चूत की ऐसी भयानक चुदाई सोची ना थी-2

(Choot Ki Aisi Bhyanak Chudai Sochi na Thi- Part 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

आगे की कहानी….
मैंने उनसे कहा- मैं आज की रात यादगार बनाना चाहती हूँ।

तो वो दोनों मुझे प्रश्नवाचक निग़ाह से देखने लगे।
मैंने कहा कि…
मैं चाहती हूँ कि आज तुम दोनों मेरे पालतू कुत्ते बनो और मैं तुम्हारी मालकिन बनूँगी।

मेरी यौन लालसाएँ

दोस्तो, वैसे तो सबकी अलग अलग तरीके से सेक्स करने की इच्छा होती है, उसी तरह मेरी भी कुछ इच्छायें हैं जो मैं पूरा करना चाहती हूँ। अगर आप लोग जानना चाहते हैं तो मैं बताती हूँ कि मेरी कौन कौन से तरीके से सेक्स करने की इच्छा है।

1॰ मैं चाहती हूँ कि मैं कम से कम 5 लड़कों से एक साथ सेक्स करूँ!
2॰ मैं चाहती हूँ कि कोई मेरा बलात्कार करें। उसकी वजह यह है कि मैं देखना चाहती हूँ कि एक आदमी किसी लड़की की इच्छा के बिना कैसे सेक्स कर सकता है।
3॰ मैं चाहती हूँ कि लड़के मेरे पालतू कुत्ते बनें और मैं उनकी मालकिन बनकर उनके साथ हर गन्दी हरकत कर सकूँ। यह मैंने आज की कहानी में कर भी लिया है।
4॰ मैं कम से कम एक बार तो पब्लिक प्लेस पर सेक्स करना चाहती हूँ। हालांकि पब्लिक प्लेस में चूत चुदाई करना बहुत मुश्किल है लेकिन मुझे उम्मीद है कि एक दिन यह भी हो ही जायेगा। और मैं वादा करती हूँ कि उसकी कहानी भी जरूर लिखूँगी।

खैर ये सब तो मेरी अन्तर्वासना की जरूरतें हैं जिन्हें मैं येन केन प्रकारेण पूरा कर ही लूँगी!

अब कहानी पर आते हैं।

दो जवां मर्द मेरे पालतू कुत्ते

मेरी बात सुनकर वे तैयार हो गए तो मैंने मुस्कुरा कर कहा- आज की रात बहुत मज़ेदार गुज़रेगी।
यह कहकर मैंने तकिये के नीचे से एक कुत्तों वाला पट्टा निकाला और एक पट्टा मैंने अपने पालतू कुत्ते के गले से निकाल कर उन दोनों की तरफ फ़ेंका।

उन दोनों ने वो पट्टे पहन लिए।
इस बीच मैंने अपना हैंडीकैम निकाल लिया क्योंकि मैं आज की रात का हर पल कैमरे में कैद करना चाहती थी और आयशा को भी दिखाना चाहती थी।

कैमरा लेकर मैं बिस्तर पर आ गई।

अब वो दोनों बिस्तर पर कुत्ते की तरह हो गए और उन दोनों के गले में पड़े पट्टे की रस्सी मेरे हाथ में थी। मैंने उन दोनों को बिस्तर से नीचे उतारा, फिर कुत्ते की तरह चलाते हुए मैंने उन्हें पूरे घर में घुमाया और सब कुछ कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।

जब मैं अपने कुत्तों को घुमा रही थी तो बीच में टिम ने मेरी टांग चाट ली तो मैंने उसकी तरफ गुस्से से देखा और एक लात उसके चूतड़ों पर मार दी और उसे दोबारा ऐसा ना करने ही हिदायत भी दे दी।

फिर मैंने जमीन पर थूक दिया और टिम की तरफ देखा तो वो समझ गया उसे क्या करना है उसने वो थूक चाट लिया।
अब मुझे अपने ऊपर बहुत गर्व हो रहा था कि मैं दो दो मर्दों की मालकिन हूँ।

मुझे इस बात का भी अंदेशा था कि मैं इन दोनों को जितना ज्यादा तड़पाउंगी ये दोनों मेरी चूत की उतनी ही भयानक चुदाई कर देंगे। मगर मैंने आज पूरा मज़ा लेने का सोच लिया था।

फिर मैं उन्हें अपने कमरे में ले गई, वहाँ जाकर मैंने कहा कि दोनों खड़े हो जाओ तो वो खड़े हो गए।
मैंने आदेश दिया- मेरी नाईटी उतारो!

