कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-8

(Kamsin Jawani Ki Chudai Ke Vo Pandrah Din- Part 8)

This story is part of a series:

अब तक आपने पढ़ा कि राज अंकल ने पैसे लेकर मुझे अनजान लड़कों के हवाले कर दिया था चुदने के लिए. इस वक्त मैं महेश सुनील अब्दुल और रमीज के सामने नंगी पड़ी थी. वे चारों भी नंगे खड़े थे और अब्दुल मुझे चोदने के लिए मेरे ऊपर चढ़ गया था.
अब आगे..

अब्दुल ने मुझे लिटा दिया. वो अपने मूसल से खतरनाक लंड को मेरी चिरैया जैसी चूत में सैट करके जैसे ही डालने लगा. समझो मेरी आँखों के सामने भय छा गया था. जबकि उसका लंड अभी घुसा नहीं था. उसका लंड बहुत मोटा और लंबा था जिसकी वजह से मेरी झांट सी चूत में घुस ही नहीं रहा था.
इतने में अब्दुल ने मेरी गर्दन पकड़ के पूरा जोर लगाया और सुपारा चूत की दरार के अन्दर कर दिया. मैं बहुत ही जोर से चिल्लाई और रोने लगी. मुझे लगा कि मैं मर गई. मुझे मेरी चूत में बहुत तेज दर्द होने लगा. आज तक कभी इतना दर्द नहीं हुआ था. मुझे लगा कि मेरी चूत फट गयी.
उसने बिना देर लिए एक और झटका मार दिया और अपना लंड मेरी चूत के अन्दर ठेल दिया.

तभी उसका साथी रमीज बोला- यार अब्दुल, देख के कर … नीचे वन्द्या की चूत से ब्लड आने लगा है. लगता है ये कहीं सील पैक लड़की तो नहीं थी. पर कोई रंडी कैसे सील पैक हो सकती है? अगर सील पैक होती तो इसकी नथ उतारने की डील हुई होती. फिर वन्द्या की चूत से ख़ून क्यों निकल रहा है?
तब अब्दुल बोला- अगर मेरे लंड से लड़की की चूत से खून नहीं निकले, तो क्या मतलब हुआ मेरे पठान होने का?

मुझे बहुत असहनीय दर्द हुआ, पर अब्दुल को कोई फर्क नहीं पड़ा. वह मुझे जोर से चोदने लगा. वो बोला- साली रंडी होकर इतना चिल्लाती है, मुझे तो ठाकुर ने बताया था कि एक लंड से तेरा कुछ होता ही नहीं है. वैसे आज तक मैंने भी कभी रंडियों की इतनी टाइट चूत नहीं पाई है.

तभी सुनील और महेश दोनों मेरे सामने आते हुए आजू बाजू आ गए. जो उनका साथी रमीज था वह भी आ गया. वो बोला- अब्दुल भाई लगता है यह वर्जिन थी. बिल्कुल फ्रेश … पर फिर यह ठाकुर लोग क्यों झूठ बोले होंगे, ठाकुर ने तो बोला था कि रंडी है, छिनाल है बुकिंग में ला रहे हैं, पर इसके चूत की झिल्ली अभी फटी है. साली की बुर से ब्लड आ रहा है.

मैं यह सुनते ही और रोने लगी. मैं घबरा गई. मैंने सोचा कि न जाने क्या हो गया. मेरी चूत से खून निकलने लगा. क्या सच में मेरी चूत फट गई.
मुझे घबराहट होने लगी.

रमीज बोला- अब्दुल भाई यह बहुत चिल्ला रही है. थोड़ी देर आराम से चूत में डाले रहो, धक्के देना बंद कर दो. दो मिनट में मुर्गी शांत हो जाएगी. फिर हल्का हल्का रगड़ना. ज्यादा से ज्यादा 3-4 मिनट में दर्द इसका खत्म हो जाएगा.

