मेरी कमसिन जवानी की आग-9

(Meri Kamsin Jawani Ki Aag- Part 9)

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अभी तक की इस हिंदी सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मैंने अपनी सबसे पहली गांड चुदाई से लेकर अब तक अपनी सारी दास्तान सभी अंकल लोगों को सुना दी थी.
अब आगे..

यह मेरी बात सुनकर सभी चारों अंकल बोले- वोहहह माई गॉड वन्द्या तेरी सच्चाई गजब की है यार.. तेरी लाइफ का सच बहुत इंटरेस्टिंग है. सच है तुझे भगवान ने तभी इतनी खूबसूरत और इतनी सेक्सी बनाया है. तू सेक्स की जीती जागती मूरत है.. तू सिर्फ सेक्स के लिए बनी है वन्द्या.. और सच है इससे ज्यादा मज़ा और किसी में नहीं है. तेरा चुदवाने का चिल्लाने का दर्द का रोने की हर अदा लाजवाब है.

तभी राज अंकल ने जोर से मेरे बालों को खींच कर अपना पूरा लौड़ा मेरी गांड में पेल दिया और बोले- वन्द्या तुम रंडी बनोगी, सच बता?
मैं बोली- हाँ राज.. जो बना सकता है तू सब बना दे. मैं अभी लगभग बारह पन्द्रह दिन यहीं रूकी हूं, तब तक तो तुम लोगों की हूं.

जगत अंकल भी मेरी चूत में बहुत जोर जोर से धक्का मारने लगे और गंदी गालियां देने लगे. वे बोले- तू वन्द्या, पन्द्रह दिन के लिए जब तक यहाँ है, तब तक हम लोगों की रखैल बन जा साली.. तुझे चुदाई के मजे भी देंगे और मालामाल करके भेजेंगे. बोल क्या बोलती है?
मैं बोली- पक्का … चल बन गई तुम लोगों की पन्द्रह दिन की रखैल.. देखती हूं कितना मज़ा कराएगा और तुम सब मुझे कितना मालामाल करोगे, पर उसके लिए मेरी मम्मी को भी तुम लोगों को विश्वास में लेना होगा. उन्हें भी कुछ दे देना. पर ऐसे देना कि उन्हें जरा भी शक न हो कि तुम लोग मुझे चोदते हो या चुदवाते हो.

मुन्ना अंकल और राज अंकल बोले- तेरी मम्मी की चिंता तू छोड़ दे.. उसको क्या पटाना है, वो तो पटी हुई है. वन्द्या तेरी मम्मी को तो दस हजार रुपए दे दूं तो वो खुद तुझे चुदवाई करवाने ले आएगी और हजार दो हजार दे दूंगा तो वो खुद चुदवा लेगी. पर अब वो ढल चुकी है.. चालीस पैंतालीस साल की हो गई.. उसका सब ढीला हो चुका है मजा नहीं आएगा. और तू तो एकदम करारी माल है वन्द्या.. तू तो इस समय पूरी दुनिया की सबसे सेक्सी खूबसूरत आइटम है. तुझे पूरे 15 दिन जमकर चोदेंगे, तू अब आज से हम लोगों की रखैल है और पन्द्रह दिन के लिए इस जगत अंकल की तू बीवी भी है. इसलिए अब तेरे लिए सब कुछ करेंगे. वन्द्या तू बहुत मस्त माल मिल गई है. तेरे लिए तेरी मम्मी को भी पटा लेंगे, चाहे कुछ भी करना पड़े, कितना भी देना पड़े.

तभी जिनका मकान था, संमाली अंकल, वे बोले- यार राज, मैं तो उतना खुला नहीं हूं, तू तो रिश्तेदार है वन्द्या की मम्मी का.. और इसकी मम्मी तो तुम्हारी पुरानी सेटिंग भी है, तो इसकी मम्मी को जितना देना पड़े, मैं दे दूंगा. वन्द्या की मम्मी को भी कैसे भी पर पटा ले कि उसे जो लेना है, ले ले.. पर इसे हीं भी आने-जाने से मना नहीं करे. वो भी हम लोगों के साथ ख़ास तौर से न रोके.
राज अंकल बोले- बिल्कुल.. डन.. मैं ये कर लूंगा. चलो अभी जमकर वन्द्या को रगड़ कर चोदते हैं. आज जैसा अपन किये हैं, वैसे रोज नहीं हो पाएगा. जब तक इसकी मम्मी अपने कान्फीडेन्स में नहीं आएगी.

