बहन की सहेली के साथ चुदाई की मस्ती

(Bahan Ki Saheli Ke Sath Chudai Ki Masti)

हाय दोस्तो,

मैं हूँ मयंक, मैं छत्तीसगढ़ के और मध्यप्रदेश की सीमा में छोटे से शहर में रहता हूँ. मेरा 28 साल की उम्र है, जिम जाने वाला बदन है और लंड 6 इंच लंबा और 2 इंच के लगभग मोटाई लिए हुए है किसी भी लड़की को पूर्ण संतुष्ट करने के लिए काफी बल रखता है. बचपन से ही मुझे सेक्स के बारे में जानने और मस्ती करने का शौक रहा है.

मेरी पिछली कहानी
होली में भीगी चोली टटोली
आप लोगो ने खूब पसंद की। इस बार हाजिर हूँ अपनी दूसरी सेक्सी कहानी ले कर!

जैसे कि मैंने पिछली कहानी में बताया था कि उस मोहल्ले में वो मेरी आखिरी होली थी, हम लोग अपने नए घर में शिफ्ट हो चुके थे।

मेरी कहानी मेरे सपनों से निकलती है, हो सकता है कही मेरा कोई हमशक्ल ये सब कर रहा हो और वो मैं आप लोग सामने कहानी के रूप में पेश कर रहा हूँ।

यह बात है 2009 की है जब मैं फर्स्ट इयर के एग्जाम दे चुका था और मेरी बहन और उसकी सहेली पूजा एग्जाम आने वाले थे।
रविवार का दिन था, मेरी फ़ेमिली को अचानक सुबह बाहर जाना पड़ा तो मेरी बहन मुझे बोल कर गयी- मेरी सहेली पूजा आएगी तो उसे बता देना कि मैं बाहर हूँ, वो 2 दिन बाद आएगी, तब आकर मिल लेगी।

वैसे पूजा के बारे में बता दूँ, वो मेरी बहन की पक्की सहेली है, एकदम दूध जैसा गोरा, सन्नी लियोनी जैसा गदराया 36 30 38 का भरा और कसा बदन, कोई कस के किस कर ले तो 2 घंटे निशान न मिटे।
मुझे पूजा शुरू से पसंद थी, कोई बोल देता तो उससे शादी कर लेता।
पर अभी तक कुंवारा हूँ।

मैं पूजा के इंतजार में बिना नहाए सिर्फ बरमूडा पहने घर में घूम रहा था, 11 बज़ रहे थे और मैं अपने मोबाइल पर ब्लू फ़िल्म देख रहा था। पर उस दिन पूजा भी नहीं आई।
अब आता है असली ट्विस्ट।

वैसे पूजा तो आई नहीं, तो मैंने टीवी पे ब्लू फिल्म लगा ली और मुझे ब्लू फ़िल्म देखते देखते नींद जरूर आ गयी।

मेरे सपने की कहानी में क्या हुआ ये जान लीजिए।
मेरे सपने के अंदर क्या घटित हुआ?

अचानक मेन गेट की घंटी बजी तो मेरी नींद खुली, मैं सिर्फ बरमुडे में था और लण्ड में तनाव था, मैंने दरवाजा खोल कर देखा तो पूजा अकेली खड़ी थी। मैंने झट से टीवी का मेन पॉवर बंद किया जब तक पूजा अंदर आ गयी थी। मैंने उसे बताया कि घर के सब लोग बाहर गए हैं, मेरी बहन भी।
पूजा- अरे यार, भैया भी मुझे यहाँ छोड़ के चले गए हैं, अब मैं वापस कैसे जाऊँगी?
मैं बिना कपड़ों के था. मैं पूजा से बोला- पूजा, मैं नहाने जा रहा था. तुम जब तक टीवी ऑन कर लो, नहा के आ कर मैं छोड़ दूंगा।
इतना बोल कर मैं बाथरूम में चला गया।

