मेरी पहली लव स्टोरी

प्रेषक : राकेश कुमार

हेल्लो दोस्तों !

मेरा नाम समीर है मैं दिल्ली में रहता हूँ। मैं अपनी पहली स्टोरी लिखने जा रहा हूँ उम्मीद है आपको पसंद आएगी।

बात उन दिनों की है जब मैं बी.ए. में था। उन दिनों मेरी चाची की बहन घर पर आई हुई थी। देखने में वो बहुत सुंदर थी और मन ही मन मैं उसको चाहने लगा था लेकिन उसको कहने से डरता था।

एक दिन घर में सब बाहर गए हुए थे और घर में सिर्फ़ मैं और वो थे। हम म्यूज़िक सिस्टम पर गाने सुन रहे थे हम दोनों बिस्तर पर एक साथ लेटे हुए थे अचानक उसके हाथ मेरे शरीर पर चलने लगे, मेरा लंड खड़ा हो गया। उसने मेरे हाथ पकड़ कर अपनी चूचियों पर रख दिए मुझे पता चल गया की आग उस तरफ़ भी लगी हुई है।

अब मैंने उसकी चूचियों को मसलना शुरू किया, उसके मुँह से सिस्कारियां निकलने लगी। फ़िर उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और उसको सहलाने लगी। मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और उनको चूसने लगा, एक हाथ से उसकी गांड को मसलने लगा। उसकी गांड एक दम चिकनी और गोरी थी।

अब उसके हाथ बड़ी तेजी से मेरे शरीर पर चलने लगे। मैंने उसकी कमीज को धीरे से उतार दिया उसने कोई भी विरोध नहीं किया अब उसकी चूचियां मेरे सामने थी मैंने पागलों की तरह उनको चूसना शुरू कर दिया। उसके हाथ भी मेरी गांड पर चलने लगे और उसने मेरी पेंट को उतार दिया अब मैं सिर्फ़ बनियान और अंडरवियर में था और मेरे लंड अंडरवियर को फाड़ कर बाहर आने को बेताब था उसने जल्दी से मेरे अंडरवियर उतार दिया और मेरे लंड को चूसने लगी और अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में घुसा दी और मेरे चूतड़ों को मसलने लगी।

मैंने उसको उठाया और बिस्तर पर पटक दिया। उसके बाद मैंने उसकी सलवार को भी उतार दिया उसने नीचे कुछ भी नहीं पहना था मैंने पहली बार किसी की चूत देखी थी। उसकी बिना बालों की चूत को देख कर मैं पागल हो गया और चूत को चाटने लगा। उसने अपनी दोनों टाँगे मेरे कन्धों पर रख दी और बोलने लगी जोर से चाटो !

मैं भी पागल हो गया था मैंने उसके गांड की दोनों गोलाईयों को जोर से भींचा तो उसके मुँह से हल्की सी चीख निकल गयी। उसने कहा- समीर अब चोद दो मुझे कब से मेरी चूत तुम्हारे लंड की प्यासी है।

मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को रखा और घुसाने लगा लेकिन उसकी चूत बड़ी टाइट थी और मेरा लंड उसमें घुस नहीं रहा था। यह उसका और मेरा पहला अनुभव था। अब मैंने थोड़ा और जोर लगाया तो मेरे लंड की सुपारी उसकी चूत में घुस गयी। उसने चिल्लाना शुरू कर दिया मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिया ताकि कोई आवाज़ न सुन ले और अपना पूरा जोर लगा कर लंड को उसकी चूत में घुसा दिया।

वो छटपटाने लगी। मैंने अपने शरीर के भार से उसको पूरा दबा दिया ताकि वो कहीं निकल न सके और जोर जोर से धक्के मारने शुरू कर दिया। अब उसको भी मज़ा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी और अपने चूतडों को उठा उठा कर धक्के मारने लगी।

मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया और फिर से अपना लंड उसकी टाइट चूत में घुसा दिया और उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर धक्के लगाने लगा। सच दोस्तों ऐसा मज़ा मुझे पहली बार आ रहा था। मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी गांड में भी घुसा दी और उसको अंदर बाहर करने लगा।

थोडी देर बाद उसका शरीर अकड़ने लगा मैं समझ गया कि वो अब छूटने वाली है मैंने झटके से उसको दोबारा अपने नीचे ले लिया और धक्के लगाने लगा उसके मुँह से आह आह की आवाज़ निकल रही थी और कह रही थी समीर और जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत को और यह कहते हुए वो झड़ गयी।

अब मैंने और जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए और १५ मिनट तक उसको चोदता रहा। उसके बाद मैंने कहा कि मैं भी आने वाला हूँ उसने कहा मेरी चूत को भर दो अपने इस वीर्य से !

उसके बाद मैं भी जोर से आवाज़ करता हुआ उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके उपर ही लेट गया। हम दोनों थोडी देर उसी अवस्था में पड़े रहे। उसके बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह से साफ़ किया और कहा- अगली बात कब चोदोगे?

मैंने कहा अगली बार तुम्हारी गांड की बारी है।

दोस्तों आगे की कहानी अगली बार प्लीज़ मुझे बताइए कि मेरी यह सच्ची कहानी आपको कैसी लगी।

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