बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-2

(Meri Biwi Ki Chut Chudai Mere Dost Se- Part 2)

कहानी का पहला भाग : बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-1

मेरी कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी बीवी को अपने दोस्त से चुदवाने के लिए एक निर्जन सड़क पर कार में ले गया.
अब आगे:

मैंने धीरे से अपनी बीवी को सीट में सीधा बिठाया और उसकी ड्रेस नीचे खिसका कर निकाल दी और उसको बिल्कुल नंगी कर दिया। बिल्कुल नंगी होते ही प्रिया की आँखों की खुमारी बढ़ गयी और उसकी सांसें और तेज हो गयी।
पूरी नंगी होते ही उसको समझ में आ गया कि या तो आज उसको पूरी मस्ती मिलेगी या हम दोनों के लौड़े आज मजा लेके रहेंगे।

जैसे ही मेरी ब्याहता बीवी को मैंने इस तरह नंगी किया, आदित्य भी मस्त हो गया और उसने प्रिया की एक चूची पकड़ कर दूसरा हाथ उसकी कमर और गांड पर सहलाना शुरू कर दिया। अब मेरी पूरी नंगी बीवी मस्ती की खुमारी में थी और जैसे जैसे आदित्य उसकी चूची निचोड़ता था, वैसे वैसे उसके मुंह से एक सिसकारी निकल पड़ती थी।
प्रिया के नंगे जिस्म पर आदित्य का रेंगता हुआ हाथ और एक चूची उसकी मुट्ठी की कैद में देख कर मैं और ज्यादा उत्तेजित हो गया।

मस्ती में भर कर मैंने भी हाथ बढ़ा कर प्रिया की दूसरी चूची दबोच ली और जोर से मसलने लगा और दूसरे हाथ से उसकी चूत का भोसड़ा बनाने की कोशिश कर रहा था क्योंकि अब तक प्रिया अपनी सीट में लेट चुकी थी, आदित्य ने मस्ती और जोश में आगे बढ़ कर प्रिया की चूची अपने मुख में भर कर चूसनी और चुभलानी शुरू कर दी।

जैसे ही आदित्य ने प्रिया की चूची अंदर को चूसी, प्रिया ने जोर से सिसकारी भरी और मेरा सर पकड़ कर दूसरी चूची की तरफ खींचने लगी। मैंने भी फ़ौरन झुक कर उसकी दूसरी चूची को हाथ से जोर से दबाया और उसके तने हुए निप्पल को मुंह में भर कर जिस तरह प्रिया को पसंद है, वैसे जोर से अंदर चूसा।
प्रिया मस्ती में झूम उठी।

मैंने महसूस भी किया है और प्रिया ने भी कई बार कहा है कि जब दोनों चूची एक साथ चूसी जाती हैं तो उसको बहुत मजा आता है और उसके पूरे शरीर में मस्ती का करंट दौड़ जाता है। घर पर चुदाई करते समय भी मैं हमेशा उसकी दोनों चूची एक साथ पकड़ कर निप्पल पास पास लाकर एक साथ मुंह में घुसा कर चूसता हूँ तो वो मस्ती से पागल सी हो जाती है और उसकी चूत फुदकने लगती है।

कार में आदित्य और मेरे साथ भी यही हुआ कि दोनों निप्पल एक साथ हम दोनों के मुंह में जाते ही प्रिया मस्ती में झूम उठी। उसके मुंह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकलने लगी। वो सिसकारी भरते हुए बोली- और जोर जोर से करो, और जोर से चूसो, आज इनको मसल कर उखाड़ दो!
और हम दोनों पूरी मस्ती और उत्तेजना में भर कर उसकी चूचियों को निचोड़ निचोड़ कर चूसने लगे।

प्रिया बिल्कुल गर्म हो गयी और उसने अपनी टांगें पूरी चौड़ी करके खोल दी। मेरा लौड़ा तब तक पूरी तरह खड़ा हो गया था और मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। अब तो सोचने का काम भी लौड़ा ही कर रहा था।

