डॉक्टर साहिबा का अतृप्त यौवन-1

(Doctor Sahiba Ka Atript Yauvan- Part 1)

दोस्तो, मैं जयदीप आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूँ। आपने मेरी पिछली कहानी को बहुत सहारा और ढेर सारे मेल किये इसके लिए धन्यवाद। हालांकि मैं सबके मेल का जवाब नहीं दे पाया पर जल्द ही दे दूंगा।
आप अगर मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ना चाहें तो ऊपर मेरे नाम पर क्लिक करके मेरी सभी कहानियाँ पढ़ सकते हैं और मजा उठा सकते हैं।

यह बात उस टाइम की है जब मैंने अपनी कहानी
दोस्त की प्यारी बीवी की चूत का नशा
पोस्ट की थी।
तब बहुत सारे मेल आये थे। उनमें एक मेल नेहा व्यास (बदला हुआ नाम) का था, उसने मेरी कहानी को बहुत सराहा। मुझे उसकी बातें बहुत पसंद आई और हम ईमेल पे बात करने लगे।
वो अहमदाबाद की थी, एक डॉक्टर थी। वो मुझसे मिलना चाहती थी तो मैंने उनसे उनकी तस्वीर मांगी तो उसने मना कर दिया, उसने कहा- मिलना ही है तो फोटो क्यों भेजूँ?
यह बात मुझे सही लगी।

पर दिक्कत यह थी कि मिलें तो मिलें कहाँ? मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं थी पर नेहा रेप्यूटेड डॉक्टर थी इसलिए उनको प्रॉब्लम थी।
फिर कुछ दिनों बाद उनका मेल आया कि वो एक पार्टी में जा रही है वहाँ मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
उसने उस पार्टी में जाने के लिए एक वेबसाइट पर मेरा अकाउंट बना कर पार्टी का पास दिया क्योंकि वो हाई प्रोफाइल पार्टी थी जिसमें आम लोगों को एंट्री नहीं मिलती थी और फार्महाउस में थी वो पार्टी।

आख़िरकार वो पार्टी का दिन आ ही गया, मैं मैसेज में मिले एड्रेस पर आ गया, पास दिखा कर पार्टी में आ गया।
मैं पार्टी में गया तो मेरे होश ही उड़ गए दोस्तो, ऐसी पार्टी आज तक मैंने नहीं देखी थी… कुछ लोग शराब और ड्रिंक्स पी रहे थे, कुछ लोग नशीली दवाओं का सेवन कर रहे थे (शराब पीना और ड्रग्स लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।)
शराब पीते पीते कुछ लोग विदेशी लड़कियों के साथ डांस कर रहे थे और उनको पीछे से सहला भी रहे थे, साथ में गन्दी गालियों वाले गाने भी बज रहे थे और पार्टी का माहौल गर्म कर रहे थे। इसमें कुछ नामचीन डॉक्टर्स भी थे जो सबको टीवी में शराब और ड्रग्स के बारे में बताते थे।
यह देख कर मुझे बहुत घिन आई पर फिर सोचा मुझे क्या… मैं तो नेहा से मिलने आया हूँ।

मैंने नेहा को कॉल किया और अपने हुलिए के बारे में बताया और एक सॉफ्ट ड्रिंक पीते हुए नेहा का वेट करने लगा।
तभी पीछे से आवाज़ आई- हेल्लो जयदीप!
मैंने घूमकर देखा तो लाल साड़ी में नेहा खड़ी थी, मैं उसे देखता ही रह गया… क़यामत लग रही थी वो… लाल रंग की साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज पहना था और बड़ी हिल वाली सैंडल… उसका फिगर 34-28-36 था और उसका बदन दूध जैसा गोरा… खूबसूरत ऐसी लग रही थी जैसे कोई हीरोइन हो।
मैं दो पल उसे देखता ही रह गया इतना नशा उनकी आँखों में था।

मैं- हेल्लो नेहा, कैसी हो आप?
वो- अच्छी हूँ, आपका वेट कर रही थी।
मैं- बहुत ब्यूटीफुल और सेक्सी लग रही हो।
वो- ओह थैंक्स जय.
मैं- पार्टी का मजा ले रही हो…
वो- सच बताऊँ तो ऐसी पार्टियों से मैं ऊब गई हूँ।

