अनजान भाभी को होटल में चोदा

(Anjan Bhabhi Ko Hotel Me Choda)

यह कहानी मेरे और एक अंजान भाभी रूपाली के बीच में हुई उस घटना की है, जिसमें मैंने भाभी को चोदा. उनकी चूत मारने का यह मौका मुझे अभी कुछ महीने पहले ही मिला था और मैं इसे आप सबके साथ बाँटना चाहूँगा.

दोस्तो, मेरा नाम राज मेहता है, मेरी उम्र 22 साल है, मैं जयपुर राजस्थान से हूँ. मैं पेशे से इंजीनियर हूँ और यहां जयपुर में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है और मेरी बॉडी औसत है, रंग गोरा है. मैं इस सेक्स स्टोरी साइट का नियमित पाठक हूँ और इस साइट पे प्रकाशित सभी कहानियाँ पढ़ता हूँ. ये मेरी अन्तर्वासना पर पहली चुदाई कहानी है, मैं आशा करता हूँ कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी.

उस भाभी रूपाली की उम्र करीब 32 थी, उनका फिगर एकदम मस्त था, उनके फिगर का साइज़ 34-32-36 का था. वो दिखने में काफ़ी कमाल की आइटम थीं, उनको देखते ही लंड खड़ा हो जाता था.

एक दिन रात को करीब 10 बजे मैं ऑफिस से घर आने के लिए निकला तो हल्की हल्की बारिश हो रही थी, तभी देखा की बस स्टॉप पर एक लड़की बस का वेट कर रही है. मैं थोड़ी देर सोचने लगा कि उनकी हेल्प करूँ या नहीं. फिर मैंने सोचा कि बेचारी अकेली हैं तो क्यूँ ना उनकी हेल्प की जाए. फिर मैं बाइक लेके उनके पास गया और मैंने पूछा कि क्या मैं आपकी कोई हेल्प कर सकता हूँ.

उन्होंने पहले तो मना किया कि नहीं, मुझे बहुत दूर जाना है और बस अभी थोड़ी देर में आती ही होगी.

उनसे बात करते करते ही बारिश तेज होने लगी, तो हम दोनों बस स्टॉप के अन्दर शेड के नीचे खड़े हो गए.

फिर मैंने उनसे पूछा कि आपको कहां जाना है?
उन्होंने बताया कि उनको यहां से 10 किलोमीटर दूर होटल पर जाना है, वो किसी प्रॉजेक्ट के काम से यहां आई हुई थीं.

थोड़ी देर इधर उधर की बातें करने लगे पर बारिश बंद नहीं हुई तो मैंने उनसे फिर से कहा कि आपको नहीं लगता कि हमको यहां से निकलना चाहिए.

अबकी बार वो मान गईं और हम दोनों बाइक लेकर निकल पड़े.

करीब 30 मिनट के बाद बाद हम उनके होटल पर पहुँचे और मैंने उनसे कहा कि ओके.. अब मैं निकलता हूँ.

उन्होंने मुझे रोकते हुए कहा कि आप भी इधर ही रुक जाओ बारिश तेज है और आपने बताया कि आपका घर भी दूर है.
मैंने कहा कि घर वाले इंतज़ार करते होंगे.
उन्होंने कहा कि बोल दो दोस्त के घर पर रूका हूँ.

फिर हम दोनों उनके रूम में चले गए. मैं चेयर लेकर बैठ गया और वो बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चली गईं.

थोड़ी देर के बाद जब वो बाहर आईं, तो मैं उनको देखता रह गया. उन्होंने ब्लैक गाउन पहना हुआ था और वो भी पारदर्शी था, जिनमें से उनकी ब्रा और पेंटी भी दिख रही थी.

जैसे ही वो बाहर आईं, उन्होंने मुझे एक टी-शर्ट और लोवर पहनने को देते हुए बोला कि लो तुम चेंज भी करके आओ. तब तक मैं खाना ऑर्डर कर देती हूँ.

जब मैं बाहर आया तो मैंने देखा कि खाना रेडी था तो हम दोनों ने खाना खाया और टीवी देखने लगे.

फिर मैंने उनसे पूछा कि आप मैरिड हो कि अनमैरिड?
उन्होंने बताया कि उनकी शादी को 3 साल हो गए हैं, लेकिन उनका पति आउट ऑफ इंडिया काम कर रहा है तो शादी के बाद उनको मिलने कभी नहीं आया है. वो खुद किसी कंपनी में काम करती हैं, उसी के प्रॉजेक्ट के लिए यहां आई हैं.

फिर अचानक उन्होंने मुझसे पूछा कि आपकी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं?
मैंने कहा- नहीं.
भाभि ने कहा कि तुम ग़लत बोल रहे हो.
मैंने कहा- कैसे?
उन्होंने कहा कि इतने हैंडसम हो और कोई जीएफ नहीं है!
मैंने मुस्कुरा कर कहा- अभी तक आपके जैसी कोई मिली नहीं है.

