बेटी ने मम्मी के यारों का लंड शेयर किया-1

(Beti Ne Maa Ke Yaro Ka Lund share Kiya- Part 1)

अन्तर्वासना पर चुदाई की कहानी के पाठक दोस्तो,
मेरा नाम अर्शदीप कौर है, घर में सभी प्यार से अर्श बुलाते हैं तथा मेरे चोदू यार मुझे चुदक्कड़ अर्श या अर्श रंडी कहते हैं।
घर में मैं बहुत शरीफ हूं लेकिन बाहर पूरी चालू हूं। वैसे घर में सिर्फ पापा के सामने ही शरीफ हूं छोटे भाई और मम्मी के सामने नहीं।

छोटे भाई के कनाडा जाने से पहले उसके लंड से खूब चुदाई की है और हमारा हर दिन और रात चुदाई से रंगीन होता था। रात को सोने से पहले और सुबह उठ कर हम रोज चुदाई करते थे। हम दिन में दो बार तो चुदाई करते ही थे; कभी मौका मिलता तो तीन या चार बार भी हो जाता था; मतलब जब पापा मम्मी शहर जाते तो हम बाद में चुदाई करते थे।

घर का कोई हिस्सा ऐसा नहीं यहां हमने चुदाई न की हो; जैसे रसोई में, अपने बैडरूम में, मम्मी-पापा के रूम में, आंगन में, बाथरूम में नहाते हुए और बारिश में छत्त पर भी इसके अलावा खेत में और पास के जंगल नुमा इलाके में भी।
जब मम्मी-पापा को छुट्टी होती तो हम घूमने का बहाना करके जंगल में चले जाते। वहां छोटी सी झोंपडी़ है, वहां जंगल में मंगल करते।

बात यहीं खत्म नहीं होती, मैंने अपने भाई के दोस्तों से भी कई बार चुदाई की है, उसके बदले मेरा भाई उन दोस्तों की बहनों को चोदता था।

मैं अपने बारे तो बताना ही भूल गई।
मेरी आयु 23 साल है, कद 5 फीट 7 इंच है; मेरा रंग गोरा और बदन भरा हुआ है; मेरे बाल और आंखों का रंग गहरा काला है; होंठ लाल और जांघें मोटी हैं; मेरी गांड और बाहर को उभरी हुई और गोल हैं।

मेरी फिगर का नाप 34डी-26-36 था लेकिन अब लड़कों तथा मर्दों ने मुझे चोद चोद कर मेरा साईज़ बड़ा कर दिया है। मर्दों के मसलने से मेरे बूब्ज़ बड़े हो गए हैं और गांड चुदवाने से गांड भी मोटी हो गई है, बाकी वैसा ही है। अब मेरी फिगर 36डी-26-38 की हो गई है लेकिन चूत तथा गांड के छेद बिल्कुल टाईट हैं और बदन भी कसा हुआ है। कोई मुझे देखकर सोच भी नहीं सकता कि मैं इतने मर्दों से चुद चुकी हूं; और जो भी मुझे चोदता है तो मेरा कसा हुआ बदन, चूत एवं गांड के टाईट छेद देख कर उसको लगता है कि सिर्फ दो या तीन बार ही पहले चुदी हूं।

मेरे सारे दोस्त मर्द दोस्त मुझे सेक्सी माल, चिकना माल, चालू, मस्त, सेक्सी बूब्ज़, सेक्सी गांड, आईटम गर्ल आदि अलग अलग नाम से बुलाते हैं।

मैं ज्यादातर टाईट जींस, टाईट टॉप या टाईट शर्ट पहनती हूं। जब मैं टाईट कपड़े पहन कर चलती हूं तो लड़कों, शादीशुदा मर्दों और बुढ्ढों के लंड खड़े हो जाते हैं। मेरे चोदू यारों की लिस्ट में कुंवारे लड़के, शादीशुदा मर्द जिनमें से कुछ बच्चों के बाप भी हैं और बुढ्ढे भी हैं जिनके मेरी आयु के पोते पोतियां हैं।
मर्दों की नजर ज्यादातर मेरे बड़े बड़े बूब्ज़, मोटी गांड तथा पतली कमर को निहारती है; उनका बस चले, मुझे वहीं चोद दें।