उसने वोडका ली और हम अपने अपने ड्रिंक्स पीने लगे।
मैं- यहीं शोर में बात करते हैं या कही शांत जगह चलें?
वो- जो आपको ठीक लगे।
हम जाने ही वाले थे कि उसकी दो सहेली आ गई जिनका नाम निशा और माया था। उन्होंने मुझसे हाय हेल्लो की, नेहा ने उनसे मेरा परिचय करवाया। वो दोनों भी तगड़ा माल लग रही थी और माया तो नेहा को भी टक्कर दे सकती थी।
मैंने उनके पेशे के बारे में पूछा तो वो भी डॉक्टर्स ही निकली और दोनों ने अपने अपने कार्ड मुझे दिया।

फिर मैं और नेहा वहाँ से निकल गये और नेहा के घर आ गए जो एक फार्महाउस ही था वो भी आलिशान!
जब हम घर पहुँचे तो रात के दस बज गए थे।

वो फ्रेश होने गई और फ्रेश होकर बाहर ब्लैक नाईटी में आई, क़यामत लग रही थी। उसकी गांड बहुत मटकती थी जब वो चलती थी।
उसने हम दोनों के लिए सैंडविच बनाया और हम दोनों खाने लगे।
मैं- तुम्हें पार्टियाँ क्यों पसंद नहीं है नेहा?
वो- प्रोफेशन की वजह से जाना पड़ता है! मुझे नार्मल पार्टियाँ पसंद है इतनी हाई प्रोफाइल नहीं!

मैं- तुम शादीशुदा हो नेहा?
वो- हाँ, मेरी 3 साल की बेटी भी है, वो ऊपर सो रही है और ये घर भी मेरा ही है।
मैं- अच्छी बात है, आपके हस्बैंड कहाँ हैं और वो क्या करते हैं?
वो- वो भी डॉक्टर ही हैं, वो लंदन में डॉक्टर हैं, 2-3 महीनों में एक हफ़्ते के लिए आते है, मैं यहाँ अपना क्लीनिक चलाती हूँ।

इतना सुनते ही मैं समझ गया कि ये प्यासी है और इसकी चूत फाड़ने में मजा आएगा।

उसने कहा- चलो बैडरूम में बैठ के टीवी देखते हैं।
मेरे लिए तो सोने पे सुहागा हो गया, मैं भी देर न करते हुए उसके साथ गया और टीवी देखने लगा।
दिक्कत यह थी कि वो बहुत प्यासी थी और पहल नहीं कर पा रही थी और मैं चाहता था कि उसे और तड़पने दूँ ताकि ज्यादा मजा आये।

मैं- नेहा, तुम इस नाइटी में बहुत ब्यूटीफुल लग रही हो। तुम्हारे हस्बैंड बहुत लकी हैं जो तुम जैसी वाइफ मिली है।
वो- थैंक्स अगेन जय!

मैंने उसकी खुली जांघ पे हाथ रखा तो मेरे बदन में करंट दौड़ गया।
उसने मेरा हाथ हटा दिया- यह आप क्या कर रहे हो?
मैं- कुछ नहीं, बस तुम्हारे बदन को छूना चाहता था इसलिए!
वो- ये सब ठीक नहीं है, मैं शादीशुदा हूँ, अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ।
मैं- वो तो सब बीवियाँ करती हैं तो फिर मुझे मिलने के लिए क्यों बुलाया तुमने?
वो- मुझे आपसे बात करके अच्छा लगता था मेल पे और मुझे सिर्फ एक बार आपसे मिलना था।

वो थोड़ा डर रही थी क्योंकि वो पहली बार किसी से इस तरह मिल रही थी इसलिए मेरा विरोध कर रही थी।

मैंने भी ईंट का जवाब पत्थर से देने का सोचा, मैंने उसका हाथ पकड़ा और उस पर किस किया- देखो नेहा, यह कितना सुन्दर हाथ है तुम्हारा क्या तुम्हारा पति इसको छूता है इसे? और यह जवानी ही किस काम की जिसे तिजोरी में बंद करके रखा है, लुटाया न जाए।
यह कह कर मैंने उसके होंठों पे होंठ रख दिए और किस करने लगा।

अब उनके सब्र का बांध भी टूट गया और वो भी मेरा साथ देने लगी जैसे वो भी इसमें बहुत माहिर हो।
मैं बड़े मजे और जोश के साथ उसके होंठों को चूसने लगा, वो भी फुल फॉर्म में आ चुकी थी और ऐसा लग रहा था कि मेरे होंठों को खा जायेगी।
मैं उसे किस करते करते उसकी गांड को दबाने लगा और वो मेरे लंड को टटोलने लगी।

