बहन का लौड़ा -34

(Bahan Ka Lauda-34)

अब तक आपने पढ़ा..

करीब 5 मिनट तक नीरज रोमा को मसलता रहा.. अब उसके लौड़े का बाँध भी टूटने को आ गया था। वो सीधा बैठ गया और लौड़े को हाथ से पकड़ कर रोमा की चूत पर रगड़ने लगा।
रोमा- आह आई.. मज़ा आ रहा है नीरज.. उह.. दर्द मत करो आह.. ऐसे ही रगड़ो आह..
नीरज धीरे-धीरे चूत की फाँक को उंगली से खोल कर लौड़े का सुपाड़ा चूत में घुसेड़ने की कोशिश करता और रोमा सिहर जाती..
नीरज के लौड़े ने आग उगल दी.. सारा माल रोमा की चूत पर गिर गया अब नीरज ठंडा हो गया और रोमा के एक तरफ लेट गया।

रोमा- आह.. कितना अच्छा लग रहा था.. जब तुम लौड़े को चूत पर घिस रहे थे.. आह.. पानी क्यों निकाला.. थोड़ी देर और करते ना.. आह.. तो मेरा भी पानी निकल जाता..
नीरज- थोड़ा सब्र कर मेरी जान.. लौड़े को खड़ा होने दे.. अबकी बार तेरा पानी लंड से ही निकालूँगा..
रोमा ने ‘आई लव यू नीरज’ कहा और उससे लिपट गई। नीरज ने भी उसको कस कर पकड़ लिया।

बहुत देर तक दोनों ऐसे ही लिपटे रहे और उसके बाद अलग होकर अपने आगे के जीवन की बातें करने लगे कि शादी के बाद ऐसा करेंगे.. वैसा करेंगे..

हैलो दोस्तो.. आप तो यार बस जिधर सेक्स देखा.. उधर के ही हो जाते हो.. अब इनकी लाइफ प्लान को सुनकर क्या करोगे.. वहाँ ममता ने राधे को चाय पिला दी होगी.. तो वहाँ का दुबारा का धमाल देखते हैं.. तो चलो..

अब आगे..

चाय पीने के बाद राधे बिस्तर पर पैर लटका कर बैठा था और ममता उसके पास बैठी थी।

राधे- यार ममता तू इतनी सेक्सी है.. शादी के पहले तो तुझे देख कर लड़कों का हाल खराब होता होगा.. किसी ने तुझे ‘आई लव यू’ नहीं कहा था क्या?
ममता- अरे साहब जी.. मैंने बताया तो था.. मैं समय के पहले ही जवान हो गई थी.. सब हरामी लौंडों की नज़र मेरे पर थी.. इसी लिए तो बापू ने जल्दी में मेरा ब्याह उस नामर्द से करवा दिया।
राधे- अरे कोई तो होगा.. जो तुझे पसन्द था या किसी ने तेरे इन रसीले चूचों को छुआ हो?

ममता- ना साहब जी.. ऐसा कुछ नहीं हुआ.. मुझे तो पता भी नहीं था इस सब के बारे में.. शादी की रात को सब ही पता चला कि मर्द शादी की रात में क्या करता है.. मगर आप क्यों पूछ रहे हो?

राधे- अरे ये क्या साहेब जी.. लगा रखा है.. मेरा नाम ले.. नहीं तो राजा जी ठीक है.. मैं तो इसलिए पूछ रहा हूँ.. तू चुदवाती बहुत मस्त है.. तेरे जैसी क़यामत को किसी ने टच नहीं किया.. ये सोच कर अफ़सोस होता है.. मैं तेरे घर के पास होता तो रात को तेरे घर आकर तेरी चूत में लौड़ा घुसा देता..
ममता- ही ही मेरे राजा.. इतनी पसंद आ गई मेरी चूत आपको तो रोका किसने है.. अब घुसा दो.. देखो आपका लंड महाराज कैसे खड़ा हो गया है।

राधे- साली तेरी टाइट चूत का कमाल है.. ये लौड़ा तो खड़ा होगा ही.. तेरी चूत तो ऐसी है कि 80 साल का बूढ़ा भी तेरी चूत देख ले.. तो उसका लौड़ा भी खड़ा हो जाए.. आ जा तेरे मुलायम होंठों से थोड़ा लौड़ा चूस कर गीला कर दे.. उसके बाद मैं तेरी ठुकाई चालू करूँगा।

ममता मदहोश हो कर लौड़े को चूसने लगी।
राधे- आह्ह.. गुड.. वेरी गुड.. मेरी ममता ऐसे ही चूस.. बहुत मज़ा आ रहा है..

राधे का लौड़ा पूरा थूक से गीला हो गया.. तब उसने ममता को अलग किया और बिस्तर से नीचे उतर गया।
ममता- क्या हुआ राजा.. नीचे क्यों उतर गए.. चोदने का इरादा नहीं क्या?