वैसे तो कॉलेज जाने के लिए मेरे पास स्कूटी और कार है लेकिन मैं ज्यादा बस में ही जाती हूं क्योंकि बस में भीड़ होने के कारण मर्द मेरे अंगों को छेड़ते रहते हैं जिसमें मुझे बहुत मजा आता है।
कई बार बस में छेड़छाड़ से बात चुदाई तक भी पहुंच चुकी है इसलिए मुझे बस में जाना पसंद है।

मेरी मम्मी का नाम संदीप कौर है। प्यार से सब सनी बुलाते हैं लेकिन उनके यार सनी लियोनी बुलाते हैं। वो पेशे से टीचर हैं पर वो सनी लियोनी से भी हॉट और सेक्सी है। उनकी आयु 42 साल है लेकिन दिखने में 30-32 से ज्यादा नहीं लगती।

उनके स्कूल का कोई मर्द टीचर ऐसा नहीं जिसने उनको चोदा न हो; यहां तक स्कूल के चपरासी और माली भी मम्मी को चोद चुके हैं।
इसके अलावा पापा के कई दोस्त और मम्मी की सहेलियों को पति और भाई भी उनके साथ चुदाई का खेल खेल चुके हैं।

हम दोनों मां बेटी को एक दूसरी के सब राज़ पता हैं। मैं 8वीं क्ल़ास से ही मम्मी की उनके अलग अलग यारों से चुदाई छुप कर देखा करती थी।

मम्मी का कद 5 फीट 6 इंच और रंग गोरा है। मम्मी की आंखों और बालों का रंग काला है तथा होंठ लाल हैं। मम्मी का रंग मेरी तरह गोरा है शर गांड एवं बूब्ज़ उभरे हुए हैं। मम्मी अक्सर सलवार कमीज़ पहनती है लेकिन सेक्सी ड्रेस भी काफी हैं। मम्मी के बूब्ज़ के निप्पलों का रंग मेरे जैसा हल्का भूरा है और फिगर 36डी-28-36 है। वो इतनी जवान लगती है कि लोग उनको मेरी बड़ी बहन समझ लेते हैं। हम दोनों मां बेटी को शराब की भी लत है।

यह बात करीब चार साल पुरानी है तब मैं बीकॉम दूसरे साल में थी। मुझे और मम्मी को छुट्टी थी लेकिन पापा को नहीं थी।
उस दिन पापा को बुखार हो गया और पापा ने छुट्टी ले ली।

मम्मी को समझ नहीं आ रहा था वो अब क्या करें, अपने यार को कहां मिलें।
मैं मम्मी और उनके यार के बारे सब जानती थी। पापा की गैरहाजिरी में वो कई बार हमारे घर आकर मम्मी के साथ चुदाई करता था और मैं दरवाजे से कान लगा कर अंदर से आती कामुक आवाजे़ं सुना करती थी।
मम्मी का वो यार कोई और नहीं बल्कि मम्मी के स्कूल का ही एक टीचर था। तब मम्मी की आयु 38 साल और मेरी 19 साल थी।

मम्मी के यार का नाम विराट था, उस टाईम उसकी आयु करीब 50 साल होगी; उसका कद 5 फीट 9 इंच रंग गोरा और अच्छी कद काठी थी; उसका चेहरा क्लीन शेव और बालों पर काला रंग लगाता था क्योंकि उसके बाल सफेद हो चुके थे; उसके होंठ लाल और दिखने में काफी खूबसूरत था।

मम्मी दुविधा में थी और मेरे पास आई और मैंने उनको जंगल वाली झोंपडी़ के बारे बताया।
मम्मी ने कहा कि मैं भी उनके साथ चलूं; अकेले जाने से पापा को शक हो सकता है।

