ननद को अपने पति से चुदवाया-1

(Bhai Behan Ki Chudai : Nanad Ko Apne Pati Se Chudwaya- Part 1)

हाय दोस्तो, मेरी यह स्टोरी भाई बहन सेक्स की है यानि भाई बहन की चुदाई की…
मेरा नाम पल्लवी है और मेरी उम्र 28 साल है. मैं शादीशुदा हूँ, मेरे पति सागर की उम्र 30 साल है. हम मुम्बई में रहते हैं, हमारी शादी को 3 साल हुए हैं. हमारी शादीशुदा लाइफ बहुत अच्छे से चल रही है. सागर सेक्स में बहुत अच्छे हैं, सागर की सबसे अच्छी बात है कि उसका लंड सच में 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है.

पहली रात में उसने मुझे ऐसा चोदा था कि चुत में से मेरा खून तक निकल आया था. सागर का वीर्य निकलने का टाइम भी अच्छा है. उसका माल 20-25 मिनट तक नहीं निकलता है. उसके सेक्स से मैं पूरी तरह से संतुष्ट हूँ.

मेरी एक ननद भी है, मतलब सागर की एक बड़ी बहन.. उसका नाम मीना है. उसकी उम्र 32 साल है और उसको 2 लड़के हैं, एक 5 साल का और दूसरा 3 साल का. मीना और मीना के पति भी मुम्बई में रहते हैं. मीना देखने में बहुत खूबसूरत औरत है. उसके 2 बच्चे होने के बाद भी मीना की फिगर एकदम मेन्टेन है. हम हफ्ते में 1 या 2 बार एक दूसरे के घर आते जाते हैं.. हमारे उनके साथ अच्छे रिलेशन हैं.

अब कहानी यहाँ से शुरू होती है.

मेरी सास शादी से पहले से ही नहीं थीं और ससुर 7 महीने पहले ही गुजर गए थे. ससुर के जाने के बाद उनके फ्लैट पर दोनों भाई बहन की नज़र थी. मुम्बई में उनका 2 बीएचके का फ्लैट था. हम चाह रहे थे कि वो फ्लैट सिर्फ हमको मिले लेकिन हमारे एड्वोकेट ने हमको कहा कि मेरे पति की बड़ी बहन की N.O.C. के बिना वो फ्लैट हमको नहीं मिल सकता है.

अब हम सोचने लगे कि मीना N.O.C. के लिए कैसे मानेगी. मीना भी उस फ्लैट में आधा हिस्सा मांगेगी, जो हम उसको देना नहीं चाहते थे. लेकिन हमको कोई रास्ता भी नज़र नहीं आ रहा था.

एक दिन ऐसे ही मैं दिन में टी.वी. देख रही थी, तब मेरे मन में एक ख्याल आया.. वो बहुत ख़तरनाक ख्याल था. बस अब मुझे मेरे पति को कैसे भी करके मनाना था.

उस दिन रात में मेरे पति घर आये. रात को जब हम बेड पर सेक्स के मूड में थे, तब मैंने सागर से कहा कि मेरे दिमाग़ में एक प्लान है, अगर वो सही से होता है तो फ्लैट सिर्फ हमारा हो सकता है.

सागर ने पूछा- तुम्हारे दिमाग़ में क्या प्लान है?
तब मैं कुछ देर सोच कर बोली- अगर तुम तुम्हारी बड़ी बहन से सेक्स करते हो तो…
मैंने अभी अपनी बात पूरी भी नहीं की थी कि तब तक सागर मुझ पर चिल्लाया- क्या पागलों जैसी बातें कर रही हो पल्लवी.. तुम्हारा दिमाग़ जगह पर है भी कि नहीं?
मैं बोली- पहले पूरी बात तो सुन लो.
सागर बोला- मुझे कुछ नहीं सुननी तुम्हारी बात.. तुम्हारे ख्याल घटिया हैं.

