फेसबुक पर चुदासी आंटी की चुत चोदने मिली

(Facebook Par Chudasi Aunty Ki Chut Chodne ko Mili)

दोस्तो, मेरा नाम जय है और मैं जयपुर में रहता हूँ. मैं अपनी पहली कहानी अन्तर्वासना पर शेयर करने जा रहा हूँ. ये मेरी ट्रू सेक्स स्टोरी है.

मेरी उम्र 22 साल की है, हाइट 5 फुट 10 इंच है, मैं सांवली रंगत लिए एक बॉडी बिल्डर टाइप का लड़का हूँ इसलिए लड़कियां मुझे देख कर जल्दी ही आकर्षित हो जाती हैं.
मैं फ़ेसबुक बहुत यूज करता हूँ.

यह बात करीब एक साल पुरानी है, ऐसे ही एक दिन मैं अपने फ्रेंड्स के साथ चैट कर रहा था, तभी मेरे पास एक लड़की का मैसेज आया ‘हाय…’
मैंने भी ‘हाय..’ में रिप्लाइ किया.

फिर मैंने उसकी प्रोफाइल चैक की तो पता चला कि वो 26 साल की है पर उसकी प्रोफाइल पर उसकी कोई पिक्स नहीं थी. वो मेरे ही शहर की थी. मैंने 2-3 दिन उससे बात की, कुछ दिन बाद हम खुल कर बात करने लगे. उसने बताया कि उसकी उम्र 38 साल है, तो मेरा इंटरेस्ट थोड़ा कम होने लगा. फिर भी हम बात करते रहते थे.

उससे बातचीत के क्रम में उसने मुझे बताया कि उसका अफेयर बहुत लड़कों के साथ रहा है. लेकिन अब तक हम दोनों नॉर्मल फ्रेंड ही थे. फिर एक बार उसने मेरा नम्बर माँगा तो मैंने उसे दे दिया. उसने मुझे फोन किया, उसकी आवाज़ सुनकर मैं पागल सा हो गया. उसकी आवाज़ इतनी मीठी थी कि कोई सुन ले तो ज़िंदगी भर ना भूले. मैं तो उसकी आवाज़ का दीवाना हो गया.

कुछ दिन बात करने के बाद मैंने उसे मिलने के लिए बुलाया तो आनाकानी करने लगी, पर मान गई.

हम दोनों ने दूसरे दिन 11 बजे मिलने का प्लान बनाया. मुझे उसको पिक करने ठीक 11 बजे जाना था. वो मेरे घर से करीब 6 किलोमीटर दूर रहती थी. जब मैं उसे पिक करने गया, तो वो नहीं आई और फोन पर बहाने करने लगी. मैं उसकी गली के बाहर था मगर मुझे उसका घर नहीं पता था. पर वो मुझे अपने घर से देख सकती थी.

मैंने उससे फोन पर कहा- मैं तुमको लेकर ही जाऊंगा, नहीं तो यहीं खड़ा रहूँगा.
कुछ देर नखरे करने के बाद वो आ गई. मैंने उसे देखा तो मुँह खुला का खुला ही रह गया.

क्या फिगर था यार उसका.. एकदम सुन्दर सी परी, उसकी हाइट करीब 5 से कुछ इंच ही ज़्यादा होगी, भरी हुई गठीला बदन, चूचियां ऐसी कि दोनों हाथों से पकड़ने की कोशिश भी करूँ तो भी काबू में ना आएं. उसकी गांड करीब 38 इंच की थी, एकदम धमाका माल थी.

वो मेरी बाइक पर बैठी, मैं उसे सीधा अपने दूसरे वाले घर ले गया.. जहां हम लोग कुछ टाइम बाद शिफ्ट करने वाले थे.
वहां पहुँच कर हम दोनों अन्दर गए और मैंने अन्दर से मेन गेट लॉक कर दिया. अन्दर जाकर हमने थोड़ी बातें की. क्योंकि वो थोड़ी नर्वस लग रही थी पर मेरा पूरा ध्यान तो उसकी सेक्सी बॉडी पर लगा था.

मैं उसे कंफर्टबल फील करवाने के लिए उससे सेक्सी बातें करने लगा. उसे मजा आने लगा, अब वो खुलने लगी थी. मैं उसके पास को हो गया और उसे सीने से लगा लिया. वो एकदम चुप सी हो गई, उसकी साँसें तेज़ हो गईं.
मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चूमने लगा. फिर वो भी मेरा साथ देने लगी.. मेरे होंठों को काटने लगी. कुछ देर चूमा छाती के बाद मैं ऊपर से ही उसके मम्मों को दबाने लगा.

वो मादक सिस्कारियां भरने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
मैंने उसकी साड़ी उतार दी, ब्लाऊज और पेटिकोट में वो क्या माल लग रही थी यार… पर वो शर्माने लगी, वो मुझसे लाइट बंद करने के लिए बोली. मैंने लाइट बंद कर दी और उसे उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया.

