आइस क्यूब डिस्क में मिली टीना-1

(Ice Cube Disc Me Mili Teena-1)

दोस्तो, मैं एक बार फिर से आपके पास अपनी एक नई कहानी लेकर आया हूँ, कोशिश यही है कि आपको कहानी पसंद आएगी।

जैसा मैंने अपनी पहली कहानियों में बताया कि मैं पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ, मेरा काम अक्सर ऑफ़िस के छोटे से कॅबिन में बैठ कर होता है पर कभी भी जब मुझे मौका मिलता है तो मैं घूमने के लिए अपनी कार से बाहर निकल जाता हूँ।

यह वाकया उस टाइम का है जब मैं अपने फ्लैट पर अकेला था और बोर हो रहा था। मेरे दिल को लगा कि मुझे कहीं घूमने निकलना चाहिए।
यही सोच कर मैं लोंग ड्राइव के लिए निकल पड़ा, पता नहीं था कि कहाँ जाना है पर मौसम सुहाना था और मन थोड़ा मस्ती करने का था।
मैंने सोचा कि कुछ देर किसी पब में बैठूँ और बियर पी लूँ, मैं नोयडा के एक क्लब में जाकर पीने लगा। आपको बता दूँ कि मैं द ग्रेट इंडिया प्लेस माल में जाकर आइस क्यूब नामक पब में जाकर बैठ गया, वो दिन फ्राइडे का था तो वहाँ बहुत सारे ग्रुप आए हुए थे जो दिखने में स्टूडेंट लग रहे थे।

मैंने दो बियर निपटा ली थी और स्मोक ज़ोन में एक सिगरेट पीने के लिए गया, लाइटर जला कर सिगरेट जलाई और पीने लगा।
तभी देखा कि स्मोक ज़ोन में एक लड़की आई, वो बहुत तेज रो रही थी। वो मेरे पास वाले स्पेस पर आकर बैठ गई, वो टिशू पेपर से अपने आँसू साफ कर रही थी।

एक पल के लिए उसने मुझे देखा पर मुझे अवायड करके अपने काम में लग गई। मैं अपनी आधी सिगरेट पी चुका था और फ़ोन पर अपने मैसेज चेक कर रहा था, तभी किसी ने मुझे आवाज़ दी- कॅन ई हॅव आ सिगरेट प्लीज़?

मैंने सिर उठा कर देखा तो वही लड़की मुझे सिगरेट माँग रही है, मैंने पूरा पेकेट उसके हाथ में दे दिया और लाइटर जला कर उसकी सिग्रेट जलवाई।
उसने 2-3 लंबे लंबे कश भरे और हाथ आगे बढ़ा कर हेलो बोला और अपना नाम टीना बताया।
मैंने भी हाय किया और अपना परिचय दिया.

वो बैठ कर सिग्रेट के कश मारने लगी, मेरे मन में कोई ऐसी बात नहीं थी पर उसने खुद से बोला- सॉरी, मैं किसी पर्सनल बात से परेशान थी और रो रही थी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
मैं कुछ नहीं बोला, मैंने वेटर को इशारा किया, वो मेरे लिए एक बियर और लेकर आ गया।
शराफ़त के नाते मैंने उसे बियर ऑफर की तो उसने पहली बार में ना कर दिया पर जब मैंने बियर का एक घूंट पीया तो बोली- ठीक है आप कहते हैं तो मैं ले लेती हूँ।
मैंने वेटर से एक और बियर लाने को कहा।

वो थोड़ी परेशान थी तो मैंने पूछा- कोई ऐसी बात है कि आप परेशान हैं? पर उसने कुछ ठीक से नहीं बताया। कुछ टाइम बाद जब बियर फिनिश हो गई, हम लोग स्मोक ज़ोन से बाहर आने लगे, वो मेरे पीछे थी, मैं ठीक उसके आगे था।
मैं फर्स्ट फ्लोर की तरफ़ जाने लगा तो मुझसे उसने पूछा- आप कहाँ जा रहे हो?

तो मैंने बोला- मेरी सीट ऊपर है।
वो बोली- ठीक है।

मैं ऊपर आकर अपने लिए एक और ड्रिंक ऑर्डर करने वाला था कि देखा टीना ऊपर की ओर चली आ रही है, वो आई और उसने पास आकर मुझसे पूछा कि क्या वो मेरे साथ बैठ सकती है?
मैंने बहुत ही सरल जवाब दिया- ज़रूर!

वो मेरे पास सोफे पे आकर बैठ गई और हम दोनों ड्रिंन्क एंज़ोय करने लगे।
रात के करीब साढ़े दस बज चुके थे और हम बस इधर उधर की बातें कर रहे थे।

एक बार मैंने उससे फिर से पूछा- आप रो क्यों रही थी?