कुछ देर हम दोनों पूरी मस्ती से जोर जोर से प्रिया के दोनों निप्पल चूसते रहे और वो बिल्कुल गर्म हो चुकी थी जोर जोर से सिसकारियाँ भरते हुए गहरी सांसें भर कर वो एक रंडी की तरह हम दोनों के सर अपने मम्मों पर दबा रही थी अपनी छातियाँ उठा उठा कर हमारे भूखे मुंह में और ज्यादा घुसाने की कोशिश कर रही थी।
उसकी दोनों टाँगें पूरी तरह खुली हुई थी और अगर कोई उस समय बाहर से मेरी कार में झांकता तो उसको एक बिल्कुल नंगी औरत दो मर्दों के बीच में मस्ती करती नज़र आती और वो यही समझता कि दो लौड़े एक रंडी को मस्ती के लिए साथ लाये हैं।

प्रिया बहुत गर्म होकर मस्ती में डूबी थी उसके शरीर से गर्मी निकल रही थी। मेरा एक हाथ उसकी भभकती हुई चूत पर था और वो अपनी चूत मस्ती में उचका उचका कर मेरे हाथ पर रगड़ रही थी। बीच बीच में मस्ती में प्रिया हाथ बढ़ा कर कपड़ों के ऊपर से ही हम दोनों के लौड़े पकड़ लेती थी जो पूरे मस्त होकर खड़े हुए थे।

मैंने धीरे से ऊपर होकर अपना बरमूडा नीचे खिसका दिया और अपना खड़ा हुआ लौड़ा नंगा करके प्रिया के हाथ में दे दिया। उसने मस्ती में भर कर मेरे लौड़े को कचकचा कर पकड़ा और जोर से इसके सुपारे को अपने अंगूठे से मसला। उसके दूसरे हाथ के हिलने से मुझे लगा कि वो अपना दूसरा हाथ आदित्य की पैंट में घुसाने की कोशिश कर रही थी। यह सोचते ही कि मेरी बीवी किसी दुसरे मर्द के लौड़े को नंगा करके पकड़ने की कोशिश कर रही है, मेरा लंड और भी ज्यादा फुदकने लगा और थोड़ा ज्यादा बड़ा और कड़ा हो गया। प्रिया से भी बात छुपी नहीं और उसने भी थोड़ा कस कर मेरी लण्ड को दबाया। उधर दूसरे हाथ को वो आदित्य की पैंट में घुसाने की कोशिश कर रही थी।

एकाएक आदित्य ने प्रिया की चूची से हाथ हटा लिया. मैं यह सोच ही रहा था कि उसने ऐसा क्यों किया कि तभी मुझे कपड़ों की सरसराहट की आवाज़ सुनाई दी और इसके साथ ही बेल्ट के बकल और ज़िप के खुलने की आवाज़ आई और मैं समझ गया कि आदित्य ने अपनी पैंट खोल कर अपना लौड़ा नंगा करते हमारी रंडी के हाथ में दे दिया है।
यह सोच कर मैं कामुक उत्तेजना से भर गया कि आदित्य ने मेरी ब्याही रंडी पत्नी के हाथ में अपना लण्ड दे दिया जो कि मेरी बीवी के लिए बिल्कुल नया था।

तभी प्रिया और आदित्य के मुंह से एक साथ मद भरी सिसकारी निकल गयी जो शायद आदित्य के नंगे लौड़े पर प्रिया का हाथ रखते ही निकली होगी। तभी प्रिया जोर जोर से झटके देने लगी और सिसकारियाँ भरने लगी। आदित्य का हाथ वापिस उसकी मोटी चूची पर था और इसको ज्यादा जोर से दबा और निचोड़ रहा था।

प्रिया मस्ती में भर कर अपने मुंह से “आह.. अहा… और जोर से! खींच लो इन्हे.. निचोड़ लो… उखाड़ लो ना प्लीज…. अहा आहा हुम्म्म्म यस येस्सस वाओ मजा आ रहा है…” की आवाज़ें निकल रही थी और मस्ती में सिसक रही थी।
उसकी पलकों के कोरों पर मस्ती के आंसू थे। कार के सारे शीशे हमारे शरीर और सांसों से उठती भाम्प से धुंधले हो गए थे। मैंने हल्के से उठ कर आगे की खिड़कियों के शीशे थोड़े थोड़े खोल दिए ताकि थोड़ी ठंडी हवा अंदर आये और शीशों से धुंध हट जाए।

