गर्लफ्रेंड के साथ उसकी सहेली की चूत चुदाई

(Girlfriend ke Saath Uski Saheli Ki Chut Chudayi)

सभी गर्म चूतों और लण्ड वालों को मेरा नमस्कार. मेरा नाम अभी सिंह है. मेरी उम्र 24 साल है और रंग गोरा है. मेरी लम्बाई 6 फीट है और लंड का साइज सात इंच के करीब है. यह कहानी मेरी गर्लफ्रेंड श्वेता (बदला हुआ नाम) की है. श्वेता की उम्र 19 वर्ष थी और उसकी गोरी चूचियाँ 28 के साइज की थी, गांड 32 की और उसकी फ्रेंड शुभी की उम्र 18 साल थी. उसका साइज 32-28-32 का है. वह गजब की माल है. जब से मैंने उसको देखा था तभी से मैं उसको चोदने के सपने देखने लगा था.

एक दिन मैं और श्वेता मेरे रूम पर चुदाई कर रहे थे तभी जोश में आकर मैंने उससे शुभी को चोदने की बात कह दी. हम दोनों अक्सर गंदी बातें किया करते थे. चुदाई के समय तो हमारी बातें बहुत ही गंदी होती थीं.

चुदाई के समय तो श्वेता ने शुभी का नाम लेने के बारे में कुछ नहीं कहा मगर जब चुदाई हो गई तो वह गुस्सा करके चली गई. मैंने भी श्वेता को काफी समय तक कॉल नहीं किया. दो दिन के बाद ही श्वेता का कॉल आया और मुझसे सॉरी कहने लगी. मैंने उससे ज्यादा बात नहीं की और गुस्से में फोन को काट दिया. अगले दो दिन तक मैंने उसे कॉल भी नहीं किया और उसकी कोई कॉल रिसीव भी नहीं की. वह परेशान हो गयी और मुझसे मिलने के लिए मेरे रूम पर ही आ गयी.
मैंने उसे वापस चली जाने के लिए कह दिया. वह जबरदस्ती मेरे गले लगने लगी. कहने लगी- सॉरी यार. मुझ तुम पर गुस्सा नहीं करना चाहिए था.

मैंने कहा- अगर तुम शुभी को मुझसे चुदवाओगी तभी मैं तुमसे बात करूंगा और तभी हमारा रिश्ता आगे बढ़ेगा.
यह सुनकर वह वापस चली गई.
शाम को उसने फिर से कॉल किया. मैंने उसको शर्त याद दिलायी तो वह मान गई. वह भी कहने लगी कि वह शुभी को चुदवाने के लिए ले आएगी मगर उसके बाद मैं उससे कभी नाराजगी से बात नहीं करूंगा. मैंने श्वेता की शर्त मान ली.

मैंने कहा- ठीक है जान, तुम ही मेरा प्यार हो, बाकी सब तो मेरे लिये टाइम पास हैं.
श्वेता बोली- फिर ठीक है. मैं कल शुभी को तुम्हारे पास ले आऊंगी मगर जो कुछ भी करना है तुम खुद ही कर लेना. मैं उससे कुछ भी नहीं कहूंगी.
मैंने कहा- ठीक है.

कम उम्र की लड़कियों की यही अच्छाई होती है कि वे कोई भी बात बड़े आराम से मान जाती हैं.
अगले दिन श्वेता और शुभी मेरे रूम पर आ गई. शुभी को हमारे प्लान के बारे में कुछ भी नहीं पता था. दोनों ही कॉलेज बंक करके आई थीं. मेरे घर में दो कमरे हैं. कहने का मतलब है कि घर छोटा ही है. यहाँ पर मेरे सिवा कोई नहीं रहता क्योंकि पापा गांव की मार्केट में दुकान पर रहते हैं और पापा के साथ सब वहीं पर रहते हैं. इसलिए लड़कियों को लाने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती.

