जीजा से कमसिन साली की मस्त चुदाई-1

(Jija Se Kamsin Sali Ki Mast Chudai Part-1)

यह कहानी जीजा साली की चूत चुदाई की है, मेरी उस साली के साथ सेक्स के बारे में है जिसे मैं बहुत पसंद करता था. पर मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं इसे चोद सकता हूँ.
किस्मत ने कैसे मेरे लिए उसकी चूत का रास्ता खोल दिया, ये जानने के लिए मेरी इस सेक्स स्टोरी को जरूर पढ़ें.

मैं अन्तर्वासना का बहुत पुराना पाठक हूँ. मेरी कहानी शुरू करने से पहले मेरा सभी चूत की मालकिनों को अनुरोध है कि वे सभी कहानी पढ़ते वक्त अपनी चूत को खुली रखें ताकि आसानी से चुत में उंगली कर सकें. साथ ही सभी लंडधारी अपना लंड बाहर निकाल लें ताकि हिलाने में दिक्कत ना हो.

मैं मेहसाणा गुजरात का रहने वाला हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 7 इंच है और मेरी उम्र तीस साल है. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा है.

मेरी पिछली कहानी
चचेरी भाभी का खूबसूरत भोसड़ा
आप में से कई लोगों को याद होगी और मुझे उम्मीद है कि उस कहानी से आप सभी पुराने पाठक मुझे जानते होंगे. मेरी पसंद और मेरे स्वभाव के बारे में भी जानते होंगे. यदि भूल भी गए होंगे तो मैं फिर से बता देता हूँ कि चूत चाटना मेरा सबसे पसंदीदा काम है और लड़कियों की गांड मारना (लड़कों की नहीं.. मुझे वो सोच कर ही घिन आती है) मेरा अधूरा ख्वाब है.

भाभी की चुदाई करते करते मेरी शादी हो गई और अब मैं अपनी बीवी के साथ अलग फ्लैट में रहने आ गया. यूं तो मेरी बीवी को सेक्स में ज्यादा रूचि नहीं थी, वो बहुत ही ठंडी औरत है, मगर मेरी प्यारी भाभी की कृपा से मेरी लाइफ ठीक चल रही थी.

तो बस मेरी ज़िन्दगी यूँ ही भाभी और बीवी के बीच गुजर रही थी कि तभी एक और सुखद हादसा हो गया.

वैसे तो मैं एक शर्मीले किस्म का इन्सान हूँ, जिसके चलते मैं ज्यादातर लड़कियों से कम ही घुलमिल पाता हूँ. पर मुझमें अन्तर्वासना, कामवासना, कामुकता, चुदास जो कुछ भी आप कहें, कूट कूट कर भरी हुई है तो चुदाई के लिए मैं हर वक्त तैयार रहता हूँ.

यूं तो मेरी साली के साथ मेरा ऐसा कोई गहरा रिश्ता नहीं था जैसे कि आमतौर पर जीजा साली का होता है. मेरी साली भी स्वभाव से गंभीर किस्म की लड़की है और हमारे बीच में आमतौर पर सिर्फ काम ही बात होती है.

पहले मैं आपको मेरी साली के खूबसूरत जिस्म के बारे में भी कुछ बता देता हूँ.

मेरी साली की उम्र 25 साल है और अभी उसकी शादी नहीं हुई है. दरअसल वो कोई लड़का ही पसंद नहीं करती थी. वो बड़े ही खूबसूरत और भरे हुए जिस्म की मालकिन है, वो हमेशा ही सादे कपड़ों में रहने वाली लड़की है, बड़ी कंटीली लड़की है, एकदम गोल चेहरा, मस्त गुलाबी होंठ, पांच फीट दो इंच की हाईट, परफेक्ट गोल चूतड़, थोड़ा बाहर को निकला हुआ पेट, जो कि मुझे बहुत पसंद है. टाईट ड्रेस में से तो उसके पेट के उभार से नाभि की गहराई भी साफ दिखाई देती है.

