स्वीमिंग पूल बना मस्ती पूल-2

(Swimming Pool Bana Masti Pool- Part 2)

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कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि एक फ़िज़ियोथेरेपिस्ट राहुल जो तैराकी में भी चैंपियन था, उसे नॉएडा के बड़े अस्पताल में जॉब मिली. एक स्विमिंग पूल वाली सोसाइटी में उसने एक फ़्लैट किराये पर ले लिया. सोसाइटी की भाभियों ने उससे तैराकी सीखने की जिद की.
अब आगे:

दिन में उसके पास जो रोगी आये उसमें एक 35 साल की महिला थी संगीता, जिनको सर्वाइकिल की प्रॉब्लम थी और वो फिजियोथेरेपी अपने घर पर चाहती थी, मुंह मांगी फीस देने को तैयार. राहुल नहीं जाना चाहता था पर उसकी रिक्वेस्ट को और ऑफर को मना नहीं कर पाया. शाम को 4 बजे का टाइम तय हुआ उससे.

उसकी कोठी राहुल की सोसाइटी से दूर नहीं थी. संगीता ने कहा कि शाम को ठीक 4 बजे वो गाड़ी हॉस्पिटल भेज देगी और वही गाड़ी उसे 5.30 तक वापिस छोड़ आएगी. शाम की चाय संगीता ने कहा कि राहुल को उसके साथ पीनी पड़ेगी.
संगीता छरहरे बदन की बहुत खूबसूरत महिला थी.

शाम को राहुल जब उसकी कोठी पर पहुंचा तो उसको अहसास हुआ कि वो बहुत पैसे वाले लोग हैं. संगीता के पति एक्सपोर्टर हैं और अधिकतर विदेश रहते हैं. जब यहाँ होते भी हैं तो रात को 12 से पहले घर नहीं आते. उनके एक बेटा है जो मसूरी के स्कूल में पढ़ता है.

अब इन हाई सोसाइटी लेडीज के पास कोई काम तो होता नहीं, सिवाये अपने मर्द की कमाई फूंकने के. संगीता को सर्वाइकल के साथ फ्रोजन शोल्डर की भी शिकायत थी.

संगीता ने पहले तो एक प्यारी सी मुस्कुराहट से राहुल का स्वागत किया और कहा- चाय तैयार है.
राहुल ने कहा- अभी तो थोड़ा जूस लूँगा, फिर एक्सरसाइज के बाद चाय.

राहुल ने संगीता से ढीले कपड़े पहनने को कहा था तो संगीता ने उसी हिसाब से कपड़े पहने थे.

राहुल ने उसको थेरपी देनी शुरू की. अब जब राहुल को पैसे मिलने ही थे तो उसने भी काम को बखूबी से अंजाम देना शुरू किया. राहुल ने संगीता की सुराही जैसी गर्दन की मालिश के साथ उसको इधर उधर घुमाना शुरू किया. उसने महसूस किया कि संगीता को आराम मिल रहा है और उसने आँखें बंद कर रखी थीं.

थोड़ी देर बाद उसने संगीता की बांहें ऊपर उठा कर उसके नीचे हाथ डाल कर बाँहों की एक्सरसाइज शुरू की. संगीता ने जो कुरता पहना था, वो था तो बहुत ढीला पर उसके कालर बड़े और सख्त थे, जो राहुल को गर्दन की मालिश करने में अड़चन पैदा कर रहे थे.
राहुल ने संगीता से कहा कि अगली बार वो कोई राउंड नैक की टी शर्ट पहना करे.
संगीता बोली- पहले बताया क्यों नहीं? मैं कुर्ता उतार देती हूँ.

बिना राहुल का जवाब सुने संगीता ने एक झटके में अपना कुरता उतार दिया. राहुल भौंचक्का रह गया. संगीता ने पीले रंग की स्पोर्ट्स ब्रा पहन रखी थी. पर शायद वो टाईट थी तो उसके मम्मे बाहर निकले पड़ रहे थे.

कमरे में वो दोनों अकेले थे, दरवाजा ऑटो लॉक था. राहुल को सोचते देख संगीता हंस पड़ी, बोली- क्यों पहले कभी कोई लड़की नहीं देखी? चलो अब शुरू हो जाओ.
राहुल ने भी सोचा ‘चलो हमें तो काम से मतलब है.’

उसने सधे हाथों से संगीता के पीछे खड़े होकर गर्दन और कन्धों को मालिश शुरू की. अचानक संगीता ने राहुल का हाथ अपने कन्धों से आगे करते हुए कहा कि थोड़ी आगे की ओर करो. संगीता ने राहुल का हाथ अपने मम्मों के बिल्कुल पास तक कर दिया था.
राहुल भी अनाड़ी तो था नहीं … वो समझ गया कि संगीता क्या चाहती है. उसने पीछे से हाथ आगे उसकी ब्रा तक करना शुरू कर दिया.