मैंने उसका ब्लाउज उतारा, उसने वाइट कलर की ब्रा पहनी थी. मैंने उसे भी निकाल दिया. उसको बड़े-बड़े खरबूज़ मेरे सामने उछल पड़े थे. उसके मम्मे इतने बड़े थे कि मुझे उन्हें दोनों हाथों से दबाने में बहुत मजा आ रहा था. उसके मम्मे कम हवा भरे गुब्बारे की तरह से नर्म थे.

मैं पागलों की तरह उसके मम्मे मसल रहा था और निप्पलों को अपने दांतों से काट रहा था. इसमें उसे बहुत मजा आ रहा था. वो ‘श्ह्ह्ह..’ करके कामुक सीत्कारें भर रही थी, वो बोल रही थी- अह.. खा जाओ इन्हें.. पूरा खा जाओ.. आह.. ये तुम्हारे ही हैं अब. अह..

कई मिनट तक उसकी चूचियां चूसने के बाद मैंने उसके पेटीकोट को ऊपर किया तो देखा कि उसने पेंटी नहीं पहनी थी और उसकी चुत एकदम पानी-पानी हुई पड़ी थी, एकदम गीली. उसकी चुत पर एक भी बाल नहीं था मतलब कि वो पहले ही अपनी चूत चुदाई की इच्छा से आई थी इसलिए चुत को चिकनी करके मतलब शेव करके आई थी.

मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसे निकाल कर एक तरफ रख दिया. उसकी जांघें चिकनी मक्खन मलाई सी थी, मैंने उसकी नंगी जांघों को सहलाया तो उसे गुदगुदी हो रही थी. अब मैंने उसकी दोनों टांगें फैला दीं और उसकी चूत को सूंघने लगा. क्या मस्त खुशबू थी.. उसका नशा मुझमें ऐसा घुसा कि मैंने अपना मुँह उसकी चुत पर लगा दिया और उसे चाटने लगा.

उसकी चुत के पानी का स्वाद मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैंने उसकी चुत चाट कर पूरी साफ कर दी.

मेरा लंड अब तक फनफनाए जा रहा था. मैंने जल्दी से खड़े होकर अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया. फिर अपने लंड को उसके मुँह पर लगा दिया, उसने मना किया पर मैंने ज़बरदस्ती उसके मुँह में लंड पेल दिया. वो लंड चूसने लगी.

आह… उसके मुख की गर्माहट को अपने लंड पर महसूस करके मैं तो जैसे जन्नत में पहुँच गया था.. आह.. क्या लंड चूसती है यार वो.. ऐसा लग रहा था जैसे आज ये मेरे लंड से मेरी जान ही चूस लेगी.

फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह से निकाला और दोनों पैरों के बीच में आ गया. अब मैंने अपना लंड उसकी चुत पर सैट करके एक ज़ोरदार झटका मारा. मेरा लंड एक ही झटके में पूरा उसकी चुत के अन्दर चला गया. उसके मुँह से एक हल्की सी सिसकी निकली ‘आश्ह..’ बस और वो मेरा लंड लील गई. फिर 2-3 झटके लेने के बाद वो अपनी गांड उछाल-उछाल कर चुदवाने लगी.

अब वो मस्ती से बोल रही थी- आह.. चोदो.. और तेज चोदो.. और अन्दर तक पेल कर चोदो मेरे राजा.. आह.. और ज़ोर से.. बड़े दिनों बाद इसे लंड मिला है.. फाड़ दो इसे.. ओह.. चिथड़े उड़ा दो..

उसके ये शब्द सुन कर मुझे अच्छा लगने लगा. मेरी स्पीड और बढ़ने लगी. तभी उसने मुझे जकड़ लिया ‘उहह, हां… आंह… हाहा… आआआह अहह मर गई..’
ऎसी सिस्कारियों के साथ हूँ वो स्खलित हो गई ओर वो एकदम से ढीली पड़ गई.

मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँचने वाला ही था, कुछ 10-12 झटकों के बाद मैंने भी उसकी चूत में ही अपना माल छोड़ दिया और मैं निढाल हो गया और कुछ देर तक वैसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा.

फिर उसने टाइम देखा तो 6 बज गए थे और उसके पति के आने का टाइम हो गया था. हम दोनों ने कपड़े पहने और मैंने उसे घर के समीप ड्रॉप कर दिया.

उसके बाद हमने बहुत बार प्रोग्राम बना कर चुदाई की.

ये थी मेरी सच्ची घटना.. मेरी ट्रू सेक्स स्टोरी… आपको कैसी लगी, मुझे ज़रूर बताना. मुझे आपके मेल का इंतज़ार रहेगा ताकि मैं आगे और भी अपनी स्टोरीज आपको भेज सकूं.

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