बीवी को उसके बॉस के कमरे में छोड़ा चुदाई के लिए

(Biwi Ko Uske Boss Ke Room Me Chhoda Chudai Ke Liye)

मेरी चालू बीवी की इंडियन सेक्स कहानी के पिछले भाग
मेरी बीवी गैर मर्द की बांहों में
में आपने जाना था कि मेरी बीवी अपने बॉस के साथ पूरी रात कमरे में चुदवाती रही.
अब आगे..

सुबह मेरी नींद सात बजे के आस पास खुल गई. कामिनी उसी बेबी डॉल ड्रेस में सो रही थी. उसको नहीं मालूम था कि रात में उसकी चुदाई मैंने देख ली है. उसको मुझे सोता देख कर ऐसा लग रहा था. मैंने सोने का कोशिश की और नींद आ गई.

करीब नौ बजे कामिनी ने मुझे जगाया और बोली- आज ऑफिस नहीं जाना क्या?
मैंने कहा- हां जाना है.. रात में तुम्हारे बॉस कब गए थे?
वो बोली- विवेक?
मैं बोला- अरे वो बॉस से विवक हो गया?
वो बोली- ज्यादा दिमाग मत लगाया करो.. ऑफिस जाओ.

शाम को कामिनी टाइम पर घर आ गई. मैं समझ नहीं पाया. तीन चार दिन बीत गए, वो रोज टाइम पर आने लगी. मैं समझ नहीं पा रहा था कि आखिर माजरा क्या है. फिर मुझे जल्दी ही समझ आ गया कि विवेक आउट ऑफ़ कंट्री गया है.

शुक्रवार को मैंने देखा कि कामिनी बहुत बन ठन रही है, उसने डीप कट वाला टॉप पहना और स्किन टाइट जीन्स पहनी हुई थी. उसने डार्क लिपस्टिक लगाई हुई थी. इस मेकअप में उसकी कामुक फिगर और कामुक लग रही थी.

तभी एक कार बाहर आकर रुकी.. और कामिनी के मोबाइल पर फ़ोन आया.

कामिनी मुझसे बोली- मेरी कम्पनी की कार आ गई है, मैं जा रही हूँ.
मैं बोला- कंपनी की गाड़ी बुलाई थी क्या?
‘अब से ये कार ही लेने आएगी, विवेक बाहर गए थे, वो आ गए हैं.’
मैं बोला- मैं छोड़ देता हूँ.
वो बोली- तुम अपनी फटफटिया से जाओ.. मेरा मेकअप ख़राब हो जाएगा.

मैं शाम को ऑफिस से निकलने के बाद सीधा कामिनी के ऑफिस गया और अपनी बाइक खड़ी करके ऑफिस के रिसेप्शन पे गया. आज उधर कोई दूसरी दो लड़कियां बैठी थीं. मेरा दिमाग ठनका कि कामिनी कहां चली गई.

मैंने उनमें से एक बंदी से पूछा- कामिनी नहीं है ऑफिस में?
वो बोली- सर उनका प्रमोशन हो गया है, वो तो अब विवेक सर की पर्सनल सेक्रेटरी हो गई हैं. वो उनके केबिन के पास वाले केबिन में बैठती हैं.
मैं चुपचाप उसको सुन रहा था.
तभी वो मुझसे बोली- आप कौन है?

मैंने उसको कुछ नहीं बताया और सीधा घर आ गया. मुझको मालूम था कि कामिनी विवेक की कार से ही आएगी. मैं घर पहुंचा ही था कि कामिनी का फ़ोन आ गया.

‘आज फ्राइडे है कल छुट्टी है.. मुझको विवेक के साथ बहुत जरूरी मीटिंग में जाना है, मुझको देर हो जाएगी. तुम खाना खा लेना खाना और खुशी को मम्मी के यहां छोड़ देना.

हमारी बेटी का नाम ख़ुशी है, उसको मम्मी मतलब मेरी सास के यहां छोड़ देने की बात कही गई थी.

मैं बोला- मैं अपने दोस्त के यहाँ जा रहा हूँ.
वो बोली- जहां जाना हो जाओ.