अचानक संगीता थोड़ी ऊपर हो गयी और राहुल का हाथ उसकी ब्रा में घुस गया.
राहुल ने सॉरी बोलते हुए हाथ बाहर खींचे.
संगीता हंस पड़ी और उसने अगले ही पल अपनी ब्रा उतार फेंकी और राहुल के हाथ अपने उरोजों पर रख दिए. राहुल ने अब नीचे झुककर संगीता को माथे पर किस किया और उसके मम्मों को निप्पल्स के चारों ओर उंगली घुमाते हुए मसाज देना शुरू किया.

संगीता ने अपने हाथों से राहुल का सर नीचे किया और अपने रसीले होंठ राहुल के होंठों से मिला दिए.
राहुल इन सबसे कभी आगे नहीं गया था, वह संभला और बोला- मैम… ये ठीक नहीं है. यह मुझसे नहीं होगा.

संगीता ने पहले कभी ऐसा जवाब सुना नहीं था. वो खड़ी हुई और राहुल से चिपट गयी और पागलों की तरह उसे चूमने लगी. अब राहुल भी बेचारा मर्द ही तो था. उसने भी संगीता को चूमने में कोई कसर नहीं छोड़ी. फिर राहुल ने धीरे से संगीता को अलग किया और बोला- मैम… मैं अब चलना चाहूँगा.
क्या सोच संगीता ने उसे एक जोरदार चुम्मी दी और बोली- ठीक है, पर तुम आना बंद नहीं करोगे न?

चाय पीकर राहुल संगीता की गाड़ी से सोसाइटी वापिस आया.

तभी सीमा का फोन आया. वो और रीमा मार्किट में स्विम सूट ले रही थीं.
सीमा ने पूछा- टू पीस वाला लूं या सिंगल पीस फ्रॉक स्टाइल में?
राहुल हंस पड़ा, बोला- जिसमें तुम्हें शर्म नहीं आये, वो ले लो.

आधे घंटे बाद रीमा का फोन आया कि क्या वो आज पूल पर आएगा.
राहुल का दिमाग घूम रहा था, उसने कहा- आज नहीं कल!

फ्रिज से राहुल ने बियर निकाली और नंगे होकर शावर के नीचे खड़ा हो गया और बियर पीते पीते नहाया. उसका टिफ़िन आ गया था पर आज वो बिना खाए ही सो गया.

अगले दिन सुबह आँख खुलने पर वो बाहर बालकनी में आया तो देखा कि रजनी योगा कर रही है.
रजनी ने उसे गुड मोर्निंग बोला और कहा- चलो चाय पीने यहाँ आ जाओ.
राहुल बिना टी शर्ट पहने सिर्फ हाफ पेंट में था. उसका कसरती बदन उछाले मार रहा था. रजनी का ऑफर सुनकर राहुल बोला- आप आइये, मैं सुबह कॉफ़ी लेता हूँ, आपको भी पीनी पड़ेगी.

रजनी ऐसे ही उसके फ्लैट में आ गयी. वो शॉर्ट्स और ढीली टीशर्ट में थी और आज भी उसने ब्रा नहीं पहनी थी.
राहुल उसे देख बोला- वाकयी विजय की तो सुबह रंगीन होती होगी.
रजनी बेबाकी से बोली- होती तो है … पर वो यहाँ रहे तब तो! कल रात ही तीन दिन के लिए चेन्नई गया है.

रजनी ने हँसते हुए बेशर्मी से उसके डोले दबाये और बोली- मैनऽऽऽ!
राहुल को पता नहीं क्या सूझा, उसने रजनी को बगल से चिपटा लिया और उसे चूमना चाहा.
पर ये क्या … रजनी ने अपनी उंगली उसके होंठों पे लगा दी और बोली- ज्यादा बदमाशी नहीं.

फिर हँसते हुए दोनों ने कॉफ़ी पीनी शुरू की.

पर अचानक रजनी के हाथ से कॉफ़ी का कप लड़खड़ाया और उसके टॉप पर गर्म गर्म काफी गिर गयी. रजनी ने चीखते हुए अपना टॉप उतार फेंका. गर्म कॉफ़ी से उसके मम्मे लाल हो गए थे. राहुल ने तुरंत फ्रिज से आइस क्यूब निकल कर उसके गोर मम्मों पर मलनी शुरू करी.

अब कॉफ़ी की जलन तो कम हो गयी थी पर अंदर काम ज्वाला भड़क गयी थी, राहुल के हाथों में रजनी के बड़े बड़े मम्मे थे. इससे पहले की बात आगे बढ़ती रजनी ने अपना टॉप पहना और बाहर भाग गयी.

राहुल तैयार होकर बड़े अनमने मन से अस्पताल के लिए जैसे ही अपने फ्लैट से बाहर निकला, उसे रजनी के फ्लैट का दरवाजा खुला दिखा. वो आगे से निकला तो चोर निगाहों से उसने अंदर देखा. रजनी सामने ही बैठी थी और मुस्कुरा रही थी.
रजनी ने इशारे से राहुल को बुलाया और मुस्कुराते हुए राहुल की ओर पंच तान कर बोली- फ्रेंड्स …
राहुल भी मुस्कुरा दिया और उसने भी अपना पंच रजनी के पंच से मिलाया और बोला- यीएस फ्रेंड्स.

