अनजान रास्ता, अनजान मर्द और चुदाई का मज़ा पति के सामने

(Anjan Rasta, anjan Mard aur Chudai Ka Maja Pati Ke Samne)

नमस्ते दोस्तो
मैं जाह्नवी एक बार फिर अपनी एक नई चुदाई की कहानी लेकर आई हूं!
आपने मेरी पिछली कहानियों से जान लिया होगा कि मेरे पति को मुझे गैर मर्द से चुदवाते देखना पसंद है.

बात चार महीने पहले की है, हमारे घर एक शादी का कार्ड आया था, पहले तो हम दोनों पति पत्नी जाने के लिए राजी नहीं थे क्योंकि वो कार्ड बहुत दूर का था और अगर गये तो रात को वहीं रुकना पड़ेगा इसलिये हमने जाने का कोई प्लान नहीं बनाया था!

पर कुछ दिन बाद मेरे पति मेरी चुदाई देखने के बारे में बात कर रहे थे और बोल रहे थे कि बहुत दिन हो गये तुमने अपनी कोई नई चुदाई नहीं दिखाई है.
मेरे पति को मेरी चुदाई देखने का शौक लग गया था, उन्हें तो बस दूसरों से मेरी चुदाई करने में और देखने में बहुत मज़ा आता था!

तब मेरे पति और मैंने सोचा कि वो जो शादी का कार्ड आया है उस शादी में चलते हैं वहाँ हमें कोई ज्यादा जानने वाले नहीं होंगे, कोई न कोई तो मिल ही जायेगा मेरी चुदाई के लिए!
तब हमने प्लान बनाया कि हम शादी में जायेंगे और रात को ही वापस आ जायेंगे!

तो हम जिस रात शादी थी उस दिन घर से अपनी बाइक पर चल दिये हम दिन में… रास्ता पूछते हुए पहुँच गये!
रात को हमने शादी में खाना पीना खाया और अपने जानने वालों से थोड़ा बातचीत करके अपने काम में लग गये.

मैं खूब सजी-धजी थी कि कोई मुझे देखेगा और मुझे चोदना चाहेगा पर जो मुझे घूर रहे थे वो मुझे पसंद नहीं आ रहे थे.

थोड़ी देर बाद मेरी नज़र एक आदमी पर पड़ी, वो दिखने में तो पतला सा था पर स्मार्ट था. वो अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था.
मैं अपने पति से बोली- आप अपने रिश्तेदारों से बात करो, मैं आती हूँ!
तो वो बोले- कोई मिल गया क्या?
तो मैं बोली- कोई मिला नहीं है, मिल जाएगा तो बता दूँगी.
‘मैं आती हूँ…’ इतना कह कर मैं वहाँ से चल दी!

मैं जाकर उस आदमी से थोड़ी दूर पर खड़ी हो गई, तभी उसकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी, उसने अपने दोस्तों को इशारा किया. वो चार दोस्त थे, सब मेरी तरफ देखने लगे.
मैंने उन्हें देखा तो मैं उनकी तरफ पीठ कर के खड़ी हो गई.
वो सब मुझे देख कर कुछ बात कर रहे थे!

फिर वो आदमी मेरे पास आया और बोला- नमस्ते भाभी जी!
मैंने भी नमस्ते बोल दिया और पूछा- आप कौन?
तो वो बोला- मैं दूल्हे का दोस्त हूँ.
फिर उसने पूछा- आप किस की तरफ से?
‘मैं भी दूल्हे की भाभी…’

फिर उसने अपना नाम अजय बताया और पूछा- आप किस के साथ आई हो?
मैंने कहा- मैं अपने पति के साथ आई हूं. बस हम निकलने वाले हैं, मैं उनका ही इंतजार कर रही हूँ!
तो वो बोला- इतनी जल्दी?
तब मैंने उसे कहा- हम बहुत दूर से आये हैं और वापस जाने में देर हो जाएगी… इस लिये!