फिर भी मैं बोली- सुनो ध्यान से.. अगर तुम तुम्हारी बहन से सेक्स करते हो और मैं भाई बहन सेक्स की रिकॉर्डगिं कर लूँ तो फिर तुम्हारी बहन के पास N.O.C. देने के अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा.
सागर का स्वर ठंडा हो गया था.. वो बोला- ये सम्भव नहीं है डियर.. कुछ और प्लान सोचो.
मैं बोली- क्यों नहीं सम्भव.. सब सम्भव है. सिर्फ आप हाँ कहो, बाकी मैं सब संभाल लूँगी.

सागर कुछ नहीं बोला और सो गया. लेकिन मैं कहाँ हार मानने वाली थी.

दूसरी रात को मैंने सागर को कहा- सागर ऐसा करने से फ्लैट हमको मिल जाएगा और एक खूबसूरत बदन तुमको चोदने में मिल जाएगा.
सागर बोला- स्टुपिड वो मेरी बहन है, ये हो ही नहीं सकता है.
तब मैं सागर से बोली- मुझे तुम्हारी बहन की एक कमजोरी पता है.
सागर बोला- कौन सी?
मैंने कहा- तुम्हारी बहन एक असंतुष्ट औरत है.. वो अपने पति के सेक्स में खुश नहीं है.
सागर बोला- क्यों खुश नहीं है?
मैंने कहा- तुम्हारी बहन को बड़ा लंड चाहिए और तुम्हारे जीजू का लंड छोटा है और वीर्य भी बहुत जल्दी निकल जाता है.
सागर बोला- लेकिन उस बात से मेरा क्या लेना देना है?
मैंने कहा- यही तुम्हारी बहन का वीक पॉइंट है हमें इसका फायदा उठाना है. बस आप हाँ कहो, बाकी मैं देख लेती हूँ कि ये सब कैसे करना है.
सागर कुछ देर सोचता रहा, फिर बोला- ठीक है.. लेकिन इस भाई बहन की चुदाई से किसी को भी कोई प्रोब्लम नहीं होनी चाहिए.
मैं खुश होकर बोली- ज़रा भी नहीं डियर…

हमने उस रात बहुत मज़े से सेक्स किया.
सेक्स होने के बाद सागर सो गया लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी. अब मेरा दिमाग़ आगे के प्लान के बारे में सोचने लगा था.

दो दिन बाद मीना हमारे घर आई. सुबह ही हम दोनों बेडरूम में बातें कर रहे थे. तभी मेरे दिमाग़ में एक आईडिया आया.
मैं मीना से बोली- आज मेरा पूरा बदन और कमर दर्द कर रही है.
मीना बोली- क्यों?
मैंने कहा- ये तुम अपने भाई से पूछ लो.
मीना हंस कर बोली- आप ही बता दो ना भाभी.
तब मैंने बताया- आज सुबह 5 बजे ही तुम्हारे भाई का सेक्स करने का मूड हुआ और उन्होंने मुझसे इतना वाइल्ड तरीके से सेक्स किया कि मेरा पूरा बदन दर्द कर रहा है और कमर भी.. उनके 8 इंच के बड़े लंड ने मेरी चुत की हालत खराब कर दी, अब भी मुझे ठीक से नहीं चला जा रहा है. वे मुझे कम से कम 25 मिनट तक बिना रुके जोर जोर से चोदते रहे थे.

ये सब बातें करते वक़्त मैं मीना के हाव भाव देख रही थी. मेरी बातें सुन कर मीना कुछ गर्म होने लगी थी. उसकी सांस भी जोर से चलने लगी थी, दिल की धड़कन तेज हो गई थी और चेहरे पर शर्म आने लगी थी.

