बड़ौदा में कपल के साथ देसी ग्रुप सेक्स-2

(Baroda Me Copule Ke Sath Desi Group Sex- Part 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

अभी तक आपने पढ़ा कि मैं एक कपल के घर गया वहां मुझे भाभी के साथ उनकी ननद भी मिली. दोनों मस्ती के मूड में थी.

थोड़ी देर बाद जमीला उठी और डॉटेड कंडोम का पैकेट खोला और कंडोम निकाल कर मस्ताना पर टिका कर मुँह से मस्ताना को मुँह में लेते हुए उस पर कंडोम चढ़ा दिया और मस्ताना पर बैठ कर उसे अपनी रसीली चूत में लेते हुए सबीना को बोली- तुम इसके मुँह पर बैठो. जब तक मैं मस्ताना की सवारी करती हूँ, तुम इसकी जीभ से चूत चुदाई का आनन्द लो.

अब हमारी पोजीशन ये थी कि मैं फर्श पर पीठ के बल लेटा था, मेरे ऊपर सबीना ऐसे बैठी कि उसकी पीठ मेरी टांगों की तरफ थी और वो घुटनों के बल मेरे मुंह पर बैठ थी और हाथों से उसने दीवार पर लगा टॉवल स्टैंड पकड़ा हुआ था. जमीला का मुँह मेरे मुँह की तरफ था और वो मेरे मस्ताना पर सवार थी. मेरे हाथ जमीला की चूचियों पर थे और जमीला ने सबीना की चूचियों को पकड़ा हुआ था.

मेरे ऊपर एक साथ दो चूत सवार थी, एक मेरे मुँह पर और दूसरी मेरे मस्ताना पर. मैं सबीना की चूत को जीभ से चोद रहा था और जमीला मेरे मस्ताना से खुद चुदवा रही थी और सबीना की चुची भी दबा रही थी. ऊपर से ठंडा पानी हमारी चुदाई और वासना की आग को और भड़का रहा था.

जमीला बोली- सबीना डार्लिंग आहह… उम्म्म… मस्ताना मेरी चूत में कस कर घुसा है लग रहा है उम्म्म… ओहह… चूत फट जायेगी. बहुत मस्त लौड़ा मिला है आज, इसको जी भर कर चोदेंगे और चुदवायेंगे भी.
सबीना-ओहह… हाँ भाभी, पहले आप कर लो मस्ताना की सवारी उम्म्म… फिर मैं भी करुँगी. अभी तो ये कमीना मेरी चूत को जीभ से ही ऐसे चोद रहा है जिसका कि मैं बता नहीं सकती आहहह… ऐसे ही चूस बहन के लौड़े!

जमीला ने सबीना के मुँह को पीछे किया और एक दूसरे को किस करते हुए मेरे मस्ताना पर उछलने लगी. अब सबीना टॉवल स्टैंड को पकड़ के पीछे को झूल गई जिससे जमीला सबीना की चुची भी चूसने लगी अभी किस करती कभी चुची दबाती कभी चुचियों को चूसती.
फिर 5 मिनट बाद जमीला ने सबीना को छोड़ा और मेरे सीने पर हाथ रखकर जोर जोर से मस्ताना पर उछलने लगी. मैंने भी नीचे से मस्ताना की स्पीड बढ़ा दी तो जमीला बकने लगी- बहनचोद साले, फाड़ दे मेरी इस चूत को! बहुत आग लगी हुई है इसमें आहह… ओह्ह… मादरचोद साले आज 3 तीन दिन से तेरे मस्ताना के लिए तड़प रही हूँ. आज बुझा दे इस कमीनी चूत की आग… ओह्ह हाँ ऐसे ही आहह… आहह… ओह्ह… मैं जाने वाली हूँ… आहह… मेरी चूत बहन की लौड़ी निगोड़ी छिनाल चूत अहःहःहः मेरी चूत ओह्ह मेरी कमीनी चूत आहह गई.