दोनों स्कर्ट और शर्ट में थीं. दोनों कमसिन लड़कियाँ कमाल की लग रही थीं. उनके आते ही मैंने शुभी को हैलो बोला.
उनको कुछ खाने को पूछा पर उन्होंने मना कर दिया. फिर हम सब बात करने लगे. शुभी मुझसे पहले भी मिल चुकी थी. इसलिए हम सब फ्रैंडली बात कर रहे थे.

श्वेता मुझसे चिपक कर बैठी थी और सामने कुर्सी पर शुभी बैठी थी. बात करते करते मैं श्वेता को किस करने लगा और शर्ट के ऊपर से उसकी चूचियाँ दबाने लगा जिसे देखकर शुभी हंसने लगी और बोली- तुम लोग बेशर्म हो.
मगर मैं और श्वेता दोनों ही किस करने में लगे रहे. शुभी हम दोनों को एकटक देखती रही. तभी मैंने श्वेता को लिटा दिया और उसकी स्कर्ट ऊपर करके पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर किस करने लगा.
हमें देखकर शुभी की हालत खराब हो गयी इसलिए वो वहां से उठकर आगे कमरे में चली गयी और टीवी देखने लगी.

हम दोनों ने सोचा कि प्लान खराब हो गया क्योंकि ये सब दिखा कर हम उसे गर्म करना चाहते थे. फिर श्वेता ने पूछा- अब क्या करें?
तो मैंने कहा- तुम शुभी को यहाँ बुलाओ. मैं चाय बना कर लाता हूँ.
श्वेता ने ऐसा ही किया और मैं चाय बना कर लाया और पीते पीते हम तीनों बात करने लगे.
तभी मैंने पूछा- शुभी बोर हो रही हो क्या?
उसने कहा- जीजू आप तो लगे हुए थे. मैं अकेले क्या करूं?

तो मैंने मजाक किया कि तुम भी आ जाओ हमारे साथ में!
फिर सब हँसने लगे.

मैंने मन में एक प्लान बनाया जो मैंने अन्तर्वासना की एक कहानी में पढ़ा था. मैंने श्वेता से कहा- चलो सब लोग कोई गेम खेलते हैं.
तो श्वेता समझ गयी.
उसने कहा- ओके.
उसने शुभी से पूछा तो उसने भी हां कह दी.
तो मैंने कहा कि तुम लोग बताओ कोई गेम.

उन दोनों ने थोड़ा सोचा मगर सोचने के बाद बोली हमारे दिमाग में कोई गेम नहीं आ रहा है आप ही बता दो.
मैंने कहा- मेरा बताया गया गेम तुम लोग खेल नहीं पाओगे.
श्वेता ने कहा- ऐसा कौन सा गेम है जो हम लोग नहीं खेल सकते? तुम जो भी गेम कहोगे हम लोग खेल सकते हैं. हम दोनों तो तुम्हें हरा भी सकती हैं. एक बार तुम गेम का नाम तो बताओ.
मैंने कहा- मेरा गेम थोड़ा सा गंदा है.

वो दोनों एक साथ बोलीं- कोई बात नहीं. हम खेलेंगे.
मैंने उन्हें बताया कि तीन पर्ची बनाते हैं, उसमें नम्बर डालते हैं फिर पर्ची फेंकते हैं. सब लोग एक एक पर्ची उठाएंगे फिर सबका नम्बर कॉपी में नोट किया जाएगा. पाँच बार के बाद सबका नंबर जोड़ा जाएगा और जिसका नम्बर सबसे ज्यादा होगा वह सबसे कम नम्बर वाले को कुछ करने के लिए कहेगा जो कम नम्बर वाले को करना ही पड़ेगा.
दोनों ने कहा- ठीक है.
इतना कहते ही सब गेम खेलने के लिए तैयार होने लगे.

