मेरे चुदाई के सफर की शुरुआत

(Mere Chudai Ke Safar Ki Shuruat)

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. इधर मैंने बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं. उन्हीं से प्रेरित होकर के आज मैं आपको अपनी पहली सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ. अपनी सच्ची घटना बताने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ.

मेरा नाम वंश है. मैं छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला का रहने वाला हूँ. मैं 24 साल का हूँ. मेरा कद 5 फुट 8 इंच है और रंग गोरा है. मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है … जिससे मैंने बहुत सी भाभियों और लड़कियों को संतुष्ट किया है.

यह बात जुलाई 2015 की है. जब मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ पहली बार दिल्ली घूमने गया था. हमने वहाँ बहुत मजे किए. उस शाम हम शॉपिंग करके सीधे होटल जा रहे थे, लेकिन मुझे होटल जाके बोर होने के बजाए और घूमना था. मैं दोस्तों से कह कर पैदल ही घूमने निकल गया. कुछ देर बाद बस स्टॉप वाली जगह पर रुक गया.

करीब आधे घंटे बैठने के बाद होटल के लिए निकल ही रहा था कि एक ब्लैक कलर की ऑडी कार धीमी रफ्तार से मेरे आगे से निकली. मैंने देखा कि उस कार में एक लड़की बैठी थी. मैंने बस एक नजर उसे देखा था, शायद उसने भी मुझे देख लिया था.

पर वो रुकी नहीं और आगे को चली गयी. फिर पता नहीं क्या हुआ, उसने कार पीछे करके मुझे एक पता पूछा.

मुझे पता नहीं होने के कारण मैंने ये कहते हुए मना कर दिया कि मैडम मैं दिल्ली का नहीं हूँ.

वो कुछ सोचने लगी, फिर उसने मुझे जल्दी से कार में बैठने को कहा. मुझे कुछ समझ में नहीं आया. लेकिन वो इतनी गजब की माल लग रही थी … तो मैं बिना कुछ सोचे कार में बैठ गया. उसने कार आगे बढ़ाई और मुझे मेरा नाम पूछा … तो मैंने वंश बताया. फिर मेरे पूछने पर उसने अपना नाम रिया बताया.

मैं उसको एकटक देखे जा रहा था. क्या बताऊं दोस्तों ब्लू साड़ी में क्या क़यामत लग रही थी.
मेरे और कुछ पूछने से पहले उसने मुझसे सीधा पूछा- पूरी रात का कितना लोगे?
मैं शॉक्ड हो गया और मैंने कहा- मैं समझा नहीं!
उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. वो चुप हो गई लेकिन कार चलाती रही.

मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा तो उसने मुझसे कहा- मेरे घर चलो, मैं तुमसे उधर ही बात करूँगी … अभी मुझे कार चलाने दो.
मैं कुछ नहीं बोला और बस उसके मम्मों को निहारने लगा, जोकि उसने अपने पल्लू को नीचे गिरा कर बिना आस्तीन वाले ब्लाउज से दिखाना चालू कर दिया था. उसका ब्लाउज एक नूडल स्ट्रिप वाला ब्लाउज कम ब्रा ज्यादा लग रहा था जिसका गला लगभग पूरा खुला था जिससे उसके आधे से अधिक मम्मे साफ़ दिख रहे थे.

मैं ये तो समझ ही गया था कि अपने लिए किसी लौंडे की तलाश में है.
वो बार बार मेरी तरफ सीना करके मुझे अपपनी दूधघाटी दिखा रही थी. इससे हुआ ये कि मेरा लंड खड़ा हो गया. उसने मेरे फूलते लंड को देख लिया. शायद उसकी नीयत ये थी कि वो मेरे लंड का आकार जानना चाहती थी.

