चूत में बच्चा

(Choot me baccha)

मैं आपको अपनी पहली बार माँ बनने की कहानी सुनने जा रही हूँ।
बात उन दिनों की है जब मैं पहली बार माँ बनने वाली थी।

अचानक मेरी योनि फड़कने लगी और चिकना सा पानी निकलने लगा।
मेरे पेट में भी दर्द सुरू हो गया।
और इतना दर्द हुआ कि मेरी चीख निकल गई।

मेरी चीख सुनकर मेरे पति अंदर आए।
उस वक़्त घर पर कोई भी नहीं था, रात भी हो रही थी।

मैंने अपनी चूत पर हाथ रखा तो उसमें से खून निकल रहा था।
अचानक मेरी चूत में बहुत तेज दर्द होने लगा मैं ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी।

मेरे पति दौड़ कर पड़ोस में गये और पड़ोस से एक हट्टी-कट्टी औरत मेरे पास आ गई, उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और मेरे पति से बोली- जब बच्चे का सिर दिखे तो उसे बाहर निकाल लेना।

और फिर मेरी चूत फटने लगी लेकिन बच्चे का सिर बाहर नहीं आ रहा था क्योंकि उसका सिर उसके बाप की तरह बड़ा था।

मेरी जान निकल रही थी और मेरे पति भी पसीना पसीना हो गये।
मुझे गुस्सा भी आ रहा था और मैं बोल पड़ी अपने पति देव से- बहन के लंड… तूने ही डाला था… अब तू ही निकाल इसे! वरना मैं मर जाऊँगी।

और फिर मेरी चूत ने बहुत सारा पानी छोड़ दिया, चिकनाई की वजह से बच्चे का सिर बाहर फिसल गया और मुझे कुछ चैन आया। लेकिन अभी बाकी धड़ अंदर ही था।

मेरे पति उसका सिर खींचने लगे, पर मुझे दर्द हो रहा था।
मैंने कहा- रुक जाओ, मैं कोशिश करती हूँ।

अब मैंने जिंदगी का आसरा छोड़ कर एक बार जोर लगाया और ‘ऊऊई… म्‍म्माआ म्मरररर गई री मेरी चूत फट गई…

बहुत खून निकला।
मेरे पति ने रूई मेरी चूत पर रख दी।

उस दिन के बाद से मैंने सोच लिया कि अब मैं दूसरा बच्चा पैदा नहीं करूँगी।

आपको कैसी लगी मेरी कहानी?
मुझे जरूर लिखना।
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