जीजा ने मुझे रंडी बना दिया-10

(Jija Ne Mujhe Randi Bana Diya- Part 10)

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कहानी के पिछले भाग में मैंने बताया कि दोनों सेठों ने मुझे पागल कर दिया था, मैं चुदने के लिए तड़प उठी थी. उनसे मिन्नत करने लगी थी कि अगर उन्होंने मेरी चूत में लंड नहीं डाला तो मैं मर जाऊंगी.

मेरी हालत को देख कर विवेक बोला- बंध्या पूरी रात जगने के लिए तैयार हो जा.
मैं बोली- तैयार हूं मैं, आप दोनों को जितना चोदना है चोद दो! बस मुझे और मत तड़पाओ. मुझसे रहा नहीं जा रहा है।

इतने में विवेक मेरे पीछे की तरफ आने लगा और अभय से बोला कि अब आप आगे आ जाओ. मैं इसकी पहले गांड मारना चाहता हूं. तब तक आप इसकी चूत को टेस्ट करो.
उन दोनों ने अपनी पोजीशन बदल ली.

उन दोनों ने मुझे नीचे से हाथ लगा कर टेढ़ा लिटा दिया. मेरे सामने की तरफ अभय आ गए. मेरी टांगों को चौड़ा करके फैलाया और अभय ने अपनी हथेली से मेरी चूत थपथपाई और बोले- तेरी चूत तो बहुत मस्त है.
इतना बोल कर उसने अपने लौड़े को पकड़ कर मेरी चूत के छेद में जैसे ही टच कराया मैं अभय को जोर से पकड़ कर बोली- अभय जोर से डालना, बहुत जोर से … मेरी चूत में घुसा दो अपना लंड. प्लीज जल्दी से डाल दो.

तभी विवेक पीछे से मेरे कूल्हों को चाटने लगा. फिर उसने मेरे दोनों कूल्हों को दोनों हाथों से फैलाया. उसके बाद गांड में बहुत सारा थूक लगा कर विवेक ने मेरी गांड को चौड़ा करके अपने लन्ड का सुपारा जैसे ही मेरी गान्ड में टच कराया मुझे बहुत गुदगुदी सी हुई और मैंने अपनी गान्ड विवेक के लन्ड से सटा दी.

मैं चाह रही थी कि विवेक का लंड सट से मेरी गांड में चला जाये लेकिन मेरी कोशिश नाकाम रही. परन्तु विवेक समझ गया.

उसने गान्ड की तरफ झुक कर बालों को कस कर पकड़ लिया और बोला- साली बंध्या बहुत मस्त आइटम है तू, तुझे तो लगता है कि पूरी रात नहीं बल्कि कई दिनों व कई रातों तक चोदते रहना होगा. तेरे जैसा माल हमें कभी सपनों में भी मिलेगा हमने नहीं सोचा था। बंध्या तुझे अब कुछ चिंता करने की जरूरत नहीं. बस हमें जी भर कर खुश कर दे. फिर देखना तेरी लाइफ और तेरे जीजा की लाइफ बना देंगे.

अभय ने सामने से मेरे एक पैर को पकड़ कर थोड़ा सा ऊपर की तरफ उठाकर चौड़ा किया और अपने हाथ से अपना लौड़ा पकड़ कर मेरी चूत में एक हाथ लगाया और अपने लन्ड का सुपारा जैसे ही मेरी चूत में टच कराया तो मैं बिल्कुल उछल सी गई.

लंड मेरी चूत में टच होते ही मैंने अपनी कमर को आगे कर दिया ताकि जल्दी से चूत में अभय का लन्ड घुस जाए किंतु मेरी कोशिश नाकाम रही।
मुझे बेताब देख कर अभय बोले- मैं 50 साल का हो रहा हूं. आज तक मैंने सिर्फ सुना है, पोर्न फिल्मों में देखा है कुछ रंडियां भी बुलाई हैं चुदाई करने के लिए. मगर एक साथ दो लंड लेने के लिए कोई भी तैयार नहीं हुई थी.
बंध्या तू पहली लड़की है जो मेरे जीवन में एक साथ दो लंड को लेने के लिए तैयार हुई है. तेरे अलावा आज तक किसी ने भी ऐसी हिम्मत नहीं की है. तू सच में एक चुदक्कड़ रांड है. तेरे जीजा ने तेरे बारे में जो भी बताया था वह तो बहुत कम था. तू तो सच में कयामत है साली.

मैं बोली- अब बातों में टाइम खराब न करो. मेरी चूत में लंड दे दो.
मगर फिर मेरा ध्यान अभय की बात पर गया. मैं पूछने लगी- मेरे जीजा ने और क्या बताया है आप लोगों को मेरे बारे में?