तब उसने एक लम्बी सांस भरी और बोली- मेरा बॉयफ़्रेंड मेरे साथ डिस्क में आया था और किसी बात पे वो मुझे धक्का देकर मुझे अकेला छोड़ कर चला गया और मैं अपसेट होकर रोने लगी। वो हमेशा मेरे साथ ऐसा ही करता है।

मैंने तसल्ली की सांस ली और पूछा- तुम कहाँ रहती हो?
उसने जवाब दिया- ग्रेटर नॉयडा एक्सप्रेस वे पे अपने फ्रेंडस के साथ फ्लैट शेयर करके रहती हूँ।

फिर मैंने पूछा- वो जगह तो यहाँ से बहुत दूर है, कैसे जाओगी?
तो बोली- ऑटो हायर करके चली जाऊँगी।

अब हमारी बातें स्टार्ट हो गई। धीरे धीरे पता चला कि वो बी.टेक स्टूडेंट है और वहीं किसी कॉलेज में पढ़ती है।
जब उसने मेरे बारे में जाना कि मैं एक मल्टी नॅशनल कंपनी में काम करता हूँ तो वो मेरी बातों को ध्यान से सुनने लगी और मुझसे पूछा- आप अकेले डिस्क में क्या कर रहे हैं?

तो मैंने बोला- फ़्राईडे होने के कारण मैं यहाँ चला आया थोड़ा मूड ठीक करने को…
तो मज़ाक में उसने मुझसे कहा- आपका मूड अब ठीक हो गया?
तो मैंने तपाक से जवाब दिया- इतनी सुंदर लड़की के साथ ड्रिंक करके मूड तो सही होना ही था।

हमारी काफ़ी देर तक बातें चलती रही, इस बीच हमने 2-2 बियर और निपटा ली। डिस्क का फाइनल सॉंग्स चलने का टाइम आ गया था तो टीना ने मुझे डान्स के लिए ऑफर किया और हम दोनों नीचे फ्लोर पे डॅन्स करने के लिए चले आए।
सॉंग भी मेरे पसंद का था- ‘दिल तेरी दीवानगी में खो गया है…’

उसने मेरे साथ पूरा साथ देकर डान्स किया, फिर जब डिस्क क्लोस होने लगी तो मैं बाहर जाने लगा तो उसने कहा- क्या हम थोड़ी देर कहीं बैठ सकते हैं?
मैं अकेला था तो मुझे कोई परहेज नहीं था, हम वहीं माल में एक सीढ़ी पे बैठ गये और बातें करने लगे।
टाइम 12:45 हो चुका था और उसे अच्छा नशा भी हो रहा था, उसका सिर मेरे कंधे पे था और वो थोड़ा धीरे धीरे बोल रही थी।
मुझे उसकी हालत ठीक नहीं लगी और मैंने उससे कहा- चलो आपको बाहर से ऑटो करा देता हूँ, काफ़ी लेट हो गया है।

मेरे मन में अभी तक कोई ग़लत भावना नहीं आई थी, मुझे बस चिंता इस बात की थी की कहीं मेरे कारण वो किसी प्राब्लम में ना आ जाये।
मेरे बात सुनकर उसने कहा- आप कैसे घर जाएँगे?
तो मैंने कहा- मेरे पास कार है, मैं निकल जाऊँगा।
तो मेरे हाथ पकड़ कर टीना मुझसे बोली- आप ही मुझे क्यों नहीं ड्रॉप कर देते?
मुझे यह ठीक लगा और हम लोग पार्किंग की तरफ चल दिए।

पार्किंग में अपनी कार में बैठने के बाद मैंने उसे पानी ऑफर किया, उसने वो पी लिया।
हम लोग पार्किंग से निकालने के बाद एक्सप्रेस वे की तरफ चलने लगे पर उसकी आँखें देख कर यह नहीं लग रहा था कि वो अपने फ्लैट पर वापस जाना चाहती है।

कुछ देर सॉंग सुनने के बाद उसने अपनी पसंद का आशिक़ी-2 का सॉंग सेलेक्ट किया और हम दोनों सॉंग सुनने लगे।
तभी उसने मेरे कंधे पे सिर रख कर धीरे धीरे मेरे सीने पर अपने हाथ चलाना शुरु कर दिया।
मेरे अंदर का मर्द अब जागने लगा था पर चाह कर भी कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि वो हसीन थी, मासूम थी…
पर दिल तो दिल है…

हम लोग एक्सप्रेस वे पे पहुँचने के बाद धीरे धीरे अपनी मंज़िल की तरफ जा रहे थे। मेरा दिल अब बेईमान होने को कर रहा था, तभी उसने मुझसे बोला कि उसके बॉयफ़्रेंड ने उसके धोखा दिया है, उसके साथ कई बार सेक्स किया है पर फिर भी वो उसका ना होकर किसी और के पीछे पड़ा है।

मैंने उसे बोला- तुम उसे छोड़ क्यों नहीं देती?
तो उसने बात टाल दी। टीना पे नशा सवार हो गया था और वो अब धीरे धीरे मेरे पास आने की कोशिश कर रही थी और मेरे गालों पे और चेहरे पे अपना हाथ फेर रही थी।
मैंने उत्सुकतावश पूछ लिया- क्या दिल बेईमान हो रहा है?
तो बोली- मुझे प्यार चहिए किसी भी कीमत पे… क्या तुम मुझे प्यार दे सकते हो?
कहानी जारी रहेगी।
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