अब मेरा हाथ पकड़ कर रमीज ने मुझे अपना लंड पकड़ा दिया. उधर महेश भी मेरे बगल से मुँह के सामने आ गया. उसने भी अपना लंड मुझे पकड़ा दिया और बोला- तुम दोनों लंड को मुट्ठी में पकड़ पकड़ के रगड़ो.
मैं शुरू हो गई. वे दोनों मुझसे अपने अपने लंड रगड़वाने लगे.

सुनील यह सब देख कर बोला- क्या मस्त छिनाल लगती है. मैं तो तुम लोगों का यह सीन देखकर ही पागल हुआ जा रहा हूं.
अब तक अब्दुल ने अपने लंड का धक्का मारना बंद कर दिया था और वो मुझसे लिपट गया था.

इतने में रमीज ने मेरे दूधों को चूसने के लिए मेरे दूध को पकड़कर जोर से दबाया और फिर पहले निप्पल पर अपनी जीभ चलाने लगा, जिससे मुझे थोड़ी राहत मिली और अच्छा लगा. फिर उसने मेरा पूरा दूध अपने मुँह में भर लिया और दबा दबा के चूसने लगा. जिस दूध को उसने पूरा मुँह में डाल लिया था, उसको वो जबरदस्त चूस रहा था और दूसरे को अपने हाथ से भर भर के दबाने लगा.

तभी महेश बोला- यार, इसको अपन चारों एक साथ फिल्मी स्टाइल में करते हैं.
अब्दुल बोला- इससे अच्छी बात तो कुछ होगी ही नहीं.
यह सुनते ही सुनील मेरे पास आ गया और बोला- तीन छेद तो समझ में आते हैं. चौथा छेद कौन सा होगा? मेरी जगह कौन सी होगी, अभी बता दो.
अब्दुल ने पहले ही बोला- तू आज फ्रेंच वाला कर भाई.. इसके मुँह में दे दे क्योंकि मैं तो अपनी पोजीशन में हूं. मैं इसकी चूत छोडूंगा नहीं और रमीज पीछे का शौकीन है, तो ये इसकी गांड मारेगा. बचा यह महेश, तो यह अपना लंड या तो इस वन्द्या के हाथों में और या इसके दोनों दूधों के बीच में डालकर रगड़ लेगा.
ये आईडिया सब को जंच गया और सबने ‘ठीक है.’ बोल दिया.

अब्दुल- यार कौन सी जल्दी है … आज पूरी रात रुकना है … इसको पूरी रात के लिए बुक किया है. एक के बाद एक सब इसके चूत और गांड मारने का मजा लेते रहना.
यह कह कर अब्दुल ने उठाकर मुझे टेड़ा कर दिया और अपना लंड मेरी चूत को चौड़ा करके डाल दिया. लंड डलते ही मुझे फिर से बहुत दर्द हुआ, उसने इस तरह से लंड डाला था कि पूरा मूसल एक ही झटके में मेरी चूत में घुस गया था.

वो मुझसे चोदते हुए बोला- वन्द्या, बहुत गरम और बेहद टाइट चूत वाली लौंडिया है. आज बहुत मजा आएगा.
वह मुझसे लिपट गया तो उसका सीना मेरे सीने से जुड़ गया. वो मेरे होंठों को अपने होंठों से चूमने लगा और चाटने लगा. अपनी जीभ से वो मेरे चेहरे को भी चाट रहा था.
वो मेरी आंखों में भी किस करते हुए बोला- तुम्हारी आंखें बहुत खूबसूरत और सेक्सी हैं यार … तुम बहुत प्यारी दिखती हो.
मैं मुस्कुरा दी.

इसके बाद वो मेरी तरफ देखते हुए बोला- तू बता वन्द्या … मैं कैसा लगा?
मैं उसे चूमते हुए बोली- आप भी बहुत मस्त हो … आपका लंड भी बहुत बड़ा और मोटा है. मैंने आज तक इतना बड़ा लौड़ा नहीं देखा.
अब्दुल बोला- तभी तो तुझे बहुत मजा आएगा.