अभय बोला:

हम लोग एक दिन ऐसे ही दारू पी रहे थे. हम तेरे जीजा के साथ थे. ऐसे ही बात चल रही थी कि बहुत दिनों से कोई मस्त माल चोदने के लिए नहीं मिली है.
उस दिन तेरे जीजा भी फुल नशे में थे. उससे पहले उसने हमसे कभी इस तरह की बात नहीं की थी. तेरे जीजा बोले कि उसकी नजर में एक ऐसी कड़क माल है जो हमने कभी सपने में भी नहीं चोदी होगी.
वह साली इतनी गर्म है कि एक साथ 2-3 लौड़े आराम से ले सकती है. अगर उसको चोदने लगोगे तो पागल हो जाओगे आप दोनों.
उस दिन तेरे जीजा की बात को हमने तब मजाक में टाल दिया और बोले कि अबे देख, तू नशे में हम लोगों से कुछ भी मत बोल. हम इतने उम्र के हो गए. आज तक ऐसी लौंडिया नहीं मिली है जो दो लन्ड से चुदवाये. तुझे नशा हो गया है।

तब तेरे जीजा ने कहा- भाई साहब, उसकी मम्मी भी अपने जमाने की बड़ी चुदक्कड़ औरत रही है. अपने पूरे गांव में बदनाम है. मैंने उसकी मम्मी को चुदते तो नहीं देखा लेकिन उसकी लड़की अभी बिल्कुल कच्ची कली है और एकदम से कयामत है. अगर मेरी बात झूठ निकले तो मुझे अपने पास से काम से हटा देना और सबके सामने 20 जूते मारना।

अभय ने कहा- बंध्या, तेरे जीजा की इस बात से हम लोगों को विश्वास हुआ. हमने फिर उससे पूछा कि अच्छा ऐसी बात है तो फिर तू दिला सकता है क्या वह माल?
तेरे जीजा ने बोला- हां दिला सकता हूं. बिल्कुल उस लौंडिया की दिला सकता हूं।
हमने पूछा- कितना लेती है, कितने में आएगी?

तो तेरे जीजा ने बोला- बस एक काम करना कि अपने ठेके में मेरा ट्रैक्टर और मुझे लगा लेना. मेरे कुछ लेबर हैं. उनको काम में रख लेना और हमेशा मुझे काम मिलता रहे. बस इसकी गारंटी आप दे दीजिए। मैं उस लड़की को आप दोनों के बिस्तर में ला दूंगा.

हमने बिना सोचे उसको हां बोल दिया और तेरे जीजा से कहा कि चल तेरा काम पक्का कर दिया। अब मिला उस आइटम से कौन है वह लड़की?
तब तेरे जीजा ने बताया कि वह मेरी साली है. हमें आश्चर्य हुआ तो हमने पूछा कि तेरी रिश्ते की साली है क्या?
तो तेरे जीजा ने बोला कि नहीं, वह मेरी सगी साली है. मेरी बीवी तीन बहन हैं जिनमें से वह सबसे छोटी है. उसकी अभी शादी नहीं हुई है। वह मेरी साली मेरी सासू मां के रास्ते पर ही चल रही है.

हम तेरे जीजा की बात सुन रहे थे.
उसने आगे बताया- मेरा ससुर घर में रहता नहीं और बाहर काम करने मुंबई चला जाता है. दो साल में मुंबई से वापिस घर आता है। सास भी क्या करे? दो-दो साल बिना चुदवाये कैसे रहे?

इसलिए तो पहले ही अपनी शादी के बाद से ही मेरी सास यही करने लगी थी, फिर मुझे भी अपनी शादी के एक साल बाद पता चला कि मेरी बीवी भी कई मर्दों के साथ सो चुकी है. मेरी सास की सहेली एक बाई है. वो अपने घर में मेरी बीवी से शादी से पहले एकाध साल धंधा भी करवा चुकी है.

तेरे जीजा ने और बताते हुए कहा- अभी भी मेरी बीवी मुझसे खुश नहीं रहती है. इधर उधर मुंह मारती है लेकिन मैं सब जानते हुए भी अनजान बना रहता हूं। मगर यह जो मेरी छोटी साली है यह तो बहुत ज्यादा ही खूबसूरत और बेइंतहा सेक्सी है।

जो भी तेरे जीजा ने हमें तेरे बारे में बताया था उसको सुन कर हम दोनों को यकीन हो गया था कि तेरा घर अब एक रंडीखाना बन चुका है. वैसे हमें इसमें कोई दिक्कत नहीं है. सबकी अपनी पसंद होती है. इसमें कोई गलत बात नहीं है. जिसको जो पसंद हो उसको वो पूरी तरह से करने का अधिकार है.

