म छोड़ दे और रंडी बन जा ! मजे कर ! शरमा नहीं ! आज दो-दो लण्डों से खेल सकती है ! ऐसा मौका शरीफ औरतों को रोज रोज नहीं मिलता है, तुझे चूत और गाण्ड का ऐसा मज़ा दिलवाऊँगी कि तू जिन्दगी भर याद रखेगी ! बस अब शराफत छोड़ दे और एक रात के लिए वेश्या बन जा।

अतुल ने रेखा की एक चूची मुँह में पूरी भर ली और दूसरी का चुचूक दबाने लगा। उसका छोटा सा 5 इंची लौड़ा रेखा मसल रही थी, मेरा लौड़ा तना हुआ था और मैं उसे लुंगी के ऊपर से सहला रहा था। सरीना ने मेरी लुंगी हटा दी थी मेरा ८ इंच लम्बा लण्ड अब सरीना के हाथों में था। सरीना उसे रेखा को दिखाती हुई सहला रही थी। रेखा चोर आँखों से मेरा लण्ड देख रही थी।

सरीना रेखा को गर्म करने के लिए मेरा लौड़ा चूसने लगी। मैं सरीना का पेटीकोट ऊपर उठाकर उसके नंगे चूतड़ों को मलने लगा। कुछ देर लण्ड चूसने के बाद सरीना उठी उसने अपना पेटीकोट और ब्लाउज उतार दिया अब वो पूरी नंगी थी। उसने आगे बढ़कर पलंग पर बेठी हुई रेखा के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसे हाथों से खींचकर उतार दिया। रेखा की नंगी चूत मेरी आँखों के सामने थी। मेरा लण्ड उसकी चूत देखकर कड़ा हुए जा रहा था। अतुल उसकी चूचियों से अब भी खेल रहा था। रेखा की नंगी खुली चूत मेरे लण्ड को चोदने का आमंत्रण दे रही थी।

सरीना ने मुस्कुरा कर मुझे देखा और धीरे से बोली- अभी पूरी रात बाकी है ! तुम भी जमकर इसकी चोदना लेकिन अभी थोड़ा सब्र करो !

और सरीना ने अतुल को आँख मारते हुए मेरा लौड़ा दुबारा मुँह में घुसा लिया।

अतुल उठा और उसने अपना लौड़ा भी रेखा के मुँह पर रख दिया। रेखा अतुल की गोद में लेटकर सरीना की देखादेखी उसे लबालब चूसने लगी। अतुल मेरे पास बैठा हुआ था, हम दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए। मैंने अतुल से कहा- यार, थोड़ा अपना माल मुझे भी चखा देना।

अतुल बोला- साली की गाण्ड मार लूँ, फिर साथ साथ दोनों कुतियाओं को बजाएँगे।

मैंने कहा- सरीना को अपना लौड़ा चुसवाओ ! बहुत मस्त चूसती है।

अतुल ने लौड़ा रेखा के मुँह से निकल लिया सरीना ने भी मेरे मुँह से लण्ड निकाल दिया और रेखा को हटाकर अतुल का लण्ड अपने मुँह में ले लिया। मैंने रेखा को अपनी तरफ खींच लिया और उसके मुँह पर अपना लण्ड रख दिया, रेखा बोली- आपका तो बहुत बड़ा है?

मैंने उसके कान में कहा- मुँह में रखो मज़ा भी बड़ा देगा।

रेखा गर्म हो चुकी थी, उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ठूंस लिया। अब दोनों औरतें अतुल और मेरा लण्ड मस्त होकर चूस रहीं थीं। रेखा की चूचियाँ भी अब मेरे हाथों में खेल रही थीं।

