बस में मिले अजनबी लड़के से चुदवा लिया

(Bus Me Mile Ajnabi Ladke Se Chudwa Liya)

फ्रेंड्स, मेरा नाम नेहा है. मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी. मेरा जिस्म बहुत अच्छा है और मेरी चूची और गांड का आकार भी बड़ा सेक्सी एंड हॉट है. मैं अपने सहेली के साथ कभी कभी बाजार जाती हूँ. हमारे घर से बाजार दूर है इसलिए हम लोग बस से बाजार जाते हैं.

मुझे मोटा लंड बहुत पसंद है और मुझे मोटा लंड के साथ लम्बा लंड भी पसंद है. मैं और मेरी सहेली हम लोग हमेशा चुदाई की बातें करते हैं. उसका बॉयफ्रेंड है, तो वो हमेशा मुझे सेक्स के बारे में बताती रहती है.

एक दिन मैं अपनी सहेली के घर उसके साथ बाजार जाने के लिए गयी थी. उसे कोई काम था इसलिए वो मेरे साथ बाजार नहीं गयी. उसके मना कर देने के बाद मैं उस दिन अकेले ही बाजार के लिए निकल गयी. मैं बस में जा रही थी, उस दिन बस में बहुत कम लोग थे. मैं अपनी सीट पर बैठी थी और अपने मोबाइल में लगी थी.

तभी एक लड़का मेरी बगल में आकर बैठ गया. वो थोड़ा फैशनपरस्त लड़का था. उसने परफ्यूम लगाया हुआ था और साथ में चश्मा भी लगाया था. मैंने एक बार उसके बैठने का अहसास किया. तब भी मैं अपने मोबाइल में लगी रही. वो मेरे मोबाइल की तरफ देख रहा था. मैंने जैसे ही ये महसूस किया कि वो मेरे मोबाइल की तरफ देख रहा है, तो मैंने उसकी तरफ निगाह की. एक पल के लिए न जाने क्या हुआ कि हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा दिए.

उसने हाय बोला, मैंने उसकी हाय का जबाव दिया और बस हम दोनों की बातें शुरू हो गईं.
उसका नेचर मुझे बहुत ही अच्छा लगा तो हम दोनों की बातें होती ही चली गईं. कुछ ही देर में हम दोनों एक दूसरे से बारे में बहुत कुछ जान गए.

मैं उस दिन एक बहुत ही टाइट सूट में आई थी और मैं बहुत सेक्सी लग रही थी. हमारी सीट के बगल में कुछ और लोग बैठे थे, जो हम लोगों को बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड समझ रहे थे जबकि हम दोनों तो अभी अभी मिले ही थे.

मेरी एक आदत है कि बस से बाजार जाते समय जब मेरा वक्त नहीं कटता है तो मैं लीड कान में लगा कर गाने सुनने लगती हूँ. बाजार की दूरी अधिक होने के कारण कभी कभी तो ऐसा हो जाता है कि मैं मोबाइल में गाना सुनते हुए सो भी जाती हूँ.

उस दिन भी यही हुआ. हम दोनों एक दूसरे से बात करने के बाद चुप हुए और मैं अपने मोबाइल में गाना सुनने लगी. कुछ ही देर में मैं बस में सो गयी. बस में सफ़र के दौरान मुझे अक्सर नींद आ जाती है. आज भी ऐसा ही हुआ. मुझे नहीं पता था कि वो लड़का सोते हुए मुझे देख रहा है.

अचानक से बस ने ब्रेक लगाए और एक झटके के साथ बस रुकी. इस झटके से मुझे भी एक झटका सा लगा और मैं सोते हुए ही उसके ऊपर को चली गयी. उसने मुझे सहारा दिया और अपने कंधे पर लेकर मुझे गिरने से बचा लिया. मैं सीधी होकर सोने लगी, तो वो मुझे अपने कंधे पर सर रख कर सोने के लिए बोलने लगा.
मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए उसे मना कर दिया और उठ कर सीधी बैठ गयी.

