कानून के रखवाले-3

प्रेषक : जोर्डन

चार आदमी खिड़की के रास्ते से सोनिया के घर में घुसते हैं, सारी रोशनियाँ बंद हैं…

घर का मुआयना करने के बाद उनको पता चलता है कि घर खाली है। तभी उनमें से एक सलीम मुस्तफा को कॉल करके बताता है।

सलीम- बॉस, यहाँ तो कोई नहीं है आज।

मुस्तफा- लगता है साली भाग गई डर कर।

सलीम- हमारे लिए क्या हुकुम है बॉस, कोई डरावना नोट छोड़ें क्या?

मुस्तफा- नहीं अभी कुछ मत करो, मैं एक्शन से पहले कोई इशारा नहीं देना चाहता, अगर वो नहीं है तो चले आओ।

सलीम- ठीक है बॉस।

सलीम बाकी लोगों (अजित, अयूब और उस्मान) को भी कहता है वापस चलने को !

तभी दूसरे कमरे में कुछ आहट होती है, सलीम और उसके लोग परदे के पीछे छुप जाते हैं। तभी उनको काली ब्रा और पेंटी में सोनिया दिखती है, जो शायद वाशरूम से आ रही होती है।

मौका मिलते ही सलीम सोनिया के पीछे छलांग लगाता है… सोनिया का बैलेंस बिगड़ जाता है और वह मुंह के बल ज़मीन पर गिरती है, अभी वह संभल पाती है कि सामने से अजित उसे लात मारता है, इस बार वह सर के बल गिरती है और सलीम उसको बालों से घसीटता हुआ कमरे से बाहर ले जाता है जबकि अजित, अयूब और उस्मान उसके पेट पर लातें मारते रहते हैं…

हालांकि सोनिया अकेली 4 तो क्या 8 लोगों पर भारी पड़ती है पर इस तरह अनजान और पीछे से हुए वार को वह संभाल नहीं पाती।

सलीम फिर मुस्तफा को कॉल करता है।

सलीम- बॉस मिल गई इन्सपेक्टरनी … क्या करें इसका?

मुस्तफा- स्पीकर ऑन कर और मुझसे बात तो करा…..।

सलीम स्पीकर ऑन करता है ।

मुस्तफा- अरे एस पी मैडम ! कैसी हो? अरे ये अपने ही बच्चे हैं, बड़े तड़प रहे थे आपसे बदला लेने के लिए ! तो मैंने आपसे मिलने के लिए भेजा है।

सोनिया- मुस्तफा, अगर माँ का दूध पिया है तो सामने आ, तब तुझे बताती हूँ, तब तो तू भाग गया था, अब मिल, तेरा एनकाउन्टर मैं करुँगी।

मुस्तफा- मैडम, हम आपको मार नहीं सकते, आफ्टर आल आप एस पी हो और हमारे अब्बास ने भी कसम खाई है कि आपको पेट से जरूर करेगा।

सोनिया- अरे देख लिया तेरे अब्बास का दम ! दो डंडों में ही पेशाब निकल गया था उसका तो, और तेरा मूत मैं निकालूंगी..।

तभी सलीम दो मुक्के सोनिया के चेहरे पर मारता है…।

सलीम- बॉस, साली बड़ी हीरोइनी बन रही है, आप कहो तो आज ही इसको नंगा करके चोद डालें?

मुस्तफा- सब्र कर मुन्ना, सब्र कर ! इस साली कुतिया को तो हम ढंग से चोदेंगे…. जल्दी मत कर ! काम खराब हो जाएगा।

सलीम- तो बॉस, अब क्या करना है…??

मुस्तफा- एक काम कर ! साली की जुबान बहुत ज्यादा चलती है, एक ऐसा चुम्मा दे कि साली हमेशा याद रखें हमको।

मुस्तफा के कहने की देर थी कि सलीम ने अपने होंठ सोनिया के होंठों से ऐसे जोड़े जैसे कभी अलग नहीं करेगा। सोनिया चाह कर भी अपने होंठ सलीम से अलग नहीं कर पा रही थी, क्यूंकि एक तो उसकी हालत बड़ी ख़राब थी मार खाकर और दूसरा अजित अयूब और उस्मान ने उसके हाथ-पैर पकड़े हुए थे…।

सलीम- चलो बॉस, अपना काम तो हो गया, अब इस साली का क्या करूँ?

मुस्तफा- चल सलीम, अब तू वापस आ जा, अपनी पहचान तो हो गई, अब असली काम करना है अब्बास को भी निकालना है।

सलीम- ओ के बॉस !!

कह कर फ़ोन रख देता है।

अजित- सलीम भाई, तुमने तो जन्नत ले ली चुम्मा-चाटी में, अपना भी कोई जुगाड़ करो ??

सलीम- अभी नहीं, मुस्तफा मिंया ने कहा है कि चलो पहले अब्बास को छुड़ाओ, बाद में इसकी मिल कर गांड और चूत मारेंगे।

सलीम ने जाते-जाते सोनिया की पेंटी और ब्रा भी उतार दी और उनको भी अपने साथ ले गया और कहा- साली कुतिया ! बड़ी खूंखार ऑफिसर है ना तू? अगर हिम्मत है तो अब टक्कर लियो ! तेरी ब्रा और पेंटी ले जा रहे हैं, अगर ये लेने आई तो याद रख ! पेट से कर दी जाएगी।