मैं भूल गया था कि डीवीडी प्लेयर ऑन है और ब्लू फ़िल्म चल रही है।

पूजा ने टीवी ऑन किया और ब्लू फ़िल्म ही देखने लगी, मुझे बाथरूम में पूरी आवाज़ समझ में आ रही थी, मैंने धीरे से दरवाजा खोल के देखा तो वो मूवी के मज़े ले रही थी और एक हाथ चूत के पास था।
मैंने नहाने में जानबूझ कर थोड़ा ज्यादा समय लगाया ताकि पूजा पूरी तरह से गर्म हो जाए।
नहा कर मैं नंगा ही बाहर अ गया और पूजा के बगल में खड़े हो गया। पर उसका ध्यान पूरी तरह से मूवी में था।

मैं पूजा की बगल में 10 मिनट खड़े हो कर उसकी हरकतों को देख रहा था और लण्ड सहला रहा था। मैंने देखा वो गर्म हो रही है तो मैंने पीछे से उसके दोनों 36 साइज के चुचे पकड़ लिए और दबाने लगा।
वो इसके लिए तैयार नहीं थी और मेरी इस हरकत पर चौंक गयी।

मैंने उसे संभाला और बैठे रहने की सलाह देते हुए चुचे दबाने लगा।
पूजा- मयंक भैया, आप ये सब देखते हो। बहुत गन्दी बात है!
मैं- तू भी तो देख रही है, अच्छा नहीं लगा क्या तुझे ये सब देख कर?
पूजा- बहुत मजा आ रहा है पर नीचे सू सू निकल रही है।

मैं ‘देखूं’ कहा कर के उसकी चूत सहलाने लगा। उसे तब तक पता नहीं था कि मैं नंगा हूँ.
पूजा- आपका भी वो ऐसा ही है?
मैं- ले देख के बता कि कैसा है.
बोलते हुए मैं उसके सामने नंगा आ कर खड़ा हो गया।
पूजा- छी भैया… कितने गंदे है आप!
बोल कर के उसने अपना मुंह छुपा लिया।

मैंने उसके चेहरे पर से उसके हाथ हटा कर उसके होंठों पर किस किया और चुचे दबाने लगा, वो भी कामुक हो चुकी थी तो मेरा साथ देने लगी।
मैंने उसे उठाया और उसकी सफ़ेद सलवार और कुर्ती समीज निकाल दी और अब वो सिर्फ ब्रा पैंटी में थी, उसके चुचे 34 नम्बर की ब्रा से बाहर आने को तड़प रहे थे और मैं उन्हें दबा कर और तड़पा रहा था।

धीरे से उसने मेरे लण्ड को पकड़ा और दबाया. मैं उसे बैडरूम में ले गया और वहां उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी थी. नीचे देखा तो एकदम क्लीन गोरी सी चूत देख कर मेरा लण्ड फनफना गया। दोनों नंगे जिस्म मिलने को बेक़रार होने लगे।
मैंने उसके पूरे बदन पर किस करना चालू कर दिया, एक हाथ से चुचे दबाता और दूसरे से चूत सहला रहा था।
मैंने पूछा- तुम्हें मालूम था क्या कि तुम आज चुदने वाली हो? तुम अपनी चूत शेव कर के आई हो।
वो बोली- नहीं… मुझे क्या पता था कि यहाँ मुझे कोई नहीं मिलेगा, आप अकेले होंगे. मैं तो अपनी सहेली और आपकी बहन के साथ मस्ती के मूड में थी, सोचा था कि वो अकेली रूम में होगी तो खोल के दिखाऊँगी और देखूंगी किसकी कितनी बड़ी है. पर आप तो और ज्यादा करने लगे।

मैं उसके चूचों पर दांतों काटने लगा और वो चिल्लाने लगी- भैया, आप ये क्या कर रहे हैं?
मैंने उसकी बात को अनसुना कर दिया और चूत के पास जाते हुए उसे जगह जगह काटता जाता और वो सिसकारियों से कमरे में मधुर ध्वनि भर रही थी।
मैं उसकी चूत चाटने लगा और एक हाथ से उसके चुचे की बेरहमी से मसलने लगा जिससे वो एकदम लाल हो गए।

15 मिनट तक चूत चुसाई से उसकी चूत ने पानी फेंक दिया.

