मस्त गे अंकल की गांड मारी

(Mast Gay Uncle Ki Gand Mari)

नमस्कार दोस्तो, कैसे हैं आप सभी … आशा करता हूँ कि आप बिल्कुल ठीक होंगे. दोस्तों आपने मेरी पिछली कहानी
ट्रेन में मिले एक गाण्डू अंकल
तो पढ़ी ही होगी, यदि नहीं पढ़ी है, तो जरूर पढ़ें.

तो दोस्तो, चलिए थोड़ा अपने बारे में बता दूं. मेरा नाम सजल शर्मा (परिवर्तित नाम) है और मैं मध्यप्रदेश (ग्वालियर) से हूँ. मेरी उमर 26 वर्ष है, गोरा रंग, नार्मल बॉडी है. मेरे लंड का आकार 7.5 लम्बा और 2 इंच मोटा है. मुझे देखकर कोई भी अंकल मुझसे गांड मरवाने के लिए तैयार हो जाते हैं.

यह कहानी बिल्कुल सत्य घटना पर आधारित है. कृपया कहानी पूरी पढ़ें, बहुत मजेदार है.

अभी 15 दिन पहले की बात है, शाम के समय मैं घूमते घूमते एक पार्क में जाकर बैठा गया. उस दिन मैं थोड़ा परेशान था, पार्क में बहुत से बच्चे खेल रहे थे और बहुत से लोग घूमने आए थे, जिनमें औरतें, बूढ़े लोग सभी शामिल थे.

मैं एक कुर्सी पर बैठा बच्चों के खेल देख रहा था. धीरे धीरे अंधेरा होने लगा. सभी बच्चे और सभी लोग जाने लगे. मैं फिर भी वहां बैठा रहा. मैंने देखा एक बहुत ही खूबसूरत से अंकल, जिनकी उमर 50-52 साल के आस-पास होगी, पार्क में टहल रहे थे. शायद वो हर शाम पार्क में टहलने आते होंगे.

अब पार्क में सिर्फ हम दोनों (अंकल और मैं) ही थे. वह बार बार मुझे देख रहे थे और टहल रहे थे. मुझे उनकी खूबसूरती इतनी पसंद आ रही थी कि बता नहीं सकता. मैं तो चाहता था कि काश ये आज मुझे मिल जाएं, तो मुझे जन्नत का अहसास हो जाएगा.

थोड़ी देर टहलने के बाद वो मेरे बगल में आकर बैठ गए. मेरी धड़कनें बढ़ गईं और मन ही मन लड्डू फूटने लगे.

थोड़ा उनके बारे में बता दूं. अंकल की हाइट लगभग 6 फिट के आस-पास रही होगी. अंकल का रंग एकदम गोरा, मोटा सा शरीर, बड़ी बड़ी काली मूछें, चेहरा बिल्कुल फूला हुआ और चमकदार था और वो बहुत प्यारे लग रहे थे.

अंकल थोड़ा मेरी तरफ को सरक गए शायद वो मुझे पसंद कर रहे थे. मेरा मन कर रहा था कि अंकल को जल्दी से किस कर लूँ, लेकिन वह समय अभी नहीं आया था.
अचानक अंकल ने कहा- बेटा कोई परेशानी है क्या? उदास लग रहे हो.
मैंने झिझकते हुए कहा- नहीं नहीं अंकल कोई परेशानी नहीं है, मैं तो बस ऐसे ही यहां घूमने आया था, तो सोचा थोड़ा रिलेक्स हो जाऊं.
अंकल ने कहा- ओके बेटा बस आप परेशान दिख रहे थे, इसलिए पूछ लिया.
मैं हंस दिया.

फिर अंकल ने कहा- बेटा आप क्या करते हो?
मैंने कहा- अंकल, मैं अभी सरकारी जॉब के लिए तैयारी कर रहा हूँ.

फिर अंकल ने अपनी बात जारी रखी और कहने लगे- आजकल के लड़के तो बचपन से ही बिगड़ जाते हैं और गलत कामों से पड़ जाते हैं.
मैंने कहा- जी अंकल, आपने बिल्कुल सही कहा.
फिर अंकल ने कहा- बेटा मैं भी बचपन में ही बिगड़ गया था.
मैंने कहा- ओह … अंकल कैसे?

तो अंकल ने कहा- बहुत लम्बी कहानी है बेटा … तुमको बताने बैठ गया, तो बहुत समय लग जाएगा और तुमको इतना समय नहीं होगा. तुमको पढ़ाई भी करनी होगी, बाद में बता दूंगा.
मैंने कहा- जी नहीं अंकल, अभी अभी मेरे एग्जाम खत्म हुए हैं, अब मैं बिल्कुल फ्री हूँ. आप प्लीज अपनी कहानी बताइये ना!
अंकल बोलने लगे- अरे बेटा अभी रहने दो, फिर कभी देखते हैं.
मैंने जिद करते हुए कहा- प्लीज अंकल मुझे आज ही सुनना है, प्लीज आप बताइए न.
तो अंकल राजी हो गए और कहा- चलो तो सुनो … और प्लीज तुम्हें बुरा लगे तो माफ कर देना.
मैंने कहा- अंकल मुझे कुछ भी बुरा नहीं लगेगा … आप इतने प्यारे जो हो.
इस पर अंकल थोड़ा मुस्कुराये और बोले- ठीक है चलो सुनो.