मैं फिर आगे बोली- मेरा तीन बार पानी निकल चुका लेकिन तुम्हारे भाई का पानी निकलने का नाम ही नहीं ले रहा था.. आखिरी में मैंने उनको मेरी गांड में लंड डालने को कहा, तब 10 मिनट के बाद उनका पानी निकला. मुझे तुम्हारे भाई ने मुझे पूरी तरह से ठंडी कर दिया.

मेरी बातें सुन के अब मीना और बेचैन लगने लगी. फिर मैंने टॉपिक चेंज कर दिया, लेकिन मीना की बेचैनी कम नहीं हुई.

मेरा तीर निशाने पर लग गया था. रात को मेरे पति को मैंने यह किस्सा बताया, तब वो बोले तू एक नम्बर की नौटंकीबाज़ है. तेरा हाथ कोई नहीं पकड़ सकता है. मैंने स्माइल किया.
फिर सागर ने पूछा- अगला प्लान क्या है?
मैं बोली- अगले हफ्ते में मीना के पति ऑफिस के काम से 3 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं, तब मैं उसको बच्चों के साथ यहाँ बुलाने वाली हूँ.
सागर ने भी मुस्कुरा कर सहमति दे दी.

फिर मैंने मीना को कॉल करके बोल दिया कि जीजू के जाने के बाद तुम 3 दिन के लिए यहीं आ जाओ.

मीना भी राज़ी हो गई और अगले हफ्ते हमारे यहाँ आ गई. जीजू के जाने के बाद शाम को सागर घर आया और मीना के बच्चों से बहुत खेला. फिर सबने खाना खाया, बच्चे जल्दी सो गए. बच्चों को हॉल में सुला कर हम कुछ देर बातचीत कर रहे थे.

बाद में मैं और सागर भी सोने को चले गए. मीना हॉल में ही सोने लगी. हमारा बेडरूम हॉल के पास ही था. बेडरूम में आते ही मैंने सागर को बता दिया कि क्या एक्टिंग करनी है.

हम दोनों नंगे हो गए और थोड़ी जोर से बातें करने लगे. ताकि मीना सुन सके. मुझे पता था मीना अभी तक सोई नहीं है. हमारी कामुक बातें शुरू हुईं.

मैं- सागर ज़रा धीरे से दबाओ ना.. बस करो राजा.. मुझे दर्द होता है.
सागर बोला- तेरे दूध दबा दबा कर मुझे अपनी दीदी के जैसे बड़े करने हैं.
मैं बोली- तुम्हारी दीदी के तो कितने बड़े हैं.. क्या तुमको अपनी दीदी के मम्मे पसंद हैं?
सागर बोला- हाँ डियर जब भी दीदी घर पर आती हैं न.. तो मैं उनके मम्मों को ही देखता रहता हूँ. कितने खूबसूरत मम्मे हैं मेरी बहन के.. जी करता है कि दबाता ही रहूँ और खूब चूसूं.

फिर हम दोनों बिना बोले चुदाई शुरू करने लगे. मैं धीरे से बेडरूम के दरवाजे के नीचे के छोटे से छेद की तरफ देखती जा रही थी. तब मुझे वहाँ मीना की परछाई दिखी तो मैं समझ गई कि मीना बेडरूम के दरवाजे के पास खड़ी है और हमारी बातें सुन रही है.

फिर सागर ने जैसे ही मेरी चुत में लंड डाला और मैं बिना दर्द के भी जोर से चिल्ला उठी- ओह राजा.. धीरे से डालो ना.. कितना दर्द हो रहा है मुझे.. तुम्हारा लम्बा लंड जब भी मेरी चुत में घुसता है तो बस मेरी तो चुत फटने लगती है. सागर- चुप रंडी.. साली मेरे जैसे बड़े लंड के लिए औरतें तरसती हैं और तू साली नाटक करती है.. डरती है क्या बड़े लंड से?
मैंने कहा- लेकिन सागर आपका तो बहुत बड़ा है यार.. कोई औरत ऐसा लंड एक बार ले ले तो जिंदगी भर नहीं भूल पाएगी तुमको.
सागर बोला- चल आज तुझे जन्नत की सैर कराता हूँ.