वो हँसने लगीं और बोलीं कि ऐसा क्या खास है मुझमें?
तो मैंने कहा कि आपकी स्माइल, आपका फिगर और..
फिर मैं चुप हो गया तो उन्होंने आँखें नचाते हुए पूछा- और क्या.. रुक क्यों गए बताओ न.. और क्या??
मैंने कहा- कुछ नहीं, आप बुरा मान जाएंगी.
उन्होंने कहा कि अगर नहीं कहा तो बुरा मान जाऊंगी.
मैंने कहा कि आपके बूब्स तो और भी मस्त हैं.

मेरी इस बात पर थोड़ी देर वो चुप रहीं और अचानक उन्होंने पूछा कि क्या तुम देखना चाहोगे??
मैंने पूछा- क्या??
उन्होंने अपने मम्मे तानते हुए कहा- मेरे ये बूब्स..!

फिर जैसे ही मैंने उनको हां कहा, उन्होंने मुझे कसके पकड़ कर अपनी बांहों में भर लिया और ज़ोर से हग करने लगीं.

मैं समझ गया कि ये भाभी कामुकता से भरी हुई है और इस वक्त मेरे साथ कुछ भी करने को रेडी है. फिर मैंने उनके होंठों पर होंठों को रखा और किस करने लगा.

पहले तो वो खड़ी रहीं, फिर थोड़ी देर बाद मेरा साथ देने लगीं. करीब 10 मिनट किस के बाद मैंने अपने हाथ उनके मम्मों पर रखे और दबाने लगा. मैं तो जन्नत में होऊँ.. मुझे ऐसा फील होने लगा था.

फिर मैंने उनका गाउन निकाल दिया, अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थीं.

मैंने उनको बेड पर लिटा दिया और उनके पूरे जिस्म को चूमने लगा. भाभी का जिस्म गोरा और चिकना था इसके बाद उनकी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी. अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थीं. मैंने भाभी की दोनों नंगी टांगें चौड़ी करवाई और उनके बीच में आ गया.

फिर मैंने झुक कर भाभी की चूत को सूंघा, उसमे से मिली जुली सी कामुक सी गंध आ रही थी, चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे, भाभी की चूत के होंठ आपस में चिपके हुए थे लेकिन इनके बीच गीलापन साफ़ नजर आ रहा था. चूत का दाना ऊपर को उभरा हुआ था क्योंकि इस वक्त भाभी की कामवासना पूरे उफान पर थी.

मैंने अपनी एक उंगली पहले भाभी की चूत की लकीर में फिराई, मेरी उंगली गीली हो गयी. मैंने अपनी उंगली को पहले सूंघा फिर भाभी की आँखों में देखते हुए उंगली को मुंह में लेकर चूस लिया. भाभी मुस्कुराने लगी थी.

फिर मैंने उसी उंगली से भाभी की भगनासा को छुआ, भाभी का जिस्म एकदम से कांप उठा, भाभी के बदन में उत्तेजना की एक लहर दौड़ गई, भाभी कसमसाने लगी तो मैं उनकी चुत को चाटने लगा और एक हाथ से उनके मम्मों को भी दबा रहा था.

वो मादक सिसकारियां ले रही थीं. पूरा रूम उनकी ‘आअहह आआहह सस्सिईई..’ की आवाज़ से गूँज रहा था.

फिर उन्होंने मेरे कपड़े उतारे और मुझे नंगा कर दिया. जैसे ही उन्होंने मेरा खड़ा लंड देखा, वो देखकर उसको हाथ में लेकर सहलाते हुए बोलने लगीं- आज 3 साल बाद इतने बड़े लंड से चुदाई का मज़ा ही कुछ और होगा.

फिर हम दोनों 69 में हो गए और ओरल सेक्स करने लगे, भाभी मेरे लंड को बड़ी प्यास से चूस रही थीं और मैं उनकी चूत को कभी चाट रहा था, तो कभी हल्के से काट रहा था. भाभी कभी तो सिर्फ मेरे लंड के सुपारे को मुख में लेकर चूसती तो कभी पूरा लंड गले तक लेकर मुझे मजा देती. लंड चूसने में सेक्सी भाभी पूरी माहिर दिख रही थी.
जब मेरा पानी निकालने को हुआ तो मैंने झटके मार मार कर भाभी का मुख चोदन करने लगा. मुझे अति आनन्द की अनुभूति हो रही थी और रूपाली भाभी भी पूरा मजा ले रही इस मुख रति क्रिया का…

करीब 15 मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और वो मेरा सारा पानी पी गईं.

