क्लास की लड़की पटा कर चुत की सील तोड़ी

(Class Ki Ladki Pata Kar Chut Ki Seal Todi)

हैलो फ्रेंड्स, मैं आदित्य.. उर्फ़ आदी, अभी मेरी उम्र 20 साल की है. मैं जयपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ. मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है.
मैंने अन्तर्वासना की बहुत सी कहानी पढ़ी हैं. अन्तर्वासना की हिंदी सेक्स स्टोरीज मुझे बहुत पसंद हैं, इन्हें पढ़ने के बाद मेरी भी इच्छा हुई कि मैं भी अपने जीवन की सच्ची सेक्सी घटना आप सब लोगों के साथ शेयर करूँ.
मेरी ये सेक्स स्टोरी उस वक्त की है, जब मैं 18 साल का था और 12 वीं में पढ़ता था.

मैं बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार था इस वजह से मैं अपनी क्लास में फेमस था. बहुत सी गर्ल्स और बॉयज मेरे दोस्त थे.
हमारी क्लास में आरती नाम की एक सुन्दर और प्यारी सी लड़की थी. वो मुझे और सब लड़कियों से बहुत अच्छी लगती थी. वो बहुत ही खूबसूरत थी. आरती की उम्र भी 18 साल की थी. आरती बहुत कम बात करती थी. उसकी एक सहेली थी नैना, वो मेरी भी दोस्त थी.

कुछ दिनों से मैं देख रहा था कि आरती कुछ उदास, चुप सी रहने लगी है. तो मैंने एक दिन नैना से पूछा कि आरती इतनी शांत और चुपचाप सी क्यों रहती है?
नैना ने मुझे बताया कि आरती का एक बॉयफ्रेंड था अवि, वो उस को छोड़ कर चला गया. आरती उस को बहुत लव करती थी. लेकिन आरती का बीएफ किसी और से लव करने लगा था.

मुझे यह सुन कर बहुत दुःख हुआ.. मैं भी पता नहीं कब आरती से लव करने लगा.. मुझे पता ही नहीं चला. मैं उसे दिल ही दिल में बहुत चाहने लगा था.

एक बार मैं क्लास में अकेला बैठा था तो आरती आई और आकर अपनी सीट पर बैठ गई. कुछ देर बाद मुझे हल्के हल्के रोने की आवाज आ रही थी. तब मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो आरती नीचे सिर किए हुए रो रही थी.
मैं उसके पास गया.. और मैंने आरती को जाते ही अपना रूमाल दे दिया. उसने मुझे देखा और रुमाल लेकर आँसू पोंछने लगी.
मैंने आरती से पूछा- क्यों रो रही हो?
तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया.

फिर मैंने कहा- मुझे नैना ने तुम्हारे बारे में कुछ बातें बताई हैं, क्या वो सच हैं?
आरती आँसू पोंछते हुए बोली- नैना ने तुमको क्या बताया है?
मैंने कहा- ज़्यादा चालाक बनने की ज़रूरत नहीं है.
फिर से वो रोने लगी.. और कहने लगी कि अवि (उस के बीएफ का नाम) मुझे छोड़ कर चला गया.
मैंने कहा- मुझे पता है.

मैंने तो पहले उसको चुप कराने की कोशिश की, लेकिन वो चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी. फिर जैसे तैसे वो चुप हुई. मैंने उसको बहुत समझाया, तब वो थोड़ी समझी.
मैंने कहा कि पिछली ज़िंदगी को ‘जो बीत गया सो गया’ समझ कर उसको भूल जाओ. अपने आज का और आने वाले कल के बारे में सोचो बस!

फिर आरती ने कहा- ओ के, मैं पूरी कोशिश करूँगी.
मैंने कहा- गुड गर्ल एंड वेरी स्मार्ट.
तो उसने हल्की सी स्माइल की.

उसी वक्त आरती का एक हाथ पकड़ कर उस से मैंने कहा- मुझ से फ्रेंडशिप करोगी?
तो उसने तुरंत हाँ कर दी.
अब मैं भी बहुत खुश था.

उस दिन क्लास के बाद मैं अपने घर आ गया और खुशी मारे डांस करने लगा और सोचने लगा कि अब क्या करना चाहिए. मैं दूसरे दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था. शाम हुई खाना खाया और आरती की यादों में सो गया.
सुबह उठ कर जल्दी से नहा धो कर सबसे पहले क्लास में 15 मिनट पहले ही पहुँच गया क्योंकि आरती पहले आ जाती थी.

