पहला सामूहिक चोदन-आनन्द

Pahla Samuhik Chodan Aanand

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को शीलू का प्रणाम…

दोस्तो, कुछ दिन पूर्व अन्तर्वासना पर मेरी कहानी

पति के दोस्त से चूत चुदाई

एवं
भगवान ऐसा पति सबको दे

प्रकाशित हुई थीं,
जिन्हें आप लोगों बहुत सराहा, आपके मेल बहुत बड़ी संख्या में आये, मेरे लिए उन सबको पढ़ पाना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

मैंने यथासंभव सबको जवाब देने का प्रयास किया किन्तु सभी का उत्तर नहीं दे पा रही हूँ अतः क्षमा करियेगा।

अति व्यस्तता के कारण मेरा आगे की घटना लिखने का कोई विचार नहीं था, किन्तु आप सबके प्यार से मैं विवश हो गई और रोजाना थोड़ा-थोड़ा समय निकलकर लिखना आरम्भ करना ही पड़ा।

आपके सुझावों और प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखकर आगे की दास्तान प्रस्तुत है:

राजन के जाने के बाद लगभग एक माह जिंदगी अपने ढंग से चल रही थी, तभी एक दिन राजन का फ़ोन आया कि अगले सप्ताह वो और नेहा भाभी 3-4 दिन के लिए आ रहे हैं।

हम लोग यह जान कर बहुत खुश हुए, हम चारों ने फ़ोन पर बहुत लम्बी बात की, फिर हम उनके स्वागत की तैयारी में लग गए।

बच्चों की परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी थीं, वे गाँव जाने की जिद कर रहे थे तो अगले दिन कमल उनको गाँव छोड़ आये।

अगले शुक्रवार को राजन और नेहा भाभी सुबह ही आ गए, हम लोगों ने उनका स्वागत किया।

दैनिक क्रियाओं से निवृत होकर उन लोगों ने सारा दिन आराम किया।

हम लोगों के बारे में आपको बताऊँ तो उस समय राजन की उम्र 38 वर्ष थी, कद 5 फ़ीट 6 इंच, रंग गेहुंआ और आकर्षक व्यक्तित्व, जबकि नेहा भाभी की उम्र 33 वर्ष कद 5 फ़ीट, रंग गोरा, फिगर 36-30-40 बेहद आकर्षक लेकिन बहुत शर्मीले स्वभाव की थीं।

कमल 39 वर्ष कद 6 फ़ीट रंग गेहुंआ आकर्षक व्यक्तित्व, एवं मैं उम्र 34 वर्ष कद 5 फ़ीट 3 इंच गोरा रंग, फिगर 40-32-42 अति आकर्षक थी।

कमल और राजन ने स्वैप का प्रोग्राम निश्चित किया किन्तु समस्या यह थी कि नेहा भाभी शर्म, संकोच एवं डर के कारण तैयार नहीं थीं।अतः उनको तैयार करने के लिये ज्यादा प्रयास की जरूरत थी इसलिये शाम से ही उनके सामने कमल कभी मुझे चूमते तो कभी बांहों में ले लेते और मेरे स्तन दबाने लगते।

मैं भी उनको मना ना कर बढ़ावा दे रही थी।

यह सब देख कर नेहा भाभी भी रोमांटिक होने लगी थीं।

रात में कमल और राजन ने गेस्ट रूम में अगल-बगल 2 बेड लगा दिए।
कमरा बहुत रोमांटिक तरीके से सजा दिया।

नेहा भाभी और मैंने मिलकर खाना बनाया, सबने एक साथ खाया और फुर्सत होकर सभी गेस्ट रूम पहुँचे।

टीवी में रोमांटिक फिल्म चल रही थी।

एक बेड पर राजन और नेहा भाभी लेटे तो दूसरे में कमल और मैं…

कमल ने मेरे साथ रोमांस चालू किया तो मैंने भी खुलकर आनन्द लेना शुरू कर दिया।
वैसे भी दिन भर की हरकतों और आगे आने वाले पलों के बारे में सोच-सोच कर मैं बहुत उत्तेजित हो चुकी थी।