हम दोनों लोग एक दूसरे को देख रहे थे और मुस्कुरा भी रहे थे. इसके बाद हम दोनों ने इधर उधर की बातें की. उसने मुझसे बात करते हुए बोला कि मैं सोते हुए बहुत अच्छी लग रही थी. मुझे उसका यूं तारीफ़ करना अच्छा लगा और मैं अभी कुछ कहती कि तभी बस ने फिर से एक हिचकोला लिया और मैं फिर से उसकी गोद में गिर गई. तो उसने मुझे सहारा देते हुए मेरे गाल पर किस कर दिया.

मैं एकदम से सिहर गई. हालांकि मुझे उसकी किस्सी अच्छी लगी थी. तब भी मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा तो उसने मुझसे बोला- मैं तुमको पसंद करने लगा हूँ. तुमको बुरा लगा हो तो सॉरी.
मैं उसकी इस अदा हंस पड़ी, बस हम दोनों में कुछ कुछ जम गया. फिर मैं उसके साथ फिर से बातों में लग गई. वो अब मुझसे बिंदास चिपक कर बात करने लगा था. हम दोनों बहुत देर से एक दूसरे से बात कर रहे थे और अब तो हम लोग एक दूसरे से घुल मिल गए थे.

तभी बस फिर हिली और उसने फिर मुझ पर गिरते हुए मुझे किस किया.. मुझे भी अच्छा लगा. जब मैं उसको कुछ नहीं बोली, तो इस बार उसने अपना एक हाथ मेरी चूची पर रख दिया और मेरी चूत को दबा दिया. मेरी सिसकारी निकल गई.

वो समझ गया कि मैं भी राजी हो गयी हूँ और बस हम दोनों मजा करने लगे. हम लोग जब तक बाजार नहीं पहुंचे, तब तक वो मेरी चूची को दबाता रहा और उसने मेरे हाथ को उठा कर अपने लंड पर रखवा लिया. मैं भी उसके लंड को सहलाने लगी.
हम दोनों लोग ये सब कपड़ों के ऊपर से ही कर रहे थे क्योंकि बस में हम नंगे हो कर ये सब नहीं कर सकते थे.

जब वो मेरी चूची दबा रहा था तो मेरी सांसें तेज हुए जा रही थीं. उसकी चूची दबाने की वजह से मैं कामुक हो गयी थी और मुझे चुदवाने का मन करने लगा. हम दोनों काफी गर्म हो गए थे.

इसके कुछ मिनट बाद ही बस स्टॉप आ गया था और हम दोनों लोग बस से नीचे आ गए.

हम लोग बाजार में कुछ देर तक एक साथ घूमे और उसके बाद उसने बोला- क्या तुम मेरे साथ होटल में चलोगी, वहां पर हम दोनों कुछ देर आराम से रुक कर ये सब आराम से कर सकते हैं.
मैं भी चुदवाने के लिए बेताब हो गई थी और मेरी चूत से पानी भी निकल रहा था.
मैं उससे बोली- मुझे बाजार से सामान लेना है.
वो बोला- होटल से आने के बाद ले लेना.
मैं राजी हो गई.

हम दोनों एक अच्छे से होटल में चले गए और उसने उस होटल में एक रूम ले लिया. हम दोनों होटल रूम में जाते ही एक दूसरे को चूमने लगे. मैं उससे लिपट गई, इतनी देर में मेरी चूत आग उगलने लगी थी. वो मुझे होंठों पर चूमने लगा. मैं भी उसका साथ दे रही थी. वो अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल कर मुझे किस कर रहा था. उसने मुझे किस करने के बाद मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया और मैं पेंटी में रह गयी.

तभी वो भी अपना लंड बाहर निकाल कर हिलाने लगा. मैंने उसके मोटे लंड को देखा, तो उसने मुझे अपना लंड हिलाने के लिए कहा. मैं उसका लंड हिलाने लगी. वो भी मेरी पेंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सहला रहा था. इससे मेरी चूत से पानी निकलने लगा और मेरी चूत गीली हो गयी थी.

उसने मुझसे कहा- नंगी हो जाओ.
मैंने कहा- तुम ही कर दो.
उसने मेरी पेंटी निकाल दी और मुझे बिस्तर पर चित्त लिटा कर मेरी चूत को चाटने लगा.