फिर वो पूछने लगा- आप कहाँ रहते हो?
तो मैंने बताया- हम दिल्ली से आये हैं!

हमारी बात करीब आधा घंटा हुई पर कोई ऐसी बात नहीं हुई कि बात चुदाई तक पहुँचे.
इतने में मेरे पति आ गये और मुझे थोड़ा दूर ले जा कर पूछने लगे- कुछ बात बनी?
मैंने मना कर दिया कि कोई बात नहीं बनी.

फिर हमने सोचा ‘अब कुछ नहीं हो सकता…’ तो हम अपनी बाइक पे वापस घर की तरफ चल दिये!

हम जिस रास्ते आये थे, उसी से वापस जा रहे थे कि अचानक हमें लगा कि हमने गलत रास्ता ले लिया है. रात में करीब बारह बजे का समय था, हमें कोई मिल भी नहीं रहा था कि रास्ता पूछ लें! हम बस चले जा रहे थे!

चलते चलते मुझे कुछ अजीब सा लग रहा था, शायद शादी का खाना कुछ ठीक नहीं था. मैंने अपने पति को रुकने को कहा.
हम जिस सड़क पर रुके थे, वो एकदम सुनसान थी और एकदम अंधेरा था!

हम बाइक से उतरे तो मेरे पति पेशाब करने लगे, मैंने भी सोचा ‘मैं भी कर लेती हूं…’ तो मैं अपनी साड़ी उठा कर मूतने लगी.

इतने में एक बड़ी सी गाड़ी हमारे उसी रोड पर आ रही थी.
तभी मेरे पति बोले- तुम उठना नहीं और अपनी साड़ी गांड से पूरी उठा दो!
तब मैं उनकी सारी बात समझ गई कि जो काम शादी में नहीं हुआ वो मेरे पति आज रोड पर करेंगे.
मैं भी पूरी गांड खोल कर बैठ रही!

वो गाड़ी बड़ी तेजी आ रही थी हमारे पास आते ही गाड़ी धीरे हो गई और आगे निकल गई, कुछ दूर जाकर रुकी और वापस हमारी ओर आने लगी. हम दोनों ने सोचा कि काम बन गया.
मैं खड़ी हो गई.

गाड़ी जब वापस हमारे पास आई तो उसमें दो लोग थे, जब देखा तो उनमें से एक अजय था जो मुझे शादी में मिला था!
अजय गाड़ी से उतर कर मेरे पास आया और बोला- भाभी जी आप यहां क्या कर रहे हो?
तब हमने बताया कि हम रास्ता भूल गए हैं.

तब मेरे पति ने पूछा- तुम इन्हें जानती हो?
तो मैंने बताया- ये मुझे शादी में मिले थे!
तब वो बोला कि मैं भी दिल्ली जारहा हूँ, आप मेरे साथ चल सकती हो!
तो मेरे पति बोले- आप आगे चलो, हम बाइक पे पीछे आते हैं!

तभी अजय बोला- हम आप को घर छोड़ देंगे पर उसके बदले हमें क्या मिलेगा?
इतना बोलते ही उसने मेरी गांड पर हाथ फेर दिया.

मेरे पति पहले अजय से बोले- आप जाओ, हम चले जायेंगे.
तो अजय बोला- भाई साहब, आप गुस्सा हो रहे हो, हम तो बस यह बोल रहे थे कि आप बड़े खुशनसीब हो कि इतनी खूबसूरत बीवी मिली है, बस थोड़ा वक्त हमारे साथ बिता ले तो क्या बुरा है? इतना कहते अजय मेरे और पास आ गया और मेरी मम्मे को दबा दिया.
मेरे पति बोले- आप बदतमीजी कर रहे हो!

