मेरी गांड मराने की शुरूआत

(Meri Gand Marane Ki Shuruat)

हैलो फ्रेंड्स, मेरी पहली कहानी
चलती बस में गांड मराई की हसीन रात
के लिए आप लोगों के मुझे बहुत सारे ईमेल आए, जिनसे मुझे मालूम हुआ कि मेरी कहानी आप सभी को बहुत अच्छी लगी. इतना अच्छा रिस्पोंस मिलने से मेरा उत्साह काफी बढ़ा और उसी प्यार की वजह से मैं फिर से मेरी अन्य हसीन घटना के साथ हाज़िर हूँ. ये घटना तब की है जब मेरी पहली बार गांड चुदाई हुई थी.

यह बात बहुत साल पहले की है, उस वक्त मुझे सेक्स के बारे में भी कुछ नहीं पता था, लेकिन सेक्स के मज़े से में ज्यादा दिनों तक अंजान ना रह सका.

मुझे लंड की छुअन का मजा दिया मेरे घर के ड्राइवर ने. मेरा ड्राइवर बहुत ही मस्त किस्म का मर्द था. उसकी लगभग 5 फुट 11 इंच की हाईट थी, वो एकदम गोरा रंग और मस्त कड़ियल ज़िस्म का मालिक था. वो अपनी बीवी के साथ हमारे घर के पीछे वाले हिस्से में रहता था.

मैं उसे भैया कह के बुलाया करता था. मुझे तो वो बहुत अच्छा लगता था. वो भी मेरी हर ज़िद को मान लेता था और मुझे बहुत प्यार करता था. पर मुझे पता नहीं था कि मुझे उसके साथ रहना खेलना क्यों पसंद है. मेरी उम्र ही कुछ ऐसी थी.

एक बार गर्मियों की छुट्टी चल रही थीं. हमारे घर के पीछे आम का बहुत बड़ा पेड़ लगा है, जिस पर बहुत आम आते थे. मैं एक दिन पीछे आम के पेड़ के पास गया और फिर आम देख कर मुझे आम तोड़ने का मन हुआ. तो मैं उसके कमरे में चला गया.

उस वक्त उसकी बीवी मायके गई हुई थी. वो कमरे में लुंगी पहने सो रहा था. मैं उसे उठाने लगा और उससे आम तोड़ने की ज़िद करने लगा. वो भी क्या करता, उसे मेरे लिए आम तोड़ने पड़े, पर मुझे क्या पता था कि मुझे आज आम के साथ साथ केला भी मिलेगा. वो भी इतना बड़ा केला कि अच्छे अच्छों की फाड़ के रख दे.

उसने मुझे आम लाकर दिए और फिर कमरे में सोने चला गया. मैं भी उसके पीछे पीछे आम खाने के लिए चल दिया. वो बिस्तर पर लेट गया. मैं भी ड्राइवर भैया के बगल में बैठ कर टीवी देखते हुए आम खाने लगा और मैं उनसे बातें भी कर रहा था.

तभी ड्राईवर भैया ने मुझसे बोला- आज एक नया गेम खेलेंगे.
मैं तो नया गेम का नाम सुनकर ही बहुत खुश हो गया. मुझे ये जानने की उत्सुकता हो गई थी कि आज कौन सा नया गेम खेलने मिलेगा.
मैंने पूछा- कौन सा गेम?
उन्होंने कहा- मियां बीवी वाला गेम.

मैं सोचने लगा कि ये कौन सा गेम होता है.
तभी उन्होंने मुझसे पूछा- तू मेरी बीवी की एक्टिंग करेगा?

मैं तुरंत मान गया, क्योंकि मुझे बचपन से ही लड़कियों की तरह रहना, उनके कपड़े पहनना अच्छा लगता था. मैं ड्राइवर भैया से बोला- आप ये बात मेरे घर पर किसी को नहीं बताना, तभी मैं ये नया गेम खेलूँगा.
वो तो खुद यही चाहते थे कि इसके बारे में किसी पता ना चले तो झट से मान गए.

भैया बोले- हां नहीं बताऊंगा, लेकिन तुझे भी, मैं जैसा इस गेम में आगे कहूँगा, वैसा मानना होगा वरना मैं जाकर सबको बता दूंगा.
मैंने कहा- ठीक है.

फिर वो बोले- अब तू मेरी बीवी की तरह मेरे पास आकर बैठ और बोल कि मेरी कमर में मोच आ गई.
मैं मुस्कुराया और मतवाली चाल से अपनी गांड हिलाते हुए उनके पास जा बैठा.