और उसने मेरे सीने को अपनी मुठ्ठियों में भींच लिया और मैंने सबीना की चूत को मुँह में दबा लिया तो सबीना की भी चीख निकल गई और जमीला मेरे ऊपर ही गिर गई.
दो तीन मिनट बाद जमीला एक साइड हुई और जमीला ने कंडोम उतारा और मस्ताना को किस किया और फिर दूसरा कंडोम फाड़ कर मुँह से चढ़ाया और बोली- सबीना डार्लिंग, अब असली लौड़े का मजा दे तेरी इस कमीनी चुदक्कड़ चूत को!

और सबीना मेरे मुँह से खड़ी होकर मेरे मस्ताना पर चढ़ गई. मैं भी बाथरूम की दीवार का सहारा लेकर बैठ गया और सबीना के बूब्स चूसने लगा. अब सबीना मेरे मस्ताना पे जोर से उछलने लगी मैं सबीना की बड़ी गांड पर दोनों हाथों से जोर जोर से थपकी देने लगा.

फिर मैंने सबीना को खड़ा किया, घोड़ी बनाया तो जमीला फर्श पर टाँगें फैलाकर लेट गई और मैं सबीना को घोड़ी बना कर चोदने लगा. सबीना जमीला की चूत में उंगली करने लगी और थोड़ी देर बाद सबीना घुटनों के बल बैठ गई. मैं भी सबीना की बड़ी बड़ी चुचियों को दबाते हुए कभी उसकी गांड पर थपकी मारते हुए चोदने लगा, सबीना अब जमीला की चूत चूसने लगी.

थोड़ी देर में सबीना की गांड की स्पीड पीछे की ओर बढ़ गई और उसने जमीला की चुचियाँ पकड़ के जोर से दबाते हुए उसकी चूत चूसने लगी. थोड़ी देर में ही सबीना जमीला के ऊपर लेट गई. पर मैंने स्पीड बढ़ा दी, सबीना बोली- साले कमीने, जलन हो रही है चूत में! रुक जा, थोड़ी देर फिर चोद लेना!

लेकिन मेरी स्पीड बढ़ती गई, आखिर सबीना पलट गई और मस्ताना चूत से बाहर आ गया पर तुरंत ही जमीला ने मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और शॉवर बन्द कर दिया.
अब सबीना भी जमीला के साथ चूसने लगी, थोड़ी देर में मस्ताना ने अपनी गाढ़ी मलाई फेंकना शुरू किया जिसे जमीला और सबीना ने अपने मुँह में ले लिया कुछ उनके मुँह पर भी फैल गया. जिसे बाद में उन दोनों ने एक दूसरे के मुँह को चाट कर साफ़ किया.

फिर हम अच्छे से नहाये और बाहर आये.

सबीना बोली- भाभीजी, मैं राजेश की तेल मालिश कर देती हूँ, आप खाना बना लो!

मैंने बताया कि सब घर में नंगे ही रहेंगे और जमीला की किचन में सभी मदद करेंगे जिससे हम फिर से मिलकर मस्ती कर सकें.
हम किचन में आ गए सभी. किचन में जमीला ने पालक-पनीर की सब्जी बनाई और दाल मखनी, राइस पुलाव…
मैंने कहा- चपाती बाद में बना लेंगे, पहले कुछ मस्ती हो जाये! खाने के समय गर्म गर्म रोटी बना लेना.

सबीना बोली- भाभी, आज बहुत गर्मी है, बीयर है क्या ठंडी?
जमीला- यार फ्रीज़ में लगाई थी कल पांच बीयर, देखो होंगी! ज्यादा ही चिल्ड चाहिए तो आइस क्यूब भी हैं फ्रीज़र में, ट्रे में निकाल ले!
मैं बोला- डियर सबीना, मैं बीयर नहीं लूँगा.
तो सबीना और जमीला दोनों एक साथ बोली- तुमको हमारी चिकनी चूतों की कसम!
मैं बोला- एक शर्त पर बीयर पी सकता हूँ.
दोनों ननद भाभी बोली- क्या शर्त है?
मैं बोला- शर्त यह है कि मैं बीयर चिकनी चूतों के ऊपर ही डाल के पिऊंगा और तुम लोग भी मस्ताना पर बीयर डाल कर पियोगी.
दोनों शोर मचाते हुए बोली- हमको मंजूर है.