जब अजय मेरे पास आया था तो उसके मुंह से दारू की बदबू आ रही थी. मेरे पति ने मुझे अपनी ओर खींच लिया.
फिर अजय बोला- भाई साहब, आप चिंता मत करो, आपकी चीज आपकी रहेगी, हम तो बस दो मिनट का साथ चाहते हैं, आप को और कुछ चाहिये तो बोलो?
इतना कहते ही अजय ने अपने पर्स से कुछ पैसे निकाल कर मेरे पति के हाथ में पकड़ा दिये और गाड़ी से एक दारू की बोतल निकाल कर देते हुए बोला- ये लो आप दारू पियो, हम थोड़ी सी बात कर लेते हैं!

मेरे पति और मैं एक दूसरे की तरफ देखने लगे, हम सिर्फ मज़े चाहते थे पर यहाँ पैसे और दारू दोनों… मेरे पति ने अजय से कहा- ठीक है, पर जो करना है मेरे सामने करना पड़ेगा!
पर मैं थोड़ा सा नाटक करने लगी, मैं अपने पति से बोली- आप क्या कहे रहे हो? मैं कुछ नहीं करुँगी.
तब मेरे पति बोले- हमें घर जाना है, हमारे पास कोई रास्ता नहीं है, ये हमें ऐसे जाने नहीं देंगे. भलाई इसी में है कि ये जो करना चाहते हैं, करने दो!

फिर मेरे पति ने अजय से कहा- चलो पहले दारू पीते हैं, फिर जो करना है कर लेना!
उन्होंने गाड़ी के आगे बोनट पर पीनी चालू कर दी और मेरे पति मुझे मनाते रहे- कर लो यार, कुछ नहीं होगा!

थोड़ी देर बाद जब उनका पीना खत्म हो गया तब मेरे पति मुझे थोड़ा दूर लेजा कर बोले- अब कितने नखरे करोगी, चलो अब कर लो!
तब मैंने अपने पति को कहा- यार, चुदाई के लिए तो मैं कब से तैयार हूं पर मैं चाहती हूँ कि ये दोनों जबरदस्ती मेरे चुदाई करें तो और मज़ा आएगा!

हम दोनों वापस गये तो मेरे पति बोले- यार, ये तो मान ही नहीं रही है!
अजय मेरे पास आया और बोला- भाभी जी, मान जाओ!
मैंने मना कर दिया. तभी अजय ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे मोम्मे दबाने लगा. मैं छुड़ा कर अलग हो गई.
तभी वो दूसरा आदमी आया और मुझे उठा कर गाड़ी की पीछे वाली सीट पर लेटा दिया और मेरे ऊपर लेट गया, मुझे जोर जोर से किस करने लगा.

अजय गाड़ी के दूसरी तरफ का दरवाजा खोल कर मेरे सर की तरफ अपनी पैन्ट उतार कर अपना लंड निकल कर मेरे मुँह में देने लगा!
मैं तो पहले अपना मुँह इधर उधर करती रही पर थोड़ी देर बाद अजय ने मेरा मुँह पकड़ कर मेरे मुंह में अपना लंड डाल कर अंदर बाहर करने लगा.
उधर उसका दोस्त मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी चुत हाथ से सहलाने लगा.

मुझे मज़ा तो बहुत आ रहा था पर मैं ऐसी हरकत कर रही थी कि वो लोग सोच रहे थे वो कि मेरे साथ जबरदस्ती मेरी चुत मार रहे हों!
फिर अजय बोला- भाभी, मान जाओ… अब तो आधा काम हो गया!
मैंने मना कर दिया- मुझे कुछ नहीं करना!

तभी अजय का दोस्त मेरे पति से बोला- भाई साहब, आप ही समझा दो कि अब तो आराम से भाभी चुत मरा ले!
तो मेरे पति बोले- चोद दो साली को… जबरदस्ती चोद दो! इसे खूब चुदने का शौक है, मेरे से रोज चुदाई के लिए बोलती है… साली आज दो दो लंड मिले हैं तो नखरे कर रही है… चोदो मेरे सामने चोदो!

