लंगोटिया यार का स्वागत बीवी की चूत से-1

(Langotiya Yar Ka Swagat Biwi ki Chut se- Part 1)

This story is part of a series:

दोस्तो,
आपको मेरी पिछली कहानी
मस्ती की एक रात
और
अदल बदल कर मस्ती
कैसी लगी.
इनको पढ़कर वड़ोदरा से दीपा ने अपनी कहानी भेजी. जिसे शब्दों में बांधकर आपको सुना रहा हूँ.

दीपा की शादी अभी एक साल पहले ही मनोज से हुई है. मनोज एम बी ए है और एक अच्छी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव है. अच्छी तनख्वाह और गाडी-फ्लैट सब कंपनी की ओर से है. कंपनी तनख्वाह अच्छी देती है तो काम भी जम का लेती है. मनोज महीने में 10 दिन तो बाहर रहता ही है. अब सेल्स में है तो रात को डिनर पार्टी और शराब से कैसे बचा जा सकता है.

पर दीपा ने सख्त हिदायत दे रखी है कि सिर्फ एक पेग पीना है. मतलब गाड़ी खुद चलाकर लानी है और कभी भी रात सूनी नहीं जानी चाहिए.
दीपा ने अपने आपको बहुत मेन्टेन कर रखा है. हालांकि अभी नयी शादी है, फिर भी हर रोज योग और जिम उसकी दिनचर्या में है.

दीपा और मनोज सेक्स के और ब्लू फिल्म्स के नशेड़ी हैं. कोई दिन जब मनोज बड़ोदरा में हो तो बिना पोर्न मूवी देखे और बिना वाइब्रेंट सेक्स के सो नहीं सकते.

मनोज को दीपा बिना कपड़ों के ही अच्छी लगती है. उसकी तो इच्छा ये रहती है कि जब वो डोरबेल बजाये तो दीपा बिना कपड़ों के ही दरवाजा खोले. दीपा ऐसा कर भी रही थी, पर एक दिन धोखा होते होते बचा, तब से दीपा ने ऐसा करने से मना कर दिया.

हुआ यूं कि मनोज जब भी ऑफिस से चलता था तो वो दीपा को फ़ोन कर देता. दीपा फटाफट हल्का नाश्ता और चाय बना कर तैयार रहती और मनोज के आते ही बिना कपड़ों के उसकी बाँहों में आ जाती. फिर तो सोफे पर, बाथरूम में, किचन में, हर जगह मनोज की चूमा चाटी चलती.

एक बार ऐसे ही मनोज ने ऑफिस से फोन कर दिया. ऑफिस से घर का रास्ता दस मिनट का था. दीपा ने पूरी तैयारी कर ली और कपड़े उतार कर सिर्फ ब्रा पैंटी में मनोज का इन्तजार करने लगी. डोरबेल बजी तो वो भाग कर दरवाजा खोलने लगी.

तभी बाहर से आवाज आई- मेम साहब किराने का सामान ले लीजिये.
दीपा को ध्यान आया कि दिन में उसने सामान का आर्डर किया था.
उसे तो काटो तो खून नहीं … अभी अगर वो दरवाजा खोल देती तो!?

खैर उसने फटाफट कपड़े पहन कर सामान लिया. पीछे पीछे मनोज भी आ गया.

वो दीपा का गुस्से का चेहरा देख कर सारा माजरा समझ गया. हँसते हुए उसने कहा- कैट आई से देखकर ही दरवाजा खोला करो.
पर उस दिन से दीपा ने कोई रिस्क नहीं लिया.

मनोज को दीपा के गोल गोल दूध जैसे मम्मे और गुलाब की पंखुरी सी नाजुक चूत चाटने में बड़ा ही मजा आता था. मनोज को xxx मूवीज का बहुत शौक था.

दीपा भी अपनी हॉस्टल लाइफ में मस्तराम की कहानी पढ़ कर और अपनी रूममेट से लेस्बो होकर सेक्स के शुरूआती मजे लूट चुकी है.

वो मनोज के साथ सिगरेट के सुट्टे भी मार लेती थी. मनोज सिगरेट पीता था पर घर पर कम ही पीता था क्योंकि उसे मालूम था कि उसने सिगरेट जलाई तो दीपा भी पीयेगी और ये वो नहीं चाहता था.
पर अब दीपा को कोई संकोच या डर तो था नहीं तो कभी कभी मनोज की गैरमौजूदगी में भी वो जला लेती.

हाँ शाम को मनोज ऑफिस से आने के बाद एक सिगरेट जरूर सुलगाता और उसमें से आधी तो दीपा ही पीती.
अब दीपा अपना पैकेट छिपाकर खरीदती और दिन में एक दो सिगरेट मनोज की बिना जानकारी के उड़ा लेती.