हम दोनों दस मिनट तक किस करते रहे और एक दूसरे की जीभ का स्वाद लेने लगे।
बाद में हम दोनों अलग हो गए।

फिर मैंने उसको दीवार के साथ खड़ा किया और उसकी चूचियाँ मसलने लगा और वो मेरे शर्ट के बटन खोलने लगी, शर्ट को उतारकर मुझे बेड पे धक्का देकर मुझपे बैठ गई और मेरे सीने पे चूमने और काटने लगी।
मैं आँखें बंद करके उसका आनन्द लेता रहा।

फिर मैंने झट से उठ कर उसे लेटा दिया और उसकी नाइटी और ब्रा को उतार कर फ़ेंक दी अब वो सिर्फ एक पेंटी में ही थी।
मैं उसके बूब्स मसलने लगा, चूसने लगा… काफी मुलायम और सॉफ्ट थे मम्मे उसके!
वो मेरा सर को अपने मम्मों पर दबा कर ‘आह आह आआआह…’ सिसकारियाँ भरने लगी। बूब्स का रसपान करने में ऐसा मजा आ रहा था जैसा आज तक किसी औरत के बूब्स में नहीं आया।

वो- और चूसो जय, मसल कर रख दो।
मैं बूब्स चूसते हुए- हाँ नेहा, मुझे लगा तुम शर्मीली हो पर तुम तो…
वो- मैं चाहती थी कि तुम पहल करो और मुझे मजा दो। मैं तो सिर्फ नाटक कर रही थी। आआआह आह चूस चूस के लाल कर दो इसे जय!
यह कह कर उसने अपनी पकड़ और टाइट कर दी और मैं उसको मसल रहा था। मैं कहाँ ऐसी माल को जाने देता।

फिर मैं उसके बूब्स को छोड़कर नीचे आया और उसके पेट को चूमने लगा… वो और मचलने लगी क्योंकि पेट औरत का बेस्ट सेंसिटिव पार्ट में से एक है।
मैंने उसकी नाभि पर किस किया और बड़ी अच्छी सुगंध आ रही थी।
आख़िरकार मेरा हाथ उसकी पेंटी पर गया और वो उतर गई।

उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी और वो भी क्लीन थी… यानि वो भी पूरी तैयारी के साथ ही आई थी।

फिर मैंने भी अपनी जीन्स और अन्डरवीयर उतार दिया, अब हम दोनों नंगे थे।
मैं उसकी चूत में उंगली डालकर आगे पीछे करने लगा और वो ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करने लगी।
मैं उसकी चूत के होंठो को चूसने लगा और क्लिट को भी चूसने लगा।

वो ऐसे पागल हो गई कि दोनों पैरों से मेरे सर को चूत में दबा दिया और कराहने लगी- ओह जय, और चाट मेरी चूत को… खा जाओ इसे कब की प्यासी है। आह आह ओह माय गॉड!
फिर वो उठ कर मेरे लंड को मसलने लगी और हम 69 की पोजीशन में आ गए, मैं उसकी चूत को चाटने लगा और वो मेरे लंड को चूसने लगी।
जब मैं चूत चाट रहा था, उसी वक्त वो झड़ गई, मैं उनका सारा रस पी गया।

थोड़ी देर बाद मैं उसके मुंह में झड़ गया और वो मेरा माल गटक गई और मेरे लंड को चाट चाट के साफ़ कर दिया जैसे उसको इसमें महारथ हासिल हो।

मैं- क्या मजे से लंड चूसती हो नेहा रानी!
वो- तुमने भी किस तरह से मेरी चूत चाटी, आज तक किसी ने नहीं चाटी। कसम से… पागल बना दिया तुमने आज!
मैं- अब मेरे लंड की बारी है जो तुम्हारी चूत को फाड़ देगा नेहा!
वो- हाँ जयदीप, फाड़ दो इसे अब… 2 महीने से प्यासी है ये… इसकी प्यास बुझा दो मेरे राजा!