गेम शुरू होने के बाद पहली बार श्वेता जीत गई. उसने मुझे अंडरवियर में डांस करने के लिए कहा तो मैंने मना किया मगर फिर दोनों मुझ पर दबाव बनाने लगीं और मैंने अपनी लोअर और शर्ट उतार कर डांस कर दिया.
उसके बाद अगली बार फिर से श्वेता जीत गई और शुभी हार गई.
श्वेता ने शुभी को शर्ट उतार कर डांस करने के लिए कहा तो शुभी मना करने लगी. फिर हम दोनों उस पर दबाव बनाने लगे. फिर शुभी उठ कर शर्ट उतारने लगी. उसने नीचे से रेड कलर की ब्रा पहन रखी थी. वह डांस करने लगी और उसे देख कर मेरा लंड मेरे अंडरवियर में तन गया. शुभी भी मेरे तने हुए लंड को चोरी-छिपे देख रही थी. उसके बाद वह डांस करके वापस नीचे बैठ गई.
गेम फिर से शुरू हुआ.

इस बार श्वेता हार गई और मैं जीत गया तो मैंने उसे अपनी शर्ट और ब्रा उतारने को बोला. वो नहीं-नहीं कहकर नाटक करने लगी. शुभी ने कहा कि बाकी सब ने भी किया है और श्वेता को भी बिना ब्रा के डांस करना पड़ेगा. श्वेता तो पहले से ही अपनी ब्रा उतारना चाहती थी. इसलिए नाटक करने के बाद उसने ब्रा उतार दी और उसकी चूचियां नंगी हो गईं. उसने पैंटी भी उतार दी.

उन दोनों को देख कर मेरी तो हालत खराब हो गई थी. मेरे सामने दो-दो माल बैठी थीं. एक ब्रा में थी और दूसरी नंगी थी. मेरा लंड तो फड़फड़ाने लगा. आप समझ सकते हैं कि मेरी हालत उस समय क्या हो रही होगी. मैंने खुद पर बड़ी ही मुश्किल से कंट्रोल किया और श्वेता के डांस करने के बाद गेम फिर से शुरू हुआ.

इस बार श्वेता हार गई और मैं जीत गया. मैंने श्वेता को अपना लंड चूसने के लिए कहा. श्वेता मेरे कहते ही तुरंत ही मेरा लंड बाहर निकाल कर चूसने लगी. जिसे देख कर शुभी ने अपनी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया. उसके बाद अगला गेम शुरू हुआ तो श्वेता जीत गई और शुभी हार गई. श्वेता ने इस बार शुभी को मेरा लंड चूसने के लिए कहा.
शुभी मना करने लगी.
मैंने कहा- मैंने तुम दोनों को पहले ही बताया था कि ये गंदा गेम है. अब तो तुमको खेलना ही पड़ेगा.

शुभी शरमाते हुए मेरे लंड को धीरे-धीरे चूसने लगी. मैंने शुभी का सिर पकड़ लिया और अपने लंड को अंदर तक धकेल दिया. मैंने उसके मुंह में धक्के देना शुरू कर दिया. मैं उसकी चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा. इतने में श्वेता भी मेरे पास आ गई. हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे. नीचे शुभी मेरा लंड चूस रही थी और ऊपर की तरफ श्वेता मेरे होंठों को चूस रही थी. शुभी को लंड चूसने में मजा आने लगा था और वह उसको लॉलीपोप समझ कर मजे से चूस रही थी.

अब श्वेता ने शुभी की चूत को चाटना शुरू कर दिया और मैं उसकी चूचियां दबा रहा था. शुभी बहुत ही गर्म हो गई थी. मैंने श्वेता को हटाकर शुभी की चूत को चाटना शुरू किया. मैं 69 की पोजीशन में था. शुभी मेरे लंड को तेजी के साथ चूसती जा रही थी. मैं और श्वेता एक साथ शुभी की चूत चाट रहे थे. बीच में उसके होंठों को किस भी कर देते थे. हम तीनों ही इन आनंद भरे पलों में डूब गये थे.