पोर्न मूवी देखते समय मनोज अक्सर उससे फंतासी की बातें करता. मनोज ने दीपा को बता रखा था कि शादी से पहले उसकी एक गर्लफ्रेंड थी और दोनों के जिस्मानी सम्बन्ध भी थे. पर अब शादी के बाद वो सिर्फ दीपा का है.

दीपा ने उसे कभी नहीं बताया कि वो और उसकी सहेल लेस्बो होती थीं और एक दूसरे कि चूत रगड़ना और उंगली या मोमबत्ती से करना उनका रोज का ही काम था. उसकी सहेली पता नहीं कहाँ से सेक्सी फोटो की मेगजीन ले आती. जिनकी फोटो देख देख दोनों चूत रगड़ती.

दीपा का हॉस्टल लाइफ में रवि नाम के लड़के से इश्क का चक्कर भी जोरों से चला. अब हॉस्टल में तो ये सब आम बात थी. दीपा की रूममेट तो अपने प्रेमी के साथ रातें भी गुजार चुकी थी. पर दीपा ने अपना प्यार केवल चूमा चाटी तक ही सीमित रखा था.

एक बार वो रवि के साथ मूवी हॉल में बहक भी गयी तो रवि ने उसकी चूत में उंगली कर दी थी और दीपा को अपना लंड पकड़वा दिया था. पर हॉल में इससे ज्यादा कुछ हो नहीं पाया. लौटते में टैक्सी में रवि ने ड्राइवर को 500 का नोट दिया और कहा कि वो कहीं सुनसान जगह गाड़ी रोक दे और दस मिनट के लिए चला जाए.

हालांकि दीपा डर रही थी पर खुमारी तो उस पर भी चढ़ी थी. गाड़ी में रवि ने उससे सेक्स करना चाहा तो दीपा ने साफ़ मना कर दिया. पर फिर भी रवि कि जिद पर उसे रवि का लंड चूसना पड़ा और रवि ने उसके मम्मे चूसे.

दीपा को ये सब आगे के लिए अच्छा नहीं लगा और वो संभल गयी. इसके बाद उसकी और रवि की दूरी बढ़ गयी क्योंकि रवि बार बार उसे सेक्स के लिए कहता, जो दीपा नहीं चाहती थी.

मनोज ने दीपा को बताया कि उसका हॉस्टल में एक रूममेट था सुनील … वो अब दुबई में व्यवसाय करता है. दोनों आज भी बहुत अच्छे दोस्त हैं. शादी के समय सुनील आ नहीं पाया था. तो मनोज और सुनीत रूम में खूब मस्ती करते थे. एक दूसरे के लंड से खेलना और पानी निकाल देना उनका शगल था.

सुनील का लंड मनोज के लंड से मोटा और लम्बा था. मनोज अक्सर दीपा से कहता कि अब जब वो सुनील से मिलेंगे तो सुनील का लंड वो दीपा को जरूर दिखायेगा.
दीपा उसे इस बात पर हँसती हुई नाराज होती कि क्या फालतू की बात करते हो, उसे नहीं देखना किसी और का लंड.

सुनील ने कई बार मनोज दीपा को दुबई बुलाया पर जाना ही नहीं हो पाया. इस बीच सुनील की भी शादी तय हो गयी. मनोज दीपा ने जाने का प्रोग्राम बना लिया पर अचानक जाने वाले दिन ही मनोज के पिताजी को अहमदाबाद में हार्ट अटैक आ गया तो वो लोग नहीं जा पाए.

मनोज सेक्स के दौरान दीपा को उकसाता था कि अगर दीपा की चुदाई उसके साथ एक और आदमी भी करे तो दीपा को मजा आ जाएगा. हालाँकि दीपा को ये सब बातें पसंद नहीं थी पर वो सोचती थी ये सब बेड की बातें हैं तो वो भी मनोज का इस गप्पखोरी में साथ दे देती.

जब भी मनोज उसकी चूत चाटता तो दीपा को बहुत मजा आता. वो भी हर जगह जहां भी उसे मौका मिलता, अपनी चूत चटवाने को तैयार रहती.

मनोज ने एक दो बार कहा भी कि जब सुनील तेरी चूत चाटेगा तो उसे देखने में बहुत मजा आएगा.
इस पर दीपा कहती कि फिर तुम क्या करोगे? तुम ना सुनील का नीचे लेटकर लंड चाट लेना क्योंकि बहुत दिन हो गए तुम्हें भी किसी का लंड चूसे.

