दोस्ती यारी में बहन की चुदाई फिर बीवी की चूत चुदा ली-3

(Dosti Yari Me Bahan Ki Chudai Fir Biwi Ki Choot Chuda Li- Part 3)

दोस्ती यारी में बहन की चुदाई फिर बीवी की चूत चुदा ली-2

मैं उन दोनों की चुदाई देख रहा था, मेरा दिल हो रहा था कि मैं अन्दर घुस जाऊं. मुझसे नहीं रहा गया और मैं अन्दर घुस कर नाटक करने लगा.
मैं अपनी बीवी और अपने दोस्त को अन्दर देखकर दंग रह गया।
मैंने एक नजर अपनी बीवी को देखा वह चोटी बंधे आदमजात नंगी खड़ी थी. तन पर कपड़े ढकने का प्रयास किया गया था और मुदस्सर भीगी बिल्ली क़ी तरह अपना लंड छुपाये मेरे सामने खड़ा था।
जैसे ही मैं अन्दर गया, वो वहाँ से निकलने को हुआ, मैंने उसको रोक दिया, वह जीन्स पहनने लगा.

अन्दर आकर मैं बैठ गया और अपनी बीवी से गंभीर और जोरदार लहजे में पूछा- क्या हो रहा था?
मेरी बीवी क़ी आवाज नहीं निकल रही थी, मैंने उठकर दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया और अपनी बीवी से बोला- बता, अमिता यह चुदाई का खेल कब से चल रहा है?
वो चुपके से बोली- कभी नहीं, मुझे माफ़ कर दो, बहक गई थी शराब के नशे में!
मैंने उसको बोला- तभी मैं सोचता था कि आजकल मुदस्सर ऑफिस से इतनी छुट्टियाँ क्यों करता है।
मैं चुपचाप लेट गया।

थोड़ी देर में मेरी बीवी संभल गई तो मेरे हाथ पाँव जोड़ने लगी- मुझे माफ़ कर दो, मैं आज के बाद जिन्दगी में ऐसी गलती नहीं करुँगी!
‘चुप साली रंडी… वरना मारूंगा..’ जोर जोर से रोने लगी तो मैंने उसको चुप रहने के लिए कहा।
मुदस्सर गर्दन झुकाए पास ही बैठा था.

‘साली रंडी मेरे ही दोस्त से चुदवाती है तू!’ कहते हुए मैंने उसकी लपेटी हुई चादर खींच दी.
‘तू मेरी पत्नी को चोदना चाहता है न.. देख इसको देख..’
‘सॉरी यार गलती हो गई!’ मैंने नंगी हो चुकी अमिता को खींच कर मुदस्सर की तरफ कर दिया. वह एक हाथ से अपनी चूत और एक हाथ से अपनी चुची छुपा रही थी.
मेरे चिल्लाने से वह सिसक सिसक कर रोने लगी, बार बार माफ़ी मांगने लगी.

अब मुझे थोड़ा नशा हो गया था, मैं भी पूरा नंगा हो गया और एक पैग बनाकर अपनी बीवी क़ी तरफ कर दिया।
पहले वो हिचकिचाई तो मैं बोला- दूसरों के लंड लेने में कोई हिचकिचाहट नहीं और मैं प्यार से एक पैग दे रहा हूँ तो मना कर रही है?
तो उसने झट से ग्लास पकड़ लिया और होठों से लगाकर खाली कर दिया।

उसने पहली बार पिया तो उसको कड़वी लगी, मैंने कहा- कुछ खा ले!
तो उसने मना कर दिया!
मैंने उससे पूछा- मुदस्सर का लंड कैसा है? लम्बा या छोटा?
वो कुछ नहीं बोली।

