शरारती शायरी-1

उसके लिए हमने हर ख़ुशी को लौटने को कहा..

पर उसने ‘हमें ही लौटने को कहा’

हमने कहा

न करो हम पे ऐसा सितम

उसने कहा

हमारा पहले से ही है अपना बलम

***

शादी नहीं आसान

बस इतना समझ लीजिए

कि

फिनाइल की गोली है

और चूस कर खानी है..

***

वो हमें देख कर यों मुस्कुराए,

इश्क में हमारे भी कदम डगमगाए…

दिल की बात कहने ही वाले थे,

तभी उसके बच्चे मामा मामा चिल्लाए…!

***

जलते हुए दीपों की तरह जगमगाते रहना,

हमारी दुआ है तुम सदा मुस्कराते रहना !

कितनी भी चप्पलें पड़ें तुम्हें ऐ मेरे दोस्त,

जिंदगी भर तुम लड़कियाँ पटाते रहना..!!

***

दोस्ती को बड़े प्यार से निभाएँगे,

कोशिश रहेगी तुझे नहीं सतायेंगे,

कभी पसंद न आये मेरा साथ तो बता देना…

गिन भी न पाओगे

इतने ‘थप्पड़’ लगायेंगे !

***

देख कर लोगों को,

सोचा, इश्क हम भी कर लें !

फिर बेवफाओं को देख कर सोचा,

थोड़ा सब्र कर लें..

जान गवांते देख इस दलदल में कईयों को,

सोचा पतली गली से हम निकल लें…!!

***

आँखों से आंसुओं की जुदाई कर दो,

दिल से ग़मों की विदाई कर दो,

अगर दिल न लगे कहीं तो…

आ जाओ मेरे घर की पुताई कर दो..!!

(पेशकश केवल दिवाली तक है)

****

किसी ने मेरी नींद लूटी,

तो किसी ने मेरा चैन लूटी…

नींद मिले तो आप रख लेना,

पर चैन मिले तो प्लीज मुझे दे देना…

पूरे 20 तोले की है यार !!!

***

किसी का हाथ थाम कर छोड़ना नहीं,

वादा किसी से करो तो तोड़ना नहीं,

कोई अगर तोड़ दे दिल आपका,

तो उसको…

4-5 लात मारे बिना छोड़ना नहीं !!

***

क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहँदी,

हम भी अब सेहरा सजायेंगे,

तो क्या हुआ अगर वो हमारे नसीब में नहीं,

अब हम उसकी छोटी बहन पटायेंगे !

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