मेरी साली एकदम दूध जैसी गोरी है, कोई अगर उसकी गोरी गांड और बूब एक बार देख ले तो मेरा दावा है कि वो मुठ मारे बिना नहीं रह सकता. मैं अपनी साली की चुचियों के बारे में बताऊं तो उसकी साइज़ 32c है और बिल्कुल गोल.. जैसे कि एक बड़े लड्डू को चाकू से बीच में से काट कर चिपका दिया हो. उसके मम्मों को देखते ही जी करता है कि मुँह में लगा कर चूस लूँ. ऊपर से उन पर लगे वो चमकते काले निप्पल.. कितना भी चूस लो.. उनकी रंगत में कोई फर्क नहीं आता. वो भी परफेक्ट गोलाई में थोड़े ज्यादा.. लेकिन लम्बाई में औसत साइज़ के हैं.

मुझे मेरी सेक्सी साली में सबसे ज्यादा जो पसंद है, वो है उसकी गांड… देखते ही जी करता है कि जोर से काट खाऊं. उसकी रसीली खुशबूदार चूत के बारे में तो पूछो ही मत… उसके बारे में कहानी में आगे आगे बताता जाऊंगा.

उसे इतना पसंद करने के बाद भी मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे नसीब में उसकी चूत होगी. हां, कभी कभी जीजा साली सेक्स के बारे में सोच कर उसके नाम की मुठ जरूर मार लिया करता था क्योंकि मेरी बीवी को सेक्स में ज्यादा रूचि नहीं है और जबरदस्ती करना मेरा स्वभाव नहीं है. अब भाभी हर वक्त तो हाजिर नहीं होती थीं, तो कभी कभी मुठ मारनी पड़ती थी. बीवी मुश्किल से ही दस दिन में एक बार ही चोदने देती है और भाभी के साथ चुदाई का सैटिंग बहुत ही कम हो पाती है.

पर दोस्तो, जब भी भाभी का साथ होता है, खूब मस्त चुदाई और चुसाई कर लेता हूँ. दूसरी तरफ बीवी के साथ तो जैसा अपना नसीब समझ के मैं काम चला लिया करता हूँ.

एक दिन की बात है, ऐसे ही मुझे कुछ काम से ससुराल के शहर जाना था तो मेरी बीवी ने कहा कि घर पे हो आना.
वैसे तो मुझे अपने ससुराल जाना ज्यादा पसंद नहीं है, मैं ससुराल के शहर अक्सर जाता रहता हूँ, पर कभी बिना वजह अपने ससुराल नहीं जाता.

उस दिन भी मैं अपनी बीवी के कहने पर भी जाने वाला नहीं था, फिर भी दोपहर का टाइम था और मैंने अपना काम निपटा लिया था, तो अचानक मेरे मन में हुआ कि चलो अपनी साली से मिल आता हूँ और मैं चला गया.

दोपहर का एक बजा होगा, गर्मी की वजह से पूरी सोसायटी सुनसान थी. मैं अपने ससुराल पहुँचा और दरवाजे पर खड़े होकर मैं डोर बेल बजाने ही वाला था कि मेरी नजर घर के दरवाजे पर पड़ी जहां किसी मर्द के जूते पड़े थे.

मुझे यह देख कर थोड़ा आश्चर्य हुआ क्योंकि मेरी ससुराल में इस वक्त कोई मर्द नहीं होना चाहिए. क्योंकि मेरे ससुर बाहर जॉब करते हैं और मुश्किल से महीने में एक बार ही आते होंगे. मेरा कोई साला है नहीं, तो मैं जरा सोच में पड़ गया.
मैं जरा रुक गया.

घर के मेन गेट में स्टील की जाली लगी हुई थी, जो कि ऊपर से खुली थी तो मैंने खटखटाने से पहले अन्दर झाँका तो कुछ दिखाई नहीं दिया, पर मुझे हल्की सी आवाज सुनाई दी… जैसे कोई धीरे से हंस रहा हो.

