मेरी चालू बीवी-5

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सलोनी- ओके बेबी… अब पीछे से तो हट… जब देखो… कहीं न कहीं घुसाता रहेगा… अब इसको बाज़ार में जरा संभाल कर रखना… ओके?
पारस- भाभी यही तो कंट्रोल में नहीं रहता, अब तो खुला रास्ता है… बस स्कर्ट उठाई और अंदर… हाहा…हाहा…
सलोनी- अच्छा जी… तो यह तेरा प्लान है… मारूंगी… हाँ… देख ऐसा कुछ बाज़ार में मत करना… कभी मुझे सबके सामने रुसवा कर दे?
पारस- अरे नहीं भाभी… आप तो मेरी सबसे प्यारी भाभी हो…
सलोनी- अच्छा चल अब जल्दी कर…
ओके…

मेरे पाठक दोस्तो, मैं खुश था… रिकॉर्डर सलोनी के साथ था मगर अगले 3 घंटे सही रिकॉर्ड नहीं हुए। यहीं आकर यह आधुनिक मशीनें भी फ़ेल हो जाती हैं।
इतनी मिक्स आवाजें थी कि कुछ सही से समझ नहीं आ रहा था।
मगर उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि मुझे काफी कुछ पता चल गया।
घर से निकलने के बाद पारस के बाइक स्टार्ट करने की आवाज।
जब वो आता था तो मेरी बाइक वो ही यूज़ करता था…

पारस- आओ बेठो मेरी जान मेरी प्रेमिका की तरह
सलोनी- अच्छा जी, अपने भैया के सामने बोलना.. हे हे
पारस- ओह क्या भाभी ओल्ड फैशन, दोनों और पैर करके चिपक कर बैठो ना।
सलोनी- हाँ हाँ मुझे पता है पर पहले कालोनी से बाहर लेकर चल फिर वैसे भी बैठ जाऊँगी। और आज कैसे यार पैर खोलकर बैठूंगी तो स्कर्ट उड़ेगी, फिर तो सब क्या क्या देखेंगे।
पारस- क्या देखेंगे हो हो…
सलोनी- मारूंगी कमीने, तेरे कहने से ही मैंने कच्छी नहीं पहनी, और अब सबको दिखाना भी चाहता है।
पारस- वही तो मेरी जान देखना आज बाज़ार में आग लगने वाली है। और आप तो बस मजे लो।
सलोनी- हाँ हाँ मुझे पता है मजे कौन ले रहा है।


सलोनी- अच्छा अब रोक वैसे ही बैठती हूँ।

पारस- बिल्कुल चिपक जाओ जान,
सलोनी- और कितना चिपकू, चूत में तेरे जीन्स का कपड़ा तक चुभ रहा है।
पारस- अह… हा हा… हाहाहाहा…

पारस- उधर देखो भाभी, वो कैसे देख रहा है।
सलोनी- हट मैं नहीं देखती… देखने दे उसको, जो देख रहा है।
पारस- बहुत देर से पीछे चल रहा है।
सलोनी- मुझे पता है मेरे चूतड़ देखकर पहले इशारा भी कर रहा था।
पारस- अच्छा कौन सा?
सलोनी- फ़क यानि चुदाई का, और कौन सा, मैं कह ही रही थी तू मुझे रुसवा करवाएगा। इतनी तेज चला रहा है स्कर्ट पूरी ऊपर हो जा रही है… सोच, उसको कितने मजे आ रहे होंगे ! थोड़ी धीरे कर ना !
पारस- लो भाभी…

चटअआआ ताआआ अक्क्क्क
सलोनी- आआआ… आआअह्ह ह्हा… आआअ…
पारस- क्या हुआ भाभी…
सलोनी- हरामी, साला तू पकड़ न उसको, मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मार कर भाग गया। उनन्न पूरे लाल हो गए होंगे।
पारस- हाहाहाहा… ह्हह्हाहह… देखा इसलिए मैं तेज चला रहा था… हा हाहाहा…
सलोनी- अब तू हंसा तो पिटेगा।
पारस- लाओ दिखाओ… भाभी, मैं सहला देता हूँ।
सलोनी- रहने दे, तू बस अब चला…