मेरा लौड़ा प्रिया के मुंह की नरमी और गर्माहट को तड़प रहा था। मैंने धीरे से उसे घुमाया और उसके होठों पर चूमना शुरू कर दिया. प्रिया मस्ती में बेसुध थी और उसे ये भी नहीं समझ आ रहा था की उसको कौन चूम रहा है। पर इस तरह उसका चेहरा अपनी तरफ घुमाने से कार की सीट में उसकी आधी गांड उठ गयी थी और चांदनी में चमक कर आदित्य को न्योता दे रही थी।
मैंने देखा कि आदित्य उसकी गांड की तरफ घूर घूर कर देख रहा था और उसने धीरे से उसकी गांड पर हाथ फिराना शुरू कर दिया।

प्रिया और मस्ती में आ गयी, मैंने धीरे से उसके कान में कहा- मजा आ रहा है न जान!
तो उसने चौंक कर मेरी तरफ देखा, तब मुझे समझ आया कि अपनी मस्ती में उसको लग रहा था कि अभी तक आदित्य उसको चूम रहा था। हो सकता है शायद इसी वजह से वो जब मुझे चूम रही थी तब मुझे ऐसा लगा कि उसने मुझको आज से पहले इतनी शिद्दत से और इतनी मस्ती से नहीं चूमा था और मैं खुश हो रहा था कि मेरी बीवी का इतना गर्म, इतना गहन और मस्त चुम्बन मेरे लिए था।

मुझमें जैसे कामुकता और पाश्विकता की एक नयी लहर दौड़ गयी और मुझसे रहा नहीं गया, मैंने झुक कर प्रिया की दिखती हुई मोटी, चिकनी, गोरी गोल गांड पर पटाक की आवाज़ के साथ जोर से एक थप्पड़ मारा। अपनी मोटी और गुदाज गांड थप्पड़ पड़ते ही थरथरा गयी और प्रिया ने एक मस्ती भरी सिसकी भरी जो दर्द की कम और मस्ती की ज्यादा थी और मेरी पत्नी और ज्यादा गर्म होकर मुझे मस्ती में और भी जोर से चूमने लगी।

मैंने उसकी मोटी मस्ती भरी गांड पर और थप्पड़ मारा और वो मेरे होठों को काटने लगी। उसकी मस्ती देख कर आदित्य ने जोर जोर से उसकी गांड अपने हाथ में भींच भींच कर मसलनी शुरू कर दी। मैंने धीरे से प्रिया की दोनों टांगों को खोला और उसकी चूत पर हाथ लगाया। उसकी मस्त रसीली चूत गर्मी से भभक रही थी और कामरस से चिपचिपी हो रही थी।
मैंने आदित्य का हाथ पकड़ कर अपनी ब्याही हुई बीवी की चूत पर रख दिया और धीरे से उसकी उंगली प्रिया की चूत के रसीले और गर्म छेद पर रख दी। आदित्य ने फ़ौरन टटोल कर अपनी उंगली प्रिया की चूत में घुसानी शुरू कर दी और प्रिया तो काम वासना से पगला सी गयी।

मैं अभी भी उसको चूम रहा था और चूचियाँ मसल रहा था। प्रिया ने अपने होंठ मेरे होंठों की गिरफ्त से छुड़ाए और अपना मुंह मेरे कान के पास लाकर बोली- इसका लण्ड बहुत मजेदार है- खूब बड़ा और मोटा!
यह सुन कर मैं आश्चर्यचकित रह गया क्योंकि प्रिया ने मेरे सामने किसी और के लौड़े की तारीफ पहली बार की थी।
मुझे समझ में आया कि या तो आदित्य का लौड़ा वाकई प्रिया को बहुत पसंद आया या फिर आज उसकी चूत की गर्मी इतनी ज्यादा है कि वो खुल कर मज़े लेना चाहती है।

इतनी देर में मैंने देखा कि आदित्य ने धीरे धीरे अपनी दो उंगलियाँ प्रिया की भूखी चूत में घुसेड़ दी थी और वो इन्हें बहुत तेजी से प्रिया की गीली चूत के अंदर और बाहर कर रहा था और प्रिया भी उसके हाथ की रफ़्तार से ही अपनी चूत उसकी उंगलियों पर रगड़ रही थी।