तभी आरती आ गई और उसने मुझे ‘गुड मॉर्निंग..’ बोला.
तब मैंने उससे हाथ मिलाया और पूछा- कैसी हो आरती?
उसने कहा कि मैं ठीक हूँ.. तुम बताओ, तुम कैसे हो?
मैंने भी हंस कर कहा- मैं भी आपके ही जैसा ठीक हूँ.

फिर हमारी धीरे धीरे बातें आगे बढ़ती चली गईं.. और कुछ ही दिनों में वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन गई. मैंने उससे फेसबुक पर भी दोस्ती कर ली. फेसबुक मेसेंजर पर भी हम बातें करने लगे थे. स्कूल में हम दोनों रोज जल्दी आते थे और मिल कर बातें करते थे. नैना को भी शायद हम दोनों के बीच पाक रही खिचड़ी की भनक पड़ गई थी.

फिर हम और ज़्यादा पास आने लगे. न्यू ईयर भी आना वाला था, तो मैंने सोचा क्यों ना मैं आरती हो प्रपोज कर दूँ.

मैंने प्लान बनाया और उस दिन का वेट करने लगा.. वो भी दिन आ गया. मैंने उसको उस दिन बड़े स्टाइल से प्रपोज किया, आरती बिल्कुल नर्वस हो गई और वहां से चली गई.
उस दिन मेरे को लगा कि आरती मुझसे नाराज़ हो गई. इसी बात की वजह से मुझे खुद पर भी गुस्सा आने लगा.

मैं एक हफ्ते स्कूल नहीं गया. इस बीच मैंने फ़ेसबुक भी ओपन नहीं की.
सनडे को आरती का कॉल आया और बोली- मुझे तुमसे अभी मिलना है.
यह कह कर उसने कॉल कट कर दी. उसने मुझे कॉफ़ी शॉप का एड्रेस सेंड किया. मैं तुरंत रेडी हुआ और चला गया.

उधर पहुँच कर मैंने बाइक को खड़ा किया और आरती को देखा तो उसको देखते ही रह गया. वो ब्लू कलर की जींस और ब्लू कलर का टॉप, खुले हुए बाल.. आह.. कसम से कट्टो माल लग रही थी. दिल कर रहा था कि अभी उसे पटक कर चोद दूँ.
मैंने खुद पर कंट्रोल किया और उसके पास गया.

इससे पहले कि मैं कुछ बोल पाता, उसने मुझे ‘आई लव यू’ बोल दिया.
ये बोलकर वो मेरे गले लग गई और कान में बोली- आप कुछ नहीं बोलोगे?
मेरे अन्दर एकदम से करंट सा दौड़ गया, मैंने उसे कस कर हग किया और ‘आई लव यू टू मेरी जान..’

हम अलग हुए और कॉफ़ी पी कर बाइक पर घूमने चल दिए. तभी मैंने नोटिस किया कि आरती अपने मम्मों को बार बार मेरी पीठ से रगड़ रही है. मेरा लंड भी खड़ा हो गया था तो वो बार उसको टच कर रही थी.
तभी मैंने उससे कहा कि क्या इरादा है जानम..?
तो वो बोली- जो तुम चाहो.

मैंने तुरंत बाइक घुमाई ओर एक होटल की तरफ ले गया. होटल में पहुँच कर मैंने एक रूम बुक किया और चाभी लेकर हम अपने रूम में जाने लगे. मैंने रूम ओपन किया और आरती भी अन्दर आ गई.
मैंने अन्दर से रूम बंद कर लिया और आरती के पास जाकर बैठ गया.

मैंने कहा- मुझे एक किस करनी है.
उसने कहा- तो मैंने रोका कब तुमको.. कर लो..!
मैंने उसके होंठ के ऊपर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा. वो भी पूरा साथ देने लगी. मुझे तो जन्नत का मजा आ रहा था. मेरे हाथ भी धीरे धीरे उसके मम्मों की ओर बढ़ने लगे और उनको मैं ऊपर से ही दबाने लगा.

मैं उसको किस करता ही जा रहा था.. कभी उसके होंठ को, तो कभी उसके गालों को.. फिर मैं उसके गाल को काटने लगा.
आरती कहने लगी- आदी प्लीज़ थोड़ा धीरे आराम से .. मैं कहीं नहीं जा रही हूँ.

लेकिन मैं तो बेताब हो रहा था, मैंने जल्दी से उस का टॉप निकाला. वो सफेद कलर की ब्रा पहने हुई थी. मैंने ब्रा खोलनी चाही तो मुझ से उसकी ब्रा खुली ही नहीं. मैंने गुस्से में उसकी ब्रा का हुक तोड़ दिया. उसके मम्मे एकदम से उछल कर बाहर आ गए.
ये देख कर मैं तो पागल सा हो जा रहा था. कभी कोई सा, कभी कोई सा दूध चूसने लगा था.

