मेरा लंड सिकंदर बड़ी साली की चूत के अन्दर-1

(Mera Lund Sikandar Badi Sali Ki Chut Ke Andar- Part 1)

This story is part of a series:

सभी प्यासी चूतों और खड़े लवड़ों को मेरा नमस्कार..
मेरा नाम धीरज है.. मैं अजमेर का रहने वाला हूँ। मैं शादीशुदा हूँ.. मेरी शादी को दस साल हो गए हैं। मेरी पत्नी तनीषा (तनु) मुझसे बहुत प्यार करती है, मैं भी उसे बहुत चाहता हूँ। मेरा एक लड़का 7 साल का है और दूसरा लड़का अभी एक साल का है।

मेरी पत्नी की एक बड़ी बहन है अंजलि.. क्या बताऊँ दोस्तो, वो 40 की उम्र में भी कयामत लगती है। उसकी खूबसूरती के सामने तो बड़ी से बड़ी हीरोइन भी पानी भरें। जो भी उसे बस देख ले.. मेरी गारंटी वो बस उसका दीवाना हो जाए।

उसकी शादी को 15 साल हो गए हैं, उसका पति इंजीनियर की पोस्ट पर है, उसकी 2 लड़कियाँ हैं।

वो कहते हैं न कि जिस चीज को कोई अगर सच्चे दिल से चाहे.. तो कायनात भी उसे मिलाने की कोशिश करती है। मैं अपनी बड़ी साली को बहुत चाहता था, वो मेरे दिलो-दिमाग में उतर चुकी थी।

उसका आकर्षक चमचमाता चेहरा.. कसा हुआ बदन.. भूरी आँखें.. लंबा कद.. मुझे इतना अधिक पसंद था कि मैं अपनी पत्नी को जब भी चोदता तो अंजलि समझ कर ही चोदता था।

मेरी पत्नी तनु और अंजलि की शक्ल लगभग मिलती-जुलती थी.. पर मेरी पत्नी की हाइट उससे थोड़ी छोटी थी। मेरी पत्नी तो घर की दाल है। उसे तो जब चाहे चोद लेता हूँ.. पर मुझे अंजलि की चूत चाहिए थी। मैं उसे भी चखना चाहता था।

मेरे ससुराल में मेरे सास ससुर.. एक साला और साले की पत्नी रहते हैं।

बात एक साल पुरानी है.. जब तनु प्रेग्नेंट थी। मेरी पारिवारिक समस्या के चलते मैंने उसे पीहर भेज दिया था। तनु को नौवां महीना लग गया था.. डेलिवरी को दो-तीन दिन ही बचे थे..
तभी मैं भी ससुराल भीलवाड़ा पहुँच गया।

उन दिनों मेरी साली भी वहाँ दस दिनों से पहुँची हुई थी। साली अपनी दूसरी बच्ची जो कि दो साल की थी.. उसके साथ वहीं थी।

तभी अचानक एक घटना हुई.. मेरे साले के ससुर भगवान को प्यारे हो गए। अब मेरे सास ससुर और साला और उसकी पत्नी को साले की ससुराल पुष्कर जी जाना पड़ा.. जो मेरे शहर अजमेर के पास है।

मेरे नहीं जाने के कारण अजमेर से मेरे पापा और मम्मी उनके साथ चले गए।

अब यहाँ मैं, मेरी प्रेग्नेंट पत्नी तनु मेरे बड़ी साली अंजलि और उसकी छोटी लड़की नेहा ही थे।

मेरी साली जब भी मेरे आस-पास रहती थी.. तो बस मैं उसे ही ताकता रहता था। उसका 34-28-34 का शानदार फिगर निहारता रहता था।

मेरी पत्नी प्रेग्नेंट थी तो दो महीने से मैं उसके साथ सेक्स नहीं कर पाया था। मैं दो महीनों का भूखा था, मुझे बस एक चूत चाहिए थी और वो मेरे आस-पास ही थी।

उस दिन मेरा लौड़ा बस चूत ही मांग रहा था। वो मेरे आस-पास होती और मुझसे बात करती.. तो मेरा लौड़ा अजगर जुर्राट बन कर जीन्स फाड़ने की तैयारी करने लगता।

दिन भर बस यही सोचता रहा था कि इसे कैसे पटाऊँ।
रात हो गई लेकिन उसकी तरफ से कोई इशारा नहीं मिला।
यह तो पक्का है कि उसे पता है कि मैं उसे बहुत चाहता हूँ.. पर वो भाव ही नहीं देती थी।

अब उस रात कमरे में जमीन पर तीन बिस्तर बिछाए गए। मेरा तनु और लास्ट में अंजलि का। बिस्तर के पास में एक सोफ़ा है.. मैं उसके ऊपर जाकर लेट गया और मोबाइल में गेम खेलने लग गया। रात के एक बज चुके थे.. दोनों बहनें सो चुकी थीं।

तभी मेरी नजर सामने की दीवार पर लगी तस्वीर पर गई। उसके कांच में अंजलि का चेहरा साफ दिख रहा था। तभी मुझे काँच में दिखा कि अंजलि जाग रही है और मैं अपने मोबाइल में क्या कर रहा हूँ.. यह देखने की कोशिश कर रही है।