मम्मी ने विराट अंकल को फोन करके झोंपडी़ में आने को कहा और मैंने पापा को कहा- मुझे शहर से कुछ सामान लाना है तो मम्मी को साथ लेकर जा रही हूं।
पापा ने कहा- ठीक है! और बाहर से गेट को ताला लगा जाना ताकि कोई आकर परेशान न करे!
और मोबाईल भी आॉफ कर दिया।

मैंने पापा से कहा- हमें आने में काफी देर हो जाएगी, अगर कुछ चाहिए तो बता दो, मैं बना देती हूं।
पापा ने कहा- किसी चीज की जरूरत नहीं, बस दवा दे दो।

पापा दवा लेकर लेट गए और हम दोनों माँ बेटी ताला लगा कर जंगल की तरफ स्कूटी पर निकल गईं।

मैंने उस दिन सफेद जींस, नेवी ब्लू टॉप और सफेद ऊंची ऐडी़ के सैंडिल पहने हुए थे, साथ में नीले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी। रास्ते में मम्मी बोली- स्कूटी रोक!
और पूछा- आगे कोई मिलेगा तो नहीं?
तो मैंने कहा- कोई इंसान तो नहीं मिलेगा।

मम्मी घने पेड़ों के बीच चली गई। मम्मी घर से सलवार कमीज पहन कर आई थी और जब पेडो़ं से बाहर आई तो मम्मी ने लाल मिनी स्कर्ट, छोटा सा लाल टॉप और लाल ऊंची ऐडी़ के सैंडिल पहने हुए थे। मम्मी का टॉप इतना छोटा था कि मम्मी का गोरा चिकना पेट दिख रहा था और गला इतना खुला था कि मम्मी के आधे बूब्ज़ बाहर निकले हुए थे।

मम्मी ने मुझ से पूछा- कैसी लग रही हूं?
तो मैंने कहा- पूरी रंडी लग रही हो।

मैंने मम्मी से पूछा- ये ड्रेस कब ली?
तो मम्मी ने बताया- विराट अंकल ने मुझे कल दो ड्रेस गिफ्ट की हैं और यही पहन कर मिलने को बोला था।
मैंने कहा- दूसरी कैसी है?
मम्मी ने स्कूटी की डिग्गी खोली और अपनी सलवार कमीज़ रख कर लिफाफा निकाल कर बोली- ये है दूसरी।
मैंनें मम्मी से पूछा- क्या मैं पहन लूं?
मम्मी बोली- चुदने मैं जा रही हूं या तू?
मैंने कहा- मम्मी चुदाई आप ही करवाना लेकिन मुझे पहन कर देखने दो।
मम्मी बोली- ठीक है, पहन ले, लेकिन ब्रा मत पहनना।

मैंने वो ड्रेस पहन ली; काले रंग की मिनी स्कर्ट, काला छोटा टॉप, काली जालीदार पैंटी और काले ऊंची ऐडी़ के सैंडिल थे।
उस ड्रेस में मैं बहुत सेक्सी लग रही थी। मेरा गोरा चिकना पेट नंगा था, खुले गले से मेरे बड़े बड़े बूब्ज़ बाहर छलक रहे थे, मेरी भरी हुई जांघें भी नंगी थीं और मैंने अपने बाल खुले छोड़ लिए।
मम्मी ने भी अपने बाल खोल लिए. ऊंची ऐडी़ से हम दोनों की गांड काफी उभर आई थी। उसके बाद हम झोंपडी़ के पास जाकर स्कूटी को पेड़ों के बीच छुपा दिया। हमने झोंपडी़ में जाकर सूखा घास फूस इक्कठा करके अच्छा सा बिस्तर बना दिया।

ये सब करने के बाद मम्मी ने मुझे स्कूटी के पास भेज दिया और बोली- विराट अंकल के जाने के बाद ही आना।
वैसे मैं भी चुदना चाहती थी लेकिन मम्मी की बात मान कर जाने ही लगी थी कि तभी विराट अंकल की बाईक आ गई और उसके साथ एक और आदमी भी था। मैं थोड़ी दूर खडी होकर उनकी बातें सुनने लगी.