फिर मुझे एक बात सूझी, मैंने उनसे पूछा- जब मैं आपकी बीवी की तरह एक्टिंग कर रहा हूँ.. तो मैं उनके जैसे कपड़े भी तो पहनूंगा.
उन्होंने भी एक कातिल मुस्कान के साथ हामी में सिर हिला दिया. फिर उठ कर अलमारी में से साड़ी ब्लाउज पेंटी ब्रा सब निकाल कर मुझे दे दिया. मैंने देखा कि जब वो मुझे साड़ी देने के लिए उठे, तो उनकी लुंगी में तंबू सा कुछ बन गया था. शायद उनका लंड मुझे चोदने के ख्याल से ही खड़ा हो गया था.

मैंने सब कपड़े पहने मतलब ब्रा पेंटी साड़ी आदि सब पहने और लिपस्टिक भी लगा ली.

इसके बाद मैं ड्राइवर भैया के पास जाके बोला- सुनो जी मेरी कमर में बहुत दर्द है, थोड़ा मालिश कर दो ना.
भैया बोले- हां मेरी रानी … आ जा लेट जा बिस्तर पे, मैं तेरी मालिश कर देता हूँ.

मैं बिस्तर पे उल्टा लेट गया और वो बड़े ही प्यार से मेरी कमर दबाने लगे और मुझे गुदगुदी करने लगे. मुझे पता नहीं था कि ये सब क्या हो रहा है, लेकिन मजा बहुत आ रहा था.

उन्होंने कुछ देर मुझे सहलाने के बाद कहा- अब सीधी हो जा.
मैं सीधा हो गया.
वो बोले- मेरी जान, अब मुझे इस मालिश का इनाम में तेरी एक चुम्मी चाहिए.

तो मैंने झट से उनके गाल पे एक चुम्मी दे दी.
वो बोले- अरे यहां नहीं … मेरे होंठों में दो.

मुझे उस टाइम किस करना नहीं आता था तो वे मेरे होंठों के पास अपने होंठ लाए और एक जोरदार चुम्मा जड़ दिया. पहले तो मुझे अजीब सा लगा, मेरे पूरे ज़िस्म में एक अजीब सी लहर दौड़ गई. मुझे इस चुम्बन का यह पहला एहसास अभी भी याद है.

सच में मुझे तब बहुत मज़ा आया था. आज भी यह कहानी लिखते लिखते मेरा लंड भी खड़ा हो गया. भैया मुझे दुबारा किस करने लगे और एक हाथ से मेरी गांड दबाने लगे. दूसरे हाथ से भैया ने मेरा एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पे रख दिया और उसे आगे पीछे करने का इशारा किया.

मैं समझा तो नहीं, पर उनके बताए अनुसार करने लगा. मुझे भी ये सब करने में अच्छा लग रहा था. उनके हाथ, जो मेरी गांड सहला रहे थे, उससे मुझे बहुत मजा मिल रहा था.
भैया मुझसे बोले- चल आज मैं तुझे एक नई चॉकलेट खिलाता हूँ.

ये कहते हुए भैया ने अपनी लुंगी को उतार दिया. वो लुंगी के अन्दर चड्डी भी नहीं पहने थे, जिससे उनका 7″ इंच का खड़ा लंड फनफनाते हुए बाहर आ गया.
मैं भैया का लंड देख कर शर्मा गया. तो वो बोले- अरे तू तो मेरी बीवी की एक्टिंग कर रहा है, तो शर्मा क्यों रहा है? वो तो इसे बड़े प्यार से चूमती है और लॉलीपॉप की तरह चूसती है. चल तू भी चूस इसे.. यही तो है तेरी चॉकलेट.
मैंने कहा- मैं इसे कैसे चूसूं?

इस पर उन्होंने मेरी साड़ी ब्लाउज आदि सब कपड़े निकाल दिए और मुझे नंगा कर दिया.

मेरा लंड तो अंजाने में ही खड़ा हो गया था. उन्होंने मेरे लंड को हाथ में लेके चूमा और उसे चूसने लगे. लंड चुसाई से तो मैं जैसे सातवें आसमान में ही पहुंच गया था. मुझे इतना मजा आ रहा था कि मेरे मुँह से ‘अयईईई..’ निकल गया.