अब मेरा दिमाग ठनका, मैंने सोचा हो ना हो.. कुछ तो गड़बड़ है.
मैंने सोचा क्यों ना घर के पीछे जाकर देखा जाए.
घर के पीछे भी एक जाली लगी हुई थी, तो मैं बरामदे से घर के पीछे चला गया और जाली में से देखने लगा. इस बार भी कुछ दिखाई तो नहीं दिया, पर इधर से आवाज़ साफ आ रही थी. यह आवाज मेरी साली के साथ किसी मर्द की भी थी.

मैंने थोड़ा कान लगा कर सुनने की कोशिश की तो सुनाई दिया. उस लड़के से मेरी साली कह रही थी- छोड़ो भी, कोई आ जाएगा.
तो वो लड़का बोला- कोई नहीं आएगा, बाहर इतनी गर्मी है और बाहर तो जैसे कर्फ्यू लगा है. आज बड़ी ही किस्मत से मौका मिला है तो मैं छोड़ने वाला नहीं हूँ.
उधर मेरी साली भी यह सुन कर हंसने लगी और बोली- तुम्हें तो बस यही चाहिए.

मैंने सोचा कौन हो सकता है यह लड़का, जिसके साथ मेरी साली चुदवा रही है. मेरी साली जिसे मैं एक अनचुदी और सीधी सादी लड़की समझता था, वो ये क्या कर रही है. मैंने सोचा पहले चुपके से देखता हूँ कौन है, तो मैंने धीरे से जाली में हाथ डाल कर अन्दर से बंद जाली को बिना आवाज किए आहिस्ता आहिस्ता खोल दिया और मैं घर में घुस गया.

मैंने अपने जूते उतारे दिए ताकि कोई आवाज न हो और अपना मोबाइल एयरोप्लेन मोड में रख दिया ताकि गलती से भी उसकी आवाज न हो.

मैं उस कमरे की ओर चल दिया, जहां से आवाज आ रही थी. कमरे का दरवाजा अधखुला था तो मैंने हल्के से अन्दर झाँका तो मैं अन्दर का नजारा देख कर कर दंग रह गया.
अन्दर मेरी साली किसी लड़के को अपनी बांहों में भर के लेटी थी. वे दोनों एक दूसरे को चूम रहे थे. उन दोनों को चूमाचाटी करते हुए साफ साफ़ दिख रहा था. मैं देख रहा था कि मेरी साली को अभी ठीक से किस करने का अनुभव नहीं था, पर वो लड़का बड़े ही जोश से मेरी साली के होंठ चूस रहा था.

मुझे ये सब देख कर थोड़ा गुस्सा आया कि मेरी साली, जिसे मैं एक अच्छी लड़की समझ रहा था, वो ये क्या कर रही है. पर तभी मुझे ख्याल आया कि इसमें क्या गलत है, हर एक इन्सान को जिस्म की भूख तो मिटानी ही पड़ती है. जब मैं खुद इतना चुदक्कड़ हूँ तो क्या मेरी साली को यह हक़ नहीं है.
यह सोचते ही तो मेरा गुस्सा शांत हो गया.

पर मुझे लगा कि ये सब ठीक नहीं हो रहा है. आखिर मेरी ससुराल की इज्जत का सवाल था.
पर तभी मुझे ख़याल आया कि अभी उन दोनों को रंगे हाथ पकड़ता हूँ, पर मैंने सोचा मैं पकडूँगा और बाद में घर में ये बताऊंगा तो बहुत काम लोग मेरा यकीन करेंगे क्योंकि मेरी साली की छवि ही इतनी उजली थी कि हर कोई यही सोचता कि वो ये नहीं कर सकती.