थोड़ी देर बाद सरीना ने अतुल का लण्ड अपने मुँह से निकाल दिया और रेखा के मुँह से भी मेरा लण्ड हटा दिया। अतुल रेखा की चूत पर हाथ फेरते हुए बोला- राजीव, वाकई सरीना जी ने तो आज सच लौड़ा चूसने का असली मज़ा दिया। यह मेरी कुतिया तो चूसना जानती ही नहीं, सिर्फ मुँह आगे पीछे करती है।

सरीना मुस्कुराते हुए बोली- आपकी माल को आज सब सिखा दूंगी। अब इसकी थोड़ी चूत की सेवा कर दीजिये, हरामिन की चुदने को कुलबुला रही है।

अतुल उठा और उसने रेखा की टांगें चौड़ी करके उसमें अपना लण्ड घुसा दिया। रेखा की चूत बजने लगी, सरीना ने भी मेरा लण्ड अपनी चूत में डलवा लिया था।

अब पलंग पर दोनों औरतों की चुदाई चल रही थी, कमरा ऊहाह ऊहाह की आवाज़ों से गूँज रहा था। थोड़ी देर बाद दोनों की चूतें गाढ़े वीर्य से नहाई हुई थीं।

सरीना रेखा से बोली- अपने यार का लौड़ा चाट ले ! बहुत स्वादिष्ट लगता है वीर्य चोदने के बाद !

रेखा को दिखाते हुए सरीना ने मेरे सुपाड़े पर अपनी जीभ फिरा दी। रेखा ने भी अतुल का लण्ड थोड़ी देर चाटा। इसके बाद 5 मिनट तक हम चारों बिस्तर पर पस्त हो गए।

थोड़ी देर के लिए मैं और सरीना बाहर आ गए थे। दस मिनट बाद सरीना ने दो हॉट ड्रिंक बना ली एक उसने अतुल को दी और एक रेखा को। अतुल का लण्ड ठंडा हो रहा था। मैंने लुंगी बाँध ली थी। सरीना बोली- यह लीजिये अतुल जी, आज आपकी पीछे से सवारी की इच्छा भी पूरी हो जाएगी।

अतुल ने पूरी ड्रिंक ली। थोड़ी सी सरीना ने रेखा को भी पिलाई। इसके बाद एक पतली मोमबत्ती पर सरीना ने कंडोम चढ़ाया और अतुल से बोली- अतुल जी थोडा घोड़े को रेखा जी के मुँह में डालिए। इसके बाद सरीना ने एक पतली ट्यूब रेखा की गाण्ड में घुसा दी, रेखा ऊई करती हुई बोली- निकालो दर्द हो रहा है।

सरीना ने ट्यूब पिचका कर पूरी निकाल ली और बोली- दर्द तो जब अतुल तेरी मारेंगे तब पता चलेगा ! और राजीव जी ने घुसा दिया तो दो दिन तक ठीक से नहीं चल पाएगी तू।

सरीना के इशारे पर अतुल ने दो उँगलियाँ रेखा की गाण्ड में घुसा दीं।

सरीना बोली- पूरी अंदर तक गाण्ड में घुसा कर अच्छी मालिश कर दीजिये मेमसाहब की ! नहीं तो गाण्ड नहीं मार पायेंगे।

अतुल की उँगलियाँ रेखा की गाण्ड में आगे-पीछे होने लगीं। दो मिनट तक अतुल ने उँगलियाँ आगे-पीछे की, उसके बाद सरीना ने मोमबत्ती अतुल के हाथ में दे दी और बोली- अब मोमबत्ती से इसकी गाण्ड चोदिये।

2-3 मिनट तक रेखा लेटी हुई चुपचाप लण्ड चूसती रही और अतुल मोमबत्ती उसकी गाण्ड में आगे पीछे करता रहा। 5 मिनट के बाद अतुल ने लण्ड निकाल लिया अब रेखा की गाण्ड लण्ड से गुदनी थी।

सरीना ने पलंग पर एक मोटा गद्दा बिछा दिया और रेखा से बोली- अपनी गाण्ड एक बार मरवा ली तो चूत का मज़ा भूल जाएगी ! प्यार से मरवाना ! शुरू में दर्द होगा, बाद में तो मज़ा आना है। अतुल जी का लण्ड तो छोटा है, झेल लेगी, जिनकी गाण्ड बड़े लण्ड से फटती है वो तो कई बार बेहोश हो जाती हैं। चल अब जरा घोड़ी बन !