मैंने सख्त लहजे में बोला- मुझे मेरी हर बात का जवाब चाहिए!
तो बोली- तुमको भी तो मालूम है न कि तुम्हारे दोस्त का लंड कैसा है. गांड तो तुमने भी खूब मरवाई है उससे!
‘भाभी चुप जाओ प्लीज!’
‘साली रंडी, मुझे ताना मार रही है. हाँ मरवाई है मैंने इससे अपनी गांड. तूने भी तो कॉलेज में लाइन लगाकर लड़कों को अपनी चूत बांटी है. अब तू बता कि जब मेरे दोस्त का लंड जब तेरे अन्दर गया तो तेरी चूत में अन्दर तक मजा आया या नहीं?’
वह कुछ नहीं बोली।

‘मुदस्सर इधर आ… जीन्स निकाल अपनी!’
‘अरे यार जाने दो न… गलती हो गई… बोला न, नशे में थे हम दोनों! अमिता भाभी ऐसी नहीं हैं!’
‘ठीक है तो अब गलती दोबारा मेरे सामने करो. अपना लंड निकाल और इसको झुककर इसके मुँह में डाल!’

मैंने मुदस्सर को पास बुलाया और उसका लंड पत्नी के मुँह में डाल दिया.
‘चूस इसको मादरचोद रंडी..’ तो वो डरते हुए चूसने लगी।
मेरी पत्नी दोस्त मुदस्सर का बैठकर लंड चूस रही थी.

‘सच सच बता.. शादी से पहले कितनों से चूत मरवाई है?’
मेरी बात पर वह मुदस्सर का लंड मुँह से निकालकर सिसक सिसक कर रोने लगी.
मैंने कहा- सच बताना मेरी रांड बीवी, वरना तुम दोनों की खैर नहीं!

तो बोली- दो लड़कों से मरवाई है। एक ने तो जबरदस्ती जब मैं आठवीं क्लास में थी तो घर पर अपने बुलाकर ठोक दिया था और एक से शादी से कुछ दिन पहले ही दोस्त से मरवाई थी।
‘साले, अगर तुझे मेरी बीवी पसंद थी तो मेरे से बोला होता. तू मेरा दोस्त है तुझे क्या मैं मना करता?’
‘एक दोस्त अगर अपने दोस्त की पत्नी को चोदना चाहे तो इसमें बुराई ही क्या है. वाइफ स्वैपिंग करने से रिश्तों में नयापन आता है और पत्नी को भी चरम सुख मिलता है जिसकी वह हक़दार है.

अबकी बार वो दोनों चौंक गए, मैं हँसने लगा तो वो थोड़ा नोर्मल हो गए!
‘अबे तू मेरे बचपन का दोस्त है.. अगर तुझे मेरी पत्नी अमिता पसंद थी, तू उसको चोदना चाहता था तो मुझे बोला होता. हम दोनों कहीं चलकर इस रंडी को मिलकर चोदते. मेरी पत्नी अभी छोटी मासूम बच्ची ही है तू साले, अगर मेरी परमिशन लेकर इसकी चूत मारता तो मज़ा कुछ और होता! खैर कोई बात नहीं, चल अच्छा इसी बात पर एक पैग मेरी तरफ से पी ले.’

और मैंने फटाफट तीन पैग बनाये.
‘ले न अब शरमा क्यों रही है. अभी तो पूरा रंडी बनी हुई थी.’ एक अपनी बीवी की तरफ कर दिया और एक मुदस्सर को थमा दिया।
अब मुदस्सर भी नोर्मल हो गया था उसने झट से पैग खींचा और एक और बना लिया।
मैंने सिगरेट जलाई।

मेरी बीवी भी अब नशे में हो चुकी थी, मैंने मुदस्सर से कहा- तुझे पसंद है न मेरी पत्नी अमिता… ठीक है चोद ले साले, लेकिन जब तेरी बीवी आएगी तो मुझे भी उसकी चूत चाहिए!
तो वो हंस कर बोला- क्यों नहीं भाई, मिल बाँट कर खायेंगे!