यह सोचते हुए मैंने तय किया कि क्यों न इसका वीडियो बना लिया जाए ताकि इसे मैं सबूत के तौर पर दिखा सकूं.
तो मैंने अपना मोबाइल निकाला और फुल एचडी मोड में वीडियो रिकॉर्डिंग स्टार्ट कर दी. मैंने मोबाइल को दरवाजे के पीछे ऐसे सैट कर दिया कि अच्छी तरह से शूटिंग हो जाए और मोबाइल दिखाई भी न दे.

अब मैं सब कुछ दरवाजे के पीछे से देखने लगा और इस दौरान पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी चल रही थी.

मेरी साली उस लड़के की बांहों में सिमटी हुई थी और दोनों जोरदार किस करने में लगे हुए थे. वो लड़का अब धीरे धीरे मेरी साली को सहलाने लगा. वो अब धीरे से अपने हाथ को मेरी साली के मम्मों पर ले गया और उनको हल्के से दबाने लगा.

मेरी साली ने उसे अपने हाथ से हटाने की कोशिश की मगर उसने हाथ नहीं हटाया तो मेरी साली ने अपनी कोशिश छोड़ दी और वो अब चूचे दबवाने के मजे लेने लगी.

मेरी साली का विरोध कम होते हुए देख उसने एक हाथ से मेरी साली की गांड को सहलाना शुरू कर दिया.

ये सब देख मुझे बहुत अजीब सा लग रहा था, समझ में नहीं आया रहा था कि क्या करूँ, एक तरफ मेरी साली को इस तरह देख कर मजा भी आ रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया था और दूसरी तरफ मुझे जलन हो रही थी क्योंकि मैं भी अपनी साली को बहुत पसंद करता था.

उधर उसकी उभार लिए हुई गांड जो कि मुझे सबसे ज्यादा पसंद है, उसे वो मादरचोद कमीना बड़े ही चाव से मसल रहा था. मेरा जी तो करता था कि साले को अभी पकड़ कर पटक दूँ और खुद अपनी साली पर चढ़ जाऊं. पर मैंने सोचा ये ठीक नहीं होगा, इससे तो ऐसा होगा जैसे मैंने साली के साथ बलात्कार किया और मैं फंस जाऊँगा. तो मैंने सोचा कि अभी देखने का ही मजा लेते हैं, कम से काम आज साली की चूत तो देखने को मिलेगी.

अब उस लड़के ने ऊपर से ही मेरी साली के चूचे चूसने शुरू किए, जिसका मेरी साली थोड़ा विरोध कर रही थी, पर वो वैसा ही विरोध था जैसा लड़कियां अक्सर करती हैं, पर वो भी उसका मजा ले रही थी.

थोड़ी देर बाद मेरी साली खुद उसका सर पकड़ कर अपने मम्मों पर दबाने लगी और हल्की आहें भरने लगी. कुछ देर ऐसे ही चलने के बाद मेरी साली ने खुद ही कमीज के ऊपर के गले से अपने एक चुचे को बाहर निकाला और उस लड़के के मुँह में दे दिया. मैं तो मेरी साली की इस हरकत से थोड़ा हैरान रह गया. पर अब मेरी साली पूरी लाइन पर आ गई थी. वो चोदू भी बड़े ही चाव से साली के चुचे चूस रहा था, जैसे बरसों का प्यासा हो और उसमें से दूध आ रहा हो.

मेरी साली भी अब आँखें बंद करके आहें भर रही थी. उस लड़के ने इस दौरान मेरी साली के चूतड़ों को सहलाना चालू कर दिया था, वो भी जैसे अब हवस में पागल हो गया था. वे दोनों वासना के पूरे उफान पर थे.

तभी उसने मेरी साली के चुचे को छोड़ दिए और उसे किस करने लगा. थोड़ी देर किस करने के बाद अचानक ही उसने मेरी साली के कुरते को ऊपर करके फट से निकाल दिया. मेरी साली को भी इस हरकत का मजा आया और उसने उसका सर पकड़ कर अपनी ब्रा पर दबा दिया. उस लड़के ने ब्रा को ऊपर कर दी और बारी बारी से दोनों को चुचों को चूसने लगा.

