32 लंडों से चुद चुकी राबिया क़ुरैशी की हिन्दी सेक्स स्टोरी-2

(32 Lundo se Chudi Rabia Qureshi Ki Hindi Sex Story- Part 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

बॉस से अपनी चूत चुदवा, चटवाने के बाद मैं फ्लैट पर आ गई और नादिया को सारी बात बताई।
उसके बाद सबसे पहले नादिया के साथ खाना खाया और फिर थोड़ी देर बाजार घूमने चली गई।
फिर रात में जल्दी बिस्तर पर एक दूसरी की चूत से खेलने लगीं।

तभी मेरे अब्बा का फोन आया, उन्होंने मुझे किसी रिश्तेदार की शादी में जाने की बात बोलकर एक हफ्ते की छुट्टी लेकर घर आने ले लिये कहा।
यह सुनकर मेरे होश ही उड़ गए, मैंने उन्हें काम का बहाना बनाकर आने से मना कर दिया। पर उन्होंने मेरी एक बात नहीं सुनी, मैंने उनसे बहुत मिन्नतें भी की पर कोई फायदा नहीं हुआ।
मेरे विदेश घूमने और उन अफ्रीकन लंडों से चुदाई के अरमानों पर पानी फिरने लगा और मैं रोने लगी।

नादिया ने मुझसे मेरे रोने की वजह पूछी, मैंने पहले तो कुछ नहीं कहा पर जब उसने थोड़ा ज़ोर दिया तब मैंने रोते हुए सारी बात बताई। तो वो हंसने लगी।
मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था, पर उसने कहा कि इतनी सी बात के लिये तुझे रोने की कोई ज़रूरत नहीं है, उसने कहा कि ये सब कुछ तू मुझ पर छोड़ दे।

तभी उसने मेरे अम्मी अब्बू के पास फोन किया, उनसे बात करने लगी, फिर पता नहीं उसने उनसे ऐसा क्या कहा कि उन्होंने मुझे आने से मना कर दिया और बाद में आने के लिये कह दिया।

2 दिन बाद हमें ब्राज़ील जाना था तो हमने उसकी पूरी तैयारी कर ली।
दो दिन बाद हम दोनों रात में रियो डी जेनेरियो पहुंच गईं, क्योंकि मैंने टेंडाई को पहले ही इसकी सूचना दे दी थी तो वो हमारा एयरपोर्ट पर पहले ही दो और दोस्तों के साथ इंतज़ार कर रहा था।

वहाँ पहुंचते ही वो हमारे पास आ गया।
मैंने और नादिया दोनों ने ही उसे होंठों पर चुम्मा दिया, फिर उसकने दोनों दोस्तों से भी हमारा परिचय करवाया।
उसके बाद उसने हमें खाना खाने के लिये पूछा।
हमें भी भूख लग रही थी तो हाँ कह दिया।

हमने एक होटल में खाना खाया और हमने कोई रुकने के लिये किसी अच्छी सी जगह के बारे में पूछा।
टेंडाइ ने कहा- तुम दोनों मेरे घर पर रुक सकती हो।

पहले तो हमने मना कर दिया और थोड़ी देर बाद हाँ भी कह दिया क्योंकि हम दोनों भी यही चाहती थीं कि हम किसी होटल में नहीं रुकें।
हम उसकी कार में बैठ गई और टेंडाइ हमारे साथ बैठा था, मैंने उसके लंड को उसकी पेंट के ऊपर से ही दबा दिया, पर मेरे मन में एक डर भी था।

तभी नादिया की नज़र पर मेरी हरकत पर गई, वो भी मुस्कुराई और उसने भी एक हाथ से उसके लंड को सहलाना शुरू कर दिया।
हम दोनों उसके लंड को सहलाती हुई कब उसके घर तक पहुंच गईं पता ही नहीं चला।

हम इतने लम्बे सफर के बाद थक चुकी थी और रात भी बहुत हो गई थी नींद भी आने लगी थी, तो हमने उनसे सोने के लिये कहा तो उन्होंने हमे हमारा कमरा दिखा दिया।
कमरा बहुत ही अच्छी तरह से सजा हुआ था, उसमें खुशबू भी बहुत अच्छी आ रही थी, कमरे से बाथरूम भी लगा हुआ था।

कमरे में आते ही हम दोनों यहाँ पर भी पूरी नंगी हो गईं, अगले दिन का प्रोग्राम बनाया और चूमा चाटी करके सो गईं।
सुबह नादिया मुझसे पहले उठ गई, उसने मुझे जगाया, दोनों ने ब्रश किया, उसके बाद साथ में नहाईं (हम दोनों ज़्यादातर साथ में ही नहाती हैं)
उसके बाद दोनों ने हेयर ड्रायर से बाल सुखाये जिसकी व्यवस्था टेंडाइ ने पहले से ही की हुई थी।

तभी टेंडाइ ने दरवाज़ा खटखटाया, हमने उसे अंदर आने के लिये कहा, उसे देखकर नादिया ने तो अपना नंगा बदन तौलिये से ढक लिया था या फिर ढकने का नाटक किया पता नहीं… पर मैं उसके सामने नंगी ही रही और बिल्कुल सामान्य व्यवहार कर रही थी क्योंकि मैं पहले उससे 3-4 बार चुद चुकी हूँ तो फिर उससे पर्दा कैसा?

मुझे इस तरह देखकर नादिया ने भी टॉवल एक तरफ फेंक दिया और वो भी बिल्कुल नॉर्मल हो गई। वैसे भी नादिया को तो नंगी रहना ही पसन्द है।

टेंडाइ भी अंडरवियर में ही था, वो नहाकर आया था उसके अंडरवियर की तरफ मेरी नज़र गई तो उसे देखते ही मेरी चूत में खुजली होने लगी, मैंने उसे बिना कुछ बोले ही उसका अंडरवियर नीचे कर दिया और उसका लंड चूसने लगी, वो भी सम्भल नहीं पाया, वो मुझे उससे दूर करने लगा पहले तो मैंने उसकी कोई बात नहीं सुनी फिर उसने नादिया से कहा तो नादिया ने मुझे उससे अलग किया और कहा- अभी हम यहीं पर हैं और यह भी कहीं भाग कर नहीं जा रहा है।

तभी नादिया ने बीच पर चलने की बात बोली तो टेंडाइ ने कहा- पहले कुछ खा पी लेते हैं, उसके बाद बीच पर चलेंगे।
हमने नाश्ता किया और घर पर ही बिकिनी पहन ली जो हम साथ में रख कर लाई थीं।

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