यहां से अंकल की कहानी चालू होती है.

अंकल कहने लगे कि मैं जब 18 साल का था. मेरे 12वीं के पेपर खत्म हुए, तो गर्मी में अपने मामा के घर घूमने गया था. मेरे मामा के 3 बच्चे थे, जिसमें से 2 मामी के साथ उनके नाना के घर गए हुए थे और एक जो सबसे बड़ा था, वो मामा के साथ घर पर अकेला था. उसकी उमर उस समय जवानी के आसपास की रही होगी. उसका नाम सुलभ था. मैं पूरी गर्मी मामा के यहां ही रुकने वाला था.

इधर मैं अंकल की कहानी बड़े ध्यान से सुन रहा था.

अंकल ने कहा- फिर एक दिन सुलभ के साथ हम दोनों उनके खेत पर घूमने गए और शाम को लौटे, तो बहुत थक चुके थे.

मामा जी बोले कि खाना खाकर दोनों सो जाओ.

हम दोनों ने खाना खाया और मैं सुलभ के साथ सो गया. मामा भी वहीं साइड वाले पलंग पर सो रहे थे, जो हमारे पलंग से लगा हुआ था. मैंने लगभग 1 बजे रात को हल्की लाइट में देखा, तो मामा अपना लंड हिला रहे थे. उनका लंड बहुत ही लम्बा और मोटा था. मैं पतली सी चादर के अन्दर से देख रहा था. मुझे ये सब देखकर बहुत मजा आ रहा था. मैंने सोचा कि क्यों न मामा के साथ मिलकर एक-दूसरे का लंड हिलाया जाए.

मैं उठकर बैठ गया तो मामा अचानक मुझे देखकर चौंक गए और कहने लगे कि क्या हुआ.
मैंने कहा- मामा मैंने सब देख लिया है और मुझे भी ये करना है.
मामा ने चुप होने का इशारा किया और मुझे दूसरे कमरे में ले गए.

मैं अंकल की कहानी बहुत चाव से सुन रहा था और अब मेरा लंड पूरी तरह सख्त हो चुका था.

अंकल ने कहा- फिर मामा ने मुझे नंगा कर दिया और मुझे किस करने लगे. मुझे बहुत मजा आ रहा था. अब मामा मेरा लंड खिला रहे थे और मैं मामा का लंड हिला रहा था. फिर मामा ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया और मेरा मुँह चोदने लगे. फिर थोड़ी देर मुँह चोदने के बाद मुझे उल्टा कर दिया और मेरी गांड के छेद में अपना लंड रख दिया. मैंने मना किया लेकिन मामा नहीं माने और एक जबरदस्त धक्का दे मारा. उनका लंड मेरी गांड में आधा घुस गया. मैं दर्द से तिलमिला उठा और मामा से कहने लगा कि मुझे छोड़ दो, लेकिन मामा तो चुदासे थे, तो उन्होंने मेरा मुँह बंद कर लिया और एक जोरदार धक्का मारकर पूरा लंड मेरी गांड में पेल दिया. वे जोर जोर से आगे पीछे करने लगे. कुछ देर बाद मुझे भी बहुत मजा आने लगा और मैं भी अपनी गांड हिला हिलाकर मजे लेने लगा.

अंकल ने मेरी तरफ देखा और कहा- तभी से मैं एक बहुत बड़ा गाण्डू बन गया और अब मुझे तुम्हारे जैसे गबरू जवान पसंद हैं. मैंने अभी 30 साल से किसी से गांड नहीं मरवाई है. मैं बहुत प्यासा हूँ और आज शायद तुम मेरी प्यास बुझाओगे.

यहां अंकल की कहानी खत्म हो गई और अब अंकल और मेरी कहानी चालू हो गई. अंकल के मुँह से गांड मरवाने की बात सुनते ही मैंने अंकल को एक जोरदार किस किया और अंकल की बांहों में समा गया.

अंकल ने मुझे थामते हुए किस किया और कहा- आइ लव यू बेटा, तुम बहुत प्यारे हो.
वे कहने लगे- चलो घर पर चलकर मस्ती करते हैं, मैं यहीं पास में ही अकेला रहता हूँ. मेरे बच्चे और बीवी गांव में रहते हैं.

हम दोनों उनके घर आ गए. घर पहुंचकर अंकल ने मेरे लिए चाय बनाई. हमने चाय पी.
अब अंकल कहने लगे- चलो अब हम दोनों जमकर आनन्द उठाते हैं.