अब राहुल का मन हल्का हो गया और वो अस्पताल चला गया.

शाम को उसने 4 बजे ही अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया. पहले मूवी देखी, फिर डिनर कर के वापिस 11 बजे करीब फ्लैट पर वापिस आया.

आकर मोबाईल औन किया तो देखा सीमा और रजनी के 10-12 काल थे. उसने दोबारा मोबाईल स्विच ऑफ किया और नहाकर नंगा ही सोने चला. फिर यह सोचकर कि अस्पताल के नियम के हिसाब से वो मोबाईल बंद नहीं कर सकता उसने मोबाईल ऑन कर दिया और सो गया.

रात तो 2 बजे रजनी के फोन ने उसे उठा दिया. वो बोली- कहाँ हो, मैं इतना घबरा रहीं हूँ. तुम्हारा फोन नहीं मिल रहा.
राहुल के मन में आया कि फोन वापिस स्विच ऑफ कर दे … पर उसने रजनी को बोल दिया- मैं फ्लैट में ही हूँ और सो रहा हूँ और प्लीज डिस्टर्ब मत करो. मैं ठीक हूँ.

अगले दिन रजनी का दिन में फोन आया, बोली कि वो बिल्कुल नार्मल है, जो हुआ उसमें राहुल कि तो गलती नहीं थी. पर उसके मम्मे जल गए हैं, दर्द हो रहा है.
राहुल ने उसे जेल लगाने को बताया.

संगीता का भी फोन था कि उसके पति आज शाम को वापिस आ रहे हैं तो वो आज न आये. राहुल ने सोचा चलो जान छूटी.

अब शाम को बहुत फ्रेश मूड में वो 6 बजे पूल पर गया और बच्चों के साथ खूब मस्ती की. सात बजते ही वो क्लब में गया, कॉफ़ी और बर्गर लिया. तब तक सीमा, रीमा और नीता की तिकड़ी आ गईं. उन्होंने नीचे तो स्विम सूट पहना था पर सोसाइटी की वजह से ऊपर काफ्तान जैसी कोई ड्रेस पहनी थी.

आठ बजे सब लोग पूल में उतरे. आज इन तीनों के अलावा बस दो ही कपल कपिल-रेशमा और पंकज-सारिका थे. पर रेशमा तो सलवार सूट में थी पर सारिका ने स्विम सूट पहन रखा था.

अब राहुल ने पहले रीमा को फ्लोटिंग के लिए टिप्स दीं. रीमा इन सब में सबसे बिंदास थी. उसके पति मर्चेंट नेवी में थे और अभी तीन महीने के लिए शिप पर थे. रीमा ने राहुल को उस पर ज्यादा ध्यान देने की रिक्वेस्ट धीरे से उसके नजदीक आकर कही.
रीमा को फ्लोटिंग थोड़ी बहुत आती भी थी. वो जैसे ही पानी में फ्लोट करती उसके पैर नीचे चले जाते और वो हांफ कर खड़ी हो जाती.

राहुल ने उससे संकोच करते हुए कहा कि वो पहले वाल पकड़ कर प्रैक्टिस करे या फिर राहुल को उसे नीचे से पकड़ कर तैराना होगा.
रीमा ने एक अलग ही अंदाज में उससे कहा कि चाहे जहाँ से हाथ लगा लो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता, बस फ्लोटिंग आनी चाहिए.

राहुल उसे लेकर धीरे धीरे पूल के दूसरे कोने में ले जाने लगा जहां पंकज-सारिका आपस में चिपटा खड़े थे. राहुल और रीमा ने देखा कि दोनों एक दूसरे के होंठ चूम रहे हैं. रीमा और राहुल ये देख मुस्कुराये.

पंकज ने राहुल को उधर आता देख, सारिका को छोड़ दिया और मुस्कुराते हुए फ्लोटिंग करने लगा.

रीमा अब जोश में पानी में फ्लोट करने आगे बढ़ी तो राहुल को उसकी जाँघों के नीचे हाथ लगा कर उसके पैरों को सीधा करना पड़ा. इस कोशिश में राहुल के हाथ में उसके मम्मे आ गए. राहुल ने संकोच में हाथ हटाया तो रीमा फिर पानी में गिर सी गयी.
इस पर रीमा ने कहा- राहुल, तुम बिना संकोच के मुझे सिखाओ, मैं मिरांडा हाउस की पढ़ी हुई हूँ, पता नहीं कितनी बार मेरे मम्मे मेरी सहेलियों ने दबाये हैं.

अब राहुल उसको लेकर पूल की दीवार के सहारे सहारे चलने लगा और अब उसका हाथ रीमा के मम्मे टकरा भी जाते थे तो उसे कोई संकोच न था.
पर जो भी हो … रीमा ने फ्लोटिंग में काफी बढ़त ले ली थी.

रीमा ने सुस्ताते हुए पंकज सारिका के बारे में बताया कि दोनों बहुत एडवेंचरस हैं. सारिका बहुत सेक्सी है और दोनों का सेक्स के प्रति रुझान सोसाइटी में बहुत चर्चित है.
कहानी जारी रहेगी.
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