हमारी नजरें दूसरे बेड पर लगी थीं।

उधर राजन ने भी नेहा भाभी को चूमना चाटना शुरू कर दिया।

नेहा भाभी शरमाई और मना करने लगी तो राजन ने ट्यूबलाइट बंद कर नाईट लैंप चालू कर दिया।
फिर वे भी राजन का साथ देने लगी।

टीवी और नीले नाईट लैंप की रोशनी में वातावरण बहुत कामुक हो गया था।

फिर कमल उठे और टीवी में ब्लू फिल्म लगा दी जिसमें ग्रुप सेक्स का सीन चल रहा था।

फिल्म में कई जोड़े सेक्स कर रहे थे और बीच-बीच में पार्टनर बदल कर चुदाई कर रहे थे।

अब तो मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैंने कमल के कपड़े उतार कर उनको नंगा कर दिया और उनका लंड पकड़ कर सहलाने और चूमने लगी।

तो कमल ने मेरे भी कपड़े उतार फेंके और और मेरे स्तनों को दबाने, सहलाने व चूसने लगे।

एक तरफ तो टीवी पर बेहद सेक्सी सीन दूसरी ओर हमारा लाइव रोमांस…

यह देखकर राजन और नेहा भी पूरे मूड में आ गए और धीरे-धीरे एक दूसरे को नंगा कर रोमांस में मस्त हो गए।

कमरे में बेहद कामुक दृश्य था।
कभी हम टीवी पर चल रही फिल्म देखते तो कभी राजन और नेहा का लाइव सेक्स…
और फिर अपने में मस्त होकर नए तरीके से प्यार करने में लग जाते।

राजन और नेहा का भी यही हाल था।

अब हम लोग 69 की मुद्रा में आ गए, मैं नीचे थी और कमल का लंड पूरा मुँह में लेकर चूस रही थी।

तो कमल ऊपर से मेरी रसीली चूत को अपनी जीभ से परमानन्द प्रदान कर रहे थे।

उधर राजन और नेहा की नजरें भी हमारे ऊपर ही लगी थीं और हमें देख कर हमारी तरह ही आनन्द लेने लग जाते थे।

अब वे दोनों भी 69 का आनन्द ले रहे थे।

और अब बारी थी असली आनन्द यानि चुदाई की…

कमल और राजन ने आपस में इशारों में कुछ बात की, कमल ने मुझसे धीरे से पूछा कि मैं किस से चुदना चाहूंगी?

मैं बोली- जो आप चाहें…

यही बात राजन ने नेहा से पूछी पर नेहा अभी तक मानसिक रूप से कमल से चुदने के लिए तैयार नहीं थी तो राजन ने कमल को इशारे में समझा दिया कि अभी SRSP (सेम रूम-सेम पार्टनर) ही ठीक रहेगा।

तब कमल ने मुझे सीधा लिटाया और अपना 6 इंच का मस्त मोटा लंड मेरी चूत के द्वार पर लगाकर धीरे-धीरे ऊपर नीचे कर रगड़ने लगे।

आज उनका लंड कुछ ज्यादा ही मस्त लग रहा था, मेरी चूत भी कुछ ज्यादा ही रसीली हो रही थी, और क्यों न हो, आज राजन और नेहा का लाइव सेक्स बिल्कुल सामने देखने को मिल रहा था।

उधर राजन और नेहा भी इसी मुद्रा में आ गए तो दोनों दोस्तों ने एक दूसरे को इशारा किया और एक साथ धक्का लगा दिया।

दोनों लंडों ने अपनी-अपनी चूतों में एक साथ एक ही समय पर प्रवेश किया और फिर शुरू हुआ एक साथ चुदाई का सिलसिला…