फिर अंकल मुझे अपने बिस्तर पर ले गए और उन्होंने एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए. उनका बलिष्ठ शरीर देखकर मैं उन्हें देखते ही रह गया. उनके शरीर पर एक भी बाल नहीं था और उनकी बॉडी बहुत ही खूबसूरत थी. जो मुझे देखने में जन्नत का सुख दे रही थी. उनके बड़े-बड़े दूध औरतों से कम नहीं लग रहे थे.

फिर उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटने को बोला और वो भी लेट गए. अंकल ने मुझे जमके अपनी छाती से चिपका लिया. मुझे उनकी छाती से चिपककर बहुत मजा आ रहा था. वो मुझे बहुत किस कर रहे थे और मैं भी उन्हें किस पे किस करे जा रहा था.

फिर धीरे से वो मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आए और मेरे तने हुए लंड को मुँह में भर कर धीरे धीरे चूसने लगे. अब मैं सातवें आसमान में था और मुझे बहुत मजा आ रहा था.

बहुत देर तक लंड चूसने के बाद मुझे ऐसा लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ, तो मैंने अंकल को अलग किया और उनके दूध पीने लगा.
ओह … उनके दूध क्या मस्त थे यार, जैसे औरतों के होते हैं. वो भी बड़े चाव से मुझे अपने दूध पिला रहे थे और तरह तरह की आवाजें निकाल रहे थे- आह … ऊंहहहह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूस लो मेरे दूध … मेरे पतिदेव … आज अपनी पत्नी को पूरी तरह खुश कर दो … बहुत दिनों से तड़प रही हूँ चुदवाने के लिए.

फिर मैं थोड़ा नार्मल हुआ, तो अंकल ने फिर से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगे.
वाह … क्या मजा आ रहा था यार!

मैं बहुत गरम हो चुका था और अब मैं उनकी गांड मारना चाहता था. मैंने अंकल से कहा- अब मैं आपकी गांड मारना चाहता हूँ.
अंकल घोड़ी स्टाइल में हो गए. मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी गांड के छेद पर रखा और एक धक्का मारा. मेरा थोड़ा सा लंड ही अन्दर गया और अंकल को बहुत दर्द हुआ.
वो बोले- थोड़ा धीरे धीरे करो, दर्द हो रहा है.

मैंने लंड निकाल लिया. फिर अंकल एक कटोरी में तिल का तेल लाए, जो बहुत ही चिकना होता है. अंकल ने मेरे लंड पर बहुत सारा तेल लगाया और अपनी गांड पर भी बहुत सारा तेल लगा लिया. अंकल फिर से गांड खोल कर पोजीशन में आ गए. अब मैंने उनकी गांड पर सुपारा रखा और धीरे से एक धक्का मारा, तो करीब 2 इंच मेरा लंड अन्दर गया. अब शायद तेल लगाने से अंकल को दर्द नहीं हो रहा था. अंकल ने अपनी गांड पीछे की तरफ दबाई, तो मेरा आधा लंड उनकी गांड में घुस गया. फिर मैंने एक जोरदार धक्का लगाया, तो अब मेरा लंड अंकल की गांड में घुस गया था.

अंकल की चीख निकल गई- उईईईई..मार डाला रे … मार ले आज मेरी गांड… फाड़ दे आज इसको … चोद और जोर से चोद … आहहह हहह … ऊहह … मजा आ रहा है राजा … आज छोड़ना नहीं … फाड़ दे मेरी गांड!

मैं धड़ाधड़ अंकल की चुदाई किए जा रहा था और अंकल भी अपनी गांड हिला हिलाकर मजे ले रहे थे. पूरे 20 मिनट अंकल की गांड चोदने के बाद मैं झड़ गया और मैंने अंकल की गांड में ही सारा वीर्य छोड़ दिया.

इसके बाद अंकल और मैं बाथरूम में जाकर फ्रेश हुए और मैं अपने घर चला गया. इसके बाद हमने कई बार सेक्स एन्जॉय किया. आज भी अंकल मुझसे चुदने आते हैं. अब अंकल मेरे दीवाने हो गए.

मुझे 45 से अधिक उमर के अंकल बहुत पसंद हैं. यदि कोई 45 प्लस अंकल मेरे मोटे और लम्बे लंड से चुदवाते हैं, तो मुझे जन्नत का सुख मिलता है.

ये थी दोस्तो, मेरी गे सेक्स की दूसरी सत्य घटना. आपको कैसी लगी प्लीज कमेन्ट करके मुझे बताइए. आप मुझे मेरी ईमेल आइडी पर मैसेज करके मुझसे सम्पर्क कर सकते हैं … मैं सभी का रिप्लाई देता हूँ.
मेरी ईमेल आईडी है [email protected]
धन्यवाद.

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