किचन काफी बड़ी थी, किचन के बीच में बड़ा स्लैब बना था. सबीना बीयर और आइस क्यूब ले आई. जमीला ने तीन बीयर मग निकाले और उसमें सबीना ने बीयर डाली. जमीला और सबीना ने मस्ताना से मग टकरा कर चियर्स किया और हम तीनों एक दूसरे के मग से बीयर पीने लगे.

मैंने सबीना को बीयर की बोतल दी और उसको अपनी चुचियों पर बीयर डालने को कहा. सबीना ने अपनी चुचियों पर बीयर डाली और मैं सबीना की चूत से उस चुचियों से होते हुए बीयर पेट से होते हुए चूत पर आई और मैं चूत से बीयर पीने लगा.

अब जमीला को भी स्लैब पर बिठा दिया और उसको भी एक बीयर की बोतल दे दी. अब मैं कभी सबीना की चूत से तो कभी जमीला की चूत से बीयर का मजा लेने लगा.

उन दोनों को भी चूत चूसवाने में बड़ा मजा आ रहा था, दोनों अब साथ में बैठी थी तो एक दूसरे को भी किस कर रही थी. अब मैं सबीना की चूत को चाट रहा था और बहती बीयर का मजा ले रहा था कि अचानक जमीला नीचे उतर कर मेरे साथ में बैठी और मुझे उसने खुद सबीना की चूत चाटने का इशारा किया.

मैं अब खड़ा हो गया और ऊपर स्लैब पर चढ़ गया और सबीना के दोनों और पैर रख कर खड़ा हो गया, सबीना के मुँह के ठीक ऊपर मस्ताना (लण्ड) करके मस्ताना पर बीयर डालते हुए सबीना को बोला- डार्लिंग अब तेरी बारी अब तुम मस्ताना से बीयर पीओ और नीचे तेरी भाभी जमीला तेरी चूत से बीयर पीयेगी.
‘आह कितना मस्त मजा आ रहा है चिल्ड बीयर से मस्ताना को… कितनी ठंडक मिल रही है. आहह चाटो मेरे अण्डों को, मेरी गोलियों को चूसो और बीयर का मजा लो.’

सबीना- अःहः भाभी, हाँ ऐसे ही चाटो, क्या चाट रही हो भाभी… मेरी चुदक्कड़ भाभी… आज चूत का रस और बीयर दोनों का मजा लो. बहन के लौड़े राजेश, जरा आराम से बीयर डाल ना मस्ताना पर आधी पी रही हूँ और आधी मेरे ऊपर बह रही है.
मैं- यार बीयर ज्यादा इसलिए डाल रहा हूँ कि तेरी कमीनी भाभी जमीला को मस्ताना की भी बीयर तेरी चूत के साथ पीने को मिले.

अचानक सबीना जोर जोर से मेरे मस्ताना और मेरी गोलियों को चूसने लगी और थोड़ी उछलने लगी शायद वो झड़ने वाली थी. और अचानक से सबीना शांत हो गई, उसने ढेर सारा चूत रस जमीला के मुँह में छोड़ दिया जो बीयर के साथ मिलकर जमीला के पेट में चला गया.

अब जमीला अच्छे से सबीना की चूत चाट कर खड़ी हुई और सबीना को अपनी जगह बिठा कर खुद सबीना की जगह बैठ कर मेरे मस्ताना से बीयर चाटने लगी, कभी मस्ताना को चाटती, कभी मेरी गोलियों को चूसती और नीचे अब सबीना भी जमीला की चूत से बियर पीने लगी.

