बरसात में मेरी ज़बरदस्त गांड चुदाई

(Barsat Me Meri Zabardast Gand Chudai)

फिर शुरू हुआ एपिसोड नम्बर दो..

अब मेरा दर्द काफ़ी कम हो चुका था और थोड़ा अच्छा भी लगने लगा था। मैंने उन सबसे अपने आपको चोदने को कहा और खुद ही उल्टा होकर गांड को ऊपर उठा दिया।

दूसरे ने भी मेरी गांड मारने का कार्यक्रम चालू किया और मेरी ज़बरदस्त चुदाई शुरू हो गई। मैं उन चार के सामने चुद रहा था।

अब मेरे पैर भी दुखने लगे थे, मैंने खड़ा हो कर चोदने को कहा।
उन्होंने मुझे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया, मुझे दीवार में चिपका कर मेरी कमर पकड़ कर अपनी ओर कर लिया। अब वो अपने लंड से मेरे गांड की गहराई नापने लगा।

मुझे भी गांड मरवाने में कोई झिझक नहीं हो रही थी, मैं गांड चुदाई का मज़ा पाने लगा था। मेरा छोटा सा लंड भी खड़ा था। उसका लंड लगातार अन्दर-बाहर हो रहा था, कुछ देर के बाद वो भी मेरी गांड में ठंडा हो गया।

तीसरे राउंड में मैं बिस्तर पर गिर गया, मेरी टांगें जमीन पर नीचे थीं और शरीर बिस्तर पर पड़ा था। फिर सबने इसी पोज़िशन में मेरी गांड मारी.. लेकिन जब तक लास्ट वाला फ़ुर्सत होता.. तब तक पहले वाला फिर से तैयार हो चुका था।
इस तरह एक के बाद एक मुझे चोदा जा रहा था।

मैं घंटों तक चुदने के बाद उठने में भी मजबूर सा हो गया था। कब मेरी चुदाई खत्म हुई.. मैं नहीं जानता।

जब मैं उठा.. तो रात के 2 बज रहे थे। फिर मैं वैसे ही नंगा सो गया.. क्योंकि अब छिपाने को कुछ बचा ही नहीं था।

सुबह उठा तो फिर सबको मैंने फिर अपनी गांड का नाश्ता परोसा। उन लोगों ने यह धारावाहिक मोबाइल में क़ैद कर लिया था, बाद में मुझे इसके दर्शन भी कराए था।
बाद में मुझे पेट्रोल दिला दिया और जाने दिया।

अपनी वो गांड चुदाई मैं आज तक नहीं भूला।
कैसी लगी आपको मेरी गांड चुदाई की दास्तान.. ईमेल करना न भूलें।
[email protected]

What did you think of this story??

Comments

सबसे ऊपर जाएँ