मैंने उसके चुत के द्वार पर अपने लंड का सुपारा टिकाया और एक जोर का धक्का दिया तो आधे से ज्यादा मेरा लंड घुस गया।
वो थोड़ा चीखी पर दूसरे ही सेकंड में मैंने दूसरा धक्का लगाया और पूरा लंड डाल दिया और उसके ऊपर लेट के उसको किस करने लगा और बूब्स मसलने लगा तब वो थोड़ी नार्मल हुई।

फिर मैंने अपने धक्के धीमी रफ्तार पे शुरू किये, वो बड़े मजे से सिसकारियाँ निकालने लगी और नीचे से गांड उठाकर मेरा साथ देने लगी।
थोड़ी देर बाद मैंने उसको अपने लंड पे बैठा दिया और उसे उछालने लगा, वो बोली- ओह जय, काफी दिनों बाद मजा आ रहा है। फक मी वाइल्ड जय… आह ओऊऊऊ ओह यस आआआह!

मैं- हाँ नेहा, तुम जैसी सेक्सी बम को डिफ्यूस करके ही रहूँगा रानी… रंडी की तरह पेलूंगा तुम्हें!
वो- जो चाहो वो करो जय… पर छोड़ना मत आज मुझे मेरी प्यास बुझा दो!

फिर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा और वो बन गई। मैं लंड को चुत में घुसाकर धक्का देने लगा और साथ में उसके बूब्स मसलने लगा।
अब मैंने रफ़्तार बढ़ा दी तो वो बोली- ओह जय, जरा धीरे करो। तुम्हारा लंड मेरी बच्चेदानी को टकरा रहा है। मैं मर जाऊँगी प्लीज यार, मेरी फट जायेगी।

मैंने उसकी बात को नज़र अंदाज़ कर दिया क्योंकि शायद उसकी इतनी तेज़ धक्कों से कभी चुदाई नहीं हुई थी।
वो दो बार झड़ चुकी थी और मैं झड़ने वाला था इसलिए चुत से लंड निकाल कर उसकी चूचियों माल निकाल दिया और मैं उसके ऊपर गिर पड़ा।

थोड़ी देर बाद हम दोनों बाथरूम गए और एक दूसरे को साफ़ किया और नंगे ही बेड पर आ गए।

मैं- मजा आया नेहा रानी?
वो- पागल कर दिया आज तुमने मुझे! सच में ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई मेरी!
यह कह कर उसने मुझे सीने से लगा लिया और मेरे बालों को सहलाने लगी।

तभी मैंने उसकी चूची को काट लिया।
वो- तुम भी शैतान हो जयदीप… अभी तक जी नहीं भरा तुम्हारा?
मैं- नहीं नेहा, तुम हो ही ऐसी… जितना प्यार करूँ मन नहीं भरता है। तुम जैसी मक्खन जैसी बीवी को छोड़ कोई पति कैसे दूर जा सकता है जानू!
वो- उसका जॉब ही ऐसा है तो क्या हो सकता है!

मैं- अच्छा है उनका जॉब ऐसा है… वरना मैं तुम्हारा रसपान कैसे करता! तुम अब तक कितने लोगों से चुदी हो नेहा?
वो- कॉलेज में मेरा एक बॉयफ्रेंड था फिर शादी के बाद पति से और कुछ डॉक्टर्स!
मैं- अरे वाह! मुझे लगा यह दूसरी बार होगा… जैसे तुम शर्मा रही थी। कमाल की हो तुम नेहा… तुम्हारी चुत तो जन्नत है नेहा रानी!
वो- तुम भी कम नहीं हो जय! क्या रगड़ रगड़ के मेरी चुत ली तुमने आज… ऐसी आज तक किसी ने नहीं ली। आज मैं पूरी तरह से संतुष्ट हुई! तुम्हारा स्टेमिना भी गजब का है जय!
मैं- थैंक्स, तुम्हारा पति कैसे चोदते हैं तुम्हें?
वो- वो सिर्फ 10 मिनट टिक पाते हैं। तुमने तो आज मेरा बदन तोड़ दिया। मैं बाथरूम गई तब ठीक से चल भी नहीं पा रही थी।
मैं- असली मर्द का मजा ही अलग होता है नेहा डार्लिंग। तुम भी कोई मॉडल से कम नहीं हो।

फिर हम बातें करते हुए एक दूसरे की बाहों में ऐसे ही सो गए और नींद भी बहुत अच्छी आई।
नेहा जब सो रही थी तब उनके चेहरे पर मस्त मुस्कान थी। मैंने थोड़ी देर उसे निहारा और फिर मैं भी सो गया।

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अगला भाग: डॉक्टर साहिबा का अतृप्त यौवन-2

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