उन दोनों ने दोनों तरफ से पकड़कर मेरी नाईटी उतार दी।
फिर मेरा इशारा मिलते ही दोनों ने मुझे गोद में उठा लिया और धीरे से बिस्तर पर लिटा दिया। फिर वो दोनों दोबारा बिस्तर पर कुत्ते की अवस्था में आ गए, मैंने अपने दोनों पैर दोनों को सामने कर दिए, उन दोनों ने मेरे तलवे चाटने शुरू कर दिये।

अब वो मेरे तलवे चाट रहे थे और मैं एक हाथ से कैमरा से शूट कर रही थी और दूसरे हाथ से अपनी पैंटी के ऊपर से चूत सहला रही थी।
तब मैंने टिम को मेरी पैंटी उतारने को बोला और स्टीव को मेरी ब्रा उतारने को बोला तो दोनों मेरा हुक्म मानते हुए काम पर लग गए। कुछ ही पल में मैं उनके सामने फिर से नंगी थी।

मैंने टिम के पट्टे की रस्सी खींची और उसका मुंह अपने बूब्स पर लगा दिया। इसी तरह स्टीव को मैंने मेरे दूसरे बूब्स पर फिट कर दिया।
अब वो दोनों मेरे पालतू कुत्ते बन कर मेरे बूब्स चूस रहे थे और दोनों अपने एक एक हाथ से मेरी चूत सहला रहे थे, मैं बस आआह हहहहः उफ्फ फ्फ करते हुए उनके बिना बाल के सर को सहला रही थी।

फिर मैंने स्टीव को ऊपर उठाया और उसे किस करने लगी।
थोड़ी देर बाद मैंने दोनों को उठाया तो उन्हें लगा कि मैं उनका लंड चूसना चाहती हूँ।

पहले स्टीव मेरे पास आया और लंड मेरे मुंह के पास रख दिया तो मुझे गुस्सा गया, मैंने उसे एक थप्पड़ मार दिया, मैंने उसे कहा कि मैं किसी का लंड नहीं चूसती।
तो वो बेचारा खून का घूंट पीकर रह गया और वहाँ से हट गया।

फिर मैंने उन दोनों के लंड हाथ से सहलाने शुरू कर दिए, मैंने पहले स्टीव को बोला- पहले तू मेरी चूत चाट!
वो मेरी चूत चाटने लगा, इधर मैं टिम का लंड सहला रही थी और टिम मेरी बूब्स चूस रहा था।

फिर अचानक स्टीव ने मेरी चूतड़ पकड़कर थोड़ा सा उठा दिया और मेरी गांड का छेद चाटने लगा, मुझे उसकी यह अदा बहुत पसंद आई।
स्टीव के चूत चाटने से मैं एक बार झड़ चुकी थी। मैं फिर से तैयार हो चुकी थी, मैंने स्टीव को लंड डालने को बोला तो जैसे ही उसने मेरी चूत से लंड को लगाया, मैंने उसे रोक दिया और बिस्तर के नीचे से एक कंडोम निकाल कर उसे दिया।

उसने वो कंडोम पहनकर लंड मेरी चूत में घुसाना शुरू कर दिया। चुदाई से पहले मैंने उनके लंड नापे थे तो स्टीव का लंड 9 इंच लंबा था और 3 इंच मोटा। मगर टिम का लंड 10 इंच लंबा और 4.5 इंच मोटा था। उसका लंड तो सच में किसी हैवान का लंड था।

मेरी चूत के चिथड़े उड़ गए

स्टीव किसी अनुभवी खिलाड़ी की तरह धीरे धीरे चुदाई कर रहा था तो पहले तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द नहीं हुआ और स्टीव ने भी धीरे धीरे आधे से ज्यादा लंड मेरी चूत में उतार दिया।
मगर फिर पता नहीं उसने टिम से क्या कहा कि टिम ने अपने होंठ मेरे होंठों से जोड़ दिए और स्टीव ने मेरी चूत से लंड निकाल कर एक झटके में पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया।

टिम मुझे किस कर रहा था तो मैं चीख तो नहीं पाई मगर मेरी आँखों में आंसू आ गए। और मैंने टिम की कमर में अपने नाखून घुसा दिए।
यह हिन्दी सेक्स कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!