कुछ देर के बाद जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने शुभी की चूत पर अपना लंड सेट किया और तेजी से चूत में डाल दिया. लंड अंदर जाते ही वह तड़प उठी. श्वेता ने मुझे बताया था कि शुभी पहले भी अपने बॉयफ्रेंड के साथ चुद चुकी है. मैंने तेजी से लंड को अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया और शुभी की चूत को चोदने लगा.

श्वेता उठ कर शुभी के मुंह पर बैठ गई. शुभी तेजी के साथ श्वेता की चूत को चाटने लगी. मैं और श्वेता दोनों एक दूसरे के मुंह में जीभ डालकर चूस रहे थे. तीनों ही आनंद में खो गये थे.
उसके बाद मैंने श्वेता को शुभी के ऊपर पेट के बल लेटा दिया और श्वेता की चूत मेरे लंड की तरफ आ गई.

अब मेरा लंड एक बार शुभी की चूत में जाता तो एक बार श्वेता की चूत को चोद कर बाहर आ जाता. दोस्तो, मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितना मजा आ रहा था. मैं तो जल्दी ही झड़ने वाला था. मैंने श्वेता की चूत में अपना पानी गिरा दिया. श्वेता उठ कर मेरे लंड को चूसने लगी. उसके बाद शुभी भी उठ कर मेरे लंड को चूसने लगी. दोनों ही मेरे लंड को अपनी जीभ निकाल कर चूसने लगी. जैसे कोई पॉर्न मूवी चल रही हो.

उसके बाद हम तीनों लेट गये. बीच में मैं था और मेरी दोनों बगलों में एक तरफ श्वेता थी तो दूसरी तरफ शुभी थी. मैं तो जन्नत में पहुंच गया. एक साथ दो लड़कियां मेरे लंड के साथ खेल रही थीं. मेरा तो तुंरत दोबारा से मूड बन गया और लंड जल्दी ही खड़ा हो गया. उसके बाद चुदाई का दूसरा राउंड शुरू हुआ जिसमें दोनों ही कमसिन जवानी बारी-बारी से मेरे लंड के नीचे आकर रंडियों की तरह अपनी चूत चुदवाने लगीं.

कुछ देर में मैं फिर झड़ गया और फिर हम तीनों ही थक कर लेट गए. उसके बाद शुभी हम दोनों के साथ काफी खुल गई थी. शुभी ने बताया कि उसका बॉयफ्रेंड भी श्वेता को चुदवाने के लिए बार-बार कहता रहता है.
शुभी ने पूछा- जीजू, क्या मैं श्वेता को अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा दूँ?

मैंने शुभी की चूची दबाते हुए कहा- जब चाहो चुदवा दो. मगर मेरी एक शर्त है.
वह बोली- क्या शर्त है?
मैंने कहा- जब भी मैं चाहूँगा, तुमको मेरे पास चुदवाने के लिए आना पड़ेगा और जब मेरी श्वेता तुम्हारे बॉयफ्रेंड से चुदवाएगी तो तुम्हें उसका वीडियो बनाना पड़ेगा. मुझे श्वेता की चुदाई का वीडियो देखना है.
वे दोनों ही मेरी बात को मान गईं. दोनों ने मुझे पकड़ लिया और बदन से चिपक कर मुझे किस करने लगीं.

इससे आगे की कहानी मैं बाद में बताऊँगा कि कैसे शुभी के बॉयफ्रेंड ने मेरी गर्लफ्रेंड श्वेता की चुदाई की. शुभी ने उसका वीडियो बनाया या नहीं और उसके बाद क्या हुआ वह सब मैं अगली कहानी में लिखूंगा.
इस कहानी के बारे में अपने विचार रखने के लिए आप मुझे नीचे दी गई मेल आई-डी पर मैसेज कर सकते हैं.
[email protected]

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