अब मेरी बीवी भी खुल गई थी।

मैंने मुदस्सर से कपड़े खोलने के लिए कहा। अब हम तीनों ही नंगे हो चुके थे और तीनों की आँखों में नशा तैर रहा था।
‘यार कैसे लेंगे इसकी..?’
‘रुक पहले इसके गले में कालर कफ वाला पट्टा डालता हूँ फिर इससे कुतिया की तरह तेरा लंड चुसवाता हूँ.’
मैंने अपनी बीवी के गले में कालर कफ डाला और कहा- मुदस्सर का लंड चूस!
तो उसने झट से मुदस्सर का लंड मुँह में ले लिया.

तब तक पीछे से मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी, वो कसमसाने लगी।
मैंने कहा- बहुत रंगरलियाँ मनाई तुमने! अब रोज ऐसे ही चुदाई होगी!
मुदस्सर के चेहरे की रौनक वापस आ गई थी।

मैंने अपनी बीवी से कहा- अमिता कुतिया की तरह झुक जा!
तो वो झुक गई तो मैंने मुदस्सर से उसको चोदने के लिए कहा तो मुदस्सर ने अपना लंड झट से उसकी चूत में डाल दिया।
‘आएईई… मुदस्सर बहुत दर्द हो रहा है धीरे धीरे.’ कुतिया बनी अमिता बिलबिला उठी.
‘झूठे नाटक मत कर ले मेरा भी चूस.’
‘अरे यार एक साथ नहीं, बच्ची हूँ.’
‘ले ले मेरी रंडी वाइफ डरती क्यों है.’

तब तक मैं आगे आ गया था, मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। अब पीछे से मुदस्सर उसको चोद रहा था और आगे से वो मेरा लंड चूस रही थी!

थोड़ी देर बाद मैंने मुदस्सर से कहा- तू नीचे लेट जा, तेरे लंड पर इसको बिठाता हूँ.
‘अमिता मुदस्सर के लंड के ऊपर बैठ धीरे धीरे!’

‘ठीक है.’ अमिता मुदस्सर के ऊपर बैठ गई.

‘रुक रुक, मैं तेरी चूत पर लगाता हूँ, तू बैठ धीरे धीरे!’
फिर मैंने उसके ऊपर अपनी बीवी को बिठा दिया अब अब मैंने मुदस्सर का लंड सहलाया और अमिता की चूत पर सटा दिया.

‘आह्ह्ह… चला गया यार अन्दर.. अब खुश आप!’ वह धीरे धीरे उस पर सिसकारती हुई बैठने लगी.

मैंने दोस्त का लंड अपनी बीवी की चूत में डाल दिया और ऊपर से उसकी गांड खुली झलक रही थी।
बस फिर क्या था, मैंने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर मला और अपनी बीवी की गांड के छेद पर लंड रख कर हल्का सा धक्का दिया तो मेरी बीवी दर्द से छटपटा गई लेकिन मैं कहाँ छोड़ने वाला था, मैंने उसको कस कर पकड़ा और एक जोरदार धक्का मारा, मेरा लंड उसकी गांड की दीवारों को चीरता हुआ अन्दर समां गया।
‘आईई….मैया मेरी..मेरी गांड तो मत मारो यार. दोस्त से चुदवा रहे हो और खुद भी गांड मार रहे हो. बीवी हूँ तुम्हारी कोई रंडी नहीं हूँ.’

सचमुच पत्नी को अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ शेयर करके आज सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा था।

अमिता की गांड और चूत में दोनों तरफ से दो लंड फिट हो चुके थे और अमिता हम दोनों मर्दों के बीच हो गई थी, सैंडविच बन गई थी, वो दर्द से कलप रही थी।

अब अमिता को भी बहुत मजा आ रहा था और शायद थोड़ा दर्द भी हो रहा था.. परन्तु वो मज़े से सिसकारियाँ निकाल रही थी- उई आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उई आह.. सीसी.. सी बस बस.. आह आह.. आऊ सीसी.. चोदो मुझे… साले मिलकर चोदो मुझे! रंडी बना दो मुझे मनीष, तुम्हारे हर दोस्त से चुदवाओ मुझे!