अब मेरा दर्द थोड़ा कम हो गया था, तो वो और जोर से झटका मार के चोदने लगा. तभी पीछे से रमीज आ गया और वो मेरी पीठ से चिपक गया. उसने मेरी कमर को पकड़ा और अपना लंड मेरी जांघों में टच कराने लगा. फिर ऊपर को लाकर फिर से लंड को पीठ में रगड़ने लगा. रमीज की इस तरह की हरकत से मुझे बहुत गुदगुदी होने लगी और मैं तड़पने लगी. तभी वो उल्टा होकर मेरे कूल्हों को फैलाकर मेरी गांड में अपनी उंगली डालने लगा. मेरी गांड की सुराख में धीरे से उंगली डालते ही मुझे बहुत अजीब सा महसूस होने लगा और मैं अपनी कमर उछालने लगी.

मेरी गांड में उंगली डालते ही रमीज बोला- यार अब्दुल, इसकी गांड का साइज और उठान इसे दुनिया की सबसे सेक्सी लड़की बना देगी, इसकी बहुत जबरदस्त गांड है. कोई भी मर्द इसकी गांड चोदे बिना नहीं रह सकता.

उसने मेरे गांड के छेद से अपनी उंगली निकाल दी और अपनी जीभ को नुकीली करके मेरी गांड में डालने लगा और चाटने लगा.
मुझे बहुत अजीब सा लगा.

आगे मेरी चूत का दर्द अब्दुल के लंड की रगड़ से खत्म हो चुका था. इसलिए अब मेरा मन खुद अपने से होने लगा कि रमीज अपना लंड जल्दी से मेरी गांड में डाल दे.
रमीज मुझसे बोला- वन्द्या, मैं लौड़ा घुसा दूं तेरी गांड में?
मैं बोली- हां रमीज डाल दो.. मेरा बहुत मन कर रहा है. मैं बहुत प्यासी हूं.. जल्दी से घुसा दो.

उसने मुझे थोड़ा सा हल्का टेढ़ा किया और मेरे कूल्हों को अपने हाथ से फैला दिया. इसके बाद उसने ढेर सारा थूक मेरी गांड में लगाया. कुछ अपने लंड में भी लगा लिया. फिर जैसे ही उसने मेरी गांड के छेद पर लंड का सुपारा टच कराया, मुझे पता नहीं क्या हुआ, मैं एकदम से अब्दुल से लिपट गई. मैंने जोर से अब्दुल को अपनी बांहों में कस लिया.

रमीज मेरी पीठ को और कंधे को पकड़ कर पूरी ताकत लगा कर लंड को मेरी गांड के छेद में लंड अन्दर डालने लगा. जैसे ही गांड में लौड़ा घुसना शुरू हुआ कि फिर से मुझे असहनीय दर्द होने लगा.
मैं दर्द से कलपते हुए बोली- प्लीज रमीज अंकल.. आराम से डालना.. बहुत दर्द हो रहा है.
तब रमीज रुक गया और बोला- ठीक है वन्द्या.. तू चिंता नहीं कर.

वो थोड़ा सा ही लंड मेरी गांड में डाल कर एक मिनट तक रुक गया. उधर आगे चूत में अब्दुल जोर से अन्दर झटके मार रहा था. इधर एक मिनट बाद लंड सरकता हुआ मेरी गांड में घुसने लगा, तो रमीज अचानक से एक ही झटके में पूरा लंड मेरी गांड में अन्दर तक पेल दिया.

मेरी गांड में उसका बहुत मोटा तगड़ा पूरा लंड अन्दर तक घुस गया था. मैं जोर से चिल्लाई- उई मम्मी मार डाला. साले भोसड़ी वालों ने काट दिया. मुझे लगता है कि आज नहीं बचूंगी.. बहुत दर्द हो रहा है.
मैं बकरी से दबी मिमिया रही थी. मेरी चूत और गांड दोनों तरफ से मोटे मोटे लंड घुसे हुए थे. मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे.

