ससुर से मेरी पहली चुदाई

लेखिका: रानी

दोस्तों ये मेरी तीसरी स्टोरी है मेरी २ कहानियों का मेरे को काफ़ी अच्छा रिस्पोंस मिला है और अब मैं मेरी ये सत्यकथा रही हूं।

दोस्तों मेरी शादी छोटी एज मैं हो गयी थी और उस समय मैं १८ साल की ही थी मेरे को मेरी मां ने कहा था कि मैं मेरे ससुर, पति और नंद की इज़्ज़त करूं और उनकी सब बातें मानू। मेरा पति उस समय २१ साल का था और वो आर्मी में था। शादी के बाद ५ दिन साथ रह के वो ड्युटी पर चला गया और मैं मेरे ससुर और ननद के साथ ससुराल में रह गयी। मेरे को मेरा भाई लेने आया तो मेरे ससुर ने भेजने से मना कर दिया कहा “अगर रोशनी चली जायेगी तो मेरी देख-भाल कौन करेगा और फ़िर सरोज भी तो जाने वाली है ये दोनो ४-५ दिन साथ रहेंगी तो सरोज रोशनी को सारे काम और घर का बता देगी”। मेरा भाई चला गया और मैं मेरी ननद और ससुर के साथ ससुराल में रह गयी।

दोस्तों मेरे भाई के जाने के बाद मेरी ननद सरोज ने मेरे को पास बुलाया और मेरे को छेड़ने लगी। मैं भी उस को छेड़ने लगी। मेरा ससुर उस समय किसी के घर गया थे। सो हमे कोई डर नहीं था, सरोज जब मेरे को छेड़ रही थी तब मेरे को मजा आ रहा था और उस का हाथ मेरे चूचियों और गांड पर चल रहा था। मेरी सिसकिआं निकल रही थी और मैं आआआआआआ ईईईईइ आआआअ हहहहह्हाआ आआआ आआ ऊऊईईई ईईईईईई म्मममाआआ आआआअ कर रही थी मेरी सिसकी के साथ सरोज का हाथ मेरे चूचियों को जोर से दबाने लगा और मैं भी सरोज की चूचियां दबाने लगी। धीरे धीरे सरोज ने मेरे कपड़े उतार दिये और मेरा कच्चा और नंगा बदन देख के उस ने मेरी चूत और गांड मैं उंगलियां डाल दी

ऊऊऊईईईइ म्मम्माआआ आआआआ सरोज मेरी फ़ट गयीईईईई

“कोइ बात नहीं भाभी जब बाबूजी चोदेंगे तो नहीं फ़टेगी। “मैं समझी नहीं पर सरोज ने मेरे को छेड़ना शुरु रखा और मैं भी सरोज को छेड़ती रही मेरी नयी और सील बंद चूत ने पहला पानी छोड़ दिया। सरोज ने कहा “भाभी थोड़ी देर रुको कपड़े मत पहनना मैं १ बार बाहर जाती हूं, दरवाजा बाहर से बंद कर दूंगी तुम डरना नहीं”

वो घर से बाहर चली गयी और बाबू जी को ले आयी। मैं नंगी ही थी, पर सरोज ने मेरे को कपड़े नहीं पहनने दिये और बोली ” भाभी अब बाबूजी से चुदो काफ़ी मजा आयेगा। “मैने देखा कि बाबूजी ने अपने कपड़े उतार दिये और उनका ४ इंच का लंड खड़ा था। मैने पहले बार लंड देखा था और मेरी चूत मैं फ़िर से खुजली होने लगी। बाबू जी मेरे पास आये और मेरी चूचियां पीछे से पकड़ ली उनका लंड मेरी कमर पर गरम गरम लग रहा था। मेरे को मजा आया”। आअहाआआअ बाबू जीईईईइ मजा आ रहा है सरोज से भी ज्यादा। आआह्हह्ह ह्हाआआ आआआआअ

ऊऊईईई ईईइम्म्मा आआ ससस्ससीईई ईईइससस

ऊऊऊऊ ऊऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़ फ़फ़्फ़फ़ूऊऊऊ ऊऊऊ

ऊऊओस्सस्स ” बाबू जी का लंड और भी टाइट हो गया और मेरी चूत भी काफ़ी गीली हो गयी।

बाबूजी ने मेरे को सीधा किया और बेड पर गिरा दिया और मेरी दोनो टांगे उठा के मेरी चूत चूसी मेरी मस्त बहुत ज्यादा भर गयी और मैं जोर से सिसकने लगी” आआअह्हह्ह हह्हह्हह ऐईईईईई उफ़फ़्फ़ फ़फ़्फ़ स्सस्सीईई ईईई स्सससस्स सीईईईइ ब्बब्बब्बा आआअबूऊऊऊऊ जीईईईई मजाआआ आआआअ रहाआआ हैईईईइ “

बाबूजी “रोशनी तू देख सरोज मेरा लंड चूस रही है और अब तेरी चूत में मेरा लंड आराम से जायेगा” मैने देखा सरोज सच मुच बाबूजी का लंड चूस रही थी।

वो अलग हो गयी और बाबूजी ने मेरी दोनो टांगे उठा के मेरी चूत पर लंड का धक्का मारा। मेरी चूत फ़ट गयी

मैं चिल्लाई” माआआआर्रर्रर्रर्र गाआआआईईईईइ बाबूजी मेरी फ़ाआआअट गाआआआईईईई छोड़ो न प्लीज” पर बाबू जी माने नहीं और जोर जोर से १५-२० धक्के मेरी सील बंद चूत में मारे। फ़िर मेरे को दर्द कम हो गया और मजा आने लगा

आआह्ह हह्हहह ऊऊऊईई ईईइ स्सस्स्सी ईईईस्सस्स सीईईइसि करने लगी। ४-५ मिनट में बाबूजी का लंड हलका हो गया और मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया

इस तरह से बाबूजी ने मेरी चुदाई की दिन में और उसके बाद मेरे सामने ही सरोज को भी चोदा और उसको गालियां भी दी साली सरोज चुदवा चुदवा की चूत का चरस बना लिया देख तेरी भाभी की चूत कितनी मस्त है।

सरोज बोल रही थी बाबू जी येह भी तो आप ने ही किया है मेरी चूत को फ़ाड़ दिया और अब भाभी की भी फ़ाड़ दी लंडर।

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