सन्ता और वेश्या

एक बार संता एक वेश्या के पास जाता है और बड़े ही शायराना अंदाज़ में उससे कहता है-

ठुमक ठुमक के चलती हो,

क्या मार ही डालोगी?

थोड़ी सी चूत दे दो,

क्या इतनी का अचार डालोगी?

संता की बात सुन कर वह वेश्या भी बड़े शायराना अंदाज़ में जवाब देती है-

जानेमन 200 रूपए लूंगी,

पर तसल्ली से हिल-हिल के दूँगी।

संता- 100 रूपए दूँगा, हिल मैं खुद लूँगा।

संता की बात सुन कर वेश्या चिढ़ जाती है और जवाब देती है-

इतना खर्च भी क्यों करता है ज़ालिम,

तू अपने 100 रूपए भी बचा ले,

वो सामने बाथरूम है,

जाकर हाथ से ही हिला ले !

***

एक बार संता एक वेश्या को लेकर एक होटल में सेक्स करने जाता है।

कुछ देर सेक्स करने के बाद संता उस वेश्या से कहता है- सुनो, क्या मैं तुम से एक सवाल पूछ सकता हूँ?

वेश्या- हाँ हाँ ! पूछो !

संता- अच्छा बताओ, सेक्स में लड़का और लड़की दोनों को मज़ा आता है, फिर भी लड़के से ही पैसे क्यों लिए जाते हैं?

वेश्या- अरे भूतनी के ! पैसे तो हमेशा आउटगोइंग पर ही लगते हैं इनकमिंग पर नहीं।

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! सन्ता और वेश्या

प्रातिक्रिया दे