फिर मैं उसके मुँह के सामने अपना लण्ड ले जा के बोला- पूजा डार्लिंग, इसे चूसो!
तो पूजा न नुकर करने लगी पर जैसे ही मैंने उसके होंठों पर अपने लंड का सुपारा छुआया, पता नहीं क्या हुआ पूजा को… वो गप्प से मेरे लण्ड को अपने मुख में लेकर जड़ तक चूसने लगी और अपने हाथ से चूत सहलाने लगी.
मैं उसके दूसरे चुचे को दबा कर लाल करने लगा।

5 मिनट बाद मैं भी झड़ गया।

अब हम दोनों पूजा और मैं 15 मिनट एक दूसरे से चिपक के लेटे रहे और एक दूसरे को चाटते, किस करते, प्यार करते रहे। धीरे धीरे मेरा लण्ड फिर जोश में आने लगा तो मैं पूजा को सीधा लेटा कर उसकी चूत चाटने लगा और जब पूजा भी कामुकता वश सिसकारियाँ भरने लगी तो फिर प्यार से लण्ड को पूजा की चूत की दरार में रख कर धक्का लगाया तो वो चीख पड़ी, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि मेरे घर में तो कोई था नहीं और आस पास भी 2-3 प्लाट खाली थे जहां कोई आवाज़ सुनता।
इससे पहले वो कुछ समझ पाती, मैंने उसे लंबी सांस लेने के लिए बोला और दूसरी सांस में पूरा लण्ड उसकी चूत में उतार दिया.
दर्द के मारे पूजा की आँखों से आंसू, मुंह से चीख निकली, उसने अपने हाथों से चादर को पकड़ के दोनों पैर उठा लिए और जोर से चीख मारी, मैंने उसके दोनों चुचे दबा दबा कर पीने शुरू कर दिए।
करीब 10 मिनट बाद वो नार्मल हुई तो मैंने धक्के लगाने शुरू किये, 5 मिनट बाद वो फिर झड़ गयी।
मैंने उसे अपने ऊपर बिठाया और नीचे से धक्के लगाने लगा. 2 मिनट में वो खुद गांड हिला हिला के उछलने लगी और मुझे चुदने का मज़ा आने लगा.

कुछ देर में मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत चुदाई करने लगा। उसकी गोरी गोरी चौड़ी गांड ने मुझे ज्यादा देर टिकने नहीं दिया, करीब 15 मिनट की लंबी चुदाई के बाद मैं और पूजा एक साथ झड़ने लगे और मैं पूजा के ऊपर ही चढ़ते हुए झड़ने लगा और पूरा माल उसकी चूत में डाल दिया।
उसने बोला- चूत के अंदर ऐसा लग रहा है जैसे कोई गरम गरम तरल पदार्थ चूत में डाल दिया हो।

फिर हम दोनों चिपक कर काफी देर तक लेटे रहे।

पूजा ने कहा- आज मेरी मन की मुराद पूरी हुई! जब से चुदाई के बारे में मुझे पता चला था, मेरा चुदने का बहुत मन था पर किससे चुदती… समझ में नहीं आता था, इसलिए आपकी बहन के साथ करने का सोची थी, पर आप ने मेरी सारी इच्छा पूरी कर दी।

फिर हम दोनों उठ कर बाथरूम गए और फौव्वारे के नीचे नहाते हुए मैंने उसको बाथरूम में फिर से चोदना शुरू किया।
बाथरूम से बाहर आये तो मेन गेट की घंटी बजी और मेरी नींद खुल गयी।
मेरा सपना यहाँ पूरा हो गया था.

मेरा बरमूडा पूरा गीला था, मैं 3 बार झड़ जो गया था।

अब 2 बज़ रहे थे, बाहर पूजा खड़ी थी और उसका भाई भी खड़ा था।
मैंने फ़टाफ़ट अपने कपड़े पहने और बाहर गेट पर आया. पूजा ने मेरी बहन के बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि वो घर वालों के साथ बाहर गई है, यह कह कर उसे बाहर से ही चलता करना पड़ा।
पर मेरे मन की आस प्यास अधूरी थी।

आज भी मन करता है कि कहीं पूजा मिल जाए तो एक बार उसके जिस्म को प्यार जरूर करूँगा।
आप सभी का मित्र मयंक।
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