जमीला मेरे हाथ से बीयर की बोतल खुद लेकर खुद कभी बियर डालती तो कभी बीयर की घूँट लेकर मस्ताना पर उगल देती. जमीला मस्ताना को जोर जोर से चूसने लगी और काफी देर से शांत मस्ताना ने अपनी मलाई फेंकनी शुरू की जो कुछ तो बीयर के साथ जमीला के मुँह में गई कुछ पिचकारी उसकी चुचियों पर गिरी जो बीयर के साथ बह कर जमीला की चूत से होते हुए सबीना के मुंह से पेट में चली गई.

अब सबसे पहले सबीना और जमीला ने मेरे को चाट कर बीयर साफ़ की, फिर मैंने उन दोनों के शरीर को चाट कर साफ़ किया और सब किचन में ही दोनों एक साथ फिर मेरे मस्ताना को चूस चूस कर खड़ा करने लगी.
अगले 15 मिनट में मस्ताना लोहे की रॉड जैसा सख्त हो गया. अब मैंने सबीना से जमीला की तरह मस्ताना को कंडोम पहनाने को बोला.

सबीना ने कंडोम का पैकेट खोला और कंडोम को मस्ताना के टोपे पर टिका कर मुँह से मस्ताना को कंडोम पहना दिया. अब मैंने सबीना को स्लैब पर बिठा कर जमीला को उसकी चूत चूसने को कहा और मैंने जमीला की चूत में मस्ताना पेल दिया. जमीला सबीना की चूत चाटते और चूसते हुए मुझसे चुदवाने लगी.

15 मिनट में जमीला की चूत ने पानी छोड़ दिया. मैं और जमीला खड़ी चुदाई से थक गए तो सबीना को साइड में खिसक कर मैं स्लैब पर लेट गया. मेरी कमर स्लैब के कोने पर थी और सबीना मेरे मस्ताना पर सवार हो गई, जमीला नीचे जमीन पर घुटनों के बल बैठ कर मेरा मस्ताना और सबीना की चूत चाटने लगी, कभी जमीला मेरी गोलियों को चूसती कभी मेरे मस्ताना को चाटने लगती, जब मस्ताना सबीना की चूत के अंदर बाहर होता.

मैं सबीना की चुचियों को मसल भी रहा था और चूस भी रहा था. 5-6 मिनट बाद ही सबीना और मेरी दोनों की स्पीड बढ़ गई और सबीना ‘आह मेरी चूत, ओह्ह मेरी कमीनी चूत साली कुतिया आहह भाभी ओह्ह कमीने राजेश फाड़ ही दोगे आज मेरी निगोड़ी चूत को… आह और जोर से चोदो मुझे… आह और जोर से चाट साली रंडी भाभी मेरी चूत को… ओहह मर गई… आह मैं गई… चाट जाओ भाभी!

और झड़ते ही मस्ताना से उतर कर सबीना मेरे ऊपर 69 में होकर मस्ताना से कंडोम उतार कर ऊपर से मस्ताना को चूसने लगी और नीचे से जमीला मेरी गोलियों को चूसने लगी. सबीना मेरे मुँह पर अपनी चूत को रगड़ते हुए जोर जोर से चूसने लगी.
मैं सबीना की चूत रस चाटते हुए उसको चूसने लगा. थोड़ी देर में मेरे मस्ताना की नसें फूलने लगी और मेरे मस्ताना से जोर से पिचकारी मारी जो सीधे सबीना के गले में गिरी. सबीना को खाँसी सी आई पर उसने मस्ताना को मुँह से नहीं निकाला. पर मेरे मस्ताना की मलाई खूब निकलती है तो कहाँ सबीना के मुँह में आ पाती, सबीना मस्ताना को मुँह से निकाल कर साँस लेने लगी.

इतने में मस्ताना की पिचकारियों को जमीला ने अपने मुँह में ले लिया एक दो पिचकारी जमीला के बूब्स पर गिरी जिनको बाद में सबीना ने चाट लिया. सबीना और जमीला ने मस्ताना को अच्छे से चाटा और साफ़ किया.

कहानी जारी रहेगी.
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