अब तक सड़क सुनसान दिखने लगी थी और उसकी कार एक मध्यम रफ्तार से आगे बढ़ रही थी. मैंने अपने लौड़े पर हाथ फेरना चालू कर दिया, तो उसने हंस कर कहा कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है, तुम चाहो तो उसको आजाद भी कर सकते हो.

मैंने सीधे पूछा- क्या आप मेरे लंड का साइज़ जानना चाहती हो?
वो हंस कर बोली- सही पकड़े हो.

मैंने अपनी पैन्ट की जिप खोली और अपनी चड्डी से लंड बाहर निकाल कर उसको दिखा दिया. मेरा सात इंच लम्बा लंड हवा में लहराने लगा. उसने कुछ नहीं कहा और वो कार की स्पीड बढ़ा कर मुझे सीधे अपने घर ले गयी.
मैंने भी लंड को अन्दर कर लिया. मुझे समझ आ गया था कि आज मेरे लंड को इसकी चूत मिलने वाली है.

घर पहुँचकर उसने पूछा- क्या लोगे?
मैंने ‘कुछ नहीं …’ कह कर मना कर दिया. फिर वो 2 मिनट कह कर अन्दर चली गयी. मैं हॉल में बैठा रहा.

फिर वो रेड कलर की नाईट ड्रेस में मेरे सामने आई और उसके हाथ में 2 बीयर की बोतलें भी थीं. मैं तो बस उसे देखता ही रह गया. दूध सा गोरा बदन … और उसके बड़े बड़े मम्मों को देख तो मेरे मुँह में पानी आ गया. उस पर नेट वाली रेड ड्रेस … आह मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मेरे सामने कोई अप्सरा आ खड़ी हो. मन तो कर रहा था कि अभी नंगी करके चोद दूँ.

उसने मुझे हिलाते हुए कहा- क्या हुआ ऐसे क्या देख रहे हो?
मैंने खुद को संभाला और कहा- नहीं कुछ भी तो नहीं.
फिर हमने साथ में बीयर पी.

वो मुझे अपने बेडरूम में लेकर गयी और वो सीधे मेरे ऊपर आके मुझे पागलों की तरह किस करने लगी. मैं उसका इरादा समझ गया. लेकिन मैं चुप बैठा रहा. फिर उसने थोड़ा बॉडी मसाज देने को कहा और मैं शुरू हो गया. मेरा शेर तो पहले ही जग चुका था. उसकी पीठ छूते ही मेरा लंड और तन गया, जो मेरे जीन्स में साफ दिखाई दे रहा था. वो मेरे तने हुए लंड को देख के मुस्कुराने लगी.

मैंने उसकी नाईट ड्रेस उतार दी. अब वो रेड कलर की ब्रा पेंटी में मेरे सामने थी. उसकी पीठ में मसाज देते हुए मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया. मैंने उसके मम्मों को अच्छे से सहलाया और उसकी चूचियों की मसाज की, जिससे वो भी उत्तेजित हो गयी और उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए.

फिर उसने अपनी पेंटी उतार दी और मुझे अपनी चूत चाटने को कहा. उसकी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी. मैंने अपना मुँह उसकी चूत में रखा और अपनी जीभ से चाटने लगा. उसके मुँह से आवाजें निकलने लगीं- आअह्य … अहह … हाहह्य …

उसकी कमुक आवाजें सुनकर मैं और तेजी से उसकी चूत चाटते हुए उसके बड़े-बड़े मम्मों को जोर से दबाने लगा. उसने सिसयाते हुए कहा- आहह … ऐसे ही करते रहो … बहुत मजा आ रहा है.

मैं अपनी दो उंगली जोर-जोर से उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा. वो पागल सी हो गयी और ‘उऊहहउ … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह यस्स … बेबी … आह्ह …’ करते हुए एकदम से झड़ गयी.