सलोनी- चल अब यहीं रोक दे…


पारस- क्या हुआ…?
सलोनी- देख उसको कैसे घूर रहा है, इसने मुझे उतरते हुए देख लिया था। जब मेरा पैर ऊपर था तो कमीना चूत में ही घुसा था।
पारस- हा हा… क्या बात है भाभी… तुम्हारे मुँह से ऐसी बातें सुन कर मजा आ गया।
सलोनी- हाँ हाँ… बहुत सुन ली मैंने तेरी… अब सबसे पहले तो कच्छी खरीदकर वहीं पहनती हूँ। बहुत देख ली सबने अब बस।
पारस- नो भाभी, यह चीटिंग है आज तो आप ऐसे ही रहोगी, और डरती क्यों हो मैं हूँ ना!
सलोनी- हाँ हाँ… मुझे पता है तू कितना है आज मेरा चोदन करा कर रहेगा। अगर इनके किसी दोस्त ने देख लिया न तो सब हो जाएगा।

पारस- अरे, कुछ नहीं होगा भाभी… देखना… वो भी आपका दीवाना हो जायेगा…
सलोनी- हाँ हाँ… तू तो बहुत कुछ जानता है… चल अब…
सलोनी- पारस आ… उस दुकान में चल।
पारस- नहीं भाभी… ये वाली ज्यादा सही है… मैंने जो आपको गिफ्ट दी थीं वो यहीं से ली थीं।
सलोनी- अरे इसमें तो केवल लड़के ही लड़के हैं, क्या इन सबके सामने मैं ब्रा, चड्डी लूंगी।
पारस- क्या भाभी, इतनी बोल्ड तो हो आप ! और अब ये दकियानूसी बातें? अरे खुद ही तो ज़िंदगी का मजा लेने की बात करती हो। अब देखो इनके पास से लेने में आपको बेस्ट चीज़ मिलेगी, और बहुत सही रेट में, आपको मजा अलग आएगा, आज देख लेना आप !

सलोनी- ओह, अच्छा मेरे राजा, ठीक है चल फिर मगर मेरी स्कर्ट के साथ कुछ शरारत मत करना।
पारस- अरे स्कर्ट के साथ कौन कमबख्त कुछ करना चाहता है… वही सुसरी मेरे काम की चीज पर पर्दा डाले है… हा हा हा हा…
सलोनी- हे हे हे हे… ओह… यहाँ तो और भी लड़कियाँ हैं… मैं तो समझ रही थी कि यहाँ कौन आता होगा।
पारस- और वो देखो भाभी… कैसे चेक भी कर रही है।
सलोनी- हाँ हाँ… मगर जीन्स के ऊपर ना… मुझसे मत कहना चेक करने को हा हा…
पारस- वाओ भाभी… मजा आ जायेगा जब तुम चेक करोगी तो… तुम्हारी नंगी चूत और चूतड़ देख ये सब तो… हाय मैं मर गया…
सलोनी- छिः… चल अब…
एक लड़का सेलमैन- क्या दिखाऊँ मैडमजी?
सलोनी- कुछ मॉडर्न अंडरगार्मेन्ट्स…

सलोनी- हाँ वो वाला…
लड़का- मैडमजी, साइज़ क्या है आपका?
पारस- कैसे सेलसमैन हो यार तुम, तुम लोगों को तो देखते ही पता चल जाना चाहिए।
लड़का- वूऊऊ हाँ सहाब, ऊपर का तो देख दिया है ना 36c है, है ना मेमसाब? मगर चड्डी का तो स्कर्ट से पता नहीं चलता, हाँ मैडम स्लैक्स या जीन्स में होतीं तो मैं बता देता। वैसे भी आजकल चड्डी का तो कुछ पता ही नहीं, कई तरह की हैं, सब जगह का नाप पता हो तो बेस्ट मिल पाती है।
पारस- सब जगह मतलब…