फिर स्टीव किसी खतरनाक मशीन की तरह मेरी चुदाई करने लगा अब टिम ने मेरे होंठों को भी आजाद कर दिया तो मैं ‘आआह हहहःहः उम्म्ह… अहह… हय… याह… ऊउफ्फ फ्फ्फ मार डाला भोसड़ी वाले ने… निकाल इस लंड को मेरी चूत से मादरचोद!’ बोलने लगी।
उसका लंड मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा था।

वो अंग्रेजी में मुझे गालियाँ देने लगा, वो बोल रहा था- साली रंडी… हमें कुत्ता बनायेगी? तेरी माँ चोद देंगे आज कुतिया!
मैं समझ गई कि वो थप्पड़ का बदला ले रहा है।

फिर कुछ देर चोदने के बाद टिम ने उसे कुछ इशारा किया तो उसने लंड मेरी चूत से निकाल लिया अब टिम मेरी टांगों के बीच में आ गया और उसने भी अपना लंड मेरी चूत में एक बार में पूरा घुसा दिया।

स्टीव का हमला तो मैं किसी तरह से झेल गई थी मगर टिम के हमले ने मेरी चूत की दुनिया हिला कर रख दी।
मैं मम्म्म्म्ममिह.. आआह.. निकाल लो प्लीज.. तुम्हें मेरी कसम.. प्लीज.. बहुत दर्द हो रहा है.. आह.. ह्शश.. मम्म्ममि.. आह.. बोल बोल कर चीखने लगी।

मगर टिम पर कोई असर नहीं था, मैं लगभग बेहोश हो ही गई थी मगर उन्होंने मेरी चुदाई जारी रखी।

थोड़ी देर बाद स्टीव ने मेरे मुंह पर पानी मारा, तब मैं उठी तो अभी भी टिम मेरी चूत फाड़ रहा था।

अब मुझे थोड़ा सा मज़ा आने लगा था हालांकि चूत में दर्द अभी भी था मगर अब मैं दर्द सह पा रही थी।
टिम ने बहुत लम्बे समय तक मेरी चूत का भुर्ता बनाया। इस बीच पता नहीं मैं कितनी बार झड़ी।

मगर अब मैं बिस्तर से उठने की हालत में भी नहीं थी।
और अभी तो स्टीव भी बाकी था तो टिम के हटते ही स्टीव ने मोर्चा संभाल लिया और मेरी चूत की धुनाई शुरू कर दी।

उसने भी काफ़ी देर तक मेरी चूत में तबला बजाया। जब वो झड़ गया तो मैंने अपनी चूत को देखा तो वो ऐसी हो गई थी जैसे किसी बिना चुदी चूत पर पहली बार में 10 लड़कों ने चढ़ाई कर दी हो।
मेरी चूत में दर्द के साथ जलन भी हो रही थी और मुझसे उठा भी नहीं जा रह था।

मगर मुझे पेशाब लग रहा था तो टिम बोला कि वो मेरा पेशाब पीना चाहता है।
मुझमें कोई भी जवाब देने की क्षमता नहीं बची थी।

टिम ने मेरी चूत पर मुंह लगा दिया और मैंने मूतना शुरू कर दिया वो मेरा सारा पेशाब पी गया।

फिर वो दोनों जाने के लिये बोलने लगे तो मैंने बिना और कुछ पूछे, कहे कहा- हाँ तुम लोग अब जाओ यहाँ से!

हालांकि जब मैं इन दोनों को यहाँ लाई थी तो यह सोच कर लाई थी कि आज पूरी रात मज़े करुँगी मगर इन्होंने मेरी चूत को अब और चुदने लायक नहीं छोड़ा।

वे दोनों हब्शी अपने कपड़े पहनने लगे और मैं नंगी पड़ी उन्हें देखती रही।
वो मेरे पास आये और मुझे किस करते हुए बोले- दोबारा चुदना हो तो कॉल कर देना!
और उन्होंने अपना नंबर दे दिया।

फिर स्टीव ने अपना लंड निकाला और मेरे गाल पर मार कर हँसने लगा।
वो दोनों चले गए।

मैंने भी किसी तरह उठकर कैमरे की रिकॉर्डिंग बंद की और वापस जाकर सो गई।

अगले दिन जब मैं उठी तो मेरी चूत सूज कर पकौड़ा बन चुकी थी। मैंने सोचा कि ये जल्लाद किसी बिना चुदी लड़की पर चढ़ गए तो उसकी तो जान ही ले लेंगे।

यह सोचते सोचते मैं नहाने गई फिर पूरे दिन अपनी चूत की सिकाई करती रही।

मैं लड़कियों को एक सलाह मुफ्त देना चाहती हूँ कि अगर उन्हें किसी नीग्रो से चुदाई करवानी हो, तो पहले अपनी चूत का बीमा करवा लेना।
हा… हा… हा…

तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी खतरनाक चुदाई की कहानी?
आप अपने विचार आप मुझे मेल [email protected] पर भेज सकते हैं। साथ ही आप सभी मुझसे facebook पर fehmina.iqbal.50 अथवा [email protected] का प्रयोग करके जुड़ सकते हैं।

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! चूत की ऐसी भयानक चुदाई सोची ना थी-2