इधर बातें चल रही थीं, मुझे जगत अंकल आगे से और राज अंकल पीछे से पकड़ कर चोदे जा रहे थे और मैं अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी. मैंने ऐसी भयानक जोश में.. मदहोश हो रही थी. मैं तुरंत ही समाली अंकल का लौड़ा पकड़ कर उसे अपने हाथों से रगड़ने लगी, तो वो और कड़क होने लगा.

समाली अंकल बोले- आह साली क्या लंड तोड़ डालेगी वन्द्या.. इतने जोश में है तू?
मैं बोली- हाँ अंकल मैं बहुत बेचैन हो रही हूं.. कुछ ऐसा करो और करवाओ कि मेरे बदन की आग और प्यास बुझ जाये.. मुझसे रहा नहीं जा रहा है.

तभी मुन्ना अंकल फिर से मेरी छाती में दोनों टांगों को इधर उधर करके चढ़ गए और मेरे दोनों दूधों को कस के अपने हाथों से पकड़ कर दोनों दूधों के बीच में अपना लंड घुसा दिया. इससे मैं समाली अंकल को जकड़ कर लिपट गई और उनके होंठों को चूसने लगी.

तभी नीचे जगत अंकल मेरी चूत में बहुत जोर जोर से धक्का लगाने लगे और बोले- वोहहह वन्द्या गजब की चूत है तेरी बेहद टाइट और गर्म.. मैं पागल हुआ जा रहा हूं.. क्या बताऊं रे.. तूने आज पागल कर दिया.. मुझे बुढ़ापे में जवानी का अहसास करा दिया और जन्नत का मज़ा दे दिया.. लाइफ में पहली बार मैं पन्द्रह बीस मिनट तक चोद पाया हूं. अब वन्द्या तेरे बिना नहीं रह पाऊंगा, तू मेरा सब ले ले.. पर मेरी बीवी बन जा.

मैं बोली- पन्द्रह दिन की तो तेरी बीवी बन ही चुकी हूं.. बोल तो दिया है अब आगे के लिए मम्मी से बात कर लेना.
जगत अंकल बोले- पर तेरी मम्मी कैसे मानेगी.. मैं पैंसठ साल का हूं और तू ज्यादा से ज्यादा होगी तो 18 साल की. तेरे मेरे बीच में पैंतालीस पचास साल का अंतर है.. पर मैं तुझे और तेरी मम्मी के नाम पूरी अपनी जायदाद लिखा दूंगा. करोड़ों का तो मेरा घर है और जमीन कार सब अलग सब दे दूंगा और तुझे फुल आजादी.. चाहे जहाँ जा चाहे, जिससे चुदवा. वन्द्या.. कुछ बात जमा, मैं तो तुझे देख कर और चोदकर तेरा दीवाना हो गया हूं, तेरे बिना रह पाना अब मुश्किल है.

मैं बोली- अंकल, तेरी उम्र से मुझे कोई दिक्कत नहीं है और किसी लड़की को उम्र से कोई प्राब्लम नहीं होती. बस लड़की को अगर कुछ चाहिए, तो वह है संतुष्टि.. अभी भी तेरे लंड में बहुत दम है.. तू बहुत मस्त चोदता है. मैं बिल्कुल पागल हो गई और तूने अंकल मुझे बहुत दर्द भी दिया, बहुत रुलाया तेरा लौड़ा बहुत कड़क है. मुझे आज तक ऐसा दर्द नहीं हुआ. मैं तेरे साथ रहने को तैयार हूं.

मुझे खुद पता नहीं था कि मैं क्या बोल रही हूं.

तभी जगत अंकल बोले- ओ मेरी जान वन्द्या, अब मुझे अंकल कहना छोड़ दे तू.. मुझे डार्लिंग जान या पति बोल. एक बार अपने मुँह से मुझे पति बोल.
मैं फुल जोश में थी तो बोली- हाँ मेरे राजा.. मेरे पति तू बहुत मस्त है और जोर से घुसा.. फाड़ दे अपनी बीवी वन्द्या की चूत..