उसके बाद हमने तेरे जीजा से तेरे बारे में और भी पूछा.
उसने तेरा नाम बंध्या बताया.
वो बोले- उसके एक दो यार भी हैं. उसके एक यार का नाम आशीष है. वो उससे शादी करने के लिए मरी जा रही है. अशीष के लिए मेरी साली बंध्या पागल है. उसके लिए कुछ भी करने को तैयार है.

एक महीने पहले बंध्या मेरे साथ चित्रकूट दर्शन के लिए गई थी, तब तक मैं उसे अपनी बेटी की तरह मानता था. भले ही वो रिश्ते में मेरी साली है मगर उसके साथ सेक्स करने के बारे में मैंने कभी भी नहीं सोचा था. वैसे मैंने गांव में उसके बारे में काफी कुछ सुना हुआ था. वो कई बार इधर उधर पकड़ी भी गई थी.

उसको एक दो बार गांव में ही नंगी पकड़ा गया था. मगर वो मेरे से 20 साल छोटी है इसलिए मैंने उसके बारे में कभी गलत नहीं सोचा था. उस दिन चित्रकूट में जब वह अपने बॉयफ्रेंड अशीष से बात कर रही थी तो उसने मुझे सोता हुआ पाकर फोन में ही खुलेआम अपनी चूत चुदवाने की सेक्सी बातें करना शुरू कर दिया.

उसकी बातों को सुन कर मेरा मूड भी बनने लगा था. उस दिन बंध्या के लिए मेरा मन बदल गया था. उसके बाद फिर मुझसे भी रहा न गया. मैंने बंध्या को पकड़ कर उसको किस करना शुरू कर दिया मगर वह साली फिर भी फोन पर अपने यार से सेक्सी बातें करती रही.

वो चुदाई की सेक्सी बातें करते हुए काफी गर्म हो चुकी थी. उस दिन मैंने पहली बार लॉज में ही उसको उसको जम कर चोदा था. मगर वो साली इतनी गर्म थी कि उसकी चूत वहां पर भी शांत नहीं हो रही थी.
फिर पता नहीं कैसे वो लॉज का मैनेजर आ गया था. उसने हम दोनों को चुदाई करते हुए देख लिया. हम दोनों ने नीचे रजिस्टर में अपना रिश्ता बाप और बेटी का लिखवाया हुआ था. मगर वो मैनेजर कहने लगा कि बाप बेटी की चुदाई तो मैं पहली बार देख रहा हूं. फिर हमसे सच उगलवाने लगा तो हमने डर के मारे उसको सब सच बता दिया. वो हमें पुलिस में देने की बात करने लगा.

उसकी बात को सुन कर हम घबरा गये थे. फिर उसने शर्त रखी थी कि अगर ये हमसे अपनी चूत चुदवाने के लिए राजी हो जाये तो हम लोग कुछ नहीं कहेंगे. उसके बाद उसने अपने नौकर के साथ मिल कर बंध्या की चूत चोदी. हम तीनों ने मिल कर बंध्या की चूत चोदी थी.

वो ऐसे उछल उछल कर चुदवा रही थी कि मैं तो कभी सोच भी नहीं सकता था कि कोई लड़की इतनी सेक्सी होती होगी।

अभय बोला- साली रंडी बंध्या, चार दिन पहले, जब से तेरे जीजा ने चित्रकूट वाली तेरी चुदाई की बात बताई थी तो हम लोगों ने उस दिन से तेरे जीजा को हाथ से नहीं जाने दिया. उसको रोज खिलाते पिलाते हैं. आज वह सुबह तेरे से बात करके शाम को हमको बोला कि बंध्या थोड़ा नाटक कर रही है कि मैं तुम्हारे अलावा और लोगों के साथ नहीं सोऊंगी.

फिर तेरा जीजा हमसे बोला- आप दोनों चलो, मेरी गारंटी है कि बंध्या चुदवायेगी. बस उसकी शादी अशीष से करवानी है।
हम लोग बोले- चल ठीक है.
फिर तेरे जीजा ने तीन दिन पहले जो तेरी फोटो दिखाई थी उसमें तू नॉर्मल दिख रही थी लेकिन आज जब तुझे रियल में देखा है तो हमसे रहा न गया. हम तो तेरे दीवाने हो गये हैं. अब तो तेरी चूत को जम कर चोदने वाले हैं बंध्या रंडी.

विवेक सेठ बोला- बंध्या तू गजब खूबसूरत है रे. ऐसा बोलते हुए अभय ने भी मेरे दोनों दूध कस कर पकड़ लिए और जोर से दबा दिए.
मैं बोली- मेरे जीजा ने तो सब कुछ आपको बता दिया. कमीने के पेट में दारु पीने के बाद कुछ नहीं पचता है. उसको तो मैं बाद में देख लूंगी, मगर अभी मेरी चूत में जो आग लगी हुई है उसको मुझे किसी भी हाल में शांत करना है.

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
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