लड़का- मतलब साहब पहले केवल हिप और कमर के नाप से ही ली जाती थी। मगर अब तो जांघों की गोलाई, कमर से नीचे तक की लम्बाई और अगर आगे वाली की सही माप पता हो तो आप अपने लिए बेस्ट चड्डी ले सकते हैं।
पारस- आगे वाली से क्या मतलब है तुम्हारा… क्या चूत का भी नाप होता है?
लड़का- क्या सहाब आप भी… दीदी के सामने कैसा नाम बोलते हो।
पारस- अरे इसमें शरमा क्यों रहा है? तू कुछ और बोलता है क्या? अब चूत को चूत ही तो कहेंगे, उसका क्या नाप होता है…
लड़का- अरे सहाब, अब तो कई तरह को टोंग और स्टेप चड्डी आ गईं हैं ना… उसके लिए वोव… वोव्व्… व् वो चूत का सही नाप पता हो तो ही बस्ट मिलती है…
पारस- हा हा हा हा… कितना शरमा रहा है चूत कहने में, तेरा मतलब है उसकी भी लम्बाई, चौड़ाई। यार हमारी बीवी की तो बहुत छोटी सी है… हा हा हा हा…
धप्पप…

पारस- उफ्फ्फ्फ… क्या करती हो जान? सबके सामने मारती क्यों हो…?
लड़का- हा हा हा… ह… सहाब आप बहुत मजाकिया हो… मजा आ गया आपसे मिलकर…
लड़का- वैसे मेमसाब नाप सही हो तो ब्रा, चड्डी ऐसी मिलेंगी कि उनको पहनकर ऐसा लगेगा कि वो आपके शरीर का ही एक भाग हों।
सलोनी- क्या बात है भैया, आपने तो बहुत अच्छी बातें बताईं। हम तो बिना कुछ सोचे जल्दी से ही ये कपड़े ले लेते थे।
लड़का- यही तो मैडम जी, जो कपड़ा आपके अंगों से सबसे ज्यादा पास और सबसे ज्यादा समय के लिए रहता है। उसी को लेने में लापरवाही कभी नहीं करना चाहिए। वो तो बेस्ट होना चाहिए।
पारस- तुम ठीक कहते हो भाई, अब तुम अच्छे से नाप लेकर, मेरी बीवी के लिए बेस्ट ही 8-10 सेट दो। मैं चाहता हूँ कि मेरी बीवी बेस्ट दिखे।

सलोनी- भैया, अभी तो माप है नहीं, हम ऐसा करते हैं कल घर से…
लड़का- मेमसाब आइये, आप यहाँ नाप दे दीजिये।
सलोनी- क्या कह रहा है? पारस तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे?
पारस- ठीक तो कह रहा है, दे दो पैन्टी का नाप…
सलोनी- तू क्या कर रहा है पगले…अब क्या इसके सामने मुझे नंगी दिखायेगा…

पारस- कुछ नहीं होगा भाभी, जरा सोचो, आपकी नंगी चूत देख उसका क्या हाल होगा… और जब उसकी उँगलियाँ आपकी चूत पर चलेंगी तो मजा आ जायगा…
सलोनी- तू तो पागल है… मैं नहीं कराऊँगी ये सब… मैं जा रही हूँ…
पारस- ओह रुको तो भाभी… अच्छा मैं ले लूंगा नाप अब तो सही है…
पारस- नॉट बैड, लाओ बेटा मुझे फीता दे दो, हमारी जान कहती है कि आप लो, तुम मुझे बता देना मैं नापकर तुमको बता दूंगा।
लड़का- जैसा आप कहें साहब।
पारस- गुड यार, तुम्हारा फीता तो बहुत सॉफ्ट है।

लड़का- हाँ साहब ये इतनी चिकनी बॉडी से लगता है ना, तो चुभना नहीं चाहिए। इसलिए रेशमी फीता ही रखते हैं।
इसके अलावा प्लास्टिक वाला बॉडी पर खरोंच के निशान बना देता है, फिर आपको तो पता है साहब, लड़कियों के बदन में कितने छोटे-छोटे मोड़ होते हैं, वहाँ कोई और फीता तो सही से माप दे ही नहीं पाता। इसलिए ये वाला बिल्कुल सही नाप बताता है।
पारस- वो तो सही है, पर इसको कैसे नापना है।
लड़का- बताता हूँ साहब। इसको ऐसे पकड़कर यहाँ से नापना… और ये वाले नंबर मुझे बताना… यह सेन्टीमीटर में हैं।
पारस- ओके… अब बताओ चड्डी का नाप कैसे लूँ।