इतना सुनते ही मनोज अपना लंड दीपा के मुंह में कर देता. दीपा ने तो मानों लंड चूसने में पी एच डी कर रखी थी. वो ऐसा मस्त होकर लंड चूसती कि मनोज को लगता कि वो जन्नत की सैर कर रहा है और उसका लंड अभी पानी छोड़ देगा.

एक दिन मनोज का ऑफिस से दीपा के पास फोन आया कि दो दिन बाद सुनील आ रहा है मुंबई. तो मनोज ने दो-तीन दिन के लिए उसे वडोदरा बुलाया है. वो अगले शुक्रवार को आएगा सुबह … और सोमवार को वापिस चला जाएगा.

शाम को जब मनोज घर आया तो उस समय यही टॉपिक था कि सुनील की खातिर कैसे करनी है.
दीपा ने सारा प्रोग्राम पहले ही बना लिया था. दीपा की प्लानिंग बढ़िया होती है, ये मनोज जानता था तो उसने उस प्रोग्राम को ही अप्रूव कर दिया.

रात को सेक्स के दौरान फिर मनोज सुनील को ले आया. वो मजे लेते हुए दीपा से बोला- तुम्हें तो तीन दिन दो दो लंडों को चूसना पड़ेगा.
दीपा एक बार तो उससे नाराज हो गयी- देखो मजाक की बात मजाक तक ही रखो.

पर मनोज तो मस्ती के मूड में आ गया था कि एक बार सुनील का लंड देख लोगी तो अपने आप ही मन कर जाएगा तुम्हारा.
दीपा ने भी झक मार के कह दिया कि चलो उस समय की उस समय देखी जायेगी, फिलहाल तो मनोज उसकी चुदाई करे जम के.

असल में सेक्स की बातें इतनी गर्म हो जाती थीं कि दीपा कि चूत भी गीली हो जाती थी.

अगले दिन मनोज के ऑफिस जाने के बाद दीपा ने सोचा कि चलो पार्लर हो आती हूँ. वहां उसे पार्लर वाली ने ऐसा पटाया कि वो फुल बॉडी पैकेज ले लिया. मतलब पूरी बॉडी की वेक्सिंग, पेडीक्योर, मेनीक्योर, फेशियल … पता नहीं क्या क्या!

पार्लर से निकली तो सामने ही सेलून में घुस गयी और बालों को नया लुक दे आई. आज वो भी मूड में थी तो कुछ शौपिंग भी कर ली.
हालाँकि रात को मनोज के साथ शौपिंग पर जाना था. मनोज को बियर, ड्रिंक्स वगैरह भी लेने थे.

रात को मनोज के साथ शौपिंग करते समय दीपा ने मनोज के कहने पर एक-दो शोर्ट ड्रेस भी लीं. दीपा गोरी थी तो उस पर हर ड्रेस अच्छी लगती थी. दीपा को एक स्कर्ट और टॉप बहुत पसंद आया, पर वो शोर्ट लगा तो उसने मना कर दिया लेने से … पर मनोज ने उसे जबरदस्ती दिला दिया.

दीपा ने एक लाल रंग का थ्री पीस नाईट सूट लिया जो बहुत ही सेक्सी था. दीपा को बहुत पसंद आया तो उसने एक और वैसा ही सुनील की वाइफ के लिए भी ले लिया. उस सूट में ब्रा-पेंटी और घुटनों तक का गाउन था.

उन लोगों ने तनिष्क से एक हल्का नेकलेस सेट भी सुनील की वाइफ के लिए और एक सोने की टाईपिन सुनील के लिए ली.

रात को मनोज ने जानबूझकर एक थ्रीसम सेक्स मूवी लगायी अपने बड़े टीवी स्क्रीन पर, जिसमें एक दोस्त अपनी बीवी अपने दोस्त के साथ शेयर करता है.

मूवी देख कर दोनों गर्म हो गए थे और मनोज का वाही पुराना राग छिड़ गया. आज वो एक नयी बात ले आया, बोला कि रोज तो हम दोनों साथ नहाते ही हैं, उस दिन तीनों साथ नहायेंगे.
दीपा नाराज होती बोली- मैं नहीं नहाऊँगी तुम दोनों के साथ … तुम दोनों नहा लेना.

खैर वासना तो चढ़ी हुई थी दोनों पर.
सेक्स के दौरान मनोज ने सुनील के लंड का फिर जिक्र किया तो दीपा भी कह बैठी- जब तुम ऑफिस जाओगे, तब पीछे से मौज करुँगी सुनील के साथ.
यह सुन कर मनोज की चुदाई की स्पीड और बढ़ गयी.

कहानी जारी रहेगी.
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