अजय का दोस्त आया, उसने अपनी पैन्ट खोली, अपना लंड निकाला फिर मेरे दोनों पैर ऊपर किये और लंड मेरी चुत पे टिका कर एक जोरदार धक्का मारा. उसका पूरा लंड मेरी चुत में घुस गया मुझे तो बड़ा मजा आया और अजय मेरे मुँह लंड अंदर बाहर करने में लगा था!

अब अजय का दोस्त मुझे जोर जोर से चोदने में लगा था. मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि किसी सुनसान रास्ते पर मेरी चुदाई होगी. मुझे तो खूब मजा आ रहा था, अब मेरे मुँह से भी सिसकारियां निकलने लगी, मैं अजय का लंड मुँह से निकाल कर हाथ से हिला रही थी और उसके दोस्त को और जोर से करने को बोल रही थी- और जोर से चोद मुझे!
और वो जोर जोर से मुझे चोदने लगा.

थोड़ी देर बाद वो झड़ गया तो मेरी चुद से अपना लंड निकल कर अपना लंड हाथ से हिला कर बचा हुआ माल मेरी चुत पर पौंछ कर गाड़ी से बाहर निकल गया.
फिर अजय गाड़ी की दूसरी तरफ से घूम के आया, मैं वैसे ही गाड़ी की सीट पर लेटी रही, मेरी चुत पर अजय के दोस्त का माल लगा था तो अजय अपने दोस्त से बोला- साले तूने चुत में ही माल निकाल कर छोड़ दिया? चल साफ कर इसे!

अजय का दोस्त पानी से मेरी चुत गाड़ी में ही धोने लगा. अजय बोला- साले गाड़ी की सीट गीली हो जाएगी, बाहर निकाल कर धो!

अजय के दोस्त ने मेरे हाथ पकड़ कर मुझे गाड़ी से बाहर निकाला और मेरी चुत पर पानी डाल कर धोने लगा, फिर अजय ने मुझे गाड़ी के बाहर से ही अंदर सीट पर झुका कर मुझे घोड़ी बना दिया और अपना लंड मेरी चुत में पीछे डालने लगा. मेरी चुत सूख चुकी थी इसलिये लंड अंदर रगड़ कर जा रहा था और मुझे दर्द हो रहा था!

मेरे पति को मेरी चुदाई देखने मे बहुत मज़ा आ रहा था, वो नशे में अपना लंड निकाल कर हाथ से हिला रहे थे और बोल रहे थे- चोद साली को… चोद जम के चोद… साली याद रखे कि किसी ने चोदा था!

इतना सुनते ही अजय को और जोश आ गया और अजय मेरी जम के चुदाई करने लगा, उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी, मेरी चुत ने भी पानी छोड़ दिया था पर अजय मुझे चोदे जा रहा था और चुत में से पच पच की आवाज़ आ रही थी.

थोड़ी देर बाद अजय भी मेरी चुत में ही झड़ गया!

मुझे तो चुदाई में खूब मजा आया और मेरे पति को भी मेरे पति ने भी मुझे उसी सुनसान सड़क पर चोदा और फिर अजय और उसका दोस्त गाड़ी में आगे चल दिये और हम दोनों पीछे…

जब दिल्ली पहुँच गये तो हम अजय से बिना मिले पीछे से ही अपने घर की तरफ चल दिये.
हम रात के दो बजे घर पहुँचे थे और जो अजय ने हमें पैसे दिये थे जब हमने घर पर उन्हें देखा तो वो तो पूरे दस हज़ार रुपये थे.
हमने भी सोचा ‘चलो मज़े भी हो गये और मौज भी हो गई!’

मेरी चुदाई की कहानी आप सब को कैसी लगी जरूर बताना!
मैं जल्द वापस आऊंगी अपनी एक नई चुदाई की कहानी ले कर !
आपकी प्यारी
जाह्नवी
[email protected]

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! अनजान रास्ता, अनजान मर्द और चुदाई का मज़ा पति के सामने