सलोनी- नईईईईई… मुझे मत छूऊऊऊ, तुम बस वहाँ से बताओ और उस तरफ मुँह करके खड़े रहो। मैं तुम्हारे सामने नाप नहीं दे सकती।
लड़का- ओह्ह्ह… वूऊऊओ… ठीक है मेमसाब… पररर… मैं तो… सोर्रीइइ…
पारस- यार मेरी बीवी बहुत शर्मीली है… हा हा हाहा… चल तू मुझे बता मैं तुझे सही नाप बता देता हूँ…
लड़का- साहब पहले कमर का सही नाप बताओ, वहाँ से जहाँ चड्डी पहनते हैं।
पारस- यार वो कहाँ से…
लड़का- साहब पहले आप मैडम की टुंडी से सुसु वाली जगह पर जो दाना होता है ना वहाँ तक का नाप बताओ।
पारस- यार यह टुंडी क्या…

लड़का- वो पेट पर जो छेद होता है ना साहब…
सलोनी- नाभि कहते है उसको…
लड़का- मैडम जी, हम तो टुंडी ही कहते हैं।
पारस – हा हा हाहा… मजा आ गया यार टुंडी… और ये क्या सुसु सुसु लगा रखी है। यहाँ कोई मूत कर रहा है क्या, दोस्त बिना शरमाये चूत बोलो, हमारी जान चूत ही समझती है…
सलोनी- पा…र…र…स्स्स… कम बोलो तुम…
पारस- ओके मेरी प्यारी जानेमन, अच्छा अब जरा स्कर्ट को उठाकर ठीक से पकड़ो, पेट से भी ऊपर तक, हाहा… तुम्हारी टुंडी दिखनी चाहिए।हाँ अब ठीक है…

पारस- मास्टरजी ये रही टुंडी, यहाँ से पकड़ा और ये रहा चूत का दाना, तुम्हारा मतलब भग्नासा से ही है न?
लड़का- हाँ साहब… आप जो कहते हों…वही जो मक्के की दाने की तरह ऊपर को उठा होता है…
पारस- यार यह तो नंबर 17 और 18 के बीच आ रहा है?
लड़का- ठीक है साहब साढ़े सतरह सेमी है, साहब अब आप टुंडी से 3 इंच, 4 इंच और 5 इंच नीचे पर कमर का नाप ले लीजिये…
पारस- क्या बकवास है यार इतने सारे क्यूँ…

लड़का- साहब अलग अलग हाइट की चड्डी आती हैं। मैडम जी टुंडी से जितना नीचे पहनना चाहेंगी, मैं वैसी ही सेट करा दूंगा…
पारस- ओह ये तो बहुत टफ है यार… ये टुंडी से 3 इंच, और अब इसके चारों और घूमकर कमर का नाप…
लड़का- साहब पीछे का ध्यान रखना, फीता चूतड़ों पर ऊपर नीचे न हो, फीता सीधा करके कसकर पकड़ना, कमर के चारों ओर कहीं से भी इधर उधर ना हो… वरना सही नाप नहीं आएगा…
पारस- ओह… ये तो बहुत मुश्किल है, मैं सब ओर कैसे देखूँ। यार तुम खुद ही देखकर बताओ…
सलोनी- नहीं यह नहीं होगा, मैं नहीं देती नाप… तुम पागल हो क्या… मैंने कुछ पहना भी नहीं है।
पारस- अरे यार स्कर्ट तो पकड़ो… फीता हिल जायेगा… यार क्या फर्क पड़ता है… ये तो रोज सभी लड़कियों का ऐसे ही नाप लेते होंगे ना…