मैंने प्रिया का मुंह अपने लण्ड की तरफ धकेला तो वो समझ गयी कि मैं अपना लौड़ा उसके मुलायम और गर्म मुंह से चुसवाना चाहता हूँ और उसने मुंह खोल कर मेरा खड़ा हुआ लौड़ा अपने मुंह में गपक लिया।
मेरा लौड़ा उसके मुंह में जाते ही वो जोर जोर से उसे चूसने लगी। मैं इतना उत्तेजित था कि मुझे लगा जैसे मैं तभी झड़ जाऊँगा पर बड़े कंट्रोल से मैंने अपने को रोका और उसके गर्म मुंह के मज़े लेने लगा।

प्रिया अपने गर्म मुंह से मेरे लौड़े को ऐसे चूस रही थी जैसे भरी गर्मी में कोई कुल्फी चूस रही हो। बीच बीच में वो मेरा तना हुआ लौड़ा अपने मुँह से निकाल कर मेरे बॉल्स अपनी जीभ से चाट रही थी।
मैं मस्ती में मचल रहा था और दूसरे मर्द के सामने अपनी नंगी सेक्सी और मस्त बीवी की चूचियाँ और शरीर जोर जोर से मसल रहा था, चूस रहा था और बीच बीच में उसके निप्पल से काट भी रहा था।

इस बीच आदित्य मस्ती में उसकी गर्म चूत में अपनी दो मोटी उंगलियाँ घुसा कर इंजन की रफ़्तार से उसकी चूत को बेदर्दी से रगड़ रहा था और प्रिया एक गर्म कुतिया की तरह अपनी टांगें खोल कर बहुत तेजी से उचक उचक कर आदित्य से अपनी चूत में उंगलियाँ करवा रही थी।
आदित्य ने उसकी चूत में अपनी उंगलियाँ बिजली की गति से ठूंसते हुए मुझे कहा- यार! तेरी बीवी तो बहुत मस्त है, मजा आ गया।

क्योंकि कार के शीशे थोड़े खुले थे और आस पास बिल्कुल सुनसान था, मुझे विश्वास है कि आदित्य का ये कमेंट, प्रिया की सिसकारियाँ और हमारी आवाज़ें दूर दूर तक जा रही होंगी। अगर कोई थोड़ी सी दूर स्थित सड़क पर पैदल जा रहा होगा तो उसने हमारी आवाज़ें जरूर सुनी होंगी।

उधर मैंने देखा कि प्रिया वासना में बिल्कुल बेसुध सी थी और बहुत तेजी से अपनी नंगी चूत आदित्य के हाथ पर फड़का रही थी। उस समय मेरी पत्नी मेरे दोस्त और मेरे सामने कार में बिल्कुल नंगी थी और मस्ती में डूबी थी। उसने अपने हाथ में आदित्य का मोटा और बड़ा लौड़ा पकड़ा हुआ था और वो मेरा लौड़ा चूसते हुए अपने हाथ से उसके लौड़े के साथ खेल रही थी। ये देख कर मेरी मस्ती कई गुना बढ़ गयी।

आदित्य ने उंगलियाँ मेरी रंडी बीवी की चूत में घुसा रखी थी और मेरी सेक्सी और जवान पत्नी जो कि कार में बिल्कुल नंगी थी उसने अपने मुलायम हाथ में मेरे दोस्त का नंगा कड़क और मोटा लौड़ा पकड़ा हुआ था।
आदित्य ने अपनी उंगलियों से प्रिया की चूत चोदते-चोदते अपने हाथ के अंगूठे से उसकी क्लिट को सहलाना शुरू कर दिया और प्रिया जैसे मस्ती और वासना से पागल हो गयी।

आप खुद अंदाजा लगाइये कि प्रिया कार ड्राइवर के साथ वाली पैसेंजर सीट में बिल्कुल नंगी थी उसकी सीट की बैक पीछे झुकी हुई थी मैं ड्राइविंग सीट में अपना लण्ड खोल कर बैठा था और प्रिया झुक कर मेरा लण्ड चूस रही थी।
प्रिया की टांगें खुली थी और आदित्य ने बेदर्दी से अपनी उंगलियाँ उसकी खुली हुई चूत में ठूंस रखी थी और प्रिया अपनी चूत उसकी उंगलियों पर बिजली की गति से ठुमका रही थी जैसे अपने किसी यार के बहुत मोटे लौड़े से झमाझम चुद रही हो। दूसरी तरफ प्रिया के मस्त हाथ में आदित्य का नंगा लौड़ा था और मैं अपने हाथों से प्रिया की मोटी मस्त और गुदाज़ चूचियाँ और गांड सहला रहा था, मसल रहा था और नोंच रहा था।