तभी मेरे कामुक दिमाग में एक आइडिया आया, मैंने अपने मोबाईल में तुरंत ब्लू-फिल्म ऑन कर दी।
उसमें एक अंग्रेज एक लड़की को जबरदस्त चोद रहा था।

दस मिनट में मैंने बहुत सी सेक्सी क्लिप चला लीं।

मैं मोबाईल में देखने की बजाए तस्वीर में उसे देख रहा था.. जो कि उसे पता नहीं था। अब मुझे लगने लगा कि वो कोई हलचल कर रही है, वो गर्म हो रही थी।
मुझे लगा आज मेरे लौड़े की प्यास पक्का बुझेगी।

फिर मैंने अपने मोबाइल में नोट ऐप को ऑन किया और उस पर लिखा कि मैं जानता हूँ कि तुम जग रही हो.. मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ तुम्हें बहुत चाहता हूँ। मैं यह भी जानता हूँ कि तुम मेरी चाहत से अन्जान नहीं हो। मैं तुम्हारा दीवाना हो चुका हूँ। मैं तुम्हें पाना चाहता हूँ.. मैं बाहर जा रहा हूँ अगर तुम भी मुझसे प्यार चाहती हो.. तो बाहर आ जाओ।

यह नोट लिख कर मैंने तस्वीर में देखा तो वो मेरे मोबाइल को देख रही थी कि मैं क्या लिख रहा हूँ।
फिर मैं धीरे से सोफे से उठा और अपना मोबाइल सोफे पर ही रख दिया और बाहर बाथरूम में चला गया।

मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि आज मुझे जन्नत मिलने वाली है।
मेरा लौड़ा पूरा कड़क हो चुका था.. पर उसके आने के इन्तजार में लौड़ा अजगर जुर्राट बन गया था।

दस मिनट हो गए वो नहीं आई, मेरा दिमाग ख़राब हो गया।
मैं तुरंत अन्दर गया.. तो देखा वो सोई हुई थी। अब मैं क्या करूँ मेरे दिल के अरमान आंसुओं में बह रहे थे।

अब मैं उससे जबरदस्ती तो नहीं कर सकता था.. आखिर वो मेरी पत्नी की बहन है।
अगर जबरदस्ती करूँगा तो इज्जत की माँ चुद जाती। यही सोच कर सोफे के पास गया तो देखा कि जहाँ मैं मोबाइल रख कर गया था.. वो वहाँ से एक इंच आगे पड़ा था.. मतलब मैं समझ गया कि अंजलि ने मेरा मोबाइल लिया और मेरा लिखा हुआ नोट भी पढ़ लिया था।

फिर अचानक मेरी साली बिस्तर से उठी और बाहर चली गई उसने मुझे अनदेखा किया।

मैंने अपना मोबाइल देखा तो मेरे नोट के नीचे एक नोट और लिखा हुआ था।
‘वेट..’
यानि कि इंतजार..

इतना पढ़ते ही मेरा मायूस लौड़ा फिर से अजगर जुर्राट बन गया था। मैंने अपने लौड़े को पायजामे में सैट किया और बाहर गया तो वो बाहर नहीं थी.. और न ही बाथरूम में थी।

मैंने ऊपर की ओर देखा तो ऊपर की मंजिल से वो मुझे देख रही थी, उसने मुझे एक उंगली के इशारे से ऊपर बुलाया, उसके चेहरे पर गुस्सा था।

मैं यह देख कर डर गया और ऊपर गया तो उसने कहा- मैं आपको क्या समझती थी और आप क्या निकले। मैं तनु की बड़ी बहन हूँ.. मतलब आपकी भी बहन ही लगती हूँ और आप मुझ पर नियत खराब किए हुए हैं और आपने अपने मोबाइल में क्या लिखा है.. कि आप मुझे चाहते हैं और मैं भी तुम्हें चाहती हूँ. ये किसने कहा आपसे.. कि मैं आपको पसन्द करती हूँ.. आपको शर्म नहीं आती?

वो न जाने क्या-क्या कह रही थी.. मैंने उसके मुँह पर हाथ रख कर उसका मुँह बंद किया और कहा- मेरी बात तो सुन लो!
तो उसने कहा- कहो.. क्या कहना चाहते हो?

मैंने हिम्मत इकट्ठी की और कहा- मैं तुम्हें बहुत चाहता हूँ.. आज तुम पहली बार मेरे इतने पास में हो.. जी करता है तुम्हारे खूबसूरत चेहरे को खा जाऊँ, इन उठे हुए बोबों को निचोड़ कर पी जाऊँ और तुमको अपने लंड पर बिठा कर आसमान की सैर कराऊँ.. तुमको पूरी रात चोदूँ..