मैं तो जल्दी-जल्दी दो बार झड़ गई… पर लगता था कि कमल और राजन शर्त लगाकर चुदाई कर रहे थे और कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था।
कमरे में ‘फच-फच फच-फच फचा फच’ का मधुर संगीत गूँज रहा था।

काफी देर तक चोदने के बाद कमल थकने लगे तो उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और सीधा लेट गए।
फिर मुझे इशारा किया तो मैं ऊपर आ गई और ऊपर से अपनी रसीली रंगीली चूत में उनका मस्त लंड लेकर धीरे-धीरे सुरीले अंदाज में धक्के लगाना शुरू कर दिया।
यह देख राजन और नेहा ने भी यही मुद्रा अपना ली।

मैंने नेहा भाभी की ओर देखा तो वे भी मुझे ही देख रही थीं और पहली बार हमारी नजरें मिलीं।

हम दोनों में मुस्कुराहट का आदान प्रदान हुआ तो हमें अद्वितीय अद्भुत आनन्द की अनुभूति हुई जिसका वर्णन शब्दों में कर पाना असंभव है।

फिर हम दोनों ने एक दूसरे को देखते हुए एक जैसे अंदाज में ऊपर से चुदाई आरम्भ की और नीचे से हमारे पति हमारे साथ ताल से ताल मिलाते हुए साथ दे रहे थे।

दोस्तो, हमें इतना मजा आ रहा था कि उसका शब्दों में वर्णन कर पाना संभव ही नहीं है।

कमरे में बड़ा ही अद्भुत नज़ारा था, एक तरफ टीवी में सामूहिक चुदाई की फिल्म चल रही थी तो दूसरी ओर दो बेडों पर एक साथ एक जैसी लाइव चुदाई चल रही थी।

दोस्तो, यदि आप उस दृश्य को देखते तो एक ही मिनट में बिना कुछ किये ही झड़ जाते।

फिर चरमोत्कर्ष का वो प्रतीक्षित समय भी आ गया जब नीचे से कमल के धक्कों की गति बढ़ने लगी और उनके चेहरे के भाव बदलने लगे।

यह देख उधर राजन ने भी अपने धक्कों की गति बढ़ा दी और मैंने व नेहा भाभी ने भी ताल से ताल मिलाते हुए अपना अंदाज बदल दिया।

तभी हम चारों एक साथ चरम पर पहुँचे और अपना-अपना जीवन अमृत उड़ेल दिया।

बहुत देर तक हम अपने-अपने पतियों के साथ उसी मुद्रा में लिपटे पड़े रहीं, हमारी सांसों की गति सामान्य होने में बहुत समय लगा।

फिर हम लोग नग्न ही बाथरूम गए, सफाई के बाद मैं और नेहा भाभी रसोई से गर्मागर्म दूध लाईं और अपने-अपने पतियों की गोद में बैठकर दूध पिया और पतियों को पिलाया।
अंत में राजन के आग्रह पर हमने दूध के गिलास बदल लिए तो हमारे गिलास से नेहा भाभी-राजन ने, और उनके गिलास से कमल और मैंने दूध पिया।

इस तरह ‘अदला बदली’ की शुरुआत भी हो गई।

फिर हम सब अपने-अपने बिस्तर में लेटकर आराम करने लगे।

उसके बाद भी बहुत कुछ हुआ…
राजन-नेहा भाभी हमारे यहाँ दो दिन और रुके उसके बारे में आपको फिर कभी बताऊँगी।

तो दोस्तो, यह थी हमारे पहले सामूहिक चुदाई प्रोग्राम की सच्ची दास्तान…

आपको कैसी लगी कमेंट्स और मेल द्वारा जरूर बताइयेगा।
मुझे आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा… धन्यवाद!
आपकी शीलू

Is Kahani Ko Desi/Hinglish mein padhne ke liye yahan click karen…

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! पहला सामूहिक चोदन-आनन्द

प्रातिक्रिया दे