फिर धीरे धीरे उसको पूरी नंगी कर दिया, वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी लेटी हुई अपनी चुत को छुपा रही थी. मैंने फिर से उसको लिप लॉक किया और चूसने लगा. मैंने धीरे धीरे उसके पूरे बदन को चूमा और उसकी चुत को चाटने लगा.

उसके मुँह से ‘आहह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उउहह..’ की आवाज निकलने लगीं. वो मादक आवाज में कह रही थी- आह आदी धीरे करो.. आहह बहुत मजा आ रहा है..
वो मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चुत पर दबाने लगी.

मैंने अपना लंड बाहर निकाला और कहा कि डार्लिंग एक बार इसको भी चूसो.
तो उसने मना किया, पर मेरे ज़ोर देने पर वो लंड को चूसने लगी. फिर उसको भी मजा आने लगा. वो मेरे लंड को बिल्कुल चॉकलेट की तरह चूस रही थी. मुझे स्वर्ग की सैर का मजा मिल रहा था.
मैंने उससे कहा कि मैं आने ही वाला हूँ. अभी कुछ हो पाता कि मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.. और वो भी मेरा पूरा माल पी गई.

मैं फिर से उसकी चुत चाटने लगा. उसका भी शरीर अकड़ने सा लगा और भी झड़ गई, मैं भी उसका माल पी गया. मैं उसकी चुत को चूसता ही रहा, जिससे वो फिर से गर्म हो गई.

कुछ पल बाद वो मुझ से कहने लगी- प्लीज़ अब डाल भी दो.. मुझे मत तड़पाओ यार.. जल्दी से अपना डाल दो.
मैंने अपना लंड उसके चुत की छेद पर रखा तो आरती कहने लगी- धीरे करना अभी मैं 18 की ही हुई हूँ.. और मेरी सील भी नहीं टूटी है.
मैंने कहा- ओ के मेरी जान, कुछ नहीं होगा… बस थोड़ा सा दर्द होगा, उसको एक बार सहन कर लेना. फिर जन्नत की हवा में उड़ोगी.
वो मुस्कुरा उठी.

मैंने आरती के बैग से क्रीम निकाल और अपने लंड पर थोड़ी सी क्रीम लगा कर लंड सैट कर दिया. अब मैं उसकी चुत की फांकों के बीच में लंड फंसा कर डालने लगा. अभी मेरा सुपारा ही अन्दर गया था कि उसकी चीख निकल आई.

मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ रखे और अपना 6 इंच का पूरा लंड उसकी चुत की सील तोड़ते हुए अन्दर पेल दिया. वो चीखना चाहती थी लेकिन मेरे होंठ उसके होंठ के ऊपर रखे होने वजह से उसकी आवाज बाहर नहीं आ सकी.
उसके आँसू निकल आए, चेहरा बिल्कुल लाल पड़ गया. मैं 5 मिनट ऐसे ही रहा.. बिल्कुल नहीं हिला.

फिर धीरे धीरे मैंने अपना लंड अन्दर बाहर करना स्टार्ट कर दिया. उसका दर्द अब थोड़ा कम होने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगी. पूरे कमरे में ‘उउहहो आहा हहाए.. आहह उहू..’ की आवाजें आ रही थीं.
करीब 20 मिनट की चुदाई में वो दो बार झड़ चुकी थी, मेरा भी होने वाला था, तो मैंने स्पीड तेज कर दी और उसकी चुत में ही निकल गया.

झड़ने के बाद मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा. फिर हम उठे तो आरती से सही से चला भी नहीं जा रहा था. मैंने उसको गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया. हम दोनों नहाए और बाहर आ गए.
मैंने कपड़े पहन कर कहा- जल्दी चलो शाम के 6:30 बज गए.
तभी आरती बोली- आदी आज तुमने मुझे जन्नत की सैर कराई आई लव यू आदी.. आई लव यू सो मच!

वो मेरे गले लग गई, मैंने उसको एक लम्बा किस किया. फिर हम दोनों बाइक पर बैठ कर निकल आए. मैंने उसको उसके घर से थोड़ी दूर पर उतार दिया और वो अपने घर चली गई.

मेरे प्यारे दोस्तो, अगर कहानी लिखने में ग़लती की ही तो माफ़ करना और अपनी राय मुझे ज़रूर मेल करना.
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