पंगा गैंग

प्रेषक : राहुल

मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार !

वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो !

दोस्तो, मेरा नाम राहुल, उम्र 20 साल है, देखने में मैं प्यारा सा हूँ मुझे मेरे एक दोस्त ने मुझे अन्तर्वासना डॉट कॉम साईट के बारे में बताया। मैंने यहाँ बहुत सी कहानियाँ पढ़ी, मुझे कुछ कहानियाँ बहुत अच्छी लगी।

दोस्तो, मेरे साथ कुछ दिन पहले एक हादसा हुआ था। अन्तर्वासना पर आने के बाद मुझे भी उस हादसे के बारे में बताने का ख्याल आया।

मेरी एक बहन है वो मुझसे दो साल बड़ी है, उसका नाम शालू है।

आप सब तो जानते ही हैं कि एक सेक्सी लड़की के भाई के लिए जिंदगी में कितनी मुश्किलें होती हैं, हमारी कालोनी के सारे लड़के मेरी बहन के पीछे पड़े थे, रोज़ मेरी बहन को छेड़ते थे।

तो उन लड़कों से बचने के लिए मैंने कुछ गुण्डों से दोस्ती कर ली। जब कोई मेरी बहन को छेड़ता तो मैं आपने दोस्तों को बता देता, वो उनकी पिटाई कर देते।

पर बहन को बचाने के चक्कर में मैं बुरी संगत में पड़ गया, मैं नशा करने लगा, बीयर, सिगरेट पीने लगा।

धीरे धीरे मेरी बहन की दोस्ती भी हम लोगों से हो गई, वो ही हमारे गैंग में आ गई। हमने अपनी गैंग का नाम भी रख लिया- पंगा गैंग !

मेरी बहन भी पूरी तरह बिगड़ गई, वो भी नशा करने लगी।

एक बार हम गोवा गए ऑफिस-टूर का बहाना बना कर !

रात को आठ बजे हम गोवा पहुँच गए, होटल में कमरा भी ले लिया। रात को हम सबने शराब पी, फिर हमने ताश खेला। हारने वाले को जीतने वाले की बात माननी पड़ेगी – यह शर्त थी।

पहली बारी में शालू हार गई, विजय ने शालू को कपड़े उतारने को कहा।

शर्त के अनुसार मेरी बहन को नंगा होना पड़ा। विजय दुबारा जीत गया तो उसने अनिल को नंगा करवा दिया।

धीरे-धीरे सब नंगे हो गए।

फिर विजय ने एक बार जीतने पर शालू से अपना लौड़ा चुसवाया।

शालू बिल्कुल ब्लू फिल्म की एक्ट्रेस की तरह विजय का लण्ड चूसने लगी। यह सब देख कर हम पागल हो गए, सब शालू को अपनी ओर खींचने लगे।

फिर विजय मेरी बहन की चूची दबाने लगा, में उनको रोक नहीं पाया क्योंकि मैं भी पूरे जोश में था, मैं भी अपना लण्ड सहलाने लगा।

कभी विजय शालू को उठा कर ले जाता, उसके मुँह में अपना लण्ड दे देता तो कभी कोई !

अनिल शालू को खींच कर बाथरूम में ले गया और वहाँ शालू की चूत मारने लगा।

विजय उनके पीछे चला गया।

फिर विजय मेरी बहन को बिस्तर पर ले गया, हम तीनों भी चले गए। अनिल ने शालू के हाथ में अपना लण्ड दिया और विजय ने शालू के मुँह में !

राजू चूत चाटने लगा, शालू पूरे जोश में आ गई।

फिर राजू ने अपना लण्ड शालू की चूत में घुसा दिया।

मैं यह सब देख कर मुठ मार रहा था।

शालू चिल्लाने लगी- मर गई ईई ! अह्ह्ह्ह ह्ह !ओह्ह आराम से ! हरामी ! फट जाएगी ! ओह्ह नाआ आ !

शालू की ऐसी आवाजें कमरे में गूंजने लगी- चोदो चोदो कुत्तो ! मुझे चोदो ! बहुत दिनों से प्यासी हूँ ! चोदो !

अनिल बोला- रण्डी, हम भी तुझे चोदना चाहते थे पर राहुल की वजह से हिम्मत नहीं हुई ! आज मौका मिला है, खूब चोदेंगे तुझे !

फिर अनिल ने अपना आठ इंच का लण्ड शालू की चूत में घुसा दिया। शालू जोर से चिल्लाई- अह्ह्ह ओह्ह्ह मर गई !

फिर उन तीनों ने पूरी रात मेरी बहन को चोदा, मैं भी मुठ मार कर सो गया।

सुबह होश में आये तो हम सब नंगे थे, शालू बाथरूम में रो रही थी।

राजू शालू को मना कर बाहर लाया।

हम सबने नशे में बहुत बड़ी गलती कर दी थी।

पर मेरे सारे दोस्त बोले- हम दोस्त हैं, दोस्तों में सब चलता हैं इसमें क्या परेशानी है?

फिर जब भी हमको मौका मिलता हम शालू को चोद लेते।

दोस्तो, आशा है आपको मेरा ताश का नंगा खेल पसंद आया होगा।

आप मेरे खेल की तारीफ में मुझे मेल कर सकते हैं, मुझे इंतज़ार रहेगा।

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