तभी मैंने पीछे से अपने लंड को और झटका लगाया और अमिता की गांड में जड़ तक लंड की रगड़ महसूस हुई। वो कुछ गिरती कि तभी आगे से तुरंत मुदस्सर ने उसे सम्भाल लिया और मुदस्सर ने भी अमिता की चूत में अन्दर तक शॉट लगा दिया।

अमिता के अन्दर हम दोनों के लंड उसे मस्त कर रहे थे। मेरे और मुदस्सर का लंड अमिता की गांड और चूत चोद रहे थे। अमिता भी हम दोनों के लंड अन्दर लेकर बहुत खुश थी और मज़े से चुदवा रही थी।
अब हम दोनों ताल से ताल मिला कर अपने लंडों को आगे-पीछे करते हुए एक साथ अमिता की गांड और चूत बजाने में मस्त थे।

तभी अमिता जोर-जोर से सिसकारने लगी तो मैंने मुदस्सर को इशारा किया और हम दोनों ने अपनी पोजीशन बदल ली और मैंने अपना लंड अमिता की गांड से निकाल कर उसकी चूत में डाल दिया और मुदस्सर ने उसकी चूत से निकाल कर अपना लौड़ा उसकी गांड में पेल दिया।

अमिता अब फिर हम दोनों में सैंडविच ही बनी हुई थी। हम दोनों अमिता को आगे और पीछे से एक साथ चोद रहे थे।

मैंने मुदस्सर को तेज चोदने का इशारा किया और हम दोनों ने अपने-अपने लंडों को अमिता की चूत और गांड में तेज-तेज चलाना शुरू कर दिया.. जिससे अमिता की गांड और चूत से रस टपकना शुरू हो गया।
अमिता मज़े से जोर-जोर से सिसकारने लगी- उई आह आह.. सालों चुद गईई रे..ई.. आह्ह्ह.. सालों बस बस.. करो आह्ह.. झड़ने वाली हूँ. मेरी चूत फाड़ से रे मम्मी मर गई मैं!
अमिता सिसकती हुई बोली- उई आह सीसी.. सालों चोद दी अमिता रांड.. की गांड.. आह्ह बस करो आह.. कमीने अपनी पत्नी को रंडी बना दिया तूने हरामी… आअह्ह्ह्ह.. मम्मी मैं तो मरी. मुझे रंडी बना दिया. आह्ह्ह…

असल में मजा अब सभी को आ रहा था, सभी की मादक सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं।

अमिता ने अपना पूरा रस मुदस्सर के लंड पर निकाल दिया था। वो असल में चुद कर थक चुकी थी तो वो हाँफ कर मुदस्सर के लंड से उठ गई। मुदस्सर ने अमिता की चूत से लंड निकाला और उसको घुमा कर उसकी गांड में घुसेड़ने लगा.
‘नहीं नहीं मुदस्सर, अब फिर से गांड में नहीं.. बहुत दर्द होगा..’
‘मेरे सामने नखरे कर रही है साली रंडी.. फटाफट झुककर कुतिया बन जा और मुदस्सर का लौड़ा गांड में ले!’

मुदस्सर ने अपना लौड़ा मेरी बीवी की गांड में घुसेड़ दिया।

अमिता भी मुदस्सर का लौड़ा अपनी गांड में लेने के लिए उतावली थी, लेकिन नखरे करना उसकी आदत थी इसलिए उसे भी मुदस्सर का लौड़ा अपनी चूत में लेकर सकून मिल गया।

अब मुदस्सर जैसे-जैसे नीचे से अपने लंड के झटके अमिता की गांड में लगाता, वैसे ही अमिता भी अपनी गांड उठा-उठा कर उसका साथ देती.. इस तरह उन दोनों को बहुत मजा आ रहा था।
हम दोनों अमिता की ताबड़तोड़ गैंग-बैंग चुदाई कर रहे थे।
अपनी पत्नी को अपने बेस्ट फ्रेंड से चुदवाकर मैं बहुत खुश था.