और रेखा के बाल सहलाते हुए सरीना ने उसे घोड़ी बना दिया।

रेखा घोड़ी बन गई थी और अपनी कोहनी बिस्तर पर लगा ली थी। अतुल ने उसकी कमर पकड़ के लण्ड उसकी गाण्ड में छुला दिया। सरीना ने अपने हाथ से अतुल का एक इंच लण्ड उसकी गाण्ड में घुसवा दिया।

सरीना मुस्कुराते हुआ बोली- अतुल जी, बचा हुआ लण्ड प्यार से इसकी गाण्ड में डालना और रेखा जी की प्यार से मारिएगा।

अतुल इसे मजाक समझा, उसने गाण्ड को चूत समझते हुआ एक तेज झटका मार दिया। लण्ड रेखा की गाण्ड में तेजी से घुसा तो रेखा बुरी तरह से चीख उठी और उसने तेज झटका गाण्ड को दिया, इस बीच लण्ड गाण्ड से निकल गया।

रेखा की आँखों में पानी आ गया था।

सरीना अतुल पर चिल्लाती हुई बोली- आप से मैंने कहा था न कि प्यार से मारिएगा।

रेखा बोली- न बाबा न ! मुझे गाण्ड नहीं मरवानी !

सरीना बोली- रेखा जी, आप थोडा आराम करें ! मैं अतुल जी को समझाती हूँ ! अबकी वो आपकी प्यार से मारेंगे। एक बार आपने गाण्ड मरवा ली तो बार बार मरवाना चाहेंगी। अतुल जी, आप रेखा जी को सॉरी बोलिए और मेरे साथ आइये, मैं आपको कुछ समझाती हूँ।अतुल ने रेखा से सॉरी बोली और अतुल को बाहर ले आई, मैं भी बाहर आ गया।

सरीना अतुल से बोली- अतुल जी, रेखा गाण्ड मरवाने को तैयार है। आप उसकी गाण्ड प्यार से मारिएगा। अकेले आप गाण्ड नहीं मार पाएंगे। रेखा आपकी बीबी तो है नहीं, इसलिए अपने माल का मज़ा राजीव जी को देंगे तभी आप गाण्ड मारने में सफल हो पाएंगे और एक बार आपने औरतों की गाण्ड मारना सीख ली तो आप कई औरतों को खुश कर सकते हैं।

अतुल सरीना से धीरे से बोला- कुतिया को कोई भी चोद दे, मुझे कोई दिक्कत नहीं ! लेकिन मुझे आज गाण्ड मारना सीखना है क्योंकि मैंने अपने दो दोस्तों की बीवियों को बताया हुआ है कि मैं गाण्ड मारने का खिलाड़ी हूँ और उनमें से एक की दो दिन बाद मुझे गाण्ड मारनी है, दूसरी अगले महीने जब मेरा दोस्त सिंगापुर जाएगा, तब मरवाएगी। अगर मैं उनकी गाण्ड नहीं मार पाया तो मैं किसी को मुँह नहीं दिखा पाऊँगा।

सरीना बोली- मैं आपको गाण्ड का खिलाड़ी बना कर भेजूँगी। आप जब रेखा की गाण्ड मारें तब राजीव जी उसे लौड़ा चुसवाएंगे।

सरीना ने हमें कुछ बातें सिखाईं, अब रास्ता साफ़ था, अतुल के माल रेखा को अब मैं बजा सकता था।

कहानी का अगला भाग जल्दी आपको पढ़ने को मिलेगा।

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