मैं साढ़े नौ बजे घर लौटा तो विवेक की कार बाहर खड़ी थी. मैंने कॉल बेल बजाई तो विवेक ने दरवाजा खोला. उसके हाथ में दारू का गिलास था.

वो बोला- आओ राहुल कैसे हो?
मैं बोला- ठीक हूँ.
तभी कामिनी की अन्दर से आवाज आई- कौन है स्वीटी?
विवेक ने कुछ नहीं कहा.

मैं ड्राइंग रूम में आया, कामिनी के हाथ में गिलास था और वो स्लीवलेस घुटनों तक की नाईटी पहने थी.
विवेक बोला- एक आध पैग लोगे?
मैंने कहा- नहीं आप लो.
कामिनी बोली- लेते हो तो ले लो न.. नाटक क्यों कर रहे हो?
मैं बोला- तुम तो कभी साल में एकाध बार पीती हो.
वो बोली- विवेक राहुल का ड्रिंक बना दो यार.. इसका दिमाग ठीक हो जाएगा.
मैंने कहा- नहीं पीना.

विवेक ने ड्रिंक बना दिया और बोला- पी ले यार, कामिनी बोल रही है न.
मैंने कहा- जो ये बोलेगी तो पीना पड़ेगा?
विवेक बोला- जो कहती है कर लिया कर.. अभी बता दूंगा क्यों करना पड़ेगा.

वो कामिनी के बगल में बैठ कर दारू पीने लगा. कामिनी उससे थोड़ी दूर होने की कोशिश करने लगी. उसने थोड़ी देर में कामिनी को एक हाथ से अपने बगल में खींच लिया.

कामिनी बोली- अरे यार विवेक, क्या कर रहे हो?
वो बोला- तुमको तो मालूम है.. मैं पांच दिन बाद आया हूँ और तुम्हारे साथ टाइम नहीं बिताया इसलिये यहाँ आ गया. मेरी जान तुम्हारे बिना रहा नहीं जाता.

कामिनी बोली- विवेक, चलो डिनर करते हैं.
वो बोला- कर लेंगे यार..
कामिनी बोली- चलो न.
वो बेशरम होते हुए मेरी तरफ देख कर बोला- अरे इससे क्यों परेशान हो.
वो बोली- तुम भी न..

विवेक बोला- यार तुम्हारे एलईडी में पेन ड्राइव लग जाती है?
वो बोली- हां क्या दिखाओगे?
विवेक बोला- अरे छोटी सी एक डाक्यूमेंट्री है.
वो बोली- छोड़ो न.
वो बोला- नहीं..

फिर उसने टीवी में स्लॉट ढूढ कर पेन ड्राइव लगा दी और उसको वीडियो पर लगा कर प्ले कर दिया.

उसको देखते ही मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई. वो वही वीडियो क्लिपिंग थी, जिसमे मुझको दो महीने पहले दो गुंडों ने सुनसान जगह ले जाकर मेरी पिटाई लगा कर लंड चुसाया था.
वो कामिनी को दिखा कर बोला- देखो मेरी जान तुम्हारा पति देखो इन मुस्टंडों का लंड चूस रहा है.
ये कह कर वो जोर से हंसने लगा.

मैं एकदम से बोला- ये जबरदस्ती कराया था.
कामिनी बोली कि कोई जबरदस्ती करोगे तो तुम उनका लंड चूसोगे.. शर्म नहीं आती, बेशरम कहीं के..!
फिर विवेक बिल्कुल मेरे पास आकर बोला- नेट पे डाल दूँ क्या.. या तेरे ऑफिस में बता दूँ?

मैं चुपचाप बैठ गया.

फिर वो कामिनी के बिल्कुल पास चला गया और उसको एकदम अपने से चिपका कर बोला- तो मेरी जान ये तो तुम्हारे पति लायक है नहीं, पर जरूरतें भी तो पूरी करनी पड़ती हैं.
वो कामिनी को मेरे सामने किस करने लगा.
कामिनी बोली- छोड़ो यार प्लीज..
विवेक बोला- ठीक है.. मैं जा रहा हूँ.