क्या कमाल के चुचे थे साली के, एकदम दूध जैसे सफ़ेद.. उन पर दिखती उसके हरी नसें, जैसे बेल बूटे से कसीदाकारी की गई हो. सच में कुदरत ने जैसे उसे बुरी नजर से बचाने के लिए दूध के ऊपर बड़ा सा काला टीका लगा दिया हो ऐसे निप्पल थे. क्या कमाल का नजारा था. दोस्तों जी करता था अभी पकड़ कर साली के चुचे मसल दूँ.

थोड़ी देर तक ऐसे ही चुचे चूसने के बाद उस लड़के ने नीचे का रुख किया और मेरी साली की सलवार, जो कि उसकी नाभि तक बंधी हुई थी, उसे थोड़ा नीचे खिसका कर उसकी नाभि में जीभ घुसा कर चाटने लगा. वो भी बड़ा मंजा हुआ खिलाड़ी लगता था.

दोस्तों अब मुझे उस लड़के पर बहुत गुस्सा आ रहा था और जलन भी हो रही थी क्योंकि मुझसे ये सहन नहीं हो रहा था कि कोई मेरे सामने ही मेरी बेहद खूबसूरत साली को चोदने जा रहा था और मैं साला कुछ नहीं कर पा रहा था. मैं बस अपने खड़े लंड को पकड़ कर दबा रहा था. पर तभी मुझे ख्याल आया कि मैं भी अपनी साली को चोद सकता हूँ क्योंकि मेरे पास उसकी इस चुदाई का क्सक्सक्स वीडियो भी है. अब मुझमें एक नया जोश भर गया और मेरा गुस्सा, जलन सब खत्म हो गया.

सबसे पहले मैंने दोबारा अपना फ़ोन चैक किया कि वीडियो रिकॉर्डिंग चालू है कि नहीं, रिकॉर्डिंग चालू थी, सब कुछ ठीक चल रहा था.

इधर अब वो लड़का मेरी साली की सलवार का नाड़ा खोल रहा था तो मेरी साली ने विरोध करते हुए उसका हाथ पकड़ लिया, पर अब वो कहां रुकने वाला था. मेरी साली भी झूठ मूठ का विरोध तो कर रही थी. मैं अब मजे लेकर साली की चुदाई देखने लगा, मैं चाहता तो दोनों को अभी रोक सकता था लेकिन मैंने सोचा पूरी रिकॉर्डिंग कर लेता हूँ. जब तक मेरी साली की भोस में उसका लंड नहीं उतर जाता तब तक कुछ नहीं कहूँगा, ताकि साली ये न कहे सके के उसने लंड नहीं लिया, सिर्फ ऊपर से किया है.

अब वो लड़का मेरी साली के पीछे आ गया. उसने उसको पीछे से जकड़ लिया और उसके गले को पीछे से चूमने लगा. उसका एक हाथ मेरी साली के चूचे सहला रहा था और एक हाथ से उसने मेरी साली की सलवार का नाड़ा खोल दिया. सलवार का नाड़ा खुलते ही उसकी सलवार फट से नीचे गिर गई और मेरी साली एक ही झटके में नंगी हो गई.

अब वो नीचे से सिर्फ पेंटी में थी. वो भी भड़कीले पीले रंग की, जो कि बड़े ही चुस्त तरीके उसकी चूत और गांड से चिपकी हुई थी. मुझे हमेशा से ही भड़कीले रंग वाली पेंटी ज्यादा पसंद है तो मैं तो उसको इस मादक रूप में देखकर अपने आपको नहीं रोक पाया और मेरा हाथ अपने आप ही मेरे खड़े लंड पर चला गया. अब मैं भी लंड सहलाने लगा.

उधर वो लड़का मेरी साली की पेंटी में हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा और एक हाथ से उसके दूध मसल रहा था. मेरी साली भी अब लाइन पर आने लगी थी और हल्की आहें भर रही थी.

