मैंने भी चूत चुदवाना सीखा-2

(Maine Bhi Choot Chudwana Seekha- Part 2)

यह कहानी निम्न शृंखला का एक भाग है:

मेरी चूत की पहली चुदाई

फिर एक दिन उसने बताया कि उसकी बहन अपने परिवार के साथ बाहर कहीं जा रही है, उसका घर खाली है।
अब रात को तो मैं घर से बाहर आ नहीं सकती थी तो दिन का ही प्रोग्राम तय हुआ।

अपने घर पर सहेली घर जाने का बोल कर मैं आ गई, वो मुझे अपनी बहन के घर ले गया, अच्छा सुंदर घर था।

हम दोनों सीधे बेडरूम में गए, वहाँ पहले उसने मुझे कोल्ड ड्रिंक और पेटीज़ दी, हम दोनों ने खाया पिया।
उसके बाद उसने मुझसे पूछा- क्या तुमने पहले कभी कुछ किया है?
मैंने कहा- नहीं, आज तक तो कुछ नहीं किया, बस कभी कभी उंगली से कर लेती हूँ।
वो बोला- मैं भी कभी कभी हाथ से कर लेता हूँ।

मैंने कहा- तुम हाथ से कैसे करते हो?
वो बोला- रुको, मैं दिखाता हूँ।

कह कर उसने अपने हाथ से एक्शन करके दिखाया कि ऐसे लंड को हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करते हैं।
मैं बड़े ध्यान से उसका एक्शन देख रही थी।

वो मेरे पास आ कर बैठा, मेरी ठुड्डी को पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया और मेरे होंठों पे अपने होंठ रख दिये।
यह तो मुझे बहुत ही पसंद था तो मैं भी उसके होंठ चूसने लगी और वो मेरे बूब्स से खेलने लगा।

‘तेरे बूब्स बहुत सॉफ्ट हैं, दिखाएगी मुझे?’ उसने कहा।
तो मैंने अपनी टी शर्ट उतार दी।
‘अरे वाह तू, तो ब्रा भी पहनने लगी!’
मैंने कहा- आज स्पेशल पहन कर आई हूँ।

उसने खुद अपने हाथों से मेरी ब्रा खोली- वाओ, क्या मस्त चूची है तेरी!
कह कर उसने मेरी एक चूची अपने मुंह में लिया और चूसने लगा।

मुझे उस रात की बात याद आ गई, जब मेरे मामा के लड़के ने मेरे बूब्स चूसे थे। मैंने भी पैंट के ऊपर से ही उसके लंड को पकड़ कर सहलाना शुरू कर दिया।
वो बोला- देखना है तेरे को मर्द का लंड?
मैंने कहा- हाँ, तू दिखाएगा तो देख लूँगी।

उसने अपनी पैंट और चड्डी दोनों उतार दी और उसके बाद उसने अपनी टी शर्ट भी उतार दी।

मोटा, लंबा काला लंड हवा में बिल्कुल सीधा तना हुआ था, वो मेरे पास आया और मुझे हाथ में पकड़ा दिया। मैंने महसूस किया कि इसका लंड मेरे मामा के लड़के के लंड से मोटा भी था और लंबा भी।

मैंने उसके सहला कर देखा।
वो बोला- चूसेगी?
मैंने मना कर दिया- छी: गंद… यह भी कोई चूसने की चीज़ है।
वो बोला- अगर एक बार चूसने की आदत पड़ गई न, तो फिर तू बिना चूसे न रह पाएगी।
‘हूंह, मैं तो यह गंदा काम कभी भी न करूँ!’ कह कर मैंने अपना मुंह बिचका लिया।

फिर उसने कहा- चल अपनी जीन तो उतार!
मैंने अपनी जीन और चड्डी दोनों उतार दी।

‘अरे तेरी चूत पे अभी तक बाल भी नहीं आए, इधर देख तेरे यार के पूरा जंगल उग रहा है।’

सच में उसकी छाती, पेट और टाँगों पर सब जगह बाल ही बाल थे।
मैंने कहा- तभी तो रीछ लग रहे हो।
वो बोला- जब यार का लौड़ा जाएगा न अंदर, तब बताना, रीछ हूँ कि क्या हूँ।

मैंने पूछा- यह इतना मोटा, मुझे मारोगे क्या? मैं नहीं ले सकती इतना मोटा।
वो बोला- देखते हैं!

कह कर वो मेरे ऊपर लेट गया, मैंने भी अपनी दोनों टाँगें खोल कर उसको अपने ऊपर लेटने दिया। उसका तना हुआ लंबा मोटा लंड मेरे पेट से लगा हुआ था।

उसने मुझे किसिंग करनी शुरू की, मैंने भी उसके होंठ, जीभ सब चूसे। होंठ चूसने के बाद वो मेरे गाल, कान के आस पास, गर्दन के पास और कंधों पर चूमने लगा।
मेरे तो बदन में गुदगुदी होने लगी।

फिर मेरे दोनों छोटे छोटे बूब्स पकड़ लिए और बारी बारी से दोनों के निप्पल चूसने लगा। मेरे बदन पर जहाँ भी वो अपना मुंह लगाता, वहीं से बिजली सी कौंधती और मेरे बूब्स के निप्पल से होते हुये मेरी चूत तक जाती और हर करंट पर मेरी चूत और पानी छोड़ती।
बहुत बूब्स चूसे उसने, मेरे दोनों निप्पल चूस चूस के सख्त और गुलाबी कर कर दिये।

बूब्स के बाद वो नीचे को गया और मेरी कमर और मेरे पेट पे यहाँ वहाँ चूमा, अब कमर पे तो मुझे गुदगुदी ही बहुत होती है, मैं तो हंस हंस के पगला गई। मैंने बहुत उसे रोकने की कोशिश की, उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए और लगा रहा… तड़पा के रख दिया उसने मुझे।

मेरे यार ने मेरी चूत चाटी

उसके बाद कमर से नीचे आ गया, अब वो मेरी चूत के आस पास और जांघों को चूमने लगा।
मैंने कहा- यहाँ मत करो, मुझे बहुत ज़्यादा गुदगुदी होती है।
वो बोला- जितना मज़ा ले सकती है, उतना मज़ा ले!

और फिर से मेरी चूत के आस पास चाटने लगा।

और फिर उसने मेरी बिना बालों वाली चूत को अपने मुंह में भर लिया और अपनी जीभ को मेरी चूत की दरार में घुमाया।
अभी तक मैं इस आनन्द से अंजान थी कि जब कोई चूत को चाटता है तो कैसा मज़ा आता है।
यह सच में गजब का नज़ारा था… मेरी तो आँखें बंद हो गई।

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