सागर मेरी चुत में जोर जोर से झटके मारने लगा. मैं भी और जोर जोर से चिल्लाने लगी- ऊओई मैं मर गई.. उम्म्म्हह्ह ज़रा धीरे चोदो ना प्लीज.. मेरी जान निकलने लगी है.. ऊऊओह गॉड..

फिर 20 मिनट तक हमारी चुदाई चली और फिर सागर का पानी निकल गया. मैं सागर को गुड नाइट बोल कर सोने का नाटक करने लगी. इसके 10-15 मिनट के बाद मैं धीरे से उठी और दरवाजा खोल कर हॉल में देखा तो मीना वहाँ नहीं थी. मैं बाथरूम की ओर गई और बाथरूम के पास जाकर धीरे से खड़ी रही. बाथरूम में से मुझे मीना की कामुक सिसकारियां सुनाई देने लगीं. मैं समझ गई कि मीना उंगली डाल कर चुत से पानी निकाल रही है. मेरा काम हो गया था, मैं वापस आकर सो गई.

सुबह मीना 7 बजे उठी और बच्चों को तैयार करके स्कूल छोड़ने चली गई. एक नर्सरी में था और दूसरा फर्स्ट में था. दोनों का स्कूल सुबह का था. मैं भी 8 बजे उठी और सागर के कान में कुछ कह कर किचन में आ गई. किचन में आकर मैंने चाय बनाई, तब तक मीना बच्चों को छोड़ कर वापस आ गई.

मैंने मीना को कहा- दीदी, लो अपने भैया को चाय दे आओ.

जैसे ही मीना चाय का कप लेकर निकली, मैं चुपके से मीना के पीछे गई. मीना बेडरूम में गई और मैं बेडरूम के दरवाजे से देखने लगी. बेड पर सागर सोया था और पूरा नंगा था. सागर का बड़ा लंड साफ साफ दिखाई दे रहा था. मीना सागर के बेड के पास खड़ी होकर सागर का लंड देख रही थी.

एक मिनट तक मीना लंड देखती रही, फिर होश में आकर उसने कहा- सागर भैया 8 बज गए.. उठो अब और चाय लो.

सागर ने आँखें खोलीं और मीना की तरफ देखने लगा. मीना का ध्यान अब भी सागर के लंड पर था. ये बात सागर के ध्यान में आई, तब सागर ने अपने बदन पर चादर डाल ली. मीना शर्मा कर नीचे की ओर देखने लगी.
सागर ने मीना को कहा- गुड मॉर्निंग दीदी.

मैं वापस किचन में चली आई.

कुछ देर में मीना भी किचन में आई लेकिन उसका चेहरा लाल हो गया था. मैं चुपके से उसकी ओर देख रही थी. मीना बहुत बेचैन लग रही थी. भाई के खड़े लंड को देखा था न.

फिर सब फ्रेश होकर नाश्ता करने बैठे. मीना बार बार अपने भाई की ओर देख रही थी. मैंने ध्यान से देखा, तब सागर भी अपनी बहन की ओर ही देख रहा था. मीना ने नाइटी पहनी हुई थी और उसमें से उसकी काले कलर की ब्रा साफ साफ दिखाई दे रही थी. सागर का ध्यान उसकी ब्रा पर बार बार जा रहा था.

मैं मन ही मन में हंसने लगी. फिर सागर ऑफिस चला गया. मैं और मीना कुछ सामान लेने बाजार आ गए. बाजार से आते वक़्त बच्चों को स्कूल से लेकर आए. शाम को सागर वापस आया, सबने एक साथ खाना खाया और कल की तरह सोने चले गए.

आज मुझे एक स्टेप और आगे बढ़ना था. बेडरूम में जाते हुए मैंने जानबूझ कर बेडरूम लॉक नहीं किया. कल जैसे हम दोनों नंगे हो गए और जोर जोर से बातें करने लगे.

