सन्ता, बन्ता और गुरमीता

एक बेड पर सन्ता, बन्ता और गुरमीता सो रहे थे।

लेकिन तीनों को जगह कम पड़ रही थी।

गुरमीता उठ कर नीचे सो गया।

तो कुछ देर में सन्ता और बन्ता दोनों बोले- वापस आ जा ! अब जगह हो गई है !

***

नब्बे साल के बूढ़े सन्ता की मृत्यु हो गई।

मरने के बाद जब वो स्वर्ग में पहुँचा तो सुन्दर अप्सराओं को देख कर लरजते हुए बोला- अगर बाबा रामदेव के चक्कर में ना पड़ा होता तो 30 साल पहले यहाँ इस ज़न्नत में आ गया होता…

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! सन्ता, बन्ता और गुरमीता

प्रातिक्रिया दे