शरारती शायरी

(Shararati Shayari)

उसके लिए हमने हर ख़ुशी को लौटने को कहा..
पर उसने ‘हमें ही लौटने को कहा’
हमने कहा:
न करो हम पे ऐसा सितम
उसने कहा:
हमारा पहले से ही है अपना बलम!

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शादी नहीं आसान
बस इतना समझ लीजिए
कि
फिनाइल की गोली है
और चूस कर खानी है..

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वो हमें देख कर यों मुस्कुराए,
इश्क में हमारे भी कदम डगमगाए…
दिल की बात कहने ही वाले थे,
तभी उसके बच्चे मामा मामा चिल्लाए…!

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जलते हुए दीपों की तरह जगमगाते रहना,
हमारी दुआ है तुम सदा मुस्कराते रहना!
कितनी भी चप्पलें पड़ें तुम्हें ऐ मेरे दोस्त,
जिंदगी भर तुम लड़कियाँ पटाते रहना..!!

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दोस्ती को बड़े प्यार से निभाएँगे,
कोशिश रहेगी तुझे नहीं सतायेंगे,
कभी पसंद न आये मेरा साथ तो बता देना…
गिन भी न पाओगे
इतने ‘थप्पड़’ लगायेंगे!

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देख कर लोगों को,
सोचा, इश्क हम भी कर लें!
फिर बेवफाओं को देख कर सोचा,
थोड़ा सब्र कर लें..
जान गवांते देख इस दलदल में कईयों को,
सोचा पतली गली से हम निकल लें…!!

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आँखों से आंसुओं की जुदाई कर दो,
दिल से ग़मों की विदाई कर दो,
अगर दिल न लगे कहीं तो…
आ जाओ मेरे घर की पुताई कर दो..!!
(पेशकश केवल दिवाली तक है)

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किसी ने मेरी नींद लूटी,
तो किसी ने मेरा चैन लूटी…
नींद मिले तो आप रख लेना,
पर चैन मिले तो प्लीज मुझे दे देना…
पूरे 20 तोले की है यार!!!

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किसी का हाथ थाम कर छोड़ना नहीं,
वादा किसी से करो तो तोड़ना नहीं,
कोई अगर तोड़ दे दिल आपका,
तो उसको…
4-5 लात मारे बिना छोड़ना नहीं!!

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क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहँदी,
हम भी अब सेहरा सजायेंगे,
तो क्या हुआ अगर वो हमारे नसीब में नहीं,
अब हम उसकी छोटी बहन पटायेंगे!

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डर के आगे जीत है,
प्यार करने की अपनी ही एक रीत है,
प्यार का दूसरा नाम ही प्रीत है,
इसलिए ट्राई मारो हर लड़की पर
क्योंकि…
डर के आगे ही जीत है!

***

हम हंसते हैं आपको हंसाने के लिए,
हम जीते हैं आपकी एक झलक पाने के लिए,
आप बस एक बार रूठ कर तो देखना,
हम कुरकुरे दिलाएंगे आपको मनाने के लिए!

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कितने बेबस है इन्सान किस्मत के आगे,
हर सपना टूट जाता है हकीकत के आगे,
और जिसने कभी दुनिया में हाथ ना फैलाया हो,
वो भी हाथ फैलाता है…
गोलगप्पे वाले के आगे…!!!

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एक हारे हुए प्रेमी युगल का दर्द…
सारी ज़िन्दगी कर के बर्बाद,
इश्क की लज्ज़त चख ली है,
उसने भी बुर्का पहन लिया,
और हमने भी दाढ़ी रख ली है!

***

मोहब्बत करने वालों को इन्कार अच्छा नहीं लगता,
दुनिया वालों को इकरार अच्छा नहीं लगता,
जब तक लड़का-लड़की भाग न जाएँ,
इन बेवकूफों को प्यार सच्चा नहीं लगता…

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दे के ख़ुशी उसके सारे गम चुरा लो,
प्यार करो उसकी सहेली के सामने इतना कि
उसकी सहेली भी आ के कहे
प्लीज़, मुझे भी पटा लो…

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यूज करते हैं मेकअप का डब्बा रोज क्यों,
निकलते हैं बन संवर कर रोज क्यों
मम्मी तुम तो कहती, ईद तो कब की गई,
फिर पड़ोसन से गले मिलते हैं, पापा रोज क्यों?

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तुझे पाने की हसरत लिए हमें एक जमाना हो गया!
नई नई शायरी, करते तेरे पीछे,
देख मैं शायर कितना पुराना हो गया!

मुए इस दिल को संभालना पड़ता है हर वक़्त!
दिल न हुआ गोया बिन पजामे का नाड़ा हो गया!

मर्ज में न फर्क, तोहफों में खर्च अलग!
इलाज में खाली सारा, अपना खज़ाना हो गया!

दिल दर्द से भरा, और जेबें खाली!
ग़म ही इन दिनों, अपना खाना हो गया!

मुद्दतें हो गई, रोग जाता नहीं दिखता,
अस्पताल ही अब अपना, ठिकाना हो गया!

तू भी तो बाज़ आ कभी, इश्कियापन्थी से…
पागल भी देख तुझे, कब का सयाना हो गया!

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