लड़का- हाँ साहब, पाता नहीं मैडम जी क्यूँ शरमा रहीं हैं।
पारस- जानू प्लीज स्कर्ट ऊपर उठाओ… नाप तो मैं ही लूंगा… पर यह सिर्फ बतायेगा… अच्छा ऐसा करो… तुम अपनी आँखे बंद कर लो ये सिर्फ बतायेगा।
सलोनी- नहीईईईइ… बिल्कुल नहीं… मैं इसके सामने नंगी नहीं होऊँगी।
पारस- अरे मेरी जान, नंगी कौन कर रहा है? ये सब तो तुम्हारे अच्छे फिटिंग वाले कपड़ो के लिए ही है, मेरी अच्छी जानेमन… बस दो मिनट की बात है और मैं खुद ले रहा हूँ ना…
सलोनी- नैइइइइइ इइइइइइ…
पारस- प्लीज जान बस ऐसे ही, मेरी प्यारी जानेमन… हाँ बस कुछ ही देर… हाँ ऐसे पकड़ो बस स्स्स्स… हाँ भैया… देखना नहीं इधर बस बताओ अब कैसे लेना है नाप… देखो और बाताओ ठीक है ना फीता…

लड़का- हाँ साहब बस… यहाँ से कसकर ये हो गया, अब देखिये कितना आया… ये इंच में देखना…
पारस- हाँ ये यहाँ तो पूरा 26 आ रहा है…
लड़का- हाँ साहब बहुत अच्छा नाप है मैडम जी का…
पारस- अब अगला 4 इंच पर ना…
लड़का- हाँ साहब…
पारस- देखो ठीक है…
लड़का- हाँ साहब, और कसकर…
पारस- कोई ज्यादा अंतर नहीं साढ़े छब्बीस होगा।
लड़का- नहीं साहब ये 27 ही आएगा। फीता कुछ ज्यादा कस गया है…
पारस- ओके

लड़का- अब 5 इंच का और ले लीजिये साहब…
पारस- अरे हाँ ये साढ़े 30 या 31 आएगा, है ना। ये तो बहुत अंतर आ गया।
लड़का- हाँ साहब आजकल लड़कियाँ कमर से नीचे वाली जीन्स पहनती हैं, तो उनको चड्डी भी इतनी नीचे वाली चाहिए होती है। इसमें चूतड़ों के उठान आ जाते हैं, जिससे नाप में अंतर आ जाता है।
पारस- पर इसमें तो पीछे से चूतड़ों की दरार भी दिखती होगी यार…
लड़का- क्या साहब आप भी, यही तो फैशन है आजकल…
पारस- ओके…


पारस- अब क्या…
लड़का- साहब मैडम जी को टोंग भी अच्छा लगेगा…
सलोनी- हाँ जानू, टोंग तो मुझे चाहिए…
लड़का- साहब, मैडमजी की चूत का नाप बता दीजिये… हम बिल्कुल उसी नाप के कपड़े का टोंग बनवा देंगे…
सलोनी- क्याआआआ??
पारस- वो कैसे यार, यहाँ आ बता…
लड़का- साहब… ये यहाँ से यहाँ तक…
सलोनी- स्स्श्ह्ह्ह्ह्ह
लड़का- सोरीईईईई मेमसाहब, हाँ बस यहीं…
पारस- वाह यार… तुम्हारा काम तो बहुत मजेदार है।
लड़का- क्या साहब… बहुत मेहनत का काम है…
पारस- वो तो है यार देख मेरे कैसे पसीने छूट गए…
और तेरे भी जाने कहाँ कहाँ से, सब जगह से गीला हो गया तू तो…

सलोनी- बस अब तो हो गया ना
पारस- हाँ जानेमन हो गया… अब स्कर्ट तो नीचे कर लो, क्या ऐसे ही ऊपर पकड़े खड़े रहोगी… हा हा?
लड़का- हा हा… क्या साहब?
सलोनी- उउऊनन्न मारूंगी मैं अब तुमको.. चलें अब…?
पारस- अभी कहाँ जान, क्या ब्रा नहीं लेनी?
कहानी जारी रहेगी।

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