तभी अब्दुल मेरे होंठों को चूमने लगा और उसने कसके मुझे जकड़ लिया. वो बोला- वन्द्या, तू बहुत सेक्सी है, जब तू चिल्लाती है, तब लगता है कि तुझे और जम के चोदूं. उसने मेरी नाक को भी अपने मुँह में भर लिया और चाटने लगा, चूसने लगा.

उधर अब रमीज भी मेरी गांड में लंड अन्दर बाहर करने लगा.

करीब 3-4 मिनट बाद पीछे का मेरा दर्द अचानक गायब हो गया. अब मेरी चूत में अब्दुल और गांड में रमीज के लंड अन्दर बाहर होने लगे.

जैसे ही मेरा दर्द खत्म हुआ कि सामने से सुनील बोला- वन्द्या तू बहुत मस्त चुदवाती है, तेरी चुदाई देख कर हमसे रहा नहीं जा रहा है. मुझे लगता है तुझे यहां से कभी जाने ही न दूँ.. चोदने से ज्यादा तेरी चुदाई देखने में मस्त मजा आ रहा है.
वो अपना लौड़ा अपने हाथ से रगड़ते हुए मेरे सामने आ गया और अब्दुल से बोला अब्दुल भाई इसकी चुदाई जरा उठ कर करो.. लिपट के नहीं करो. हम दोनों के लिए भी जगह बनाओ.

तभी अब्दुल बोला- बिल्कुल आ जाओ, भाई मैं इसे उठ कर चोदता हूं.

अब्दुल मेरी चूत को चोदने के लिए उठकर कमर के नीचे बैठ गया. मेरे नीचे रमीज दबा था वो मेरी गांड में लंड पेले हुए था. ऊपर से चूत में अब्दुल ने लंड पेला हुआ था. उसने बैठ के स्टाइल से टांगों के बीच में अपनी टांगें फंसाकर पूरी ताकत से लंड घुसा दिया और मुझे चोदने लगा.

अब मेरे मुँह के पास अपना लंड रख के सुनील बोला- ले वन्द्या लंड चूस.. आज तेरे मुँह को चूत की तरह जमकर चोदूंगा.
वो अपना लंड मेरे होंठों पर टच कराने लगा.

महेश भी सामने से आ गया और मेरे सीने के ऊपर चढ़कर उसने अपनी टांगें मेरे दोनों फैलाकर मेरे दूधों को पकड़ लिया. फिर वो अपने लंड को भी मेरे दूधों में टच कराने लगा.

मैं तड़पने लगी. इससे पहले कभी भी मेरी ऐसी हालत हुई थी. इस समय मेरी स्थिति बहुत खराब हो गई थी. मेरे सामने एक साथ चार लंड थे. दो लंड से मेरी चूत और गांड की चुदाई चल रही थी बाकी दो लंड में से, एक मेरे मुँह में घुसा था और एक मेरे मम्मों के बीच में रगड़ खाए जा रहा था.

चुदाई का खेल तेज गति ससे चलने लगा.

मैं अब मजे से पागल हो रही थी. मैं अब्दुल को बोली- अब्दुल और जोर से डालो. मुझे कुछ कुछ होने लगा है … मैं संभाल नहीं पा रही खुद को … घुसा दो पूरा लंड मेरी चूत में … और जोर जोर से चोदो मुझे … जमके चोदो … तुम्हारा लंड बहुत मस्त है.
अब्दुल बोला- हां कुतिया साली रंडी… चल जोर से चोदता हूं.
वो तेज झटके मारने लगा. इधर सुनील अपना लंड मेरे मुँह में घुसाने लगा. मैंने भी पूरा मुँह खोल दिया और उसके लंड को हाथ से पकड़ कर चूसने लगी. रगड़ने भी लगी.

इतने में महेश पूरी ताकत से मेरे दूधों को दबाने लगा. वो मेरे मम्मों को दबा दबा के लंड से रगड़ रहा था. महेश बोला- वन्द्या, तेरे दूध बहुत टाइट हैं यार … कसे हुए हैं. मैंने कार में बोला था ना कि आज रात इनकी साइज बड़ा कर दूंगा. आज हम लोग तेरे दूध को बड़ा कर देंगे. बाकी तो तू क़यामत ही है. आज मैं तेरी दूधों की भी चुदाई भी कर देता हूं. वो भी फिल्मी स्टाइल में करूँगा.