मैं भी गांड उठा कर मादक सिसकारियां लेने लगी और वो मेरी चूत को चाटने लगा. मेरी चूत से प्रीकम निकल रहा था और उसे ये नमकीन पानी बड़ा मजा दे रहा था, जिससे वो मेरी चूत को बड़े मनोयोग से चाट रहा था. मेरी चूत को काफी देर तक चाटने के बाद उसने अपनी दो उंगलियों को मेरी चूत में डाल दिया और अपनी उंगलियों को मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा.

मैं भी कामुक और चुदासी हो गयी थी और सिसकारियां ले रही थी. वो मेरी चूत में उंगली करने के साथ ही मेरे होंठों को चूसने लगा. मैं भी उसका भरपूर साथ दे रही थी. हम दोनों लोग एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे. वो मेरे होंठों को चूसते चूसते मेरे होंठ को काट भी ले रहा था.

काफी देर तक एक दूसरे को फोरप्ले का मजा देने के बाद हम बिस्तर पर चुदाई के आसन में हो गए. उसके बाद वो अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा. उसने मेरी कुर्ती को निकाल दिया और उसके बाद मेरी ब्रा को भी निकाल दिया.

मैं अब एकदम मादरजात नंगी उसके सामने पड़ी थी. वो मेरी चूची को दबाने लगा. मेरी चूची को दबाने के बाद वो मेरी चूची को चूसने लगा. वो मेरी चूची को चूसने के बाद मेरी चूची के निप्पल को काट भी रहा था. मुझे अपनी चूची चुसवाने में बड़ा मजा आ रहा था मैं खुद अपने हाथ से अपना दूध पकड़ कर उसको पिला रही थी. मेरी चूची को चूसने के बाद वो मेरी चूत को मसलने लगा. जब वो मेरी चूत को मसल रहा था, तो मैं चुदासी होकर आवाज निकाल रही थी.

उसने मेरी चूत को मसलने के बाद मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और मेरी चूत को लंड के सुपारे से रगड़ने लगा. जब मेरी चूत पर लंड रगड़ रहा था, तो मेरे अन्दर का सेक्स बढ़ता ही जा रहा था और मुझे जल्दी से लंड से चुदवाने का मन कर रहा था. साला वो मुझे तड़पा रहा था और मेरी चूत पर अपना लंड रख कर रगड़ रहा था.

मेरी चूत से लगातार पानी निकल रहा था. मैंने गांड उचका कर उसका लंड चूत में लेने की चेष्टा की, तो वो मेरी चूत में अपना लंड धीरे धीरे डालने लगा. उसके बाद उसने एक तेज झटका लगाया और मेरी चूत में अपना पूरा लंड डाल दिया. मैं एक मस्त आह के साथ उसके लंड में खो सी गई. चूंकि मैं कई बार कई किस्मों के लंड से चुद चुकी थी इसलिए मुझे उसका लंड लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई. लेकिन मेरी चूत आज काफी टाइट थी क्योंकि मैं बहुत दिन से चुदी नहीं थी. बाद में जब वो मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोदने लगा, तो मेरी चूत में उसका लंड आसानी से अन्दर बाहर होने लगा.

कुछ देर चोदने के बाद उसने अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया और मेरी चूत को चाटने लगा. मेरी चूत को चाटने के बाद वो मुझसे अपना लंड चूसने के लिए कहने लगा. मैं भी उसका लंड चूसने लगी. मैं उसका लंड गले तक लेकर चूस रही थी और वो आंख बंद करके मजे से अपना लंड चुसवा रहा था.

उसके बाद वो अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर अन्दर बाहर करने लगा. कुछ देर बाद अपना लंड चुसवाने के बाद उसने अपना लंड फिर से मेरी चूत में पेल दिया और मेरी चूत को चोदने लगा. मुझे लंड से बड़ी राहत सी मिल रही थी क्योंकि इस बार मैं काफी दिनों बाद चुद रही थी.

वो मेरी चूत को चोदते हुए मेरी चूची को भी चूस रहा था. कुछ देर के बाद उसने अपना लंड फिर से मेरी चूत से बाहर निकाल दिया और मेरी चूत को चाटने लगा. उसने मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में दुबारा डाल दिया और मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोदने लगा. उसकी ये स्टाइल मुझे बड़ा सुख दे रही थी. बार बार चूत का लिसलिसापन वो अपनी मुलायम जीभ से चाट कर मुझे एक मस्त सा सुख दे रहा था. इसके बाद वो अपने कड़ियल लंड से धकाधक चोदने लगता, जिससे मेरी चूत झड़ ही नहीं पा रही थी. लम्बी चुदाई का ये तरीका मुझे बेहद वासना दे रहा था.

हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करते हुए ताबड़तोड़ सेक्स कर रहे थे. वो बार बार अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल रहा था और उसके बाद अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को चोद रहा था.

हम दोनों काफी देर से सेक्स करते रहे थे. इन दिनों सर्दी का मौसम था. चुदाई से पहले हम दोनों को ठंड लग रही थी लेकिन सेक्स करने के बाद हम लोग ठंड को भी भूल गए थे. इस वक्त हम दोनों नंगे होकर सेक्स कर रहे थे. मैं अपनी गांड उठा उठाकर उसका लंड अपनी चूत में लेकर उससे चुदवा रही थी और हम दोनों मदहोश हो कर सेक्स कर रहे थे. मुझे उससे चुदवाने में बहुत मजा आ रहा था.

मैं अपने बॉयफ्रेंड के अलावा और भी कईयों से भी चुदवा चुकी हूँ इसलिए मुझे सेक्स करने का काफी अनुभव है. जब भी मुझे मेरी चूत में मोटा लंड मिल जाता है, मैं भी अपनी गांड उठा उठाकर चुदाई का मजा लेने लगती थी.

वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर तेजी से अन्दर बाहर करने लगा. हम दोनों लोग की चुदाई से आवाज निकल रही थी और हम दोनों लोग की चुदाई की आवाज से और भी चुदास भरा माहौल बन गया था. वो जब मेरी चूत में अपना लंड तेजी से अन्दर बाहर कर रहा था, तो मुझे दर्द हो रहा था. वो अपना लंड बार बार बाहर निकाल कर मुझे बड़े आराम से चोद रहा था.

फिर हम दोनों तेजी से सेक्स करने लगे. अब मैं चिल्ला रही थी और वो मुझे पूरी ताकत से चोद रहा था. हम दोनों लोग सेक्स करते करते झड़ने लगे. तभी उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरी चूत को चाटने लगा. मेरी चूत से बहुत पानी निकल रहा था. वो मेरी चूत को चाट रहा था. मेरी चूत एकदम गीली हो गयी.

उस बंदे ने मेरी चूत के पूरे पानी को चाट लिया, तो मुझे लगा कि बस अब खेल खत्म हो गया. लेकिन इसके बाद उसने एक बार में ही अपना पूरा लंड मेरी चूत में पेल दिया और मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोदने लगा. मुझे तो मानो ज़न्नत मिल गई.

हम दोनों फिर से सेक्स का मजा करने लगे. फिर कुछ ही देर बाद हम दोनों सेक्स करते करते झड़ गए. हम दोनों का पानी निकल गया और काफी थक गए. इसलिए यूं ही नंगे ही बिस्तर पर सो गए.

कुछ देर बाद जब आंख खुली, तो हम दोनों एक दूसरे की तरफ देख रहे थे. वो मुझे किस करने लगा. मुझे किस करने के बाद वो मेरी चूची को चूसने लगा.

उसके बाद मैंने बाथरूम में जाकर अपने आपको फ्रेश किया. फिर अपने अपने कपड़े पहने और और उसके बाद हम दोनों होटल के रूम से बाहर आ गए. मुझे बाजार से सामान भी लेना था, तो उसने सामान लेने में मेरी सहायता की. इसके बाद हम दोनों अपना अपना सामान लेकर एक साथ बस से घर आ गए.

बातचीत से मालूम हुआ कि वो मेरे घर से थोड़ी ही दूरी पर रहता था. मेरी चूत को चोदने वाले लंडों में एक और लंड का इजाफा हो गया. अब हम दोनों को जब भी मौका मिलता है, तो हम दोनों किसी न किसी होटल में जाकर सेक्स कर लेते हैं.

आप सबको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी. आप सब मुझे मेल करके जरूर बताना. अगर कहानी लिखने में मुझसे कोई गलती हो गयी तो हो प्लीज मुझे माफ़ कर देना. मुझे आपका अच्छा फीडबैक मिला, तो मैं अपनी दूसरी कहानी आपको जल्द ही बताउंगी.
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