मेरे ख्याल से जब वो उसकी क्लिट को छूता था, तब मेरी साली थोड़ा टाईट हो जाती थी और उसका हाथ पकड़ लेती थी.

उस लड़के ने अपना लंड बाहर निकाला और मेरी साली की गांड पे रगड़ने लगा. इस बीच वो अपना लंड मेरी साली को हाथ में थमाना चाहता था, पर मेरी साली उसे पकड़ने को तैयार नहीं हुई तो उस लड़के ने उसकी पेंटी को घुटनों तक उतारने की कोशिश की. पर मेरी साली ने उसका हाथ पकड़ कर रोक दिया.

साली ने उसको बोला- ऐसे ही कर लो, वर्ना कोई आ जाएगा तो फंस जाएंगे.

तो वो बोला- नहीं, ऐसे मजा नहीं आएगा, ऐसे कैसे करेंगे और वैसे भी मुझे तुम्हारी चूत अच्छे से देखनी है. मैंने अभी तक तुम्हारी चूत अन्दर से नहीं देखी है.
मेरी साली ने कहा- अभी नहीं.. फिर कभी मौका मिलेगा तो देख लेना, अभी जल्दी अपना काम खत्म करो.
वो थोड़ा ना नुकर करने लगा और बोला- ऐसे कैसे करेंगे.

मेरी साली पीछे घूम गई और प्लेटफार्म पर हाथ रख के गांड पीछे के तरफ से उभार दी. मैं तो ये नजारा देख के ही पागल हो गया, क्या बताऊं मस्त दूध जैसी गोरी गांड और ऊपर टाइट पीली पेंटी और उसमें दिखती गांड की दरार और केले के तने जैसी टाइट मक्खन जैसी जांघें, पूछो मत.. क्या रंगीन नजारा था.

वो लड़का साला अब भी थोड़ा ना नुकर कर रहा था, तो मेरी साली खड़ी हो गई और अपने सलवार को ऊपर उठाने लगी और बोली- ऐसे नहीं करना हो तो रहने दो.
इस पर वो लड़का बोला- ओके ओके, ऐसे ही करते हैं.
मेरी साली थोड़ा मुस्कुराई और बोली- अब आए ना लाइन पे..

वो अपने हाथ प्लेटफार्म पे रखकर थोड़ा झुक कर खड़ी हो गई.

दोस्तो, कोई कुछ भी कहे, मुझे औरत में जो चीज सबसे ज्यादा सेक्सी लगती है, वो है उसकी गांड, जब औरत बिस्तर पर उलटी लेटी होती है और उस वक्त उसकी उभरी हुई गांड का जो नजारा होता है, उससे ज्यादा मादक और सेक्सी नजारा इस दुनिया में और कोई नहीं होता. उसमें भी गांड जब मेरी साली जैसी गोरी चिट्टी और एकदम साफ हो तो बात कुछ और ही होती है.

अब उस लड़के ने पीछे से उसकी पेंटी उतार दी और मेरे सामने दुनिया की सबसे सुन्दर गांड खुली हो गई, मैं तो उसको देखता ही रह गया. कुछ देर के लिए तो भूल ही गया कि कोई और मेरी साली को चोदने वाला है और अपना लंड जोर से पकड़ के हिलाने लगा.

वो लड़का भी इतना सेक्सी नजारा देख कर अपने आपको रोक नहीं पाया और नीचे झुक कर उसकी गांड चाटने लगा. थोड़ी देर तक अपनी गुलाबी गांड चटवाने बाद मेरी साली ने कहा- अब जल्दी अपना काम खत्म करो, वर्ना कोई आ जाएगा.