थोड़ी देर में मुझे लगा कि मेरा लण्ड प्रिया के मुंह में ही झड़ जाएगा तो मैंने उसका मुंह अपने लण्ड से हटाने की कोशिश की पर प्रिया मस्ती में डूबी थी और मेरे लण्ड को छोड़ने को तैयार नहीं थी और मुझे लग रहा थी मैं अब झड़ा… तब झड़ा। मैंने जोर लगा कर उसका मुंह अपने लण्ड से हटाया तो उसने बड़ी मुश्किल से मेरे लण्ड को अपने मुंह से निकलने दिया। प्लॉप की आवाज़ के साथ मेरा लण्ड उसके मुंह से निकला तो आदित्य ने चौंक कर देखा कि क्या हुआ।

प्रिया अभी वासना में बिल्कुल बेसुध सी थी और वो ज्यादा जोर से तेजी से आदित्य के लौड़े को मसल रही थी, सहला रही थी और अपने हाथ से अपना सारा प्यार दिखा रही थी। मेरी पत्नी, मेरे दोस्त के लौड़े के सुपाड़े की खाल पीछे करके उसके नंगे टोपे को अपने अंगूठे से सहला रही थी और लग रहा था कि वो उस लौड़े से बहुत खुश थी, जबकि वो मोटा नंगा लौड़ा अभी केवल उसके हाथ में ही था और चूत से बहुत दूर था।

मैं भी वासना में डूबा था और प्रिया आँखें बंद किये अपनी चूत में आदित्य की उंगलियों का और अपने हाथ में उसके लौड़े का मजा ले रही थी। मेरे मन में जाने क्या आया, मैंने धीरे से झुक कर प्रिया को चूमा और उसकी चूचियाँ और पीठ मसलते हुए धीरे से उसे कहा- आदित्य का लौड़ा चूसना है?
प्रिया ने अपनी आँखें एकदम से खोली और मेरी आँखों में झाँका, फिर धीरे से शर्माते हुए उसने ना में सर हिला दिया।

मैं वासना से पागल सा हो रहा था, मैंने दुबारा उसको प्यार से कहा- मन है तो चूस लो, कोई परेशानी नहीं है।
प्रिया कुछ सेकण्ड्स तक मुझे देखती रही, फिर उसके चेहरे पर एक शरारत भरी और बहुत सेक्सी मुस्कराहट आ गयी।
उसने मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा जैसे कह रही हो कि बाद में उससे कंट्रोल न हो तो कुछ मत कहना।

उसने अपने हाथ में पकड़े हुए आदित्य के मोटे और बड़े लौड़े को अपनी तरफ खींचा और आदित्य समझ गया कि मैं प्रिया को क्या कह रहा था। आदित्य ने कृतज्ञता भरी नज़रों से मेरी तरफ देखा और उचक कर अपना लौड़ा प्रिया को ऑफर कर दिया।
प्रिया ने एक भूखी, सस्ती और गर्म रंडी की तरह में पकड़े हुए लौड़े के पास ले जाकर अपना मुंह खोला और आदित्य के लौड़े की टिप अपने मुंह में धीरे से डाली। उसने आदित्य के लौड़े की टिप को धीरे से चूसा और फिर अपनी जीभ उस पर घुमायी। प्रिया की आँखों में बढ़ती हुई वासना साफ़ नज़र आ रही थी। उसने आदित्य को लौड़े को और जोर से चूसा और अपना नरम और गर्म मुंह उस मोटे, काले और गर्म लौड़े पर और ज्यादा चढ़ा दिया और गालों को जोर से अंदर खींच कर मुंह में वैक्यूम बना कर जोर से चूसा।

मैंने देखा कि मेरी मस्त गर्म बीवी के मुंह में आदित्य का लौड़ा लगभग 7 इंच अंदर था और प्रिया की नाक उसकी झांटों में घुस रही थी।

मेरी बीवी की चुदाई की यह कामुकता भारी चोदन कहानी जारी रहेगी.
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कहानी का अगला भाग : बीवी की चुत चुदाई मेरे दोस्त से-3

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