उसने मेरे दोनों दूध को अपने हाथ से जकड़ा और दोनों दूधों के बीच में अपना लंड फंसा दिया. फिर वो मेरे दूधों के बीच में लंड घुसा कर आगे पीछे करने लगा.

महेश लंड रगड़ते हुए बोला- वन्द्या, बहुत मस्त माल है तू.. गजब की चीज है यार.. मैंने हजारों रंडियां देखीं, चोदीं.. पर तेरी जैसी रंडी मिली ही नहीं. तू तो बिल्कुल हीरोइन माल है.. बहुत कड़क और ए-क्लास की माल है.

ऊपर सुनील भी अपना लंड डालकर जोर जोर से मेरे मुँह को चोदने लगा. वो मुँह में अपने लंड को मेरे गले तक अन्दर बाहर करने लगा. मेरे सिर को पकड़ के जोर जोर से झटके मार रहा था.

अब मेरे जिस्म में चार चार लंड एक साथ चल रहे थे और मैं बिल्कुल नशे में चूर पागल सी हो रही थी.

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद अब्दुल तो अपने लंड को पूरा एक साथ बाहर निकाल के अन्दर करता हुआ मजा ले रहा था. वो बोला- वन्द्या तेरी चूत में आग लग गई है … यह तो आज बिल्कुल ऐसी लग रही है कि ये मेरे लंड को जला देगी. ऐसी चूत मैंने आज तक नहीं पाई. तू बहुत मस्त माल है वन्द्या रानी आह … ले चूस.

मुझे भी ना जाने क्या हुआ कि मैं मदहोश हो गई. मेरे मुँह में लंड घुसा हुआ था इसलिए अन्दर से तो आवाज नहीं निकल रही थी, पर लंड की रगड़ के कारण मुँह से फच फच की आवाज आने लगीं.
सुनील बोला- वन्द्या, बहुत मस्त और सेक्सी है. साली मुँह में लंड लेकर गजब का चुदवाती है. ये चूत से भी ज्यादा चूस कर मजा देती है.

उधर रमीज मेरे बालों को पीछे खींच के मेरी गांड में लंड के झटके मार रहा था. वो बोला- साली बहुत बड़ी रंडी है तू, बता नहीं सकता तेरी गांड मारने में कितना मस्त मजा आ रहा है. मैंने बहुत लड़कियों की गांड मारी, पर जो मस्त मजा तेरी गांड चोदने में मिल रहा है, इसका दस प्रतिशत भी उन लड़कियों की गांड में नहीं मिला था.

इस समय पूरे शवाब में चारों अपना लंड रगड़ रहे थे. मेरे को बहुत गर्मी सी लगने लगी और मैं 5-7 मिनट में पसीने पसीने हो गई.

अब तो मैं पागल सी हो गई थी. मैं कुछ बोलना चाहती थी, पर मुँह में लंड होने के कारण बोल नहीं सकती थी.

तभी अचानक से मेरा बदन टूटने लगा और मैं अकड़ने लगी, जिससे मैं सुनील के मोटे लौड़े को जोर से चूसने लगी और अन्दर बाहर मुँह में लेने लगी. मैंने अपनी कमर भी ऊपर नीचे करने लगी. मैंने महेश को भी कस के अपने हाथों से पकड़ लिया.
महेश बोला- क्या हुआ वन्द्या?
तो मैंने आंखों के इशारे से उसे बोला- और जोर से करो.
तब महेश अब्दुल को बोला- लगता है वन्द्या का काम होने वाला है, वन्द्या झड़ने वाली है. जरा सब लोग जोर-जोर से इसे रगड़ो और चोदो.