कहकर सलीम और उसके आदमी चले गए।

सोनिया एक दम नंगी फर्श पर पड़ी रही.. आज पहली बार किसी गुंडे ने उसको इतना मजबूर किया था जिंदगी में ! उसके लिए इन सबके बीच ख़ुशी की बात यह थी कि उन्होंने उसकी इज्ज़त नहीं लूटी… क्योंकि किसी को भी अब तक यह नहीं पता था कि सोनिया अब तक अक्षतयौवना है और किसी भी मर्द ने उसके कोमल अंगों को अभी तक नहीं छेड़ा है। सोनिया ने भी खुद से वादा किया जब तक वो अपनी ब्रा और पेंटी सलीम से नहीं लेगी तब तक वह ब्रा-पेंटी नहीं पहनेगी।

इधर अब्बास जेल में पहुंच चुका था, मगर उसके मन में खौफ बिल्कुल नहीं था बल्कि ख़ुशी थी कि उसको सिर्फ 5 साल की सजा हुई। सबसे ज्यादा ख़ुशी उसको इस बात की थी कि सोनिया को उस के आदमियों ने उसके ही घर पर नंगा कर दिया.. उसके कुछ खबरी जेल में भी हैं जिनसे उसको यह खबर मिली थी।

अब्बास- क्या भाई !! आज तो बिरयानी खाने का मन है… बनवा जरा !!

शेरा- उस्ताद !! यह ऐसी जेल नहीं है जहाँ पर आपको इतनी आसानी से बिरयानी मिल जाए !!

अब्बास- अबे, जब वो हराम के जले कसाब जैसे कुत्ते को उसके मन का खाना मिल सकता है जेल में तो हमको क्यों नहीं मिलेगा ??

शेरा- इस जेल की जो जेलर है, वह बहुत सख्त है और उसका जेल पर पूरा कण्ट्रोल है, उसको पूछे बिना तो पत्ता भी नहीं हिलता।

अब्बास- क्या जेलर लौंडिया है??? अरे यार, तूने तो भूख और बढ़ा दी… बता कुछ उसके बारे में ??

शेरा- उस्ताद, उसका नाम मोना है उम्र कोई 28-30 की होगी, पर लगने में किसी हेरोइनी से कम नहीं लगती, आप उसको देख कर सोनिया को भूल जाओगे- गोरा रंग है, वर्दी का एक बटन हमेशा खुला रखती है दिखाने के लिए, लगता है कि अन्दर कुछ नहीं पहनती, उस्ताद एक दम पटाका है पर साली है बड़ी रुबाबदार और हिम्मतवाली ! एक बार चार कैदियों ने उसका देह शोषण करने की कोशिश की थी पर साली ने सबको बुरी तरह पीटा और आज भी उसके नाम से बहुत घबराते है वो लोग ! सुना है कि शादी की पहली रात उसके पति का किसी ने क़त्ल कर दिया था… सो आप समझ ही गए होंगे कि उसका ढक्कन अभी तक खुला नहीं है…।

अब्बास बीच में ही शेरा की बात काटते हुए बोला- अबे साले बस कर, कितना बताएगा? साले जब से आया हूँ मुलाक़ात भी नहीं हुई उससे ! और एक तू है कि तारीफ पे तारीफ ही करे जा रहा है..!!

शेरा- बॉस घबराओ नहीं, वह सबको अपने कमरे में पर्सनली बुला के मिलती है, तुम्हारा नंबर भी आएगा।

तभी एक हवालदार आकर अब्बास को अपने साथ लेकर जाता है अब्बास को एक कमरे के बाहर छोड़ कर चला जाता है और कहता है कि अन्दर जेलर मैडम आपसे मिलना चाहती है।,आप उनके कमरे में जाइये।

अब्बास- क्या हम अन्दर आ सकते हैं?

मोना- आईये जनाब !

अब्बास अन्दर जाते ही मोना को देखता है उसने मोना के बारे में जितना सुना था उससे कहीं ज्यादा पाया, गोरा चिकना बदन, पतली कमर, मोटी गांड, होंठों के नीचे काला तिल और हाँ, शर्ट का ऊपर का बटन खुला हुआ ! हालांकि रूप में वो सोनिया जितनी थी और किसी भी दृष्टि से कम भी नहीं थी।

अब्बास- मैडम, हमको बहुत ख़ुशी हुई जान कर कि आपने हमको बुलाया, आपके दर्शन कर लिए ! बहुत सुना था आपके बारे में !

मोना- सुना तो मैंने भी बहुत कुछ है तेरे बारे में ! बड़ा आतंक मचाया हुआ है तुम्हारे अंडरवल्ड ने ! अब 5 साल यहाँ चुपचाप काट ! नहीं तो वो हाल करुँगी कि याद रखेगा।

अब्बास- अरे अगर आपके दर्शन हों तो मैं ज़िन्दगी भर यहीं रुक जाऊँ।

मोना (गुस्से में)- बड़ी मस्ती आ रही है तुझे? अपना असली रंग दिखाना ही पड़ेगा साले !!

मोना ने एक जोरदार तमाचा अब्बास के चेहरे पर मारा और वो बुरी तरह से गिर पड़ा, उसके होंठ से खून निकल रहा था, मोना ने उसको संभाल कर खड़ा किया।

मोना- अगली बार कुछ बोलने से पहले हजार बार सोच लेना, नहीं तो मार खा-खा के यहीं न मर जाए !

अब्बास- मैडम, मैं इसका जवाब आपको सही समय पर दूंगा।

मोना ने अपना डंडा अब्बास के लंड पर मारा… अब्बास की चीख निकल गई !

तभी मोना के बुलाने पर दो हवालदार आये और उसको वहाँ से ले गए और उसके कमरे में पटक दिया। अब्बास तो बेहोशी की हालत में पहुंच गया, उसकी हालत देख कर शेरा को भी बड़ा तरस आ रहा था।

आगे जानने के लिए थोड़ा इन्तजार करिए … और मुझे मेल करें।

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