“सागर प्लीज आज मुझे धीरे से चोदना यार.. तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है.”
सागर बोला- आज तो मैं तेरी चुत फाड़ डालूँगा.
मैं बोली- रूको, मैं बेडरूम का दरवाजा बंद करना भूल गई हूँ अभी बंद करके आती हूँ.
सागर बोला- कोई ज़रूरत नहीं है बंद करने की.. कोई नहीं आएगा अन्दर.
मैं फिर बोली- अरे यार 2 मिनट मुझे छोड़ो ना.. मैं अभी बेडरूम का दरवाजा बंद करके आती हूँ.
सागर बोला- तुझे तो अब मैं एक मिनट भी दूर जाने नहीं दूँगा.. आज मेरा लंड बहुत मूड में है.

हम एक दूसरे को चूमने लगे. बेडरूम की लाइट भी हमने चालू ही रखी थी. चुदाई करते हुए मैंने धीरे से बेडरूम के दरवाजे की ओर देखा. मैंने देखा मीना ने थोड़ा सा दरवाजा खोला हुआ था और वो अन्दर हमको चुदाई करते हुए देख रही थी. फिर मैंने वहाँ ध्यान नहीं दिया.

मैंने सागर को बेड पर खड़ा किया और नीचे बैठ कर सागर का लंड चूसने लगी. सागर का लंड इतना बड़ा था कि मेरे मुँह में पूरा जाता भी नहीं था. दस मिनट तक लंड चूसने के बाद सागर ने मुझे बेड पर लिटा दिया और वो मेरी चुत चाटने लगा. मैं सिसकारियां लेने लगी.

साथ ही मैंने एक आँख से चुपके से दरवाजे की ओर देखा तो मीना छोटे से छेद में से हमको देख रही थी.

चुत चाटने के बाद सागर मेरे ऊपर आ गया और मेरी चुत पर लंड रख के जोर का धक्का मारा.
मैं चिल्ला उठी- धीरे चोद नाआअ.. मार डालाआअ ऊऊओह गॉड..

सागर फिर नॉन स्टॉप मेरी चुत में झटके मारने लगा. मैं और जोर जोर से चिल्लाने लगी- मर गई माँ कितना हार्ड सेक्स करते हो.. तुम्हारे साथ तो कोई रंडी भी नहीं सोएगी…
सागर बोला- साली तू भी तो मेरी रंडी ही है ना.. इसलिए तुझे मैं रंडी की तरह चोद रहा हूँ.
मैं बोली- लेकिन आप ज़रा धीरे करो ना बाहर तुम्हारी बहन सोई है.. उसने सुन लिया तो?
सागर बोला- सुन लिया तो सुनने दो उसने कभी लंड देखा नहीं है क्या.. वो साली भी तो अपने पति से रोज चुदती होगी इसलिए तो उसकी इतनी बड़ी गांड हो गई.. और इतने बड़े मम्मे.
मैं बोली- अच्छा तो तुम्हारा ध्यान तुम्हारी बहन की गांड पर भी है क्या?
सागर बोला- क्या करूँ डियर कितनी खूबसूरत गांड है मेरी बहन की.. जी करता है कि मौका मिला तो उसकी भी गांड मार दूँ.

फिर मैं जोर जोर से हंसने लगी. अब हमारी ये भाई बहन सेक्स की बातें सुन कर बाहर खड़ी मीना की हालत और खराब हो गई थी. कुछ देर बाद हमारा सेक्स हो गया और मैं कल की तरह बाहर देखने गई. मीना आज भी उंगली डालने बाथरूम में गई थी.

भाई बहन की चुदाई की कहानी अगले भाग में जारी रहेगी, आपके कमेंट्स का इन्तजार है.
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कहानी का अगला भाग: ननद को अपने पति से चुदवाया-2

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