अब उस लड़के ने अपनी पेंट की ज़िप खोल कर पेंट को घुटनों तक उतार दिया, तो उसका 4-5 इंच लम्बा और 1.5 इंच मोटा काला लंड बाहर आ गया, जिसे वो मेरी साली की चूत पे सैट करने लगा.
उसने एक दो झटके लगाए, पर उसका लंड साली की चूत में नहीं घुस पाया क्योंकि मेरी साली थोड़ी ज्यादा ही सीधी खड़ी थी और मेरे हिसाब से इतने छोटे लंड को डालने के लिए उसे थोड़ा और झुकने की जरूरत थी.

दोस्तो, अब टाइम था केएलपीडी करने का यानि खड़े लंड पर धोखा करने का.. और मेरी साली की रसीली चूत को तड़पते हुए छोड़ देने का.. क्योंकि भला कोई मेरे ही सामने मेरी इतनी खूबसूरत साली को चोदे, यह मैं भला कैसे बर्दाश्त कर सकता हूँ. मुझे अपनी साली को अपने नीचे लाने के लिए जितनी क्सक्सक्स वीडियो रिकॉर्डिंग चाहिए थी, उतनी हो गई थी तो अब इस फिल्म का दि एंड करने का टाइम आ गया था.

मैंने फट से अपना फ़ोन उठाया और बाहर के दरवाजे को खटखटाया. ये सब मैंने इतनी जल्दी किया ताकि वो लड़का अपना लंड थोड़ा सा भी मेरी साली के चूत में ना घुसा पाए.

अन्दर तो पता नहीं क्या हुआ होगा… लेकिन हम अनुमान लगा सकते हैं कि उस लड़के ने फटाफट अपनी पेंट पहनी होगी और जल्दी से दूसरे दरवाजे से बाहर निकल गया होगा.

थोड़ी देर हुई लेकिन अन्दर से कोई जवाब नहीं आया तो मैंने फिर से दरवाजा खटखटाया, तो मेरी साली बोली- कौन? आती हूँ जी…
मैंने सोचा- अब ठीक है.

बस फिर थोड़ी ही देर में साली साहिबा दरवाजे पर आई, क्या कमाल की माल लग रही थी, बिखरे हुए बाल, अस्त व्यस्त कमीज, जिसे वो ठीक करने की कोशिश कर रही थी.
उसके चहरे पे गुस्सा साफ झलक रहा था और गुस्सा क्यों ना हो, मैंने काम ही ऐसा जो किया था.

मुझे देखते ही उसका रंग उड़ गया, फिर भी उसने हंस कर दरवाजा खोला और मुझे अन्दर आने के लिए बोला.

वो मुझे अन्दर आने की कह कर सीधे किचन में चली गई और अपने कपड़े ठीक करके मेरे लिए पानी लेकर आई, मैंने पानी पिया और वो मेरे सामने सोफे पे बैठ गई.
मेरी साली ने तभी मुझसे पूछा- जीजू, आप इस वक्त कैसे?
मैंने भी ताना कसते हुए बोला- क्यों मुझे अभी यहाँ नहीं आना चाहिए था?

वो सकपका कर बोली- नहीं नहीं.. मेरा ये मतलब नहीं था जीजू.. वो तो इतनी गर्मी में भी आप अचानक आ गए इसलिए यूं ही बोल दिया.
तभी वो उठी और बोली- मैं आपके लिए चाय लाती हूँ.

थोड़ी ही देर में वो चाय लेकर आई तब तक मैंने वो xxx वीडियो चैक कर लिया और उसे सेफ्टी के लिए अपने गूगल ड्राइव पे सेव कर लिया.

मैं चाय पीने लगा और वो मेरे सामने सोफे पे बैठ गई. थोड़ी देर मैंने चाय पी ली और उसको बिना किसी शर्म के देखने लगा.
उसे भी मेरा ये व्यवहार अजीब सा लगा और वो मुझसे नजरें चुराने लगी.

अब अगले सेक्स भरे भाग में आपको साली की चुदाई की कहानी लिखूंगा. तब तक आप मुझे मेल कीजियेगा.
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जीजा साली सेक्स कहानी जारी है.