मम्मी ने कहा- तुझे अकेले आने को कहा था और तेरी तो अनीता के साथ आज मिलने की डेट थी।
तभी वो बोला- सनी डार्लिंग, क्या करूं… अनीता ने आज मिलने से मना कर दिया तो मैं तेरे पास आ गया।
मम्मी ने कहा- मैं तो विराट के साथ चुदाई करूंगी और तू क्या करेगा?
वो बोला- मैं तुम दोनों की चुदाई देखकर मुट्ठ मार लूंगा; तुम चुदाई तो करने नहीं दोगी।

मैंने उस आदमी को गौर से देखा, वो भी मम्मी के स्कूल का टीचर था; उसका नाम अजय था और एक साल पहले ही नौकरी लगी थी। उसका कद करीब 5 फीट 10 इंच और अच्छा जिस्म था। रंग गोरा, आंखें एवं बाल काले होंठ गुलाबी और बहुत खूबसूरत लड़का था। उसकी आयु करीब 26-27 की होगी।

मम्मी ने उससे कहा- अजय, अनीता तेरे लायक ही नहीं है; तू इतना हैंडसम है और वो बिल्कुल बेकार कहां उसके चक्कर में आ गया।
अजय बोला- काम चला रहा हूं; जब तक दूसरी लड़की नहीं मिलती, तब तक तो उसको ही चोदना पडे़गा।
मम्मी बोली- अगर मैं तेरे लिए सुंदर लड़की का इंतजाम कर दूं तो?
वो बोला- मैं हाजिरी रजिस्टर में आपकी गैरहाजिरी को हाजिरी में बदल दूंगा लेकिन लड़की आपकी बेटी अर्श जैसी होनी चाहिए।
मम्मी ने कहा- उस जैसी क्यों, उसको ही बुला लेती हूं!

और मम्मी ने मुझे आवाज़ देकर अपने पास बुला लिया। इतनी सेक्सी ड्रेस में मुझे देखता ही रह गया, फिर बोला- अगर भगवान से कुछ और मांगता; वो भी मिल जाता; रास्ते में तुम्हारे बारे ही सोच रहा था।
मम्मी बोली- हम बदल बदल कर चुदाई करेंगे।

हम चारों झोपडी़ के अंदर आ गए। अजय मेरी तरफ आने लगा तो विराट अंकल बोले- अजय एक मिनट यार… सनी के बदन के तो मैंने बहुत मजे लिए हैं, आज मुझे पहले अर्श के जवान बदन से खेलने दे, तू उतनी देर कामुक सनी के बदन से खेल!

अजय मम्मी की तरफ हो गया और विराट अंकल मेरी तरफ आ गए। विराट अंकल ने मुझे कहा- अर्श तुझे मालूम है कि मैं पहले तुम्हारे पास क्यों आया?
मैंने कहा- नहीं अंकल!
तो बोला- तुझे देख कर मुझे अपनी बेटी याद आती है, वो भी तेरी तरह खूबसूरत, जवान और सेक्सी है। वो कई मर्दों से बहुत बार चुदी है, मुझे भी कई बार अपनी जवानी का रस पिलाया है। अब शादी के बाद ससुराल में रहती है, जब आती है तो उसकी मां उसे अकेला नहीं छोड़ती। मुझे आज भी उसके जवान बदन का स्पर्श याद है और वो मैं तुझ से महसूस करना चाहता हूं।

मम्मी और अजय उसकी बातें सुन रहे थे तो मैंने कहा- सारा टाईम बातों में निकल जाएगा और पापा का फ़ोन आने लगेगा। तुम लोगों के लंड खड़े रह जाएंगे और हम भी प्यासी रह जाएंगी।

मां बेटी की चुत चुदाई की यह हॉट सेक्स स्टोरी जारी रहेगी.
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