सच का झूठ

एक दिन असलम एक रोबोट लेकर आया। वह रोबोट झूठ पकड़ सकता था और झूठ बोलने वाले को गाल पर खींचकर चांटा मार देता था।

एक दिन असलम की बेटी रजिया को स्कूल से घर आने में देर हो गई तो असलम ने उससे पूछा- घर लौटने में देर क्यों हो गई?

रजिया- आज हमारी एक्स्ट्रा क्लास थी।

रोबोट अचानक अपनी जगह से उछला और रजिया के गाल पर एक जोरदार चांटा मार दिया।

असलम- यह रोबोट हर झूठ को पकड़ सकता है, अब सच क्या है यह बताओ, कहां गई थी?

रजिया ने अपना गाल सहलाते हुए कहा- सहेली के साथ फिल्म देखने।

असलम ने कड़ककर पूछा- कौन सी फिल्म?

रजिया- मुगले आज़म !

अभी रजिया की बात पूरी नहीं हुई थी कि उसके गाल पर रोबोट ने एक जोर का चांटा मारा।

असलम ने फिर पूछा- कौन सी फिल्म?

रजिया- कातिल जवानी।

असलम गुस्से में बोला- शर्म आनी चाहिए तुम्हें, जब मैं तुम्हारी उम्र का था तब ऐसी हरकत नहीं किया करता था।

इस बार असलम के गाल पर रोबोट ने एक चांटा जड़ दिया।

यह सुनते ही सलमा रसोई से आते हुए बोली- आखिर तुम्हारी ही तो बेटी है न, झूठ तो बोलेगी ही।

अब सलमा की बारी थी !

” चटाक !”

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