फिर वो मेरा लंड मुँह से निकाल कर बोले- देखा मजा आया न, पता चला कैसे चूसते हैं.
मैंने कहा- हां.
इस पर उन्होंने मेरा सिर नीचे कर के अपना पूरा का पूरा लंड मेरे मुँह में दे दिया.

शुरू में मुझे थोड़ा अच्छा नहीं लगा लेकिन फिर मजा आने लगा. कुछ देर लंड चुसाई के बाद भैया बोले- चल बिस्तर पर लेट जाते है.
मैं उनके साथ बिस्तर पर आ गया.
भैया बोले- अपन एक दूसरे का लंड चूसते हैं.

हम दोनों 69 की पोज़िशन में आ गए. मैं उनका लंड चूस रहा था और वो मेरा. फिर धीरे धीरे वो मेरी गांड का छेद भी चाटने लगे. मुझे तो पता ही नहीं था कि वो मेरी गांड फाड़ने के लिए ऐसा कर रहे हैं ताकि मेरी गांड पहले थोड़ा खुल जाए. कुछ भी मुझे बड़ा मजा आ रहा था, शायद यही सब मुझे करने में मजा आता था, लेकिन ऐसा कभी हुआ ही नहीं था.

कुछ देर यूं ही चूसने चाटने के बाद भैया बोले- अब तू पलट जा.
मैं चुप था, ये सोचकर कि आगे और कुछ मजा आएगा. मैं झट से पलट कर लेट गया. उन्होंने मेरी गांड पर पहले थूका और खुद के लंड पे भी थूक लगाया.
वो बोले- अब तेरी गांड का रास्ता खुलेगा, शुरू में थोड़ा दर्द होगा लेकिन थोड़ी देर बाद दर्द से भी ज्यादा मजा आएगा.

मैं उनकी चाल में फंस गया. उन्होंने एक रूमाल दिया और बोले- इसे मुँह से कस के पकड़ ले.

मैंने रूमाल को अपने दांतों के नीचे दबा लिया. इसके बाद भैया ने अपने एक हाथ से लंड को मेरी गांड के छेद पे सैट कर दिया. फिर भैया ने एक हाथ से मुझे दबाया ताकि मैं हिल भी ना पाऊं.

यही हुआ, जब उन्होंने धीरे धीरे अपना लंड मेरी गांड में डालना शुरू किया तो मुझे बहुत दर्द होने लगा लेकिन ना ही मैं चिल्ला सका और ना ही हिल सका. बस मेरी आंखों से आंसू आ गए. जब उन्होंने मेरे आंसू देखे, तो वे थोड़ा रुके और मुझे चूमने लगे.
वो बोले- जानू थोड़ा सा सह लो … फिर बहुत मजा आएगा.

लंड की छुअन से मुझे अच्छा तो लग रहा था, लेकिन इस गांड चुदाई के खेल में बहुत दर्द भी हो रहा था. मैंने सोचा यदि अभी मना करूंगा, तो ये जो पहले का चूमा चाटी वाला खेल भी नहीं खेल पाऊंगा, तो मैं भैया की बात मान गया.
मैंने उनसे कहा- अच्छा ठीक है … डालो.

फिर उन्होंने मेरी कुंवारी गांड की चुदाई चालू की और जब तक उनके गर्म लावा से मेरी गांड भर नहीं गई, तब तक मेरी गांड की चुदाई करते रहे. हालांकि थोड़ी देर बाद मुझे भी दर्द के साथ साथ मज़ा भी आने लगा था. मेरी गांड की चुदाई पूरी होते होते मुझे गांड मराने में बेहद मजा आने लगा था, भैया ने मेरी गांड खोल दी थी और मुझे खुद के लंड का प्यासा भी बना लिया था.

इसके बाद जब तक उनकी बीवी मायके से नहीं आ गई, हम मज़े से गांड चुदाई का खेल खेलते रहे.

तो दोस्तो, इस तरह हुआ था मेरी गांड चुदाई का शुभारम्भ. यह थी मेरी सच्ची दास्तान. इसमें बस कुछ मसाला मिलाया है ताकि कहानी को रोमांचक और मज़ेदार बनाया जा सके.

आप मुझे कमेंट करके ज़रूर बताना कि यह गांडू कहानी आपको कैसी लगी. इस कहानी को पढ़ कर आपको खुद के कुछ किस्से याद आए या नहीं, ये भी लिखना. आपका लंड खड़ा हुआ या नहीं. गांड मारना या मारने की प्यास जागी या नहीं? आपके कमेंट का इंतज़ार रहेगा.
धन्यवाद.
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