मेरी बेबाक बीवी-4

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लेखक : अरुण

रात बहुत हो चुकी थी। शेविंग का सामान मैंने दोस्त को संभलवा दिया।

वो मेरी बीबी से बोला- आर यू रेडी?

उसने अपनी आदत के मुताबिक़ ही उसे जवाब भी पकड़ा दिया- पूरी नंगी तो बैठी हूँ ! और क्या तैयारी करनी है? लो संभालो इसे !

और ऐसा कहते हुए अपने कूल्हे ऐसे उठा कर ऊंचे किये कि उसकी चूत डॉक्टर के लगभग मुँह पर ही आ गई।

वो हड़बड़ा गया, बोला- यार यह औरत है या हंगामा?

वो चिल्लाई- जल्दी बोलो कैसे लेटूँ फिर?

उसने उसके कूल्हे पलंग के किनारे पर रख दिए और लेटा दिया फिर पैर चौड़े करके उसके बीच में अपनी कुर्सी लगा ली और उसे उसकी चूत के नजदीक कर लिया और उसकी दोनों जंघाओं को अपनी कमर के इर्दगिर्द कर लिया, इसी बीच मैंने उसके सर के नीचे दो तकिये लगा कर उसका सर थोड़ा ऊँचा कर दिया।

अब उसने ब्रश से उसकी चूत को पानी एकदम तर कर दिया, फिर खूब सारी शेविंग क्रीम लगा कर झाग बनाने शुरू किये, पर उसके बाल इतने घने और लम्बे थे कि झाग झांटों की जड़ तक पहुँच ही नहीं पा रहे थे।

वो बोला- जड़ में साबुन नहीं पहुँच रहा, तो शेव अच्छी नहीं हो पाएगी।

फिर मैंने सुझाव दिया- ऐसा करो कि हाथ और उँगलियों से अन्दर तक झाग मसल दो !

वो बोला- हाँ यह ठीक रहेगा !

और वो बोली- हाँ ! और इस बहाने मेरी पुपु भी मसल लोगे? साले बदमाश कहीं के !

वो बोला- और क्या औरत की झांटें साफ़ करना काम नहीं मज़ा है !

इतना कह कर वो झांटों में झाग भरने लगा और कुछ ही देर में झांटों की वजह से काली उसकी चूत सफ़ेद फोम से पूरी तरह भर कर झागों के पहाड़ में बदल गई।

फिर वो हाथ धोकर आया और उसका एक पैर पूरा ऊपर कर दिया। उसने बताया कि सामान्यतया औरत दोनों पैर एक साथ ज्यादा चौड़े नहीं कर सकती इसलिए पहले इधर के साफ़ कर देते हैं और वाकई उसने बहुत ही आराम से और सफाई से एक हिस्सा बिल्कुल सफाचट कर डाला।

फिर इस पैर को नीचे कर के दूसरे को ऊँचा कर लगभग पूरी चूत शेव कर डाली। बस चूत के निचले हिस्से में कुछ बाल रह गए थे उन्हें साफ़ करने के लिए उसने मेरी बीवी को उल्टा होने को कहा।

जब वो पलट गई तो कूल्हे के नीचे हाथ डाल कर उन्हें ऊपर उठा दिया फिर उसको कहा- अपने कूल्हे चौड़े करो !

उसने आज्ञा कारी बनते हुए अपने कूल्हे इतने चौड़े कर लिए कि उसकी गाण्ड का छेद भी दिखने लगा।

फिर उसने मुझे यहाँ थोड़े और झाग लगाने को कहा।

मैंने इत्मीनान से झाग मसले और उसने रेज़र चला कर काम पूरा कर दिया।

तब उसने मेरी बीवी को सीधा हो जाने दिया और चूत का पूरा हिस्सा साफ़ तौलिए से पौंछ दिया।

अब हमारे सामने थी एकदम सफाचट चिकनी और उजली चूत !

मैंने उस पर हाथ फिराते हुए कहा- वाह ! इतनी चिकनी !

फिर उसने मेरी बीवी का हाथ भी उसकी चूत पर रख दिया। दोस्त की ये हरकतें बता रही थी कि शेव करते करते वो पूर्ण उत्तेजित हो गया था क्योंकि वो कांपती सी आवाज में बोला- लो मैडम ! चेक कर लो !

मेरी पत्नी भी खुद की चूत सहला कर बोली- नाईस ! बढ़िया काम किया है।

दोस्त बोला- तो लाओ मेरा मेहनताना !

और दोस्तो, यहाँ मेरी बेबाक और अब तक अपनी पूरी शर्म त्याग चुकी और नग्नावस्था में पड़ी हुई पत्नी ने मादक अंगड़ाई लेते हुए अपने वक्षों को उभारा और अपने पैर फैला कर बोली- मुझ नंगी से क्या लोगे? मेरे पास तो कुछ भी नहीं है ! लो देख लो !