कामिनी एकदम से बोली- तुम भी न बुरा क्यों मान गए?
वो बोला- हां मान गया और जब तक तुम इस चूतिये को मुँह पर नहीं बोलोगी कि ये तुम्हारे साथ सोने लायक नहीं है, मैं तब तक नहीं रुकूंगा.
कामिनी बोली- इसमें तुम्हारे बोलने से क्या.. मैं राहुल को खुद ही बोल देती हूँ. आज इसकी जो हरकत मैंने देखी है.. वो तो मैं इससे कहने वाली ही थी.
वो मेरी पास आकर बोली- राहुल तुम मेरे साथ सोने लायक नहीं हो.

विवेक ने कामिनी को चिपका कर अपने होंठों से उसके होंठों को चूसने लगा और डीप स्मूच करने लगा; लम्बा सा स्मूच करने के बाद विवेक बोला- पूरी बात नहीं बोली.
कामिनी बोली- बोल तो दी.
वो बोला कि ये बोलो कि राहुल अब तुम मेरे साथ सोने लायक नहीं हो, इसलिए मैं आज रात को विवेक साथ सोऊंगी.

कामिनी बोली- तुम भी न विवेक.. खाना खाओ और घर जाओ.
विवेक ने कामिनी को गोद में उठा लिया और बोला- जल्दी बोलो इसको.
वो बोली- छोड़ो न..
विवेक बोला- जब तक नहीं बोलोगी उतारूंगा नहीं.
कामिनी बोली- ठीक है बोल दूंगी, पर यार इसका वीडियो डिलीट कर दोगे.
वो बोला- ठीक है.

कामिनी ने वही दोहरा दिया, जो विवेक ने कहा था कि मैं विवेक के साथ सोऊंगी.
मैं उठने लगा, वो बोला- दारू तो पी ले यार.. खाना खा ले.
मैंने किसी तरह ड्रिंक खत्म की, इतनी देर में कामिनी खाना ले आई.

मैं बोला- मुझे भूख नहीं है.
वो बोला- भाई खा ले.. खाने के बाद सोना, ये कहां न कह रही है.
मैंने किसी तरह एक रोटी खाई और बेडरूम में आ गया.

थोड़ी देर में कामिनी अन्दर आई और बोली- विवेक बुला रहा है.
मैंने कहा- अब क्या काम है?
वो बोली- सुन लो.

मैं गया तो वो बोला- एक काम कर दे, फिर जाना.
मैंने कहा- क्या काम है?
वो बोला- एक पैकेट गाड़ी में रखा है, जरा ले आ.. फिर चले जाना.
उसने मुझे कार की चाभी दे दी और बोला- ग्लोव बॉक्स में है.
मैं गया और लाकर उसको दे दिया.

वो बोला- खोल इसको.
मैंने कहा- क्या है इसमें?
वो बोला- खोलेगा तो मालूम चलेगा.
मैंने खोला, उसमें गोल्डन कलर की डोरी वाली ब्रा पेंटी थी और उसके ऊपर एक गोल्डन ट्रांसपेरेंट ओवर कोट था.

मैंने कहा- अब जाऊं?
वो बोला- जा मत.. सुन ले, तुझे मालूम है कि क्या करना है?
मैंने कहा- क्या?
बोला- करेगा क्या साले.. तू खुद पहनाएगा नहीं क्या.. कामिनी जा रही है, इसको ये पहना और हाथ पकड़ कर लेकर आ.

कामिनी बोली- मुझको नहीं पहननी इससे.. मैं खुद पहन लूँगी.
वो बोला- जा तू… मेरी जान को हम अपने हाथ से पहना देंगे. कामिनी मेरी जान तुम्हारी पहले उतारनी भी तो हमको ही है.
कामिनी मुझसे बोली- तुम जाओ.

विवेक ने बिना मेरे कमरे से गए ही कामिनी को चिपका लिया और उसके घुटनों तक वाली नाईटी को एक झटके में ही उतार दिया. फिर उसको घुमा कर ब्रा का हुक खोल दिया. कामिनी अब टॉपलैस हो गई थी. विवेक ने उसको गोल्डन ब्रा पहनाई और पेंटी को देख कर बोला कि अब ये भी पहनोगी.
कामिनी बोली- मैं एक मिनट में आती हूँ.