राधे ने ममता के पैर पकड़े और उसका आधा शरीर बिस्तर से नीचे खींच लिया और खुद खड़ा होकर उसके पैरों को पकड़ लिया।
राधे- मेरी जान अब नीचे खड़े होकर तेरी चूत की धज्जियां उड़ाऊँगा।
इतना कहकर राधे ने लौड़ा चूत में घुसा दिया और हावड़ा मेल की तरह स्पीड से चोदने लगा।

ममता तो इस हमले से संभल भी नहीं पाई.. बस ‘आहें’ भरती रही और राधे बहुत देर तक उसको चोदता रहा।

ममता- आह्ह.. राजा कब से चोद रहे हो.. आह्ह.. आई.. उह.. ऐसे ही आह्ह.. मज़ा आ रहा है.. आह्ह.. तुम्हारा मोटा लंड.. आह्ह.. मेरी चूत को फाड़ डालेगा आज.. आह्ह.. चोदो.. ज़ोर से चोदो.. आह्ह.. आई.. मैं गई.. आह.. राजा आह्ह.. आईईइ.. ज़ोर से आह्ह.. तुम्हें आह आह.. मेरी कसम है.. आह्ह.. रुकना मत.. आह.. स्पीड से लौड़ा डालते रहो आई… मैं झड़ने वाली हूँ.. आहह.. ऐसे ही.. आह.. ऐसे ही आह्ह.. ज़्यादा मज़ा आह्ह.. रहा है.. मैं गई.. आआह्ह.. आईईईई.. सस्स्स्स आस्सस्स आह..

ममता तो झड़ गई.. मगर राधे कहाँ झड़ने वाला था.. वो थक जरूर गया था मगर झड़ने का नामो-निशान नहीं था।
राधे ने लौड़ा चूत से निकाल लिया और कहा- थोड़ी देर तू मेरे लौड़े को मुँह से चूस.. उसके बाद मैं तुझे घोड़ी बनाऊँगा..

ममता तो खुद यही चाहती थी कि उसको थोड़ा आराम मिले.. राधे लेट गया और ममता उसके लौड़े को होंठों में दबा कर कस कर चूसने लगी… जैसे कोई चूत में लौड़ा जाता हो।

राधे- आह्ह.. ममता.. इतना टाइट चूस रही हो.. उफ़फ्फ़ मज़ा आ रहा है.. मीरा की सील तोड़ी थी.. तब ये अहसास हुआ था आह्ह..
ममता- राजा मैं चुदी-चुदाई हूँ.. तो आपने मेरी हालत खराब कर दी.. मीरा तो कच्ची कली थी.. उसका क्या हाल हुआ होगा..
राधे- उसका हाल तूने देखा नहीं था.. उससे उठा भी नहीं गया.. आह्ह.. बुखार भी आ गया था.. आह्ह.. चूस ना..
ममता- हाँ देखा मैंने.. बेचारी बच्ची को कितना दर्द हुआ होगा..
राधे- तुझे बहुत चिंता है.. तू अपना देख अभी तेरी ठुकाई करता हूँ.. साली बहुत दया आ रही है ना तुझे.. अब खुद पर दया कर..

राधे ने ममता के बाल पकड़े और उसे घोड़ी बना दिया और ज़ोर-ज़ोर से उसकी गाण्ड पर चोटें मारने लगा।
ममता- आआ आई.. लगता है राजा..
राधे- अब घोड़ी बनी है.. तो थोड़ा मार का मज़ा भी ले.. और साली तेरी गाण्ड तो बहुत झक्कास है.. इसका भी टेस्ट करना पड़ेगा..
ममता- नहीं नहीं.. राजा जी.. भगवान के लिए ऐसा मत करना.. ये गाण्ड कुँवारी है… मैं सह नहीं पाऊँगी.. आपका लौड़ा बहुत मोटा है..

राधे- अरे वाह.. मुझे तो पता ही नहीं था तेरा पति बहुत अच्छा इंसान है.. जो मेरे लिए तुझे कुछ तो अधूरा रखा… आज मैं तेरी गाण्ड को मारकर तुझे पक्की औरत बना दूँगा..
ममता- राजा पहले चूत मार लो.. बाद में मौका दूँगी ना.. अब सब आपका ही है आराम से मार लेना.. अभी नहीं..
राधे- मीरा भी गाण्ड के लिए ‘ना’ कहती है.. अब तू भी नहीं दे रही..
ममता- मैं ‘ना’ नहीं कह रही दूँगी.. पहले चूत का मज़ा ले लो.. बाद में गाण्ड भी मार लेना।

राधे ने लौड़े पर थूक लगाया और चूत में पेल दिया.. मगर साथ ही साथ उसने अपनी उंगली भी गाण्ड में डालनी शुरू कर दी।
ममता- आह.. आईईइ.. राजा जी.. आह गाण्ड में दर्द हो रहा है आई.. उंगली से ये हाल है.. लौड़ा जाएगा तो मैं.. आह्ह.. मर ही जाऊँगी..

राधे- कुछ नहीं होगा मेरी रानी.. उहह.. उहह.. आह्ह.. तेरी चूत तो जलवा है ही.. गाण्ड भी मक्खन है.. इसको तो मैं बड़े प्यार से मारूँगा आह्ह..

राधे 15 मिनट तक ममता की चुदाई करता रहा.. अब उसकी उत्तेजना चरम पर थी.. किसी भी वक़्त लंड महाराज ‘परसाद’ छोड़ सकते थे और ममता की चूत तो बेहाल हो गई थी.. उसके बाँध में भी दरार पड़ गई थी.. कभी टूट सकता था।

राधे- आह्ह.. आह.. साली आह्ह.. आज तेरी चूत को आह फाड़ दूँगा आह्ह..

ममता- आईईइ ससस्स.. ककककक.. आह फाड़ दो.. आह्ह.. ज़ोर से आह आज आई.. मेरी कोख को आ भर दो आई.. तेज़ी से चोदो राजा आह गईइ..

दोनों के कामरस का मिलाप हो गया या यूं कहो.. जिंदगी से जिंदगी के जन्म की नींव रख दी गई थी।
अब दोनों ही थक कर चूर हो गए थे और एक-दूसरे को देख कर बस मुस्कुरा रहे थे।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।
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