मैने अपनी मौसी की लड़की को चोदा

गजेन्द्र

हेल्लो, मै इन्दोर के पास एक छोटे कस्बे में रहता हूँ

अब मैं अपनी कहानी लिखता हूं जो मेरे साल २ महीने पहले हुई थी।

मैं रेलवे कालोनी में रहता हूं। वहीं मेरे घर के पास मेरी मौसी का घर है। उनकी एक मस्त बेटी है जिसका नाम शालू है और उमर २७ की है। मैं उससे हमेशा से ही खुल के बात किया करता था और सोचता था कि कब मुझे उसको हाथ लगाने का मौका मिल जाये।

कहते हैं न “भगवान के घर देर है अंधेर नहीं”

वो दिन आ ही गया। एक दिन अचानक हमारे घर पे खबर आयी कि मेरा भी किसी क्रिस्टियन लड़की से शादी करने के लिये मेरे घर आयेगा। हम लोगो ने उस दिन पूरी तैयारी कर ली। शादी हुई और लंच का टाइम हो गया। क्युंकि उनको जल्दी भी जाना था इसलिये हम लोगो ने लंच दिन में ही कर लिया।

अब मेरी मौसी की लड़की भी उस दिन मेरे ही घर पे थी। उसने खाना खाया और उसके दादा के लिये खाने की थाली बनाकर ले गयी और मुझे भी साथ में चलने को कहा। मैं तो खुशी के मारे उछल पड़ा और उसके साथ चला गया। उसके दादा को कुछ न दिखाई देता था न ही कुछ सुनायी देता था। हमने उनको खाना दिया और हम दोनो अंदर चले गये। थोड़ी देर हमने इधर उधर की बातें की उसके बाद मैने धीरे से उससे पूछ लिया कि उसका कोई बोयफ़्रेंड है या नहीं। उसने कहा नहीं और वो शरमा गयी मैने कहा मेरी भी कोई गर्लफ़्रेंड नहीं है। फिर हम दोनो चुपचाप २ मिनट तक वैसे ही बैठे रहे। मैं सोच रहा था कि अब हिम्मत कर के उसको पकड़ ही लेना चाहिये। मैं ये बात कब से जानता था कि उसको भी कुछ चाहिये। मैं धीरे से उठा और उसके पीछे आ के खड़ा हो गया और धीरे से उसके गाल पे मैने अपनी उंगली घुमाई तो वो एक दम खड़ी हो गयी और कहने लगी कि ये क्या कर रहा है। मैने कहा कुछ नहीं मैं तुझे किस करना चाहता हूं और मैने हिम्मत कर के अपने होंठ उसके होंठ से चिपका दिये। इसका उसने कुछ विरोध नहीं किया।

फिर वो भी मेरा साथ देने लग गयी। मैने उसके सूट के उपर से उसके बूब्स पकड़ लिये और धीरे धीरे दबाने लग गया। वो मुंह से आआआआआआअह्हह्हह्हह्हह की आवाज़ निकाल रही थी। करीब ५ मिनट तक ऐसा ही चला उसके बाद मैने अपना एक हाथ उसके सलवार में डाल दिया और उसकी अंडरवेअर के अंदर हाथ डाल के उसकी चूत के अंदर उंगली की। उसने जोर से चीखा।

बाकी की स्टोरी पार्ट २ में सुनाउंगा थोड़ा सस्पेंस भी तो रहना चाहिये।

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