जगत अंकल फुल जोश में आकर बहुत अपनी कमर उठा उठा कर जोर जोर से चोदने लगे. अब मेरी चूत और गांड दोनों जगह से फच फच की आवाज आने लगी.

इतने में जगत अंकल बोले- वन्द्या अब मेरा लौड़ा तेरी चूत फाड़ने वाला है.. तू कुतिया मादरचोदी.. तेरी मां चोदूं साली रंडी ओहहहह.. तू जन्नत का मज़ा देती है.. उंहहह ऊंहहह..

इस तरह की आवाज जगत अंकल जोर जोर से निकालने लगे और फिर मुझे कस के पकड़ कर बोले- वन्द्या मेरी बीवी.. आह.. मैं झड़ने वाला हूं.. मेरा काम तमाम हो रहा है..

वे मेरे कंधे को जोर से पकड़ कर मुझसे लिपट गए और बेहद गर्म गर्म वीर्य अंकल का मेरी चूत में भर गया.

मुझे बहुत अजीब गुदगुदी सी लगी. जैसे ही जगत अंकल ने मेरी चूत में पूरा लंड रस डाल दिया, मैं भी जोश में आकर आएं बाएँ बकने लगी.

‘आहह वोहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ऊंहहह मेरे राजा बहुत मस्त है तू.. आह.. मेरे कमीने पति मादरचोद.. मार दिया साले..’ मैं भी जगत अंकल से लिपट गई. करीब दो मिनट वे मुझसे लिपटे रहे. फिर उनका लंड चूत में ही सिकुड़ गया और बहुत छोटा हो गया, तब जगत अंकल ने मुझे छोड़ा और उठ गए.

राज अंकल बोले- समाली… जगत जी का तो काम तमाम हो गया है. अब आप आ जाओ.. और सम्हालो सोनू की चूत को.. लंड पेल कर फुल मजा लो और आप भी सोनू को भी सेटिस्फाई करो.
ये कहते हुए राज अंकल तेजी से मेरी गांड को चोद रहे थे.

समाली अंकल बोले- यार राज तू एक काम कर.. तू इसके आगे आजा और वन्द्या की चूत में अपना लंड डाल ले.. मुझे सिर्फ इसकी गांड मारनी है. मुझे वन्द्या की गांड बहुत ज्यादा पसंद है. वैसे तू मुझे गलत मत समझना, मैं सच बोलूं तो मुझे भी गांड मारना ही पसंद है यहाँ तक की मैं लड़कों की गांड भी पैसे देकर मारता हूं. सच कहूं तो गांडू ही हूं. यह मेरी आदत बन चुकी है और वन्द्या की गांड भी तो लाजवाब है. मैंने आज तक ऐसी गांड नहीं देखी, जो इतना उठान लिए हुए हो.
राज अंकल बोले- ठीक है अंकल आ जाओ.. मैं तो इस मस्त सोनू की गांड काफी देर से चोद रहा हूं. अब इसकी चूत का भी मजा ले लेता हूं. पर सच तो ये है कि मेरा सोनू की गांड छोड़ने का मन बिल्कुल भी नहीं कर रहा.. उंहहह अंकल बहुत गजब की गांड है.. सच में आ जाओ आप.

फिर राज अंकल ने अपना लंड मेरी गांड में से निकाल लिया और उठकर मेरे आगे तरफ आकर मेरी दोनों टांगों को चौड़ा किया और मेरी नाभि को चाटने चूसने लगे. मुझे फिर से बहुत गुदगुदी होने लगी. फिर वे अपने हाथ से मेरी चूत को सहलाने लगे, मेरी चूत बहुत चिपचिपा रही थी. जगत अंकल के लंड रस अभी अभी मेरे चूत में छोड़ा था इसलिए एकदम मलाई से भरी हुई चूत थी.

राज अंकल बोले- सोनू क्या गजब की आइटम है तू.. बनाने वाले ने तेरा पूरा बदन न जाने कितनी फुर्सत से बनाया होगा.. तेरी चूत बिल्कुल गुलाबी सुर्ख है.