वो बाथरूम में चली गई और थोड़ी देर में वो गोल्डन ट्रांसपेरेंट ओवर कोट और गोल्डन ब्रा पैंटी पहन कर आ गई.
विवेक बोला- क़यामत लग रही हो मेरी जान.
फिर मेरी तरफ देख कर विवेक बोला- जाना है या यहीं बैठा रहना है.
मैं उधर ही रुका रहा.

विवेक बोला- भाई हमको तो नींद आ रही है.. कहां सोना है.
कामिनी बोली- तुम ऊपर बेडरूम में जाकर सो जाओ.
वो बोला- किसके साथ?
मेरी बीवी बोली- अरे आती हूँ न..
वो बेशर्मी से बोला- मतलब साथ में सोने आती हो न?
कामिनी चुप रही.

वो बोला- ऐसे नहीं.. मैं कमरे में जा रहा हूँ.. तुमको राहुल मेरे कमरे में छोड़ देगा.
मेरी बीवी बोली- बस करो न यार.

वो मेरी तरफ देख कर बोला- मैडम को छोड़ देगा न?
मैं कुछ नहीं बोला.
वो बोला- हां बोलेगा?
मैं फिर कुछ नहीं बोला तो वो बोला- कामिनी फ़ोन दो जरा मेरा!
मैंने कहा- हां, मैं छोड़ दूंगा.
विवेक बोला- गुड.. और बॉडी लोशन भी साथ में रख देना.
मैंने ‘हां’ में सर हिला दिया.

विवेक ऊपर वाले बेडरूम में चला गया. थोड़ी देर मैं वहीं खड़ा रहा.

मैंने कामिनी से कहा- ये सब तुम्हारी वजह से हो रहा है.
वो बोली- लंड तुम चूसो और मेरी वजह से हो रहा है.
मैंने गुस्से से उससे कहा- तुम पहले से चुदवा रही हो.
वो बोली- अच्छा मैं पहले से चुद रही हूँ न.. ठीक है फिर जा रही हूँ. अच्छा हुआ तुमने अपना रंग दिखा दिया. मैं सोच रही थी तुम्हारा वीडियो डिलीट करवा दूंगी, पर तुम न जाओ.. जा कर सो जाओ.

मैं बोला- हां और तुम जाकर चुदवाओ विवेक से.
वो बोली- हां जाऊँगी.. एक नहीं सौ बार जाउंगी.. और रात में कुछ भी नाटक किया न.. तो सबसे पहले तुम्हारा लंड चूसने वाला वीडियो मैं ही पोस्ट करूंगी.
मैं बोला- जाओ यार बस..
बोली- नहीं अब तुम ही चलोगे छोड़ने.
मैं बोला- मैं नहीं जा रहा.
वो बोली- चल रहे हो या विवेक को आवाज दूँ?
मैं बेबस होकर बोला- चलो.

मैं कामिनी को फर्स्ट फ्लोर के बेडरूम में छोड़ने गया. दरवाजा खुला था.
विवेक बोला- ऐसे नहीं.. मेरे हाथ में कामिनी का हाथ दो और बोलो कि मेरी कामिनी को खुश कर दीजिए.

मुझको बहुत गुस्सा आया, पर मैंने मन में सोचा ज्यादा दिमाग लगाना बेकार है. मैंने विवेक के हाथ में कामिनी का हाथ दिया और बोला- मेरी कामिनी को खुश कर दीजिए.
वो बोला- अब तो कामिनी मेरी हो गई.
वो जोर से हंसने लगा और कामिनी को खींच कर बेड पर गिरा कर उस पर चढ़ गया.

मैं कमरे से बाहर आ गया.
आज मेरी कामिनी मेरे सामने बेशर्मों की तरह चुदने अपने यार के कमरे में गई थी और मैं ही उसको छोड़ कर आया था.

दोस्तो, गैर मर्द से मेरी बीवी की चुदाई की कहानी कैसी लग रही है? मुझे मेल कीजिएगा.
राहुल
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कहानी जारी रहेगी.
कहानी का अगला भाग : मेरे घर में मेरी चालू बीवी को उसके बॉस ने चोदा