मेरे मुँह से इतना खुल्लम-खुल्ला सुनते ही वो सकपका गई और तभी मैंने उसे पकड़ कर उसके होंठों को चूस लिया। उसने मुझे धक्का मारा और कहा- आने दो पापा को.. मैं सबको बताऊँगी कि तुम ने मेरे साथ क्या किया।

तो मैंने उससे कहा- क्या कहोगी? जो कहना है कह देना.. मुझसे ज्यादा तुम्हारी बदनामी होगी। इसके बाद तुम दोनों बहनें न कभी मिल पाओगी.. न बात कर पाओगी और मेरी मर्जी मैं अपने मोबाइल में कुछ भी करूँ.. तुमने क्यों देखा और ‘वेट’ क्यों लिखा। वो भी मैं सबको बताऊँगा।

इतना कहते ही वो फटाक से नीचे चली गई।
मैं नहीं जा पाया.. मैं सोच में पड़ गया कि यदि इसने तनु को तो बता दिया तो क्या होगा?

पंद्रह मिनट बाद जब मैं नीचे कमरे में गया.. तो वो अपनी जगह बैठी हुई थी और तनु सो रही थी।
मैंने राहत की सांस ली कि अब तक तो कुछ नहीं हुआ.. बच गए।

फिर उसने वहीं बैठे-बैठे मुझे इशारा किया- बताऊँ तनु को?
मैंने सोचा कि बताना होता तो ये बता चुकी होती.. ये मुझे ब्लैकमेल करना चाहती है।
तो मैंने भी नाटक शुरू कर दिया और हाथ जोड़ कर.. कान पकड़ कर.. उसके पैरों में गिरने का इशारा किया और माफ़ी मांगी।

वो हल्का सा मुस्कुराई तो मुझे तसल्ली हुई कि मैं बच गया।

मैं उसके सामने हाथ जोड़ कर चुपचाप उसके सामने बैठा रहा। तो वो उठी और उठ कर मुझे बाहर आने का इशारा कर गई।
अब मैं सोचने लगा कि चलो देखते हैं अब बाहर क्या होता है?

मैं बाहर गया.. तो वो फिर ऊपर ही थी।

उसने मुझे ऊपर बुलाया.. मैं ऊपर गया तो उसने साले साहब का कमरा खोला और अन्दर मुझे अपने साथ ले गई।

फिर मुझसे बोली- आ गए न लाइन पर.. यहाँ तो कह रहे थे कि चाहे तो सबको बता दो और अन्दर हाथ-पैर जोड़ने लगे.. उतर गया सारा जोश?

मैंने कहा- मैं नहीं चाहता कि तुम्हारा और मेरा घर टूट जाए.. ये बात यहीं ख़त्म हो जाए.. तो ठीक रहेगी। मैं तुमसे माफ़ी मांगता हूँ.. मुझे माफ़ कर दो। पर मैं एक बात बता दूँ कि मैं तुमको चाहना नहीं छोड़ सकता।

उसने मुझसे कहा- मैं इस बात को ख़त्म कर दूँगी.. पर तुमने मुझे जबरदस्ती किस किया था तो मैं तुम्हें एक जोरदार चांटा मारना चाहती हूँ।

यह सुनकर मेरी तो माँ चुद गई.. पर अब क्या हो सकता था.. जैसी करनी.. वैसी भरनी.. मैंने सर हिला कर ‘हाँ’ कर दी और आँखे बंद करके सोचने लगा कि इज्जत का भाजी-पाला हो गया.. कितनी जोर से मारेगी.. पता नहीं।

मैंने आँखें खोलीं तो वो मेरी तरफ ही देख रही थी।
उसने कहा- आँखें बंद करो और चांटा खाने के लिए तैयार हो जाओ।

मैंने आँखें बंद कर लीं.. मेरा लौड़ा चूहा बन कर मेरी पिछवाड़े में घुस चुका था।
फिर मैंने कहा- अब सजा दे भी दो..

एक बार कहा तो नहीं मारा.. फिर कहा- मारो चांटा..
फिर भी नहीं मारा।

पांचवी बार कहते ही उसने अपना हाथ उठाया और झट से मेरी गर्दन पीछे से पकड़ कर मेरे होंठों को किस कर दिया।
मैं उसकी तरफ सुन्न सा देखता रहा।

वो बोली- प्यार का बदला सिर्फ प्यार से चुकाया जाता है.. मार से नहीं।
मैंने होश से काम लेते हुए कहा- वो क्या था.. जो तुम पहले यहाँ कह कर गई थीं।

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तो उसने कहा- बुद्धू.. मैं तो तुम्हें तड़पा रही थी। कमरे में अन्दर जाकर मैंने नेहा को दूध पिलाया और तनु को पानी पिलाकर सुला दिया। अब वो दोनों नहीं उठेंगी। मैं अगर पहले ‘हाँ’ भर देती तो तुम पागल हो जाते और वहीं शुरू हो जाते।

इतना सुनते ही मेरा अजगर फिर जुर्राट हो गया। मैं उसे पकड़ने वाला ही था तो उसने मुझे रोक लिया और कहा- पहले मेरे सवालों का जवाब दो।

अब उसके क्या सवाल थे और चुदाई का क्या हुआ.. अगले पार्ट में बहुत मजा आने वाला है। मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिए.. कल मिलता हूँ।

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कहानी जारी है।