तब अब्दुल मेरी कमर को पकड़कर बहुत जोर से लंड डालने लगा और रमीज को भी बोला- रमीज भाई स्पीड बढ़ाओ यह साली बहुत मस्त है, इसको तो आज संतुष्ट कर ही दो.
रमीज ने मेरे बाल खींचकर कूल्हों में थप्पड़ मारते हुए बहुत जोर जोर से चोदने लगा. मेरी गांड में अपना पूरा लंड डालकर वो धुआंधार गांड चुदाई करने लगा.

बस पांच मिनट के अन्दर ही रमीज बोला- अब मेरा काम तमाम होने वाला है, वन्द्या तेरी गांड में मेरा लंड का रस गिरेगा.
वो फिर से मेरे बाल खींच के लंड पलते हुए झड़ने लगा. उसने अपने लंड के पूरे गरम गरम माल की पिचकारी मेरी गांड में भर दी. मेरी गांड से भी कोई रस निकलने लगा. मुझे अजीब सा लगा, पर बेहद मदहोशी छा गई और गांड में बहुत मज़ा आया. मुझे लगा मैं आसमान में उड़ रही हूं.

इधर अब्दुल मेरी चूत में अपने हाथी जैसे लंड से मेरी चूत की बेदम चुदाई कर रहा था. वो पूरा का पूरा लंड मेरी चूत की जड़ तक घुसा देता, फिर बाहर निकाल कर फिर पूरा जड़ तक डाल देता. मेरी चूत से इतनी जोर की फच फच की आवाज आने लगी कि कोई कमरे के बाहर हो तो उसे भी सुनाई दे जाती.

आज पहली बार अब्दुल एक ऐसा मर्द मुझे मिला था, जिसके लंड से चुदवाने में मुझे सेटिस्फेक्शन मिला. सच में उसने मुझे मसल कर रख दिया था.

तभी अचानक मुझे लगा कि मेरी चूत में जैसे कोई भूचाल आ गया हो. मुझे चूत में अजीब सी सुरसुराहट सी लगी. जैसे चूत से कोई बहुत गर्म गर्म पिचकारी से निकलने को हो और मुझे इसका अहसास भी हुआ. मैंने कसके सुनील को पकड़ लिया और लिपट गई.
अब्दुल बोला- वन्द्या का काम तमाम हो गया.

सच में मेरी चूत से बेहद गर्म चूत रस निकलने लगा और बहने लगा था. अब्दुल बोला- मादरचोदी वन्द्या, तेरी चूत में अन्दर आग है क्या.. तेरा चूत रस इतना गर्म है कि लगता है मेरा लंड जल जाएगा.
अब्दुल मुझे जमके चोदने लगा. मेरी चूत से फच फच की आवाज बहुत तेजी से आने लगी.

इस तरह से पहली बार जब से मैं मौसी के यहां से चली थी, तब से पहली बार मेरी चूत को सेटिस्फेक्शन मिला था. चूत का रस चुदाई से बाहर आया था.

रास्ते में पहले तीन लोग कार में, दो मॉल में और फिर स्टोर से बंगले पहुंचने में एक. अब तक कुल छ: मर्दों ने मुझे चोदा था, पर अब्दुल ने अब जाकर मेरी चूत से पानी निकाल पाया था. उसने मुझे संतुष्ट कर दिया था.

अब मैं अकड़ रही थी, दिल भी बहुत जोर जोर से धड़क रहा था. अब्दुल तेजी से अब मेरी चूत मारने लगा. वो मेरी कमर को कस के पकड़ के मुझे लपेट कर बोला- आह … अब मेरा भी काम तमाम हो रहा है, तू बहुत मस्त है रे वन्द्या! तुझे चोद के आज मेरे जीवन का बहुत बड़ा काम हो गया. बहुत दिनों बाद किसी लड़की को दिल से चोदा है. तू रंडी है, पर रंडी जैसी कहीं से नहीं लगती.

इतने में अब्दुल के लंड का गरम-गरम रस मेरी चूत में भर गया. आज मुझे इतना मस्त लगा कि शब्दों से नहीं बता सकती.

कहानी जारी है.
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