ये कह कर राज अंकल ने मेरी चूत में अपना मुँह रख दिया. पहले वे चूत सूंघने लगे, फिर मेरी चूत में अपना मुँह रख कर चूमने लगे. उन्होंने मेरी चूत को बहुत किस किया. फिर राज अंकल मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी और पागलों की तरह चाटने लगे.
मैं पागल हुई जा रही थी और मेरे हाथों की रेंज पर सिर्फ मुन्ना अंकल थे. तो मैंने उन्हें पकड़ कर खींच लिया और उनके होंठों को चूमने लगी. साथ ही मैंने अपनी जीभ मुन्ना अंकल के मुँह में डाल दी.. और मुन्ना अंकल को कस के अपनी बांहों में जकड़ लिया.

उधर मेरे पिछवाड़े में समाली अंकल ने आकर, मेरे कूल्हों को अपने हाथों से पकड़ा और सहलाने लगे.. फिर मेरे कूल्हों को फैला कर मेरे पिछवाड़े को चूमने लगे और जीभ से चाटने भी लगे. धीरे-धीरे मेरे कूल्हों पर अपने हाथों से थप्पड़ मारने लगे.

अंकल बोले- वन्द्या तू क़यामत है यार.. सच में तेरी गांड से मस्त गांड दुनिया की किसी मॉडल की भी नहीं होगी, न किसी हीरोइन की होगी. मैंने इतनी खूबसूरत लड़की की इतनी मस्त गांड कभी नहीं देखी. अब तक मैंने अपने देश की और विदेशी लड़कियों की गांड चुदाई वाली कई ब्लू फ़िल्में देखी होंगी.. पर वन्द्या तेरे जैसी गांड नहीं देखी.. तू फिल्मों में चली जाए, तो आज हिरोइन बन जाएगी. आह.. क्या मस्त उठान है तेरी गांड की..

यह कहते हुए मेरी गांड को समाली अंकल चाटने लगे और मेरी गांड के छेद पर अपनी जीभ डाल दी. उनकी खुरदरी जीभ का अहसास पाते ही मैं उछल पड़ी और गरम होकर मुन्ना अंकल का लौड़ा ढूंढने लगी.
मुन्ना अंकल बोले- क्या हुआ वन्द्या, मेरा लौड़ा चाहिए क्या?
मैं बोली- हाँ अंकल … अंकल मुझे अपना लंड दे दो.
मुन्ना अंकल ने झट से अपना लंड मेरे हाथ में दे दिया, मैं मुन्ना अंकल के लंड को जोर से पकड़ कर कस के रगड़ने लगी. मुन्ना अंकल भी इस हरकत से हाँफने लगे और अपने हाथों से मेरे दूधों को दबाने लगे.

तब राज अंकल बोले- सोनू, तुझे अब जन्नत का मज़ा लेना है तो बोल?
मैं बोली- राज, अब तू कुछ भी यार.. बस इतना ज़ोर से कर कि मैं बिल्कुल बेहोश हो जाऊं.. मेरी प्यास बुझा हरामी मादरचोदो कुत्तों.. साले तुम तीन तीन मर्द लगे हो और मैं तड़प रही हूं.. तीनों छक्के हो क्या भड़वे साले.. ओहहह राज कुछ स्पेशल कर यार!
तब राज अंकल बोले- ये सोनू हम तीनों को छक्का बोली.. साली मादरचोदी को चलो दिखा दो अपनी मर्दानगी.. निकालो इसकी चीख. अब तो इस साली कुतिया को बेदर्दी से हम तीनों एक साथ चोदेंगे. मुन्ना तू अपना लंड इसके मुँह में डाल और फ्रेंच चुदाई कर इसके मुँह की.. समाली अंकल अब सीधे इसकी गांड में अपना लंड टिकाओ और मैं सोनू की चूत में जोर से पेलता हूं.

तीनों ने ओके कहा और मुन्ना अंकल मेरे मुँह में अपना लंड रख कर अपने लंड को मेरे होंठों से रगड़ने लगे.

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कहानी जारी है.