पर उसका अंदाज ऐसा था कि जैसे वो आमंत्रण दे रही हो।

साथियो, इसके आगे का घटनाक्रम पढ़ कर हो सकता है कि आप सब लोग मुझे पागल और सरफिरा कहें पर मैंने अपनी खूबसूरत और इस समय निर्वस्त्र पड़ी पत्नी और दोस्त से कहा- फिलहाल इसके पास तुम्हे देने के लिए कुछ नहीं है ! वैसे तुमने इसका इतना चिकना काम किया है और इसकी चूत भी गीली हो कर टपकने लगी है, इस समय इसे भरपूर चुदाई की जरूरत है, नहीं तो यह हिंसक हो जाएगी। मैं तो इसके साथ सेक्स करता ही रहता हूँ, आज चाहता हूँ कि इसे कुछ अलग अनुभव मिले। तुम्हारा लण्ड बेकाबू होकर बाहर तक दिख रहा है। मेरे ख्याल से अब तुम दोनों को सेक्स कर लेना चाहिए तभी तुम दोनों शांत हो पाओगे। तुम दोनों मजे करो, मैं कंडोम ला कर देता हूँ।

और हाँ ! मैं पास वाले कमरे में रहूँगा।

यह कह कर मैं जाने लगा तो मेरी बीबी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- क्या कर रहे हो तुम? क्या तुम यह सही कर रहे हो?

मैंने कहा- हाँ यह मेरी कल्पना की चाहत है कि तुम्हे किसी और से भी सेक्स करवाऊँ ! और यह तो अपना दोस्त ही है ! तुम इतनी भावुक मत बनो ! इसे भी आजमाओ और देखो इसमें कितना दम है?

मेरे समझाने से वो मान गई और फिर माहौल को उसी ने हल्का-फुल्का बना दिया, हँसते हुए बोली- हाँ, एक ही से करते-करते मैं बोर भी हो गई हूँ पर मेरी एक शर्त है कि तुम कहीं नहीं जाओगे, जैसे तुम्हारी इच्छा है, ऐसे ही मेरी भी है कि मैं तुम्हारी मौजदगी में ही सब कुछ करूँ !

इधर बीबी को राजी किया तो दोस्त बोला- तुझे बुरा तो नहीं लगेगा?

मैंने कहा- नहीं ! इसका बैंड बजा डाल ! फिर मुझे मजा आयेगा ! और सुन, बिना संकोच के जो जी आये, करना पर इसे खुश कर देना ! और देख अपने कपड़े सेक्स करते समय ही हटाना, इसे नंगे बदन पर कपड़ों की रगड़ रोमांचित करती है। चलो शुरू हो जाओ !

यह कह कर मैं कुर्सी पर दूर अलग बैठ गया।

मेरा डॉक्टर दोस्त कुछ देर असमंजस में पड़ा रहा पर जैसा मुझे अंदेशा था, पहल मेरी बीवी ने ही की, वो बाहें फैला कर बोली- जानू आओ ना अब !

अब उसने फुर्ती दिखाई और झपट कर उसके नंगे जिस्म को अपनी आगोश में लेकर पलंग पर उसके ऊपर ही पसर गया और उसके चेहरे और होठों पर चुम्बनों की बौछार कर दी, फिर उसके बाल खोल कर बिखेर दिए, फिर दो के साथ एक तकिया और रख कर उसकी कमर उन पर टिका दी और चेहरे को नीचे लुढ़क जाने दिया साथ ही दोनों हाथ भी ऊपर कर दिए।

ऐसा करते ही उसके दोनों वक्ष और उभर गए, उसने दोनों हाथों से उन्हें मजबूती से भींच लिया और बारी बारी से चूसने लग गया, थूक लगा लगा कर उन्हें गीला कर दिया और चूसे ही चला जा रहा था। फिर दांतों से आहिस्ता-आहिस्ता चुचूकों को काटने और कुतरने लगा और बोला- साली, तू क्या कह रही थी? कुचर मचती है इसमें? ला आज इन चूचियों की सारी खुजली मिटा दूँगा।

वो चिल्लाने लगी पर वो उसके उभारों को नोचता, दबोचता, मसलता, मरोड़ता, चूसता जा रहा था। उसने हाथ पैर फैंकने शुरू कर दिए, उसे घूंसे मारने लगी और उसकी गालियाँ भी शुरू हो गई- साले कुत्ते कमीने ! अब क्या खा ही जाएगा इन्हें?

वो और बिफर गया, उसने उसके पेट पर सवार होकर दनादन चांटे मार मार कर दोनों चूचों को सुजा दिया, फिर उसको पलट दिया और इस बार उसके कूल्हे तकिये पर रख दिए और कूल्हों पर शुरू हो गया और फिर अंत में उसे चित्त लेटा कर चिकनी चूत का पहला स्वाद भी उसी ने लिया।

चूत के दोनों होंठों को पकड़ कर आपस में कभी रगड़ता, कभी चाटता-चूसता और वो आनंद मिश्रित पीड़ा से सराबोर हो रही थी।

तभी उसने मुझसे कंडोम मांगा और तब तक खुद के कपड़े उतार डाले, उसकी छातियों पर जा बैठा और लण्ड उसे पकड़ा दिया।

वो उसके कड़क लण्ड को पकड़ कर मसलने लगी, अपने चेहरे और होंठों पर सहलाने लगी।

इससे दोस्त की हिम्मत जवाब देने लगी तो उसने तुरंत कंडोम चढ़ाया और टांगें फैला कर गीली चूत में समा दिया।

और फिर मेरी आँखों के सामने शुरू हुआ लण्ड और चूत का संघर्ष, दो नंगे जिस्मों का मिलन।

दोस्त के ऊपर नीचे होकर चुदाई करते हुए कूल्हे और नीचे अपनी चूत उछालती, पैर पटकती और चूत में पूरा लण्ड निगल कर चुदती हुई मेरी बीवी !

मैथुन का यह दौर दोनों की आनंदमयी चीखों के साथ शांत हुआ, साथ ही ख़त्म हुआ मेरा यह अनोखा अनुभव !

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