इस बार अमिता की धार निकलने ही वाली थी। अमिता भी जोर जोर से सिसक कर गांड मरवा रही थी। अमिता अब हाँफ कर पस्त होकर हमारे पास बैठकर हम सभी की चुदाई देखने लगी थी।

तभी मैंने मुदस्सर को आँख मारी और इशारा किया कि अब अमिता को पार लगा दिया जाए।
मेरा इशारा पाते ही मुदस्सर भी जोर-जोर से अमिता की गांड चोदने लगा और आगे से मैं अमिता की चूत को उसके मम्मे पकड़ कर चोद रहा था। मैंने अमिता के होंठ अपने होंठों में ले लिए थे। इस तरह हम बहुत मस्त चुदाई कर रहे थे।

मेरी नाज़ुक घरेलू गोरी पत्नी मेरे और मेरे दोस्त मुदस्सर के बीच रंडी बनी चुद रही थी.

तभी नीचे से अमिता ने अपनी चूत से जोर से धार निकाली और मेरे लंड को भिगो दिया, मुझे ऐसा लगा जैसे उसने मेरे लौड़े पे गर्म गर्म पेशाब कर दी हो।

मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से निकाल दिया। हम सभी ‘उन्ह आई उई आह आह.. सीसी सी उई.. ‘ कर रहे थे।

अमिता की गांड में पीछे से मुदस्सर भी बहुत तेज-तेज झटके लगाने लगा था। मैंने अमिता को गालियाँ देते हुए कहा- आह ले साली.. चुद ले मादरचोद.. साली निकल गया तेरा जूस.. बहन की लौड़ी चुद गई.. तेरी माँ चुद गई अब हमारे लौड़ों से.. आह्ह.. कुतिया.. आह.. ले.. माँ चुदा… आह्ह उई चुद चुद..

पीछे से मुदस्सर भी उसे गालियाँ देते हुए चोदने लगा- ले.. चुद मादरचोद चुद.. चुदक्कड़ कुत्ती.. आह गांड मरवा साली.. मादरचोदी चुद.. आह अई उई.. सीय.. मनीष तेरी रंडी बीवी की मैं आज चूत फाड़ दूंगा.
‘हाँ चोद न साले चोद मेरी मासूम पत्नी को चोद.. रंडी बनाकर इसको सरे आम चोद..’

अमिता भी सिसकारती हुए कहने लगी- आह उह अम्मह.. उई उई ससी.. उई अह.. आहह गांड फाड़ दी मेरी कुत्तों ने.. आह ओह आह सालों मर गई.. बस करो.. बस.. बस चोद दी मेरी जवानी.. साले जल्लादो.. आह..’
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‘मुदस्सर मेरी पत्नी को अमेरिका लेकर जा अपने साथ.. इसको डिस्को में गोरों के सामने चोद कुतिया बनकर चोदना.. इसको सबके सामने नंगी करके गले में पट्टा डाल देना.. आह्ह ह्हह्हह’

हम तीनों बेड पर मशीन बने हुए थे, अमिता मेरे ऊपर थी, मुदस्सर ऊपर से उसकी गांड ले रहा था. चरम सुख को पहुंचते हुए गालियाँ देते हुए हम सभी झड़ने लगे थे।
मेरे और मुदस्सर के लंड ने भी अमिता के जिस्म की गर्माहट को न झेलते हुए अपने लंड का रस छोड़ दिया था।

हम तीनों झड़ रहे थे और मज़े से एक-दूसरे को कस कर थामा हुआ था। झड़ने के बाद भी हम दोनों अमिता की चूत और गांड में लंड डाले हुए वैसे ही पड़े रहे. कुछ पल के लिए जैसे वक्त वहीं रुक गया हो, हम सभी को बहुत मजा आ रहा था। कुछ देर वैसे ही रहने के बाद हम अलग अलग हुए तो साथ बैठ गए।

हमारे बदन पसीने से लथपथ थे. अमिता हमको देखकर मुस्कुरा रही थी. वह बहुत खुश थी.
कॉलेज के टाइम पर उसने कई लड़कों से चुदाई करवाई थी लेकिन शादी के बाद पराए मर्द से चुदाई का यह उसका पहला अनुभव था.
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