फिर हम कुछ देर नॉर्मल पोज़िशन में लेटे रहे बातें करते रहे, बीच बीच में हम चुम्बन भी करते रहे. हम पहली बार मिले थे लेकिन होटल के कमरे में बिस्तर पर नंगे लेटे ऐसे बातें कर रहे थे जैसे हम पति पत्नी हों या प्रेमी प्रेमिका.

और फिर भाभी ने मेरा लंड सहलाना स्टार्ट किया तो मेरा लंड भी टाइट हो गया. मैंने भाभी की चूत में उंगली घुसा दी तो भाभी की वासना बढ़ने लगी, भाभी ने कहा कि अब मुझे चोद दो… मैं बिना चुदे नहीं रह सकती.

मैं नंगी भाभी के ऊपर चढ़ गया और अपना मूसल लंड भाभी की चूत पर रगड़ते हुए चुत के अन्दर डालने की कोशिश करने लगा. मेरा लंड भाभी की चुत के अन्दर जा ही नहीं रहा था. तो मैंने सुपारा चुत की फांकों में फंसाया और ज़ोर से शॉट दे मारा.

भाभी ‘अहह उऊहह.. ससस्स.. मर गई..’ चीखने लगीं, वो दर्द से कराहते हुए बोल रही थीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहुत दर्द हो रहा है.. तेरा लंड बहुत मोटा है… मेरी चूत फाड़ रहा है… इतना मोटा लंड मैंने पहले कभी नहीं लिया.

मैं थोड़ी देर रुक गया और भाभी के लबों को किस करने लगा, फिर जैसे ही मुझे लगा कि अब उन का दर्द कम हो गया है, मैंने फिर एक शॉट दे मारा. मेरा पूरा 7 इंच का लंड भाभी की चूत में घुसता चला गया और वो फिर ज़ोर ज़ोर से चीखने लगीं.

फिर मैंने धीरे धीरे धक्के मारना चालू किए और थोड़ी देर बाद उनको भी मज़ा आने लगा. अब मैंने ज़ोर ज़ोर से चुदाई शुरू कर दी, जब मैं उनको चोद रहा था तो वो ज़ोर ज़ोर से बोलने लगीं कि चोदो चोदो.. ज़ोर ज़ोर से चोदो… 3 साल बाद आज चुदाई का मौका मिला है.

ये सब सुन के मैं और भी तेज़ी से धक्के लगाने लगा.

करीब 15 मिनट बाद मैं थक गया तो मैं नीचे हो गया और वो मेरे ऊपर आकर मेरा लंड अपनी चूत डालने लगीं. लंड घुसवाते ही भाभी मेरे लंड पर उछल उछल कर चुत चुदाई का मजा लेने लगीं. मैं उनकी चूचियों को दबाता हुआ लंड पेले जा रहा था. भाभी ज़ोर ज़ोर से कूद कूद कर मेरा लंड अपनी मखमली चूत में लेने लगीं.

कुछ देर बाद मैंने उनको डॉगी स्टाइल में आने को कहा, वो पोज़िशन में आईं, मुझे भाभी की गांड का छेद दिखा, मैंने मजाक में गांड के छेद पर लंड का टोपा रखा तो भाभी एक दम हिल गई और बोली- ओये… वहां नहीं!

और मैंने पीछे से अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया.

इस पोज़िशन में चुदाई से गांड की रगड़न से सेक्स की फीलिंग और मज़ा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, इसलिए ये मेरी फेवरेट पोज़िशन है.

उस टाइम तक भाभी दो बार झड़ चुकी थीं. मैंने कहा कि मेरा निकलने वाला है.
उन्होंने कहा कि रस अन्दर मत छोड़ना.

मैंने रुक कर लंड निकाला और उनके मुँह में दे दिया, वो मेरे लंड को चूसने लगीं. मैंने अपना सारा पानी उनके मुँह में निकाल दिया और वो मस्ती से चूसने लगीं. भाभी ने मेरे लंड को चूस कर साफ कर दिया.

फिर हम नंगे ही लेट गए और बातें करने लगे. भाभी ने बताया कि उन्हें लंड चूसने में बहुत मजा आता है.

उस रात मैंने उस गर्म भाभी को 3 बार चोदा और मैंने उनका मोबाइल नंबर भी ले लिया. अब जब भी वो यहां आती हैं, हम दोनों चुदाई एंजाय करते हैं.

उसके बाद मैंने भाभी की कई सहेलियों को भी चोदा और वो सब भी मेरी सेवाओं से संतुष्ट हैं.

आशा करता हूँ कि आपको भाभी के चूत चोदन की गर्म कहानी पसंद आई होगी और इस कहानी पर आपकी राय आप मुझे मेल ज़रूर कीजिए. आपके मेल और सुझाव का इंतज़ार रहेगा.
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