फिर उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुँह में ले लिया और भूखी शेरनी की तरह चूसने लगी. कुछ पल बाद उसने कहा- प्लीज़ अब मुझसे और नहीं रहा जा रहा … जल्दी से अपने मोटे लंड से मेरी चूत फाड़ दो और इसकी प्यास बुझा दो.
मैंने उसे सही पोजिशन में सैट किया और अपने लौड़े को उसकी चूत के दाने को रगड़ने लगा. वो तड़प उठी और गुर्रा कर कहने लगी- रुको मत डाल दो … प्लीज़ जल्दी से पेलो.

इस बार उसके चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था. मुझे लगा ये समय ठीक है और मैंने एक ही तेज धक्के में अपने लौड़े को उसकी चूत में पेल दिया. वो जोर से चीख पड़ी- आह्ह … ऊउइईई मां … स्सस्स … मर गई … प्लीज़ निकालो इसे … मुझे बहुत दर्द हो रहा है … प्लीज़ निकालो!

उसके दर्द को देखकर मैं थोड़ी देर ऐसे ही उसके ऊपर चढ़ा रहा और उसके होंठों को चूमने लगा. दो पल बाद उसने कहा- क्या हुआ … रुको मत … अन्दर बाहर करते रहो … मुझे इस दर्द में भी बहुत मजा आ रहा है. ऐसा मजा मेरे पति मुझे कभी नहीं दे पाये.

मैं चालू हो गया.

बाद में उसने बताया कि उसकी नई-नई शादी हुई है और उसका पति हमेशा काम के चलते बाहर रहता है. महीने में 5 या 6 बार ही घर आता है.

इतना सुनते ही मैं अपनी ओरिजिनल स्पीड से उसे चोदने लगा और वो ‘आह्ह … ओह्ह … इस्स … स्स्स्स … ऊह्हआ …’ की आवाजें करते हुए एक बार फिर झड़ गयी.

लेकिन अभी मेरा होना बाकी था. मैंने और जोर से उसको चोदने लगा. दस बीस शॉट बाद वो भी फिर से गरम हो गई. अब वो चुदाई का खूब मजा ले रही थी और अपनी गांड उछाल उछाल के मेरा साथ दे रही थी.

इस घमासान चुदाई के 10 मिनट बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए. उसके कहने पे मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही गिरा दिया. उसके चेहरे में सन्तुष्टि की खुशी साफ दिखाई दे रही थी.

उस रात हमने 3 बजे तक चुदाई का कार्यक्रम चलाया. उसने भी मेरा पूरा साथ दिया. मैंने 4 बार उसकी चूत चुदाई की. हम दोनों बहुत थक चुके थे … तो ऐसे ही नंगे एक दूसरे की बांहों में बांहें डाल कर सो गए.

सुबह जब मेरी नींद खुली तो मैंने एक बार फिर उसके रगड़ के चोदा. फिर हम साथ में नहाने चले गए. इसके बाद हमने साथ में कॉफ़ी पी.

मैं जाने के लिए रेडी हुआ तो उसने मुझे 5000 रुपए दिए. मैंने पैसे लेने से मना कर दिया और कहा कि आप खुश हो, वही मेरे लिए बड़ी बात है.
उसने कहा- हां, मैं बहुत खुश हूँ … पर ये पैसे मेरी तरफ से उपहार समझ के रख लो.
मैंने पैसे रख लिए और उसके मांगने पर मैंने अपना नम्बर उसे दे दिया.

फिर वहां से सीधे होटल आ गया.

कुछ महीने बाद उसने फ़ोन करके फिर बुलाया. उसने अपनी कुछ सहेलियों को भी मेरा नम्बर दे दिया. अब जब भी वो कॉल करती हैं, तो मैं दिल्ली की सैर पर निकल जाता हूँ. वो सभी मुझसे चुद कर बहुत खुश हैं.

यह मेरी सच्ची आपबीती है … मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को भी पसंद आयी होगी. मुझे मेल करके अपना सुझाव जरूर दें. मैं आपके सुझावों की प्रतीक्षा करूँगा.
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