शादी से पहले पति के सामने चुत चुदाई-6

(Shadi Se Pahle Pati Ke Samne Chut Chudai- Part 6)

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मेरा पुराना आशिक मेरे होने वाले पति को बता रहा था कि कैसे उसने अपने रिश्तेदार से मिल कर मेरी चूत और गांड की चुदाई की थी.

उस दिन की पूरी कहानी वन्द्या से तुम सुन लेना बालू भाई, तभी मैंने और शिवम ने दोनों ने एक साथ इस वन्द्या को चोदा था, और मैं सोच भी नहीं सकता था कि वन्द्या इतनी सेक्सी और हॉट लड़की है, इसने उस दिन आगे चूत में लन्ड और पीछे गांड में दोनों में लन्ड लिए थे और बहुत मस्त आगे पीछे से चुदवाई थी।

बालू यह सुन कर और जान कर जोश में आ गया, मुझसे बोला- वन्द्या, मेरी सेक्सी छिनाल आज सच बता दे कितने लोगों से आज तक चुदवा चुकी है?
मैं बोली- यार, अभी मत पूछो, नहीं आप क्या कोई भी मुझसे शादी नहीं करेगा।
तब मेरे होने वाले पति बालू बोले- अपनी कसम खाकर कहता हूं कि चाहे तुम वेश्या भी हो, रोज आठ-दस-बारह मर्दों से सेक्स करवाती रही हो और आगे भी करवाओ… तब भी मैं शादी तो अब तुमसे ही करूंगा, ये वादा है तुझसे वन्द्या।

बालू की बात सुन कर मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं बोली- बालू, तुमसे मैं भी वादा करती हूं कि कोई एक भी ऐसा रिश्ता नहीं छुपाऊँगी जिनके साथ मैं सोई हूं या फिजिकल रिलेशन बनाया है, पर तुम्हारी पत्नी बनने के बाद ही बताऊंगी।
तो बालू बोला- कुछ अंदाज तो बता दो? बाकी फिर शादी के बाद बताना, अभी नहीं पूछूंगा।

तब मैं बोली- पहली बार जब मैं अठारह साल की हो चुकी थी तो बर्थडे के ठीक दो दिन बाद पहली बार कोई दो लोग एक साथ, उन दोनों की उम्र चालीस के पार थी, उन दोनों ने मिलकर मुझे किया थे, आज मैं बीस साल से ऊपर की हो चुकी हूं इक्कीसवीं साल में चल रही हूं। मतलब दो साल से मैं करवा रही हूं और इन दो सालों में ऐसा कोई महीना नहीं गया जिस महीने किसी के साथ ना सोई हूं। अभी बस इतना ही बताऊंगी। अभी प्लीज मत पूछना।

बालू बोला- ठीक है वन्द्या, पर मुझे थोड़ा क्लीयर हिंट तो दे दो?
मैं बोली- एक साल में बारह महीने तो दो साल में चौबीस महीने हुए… किसी किसी महीने चार से लेकर आठ दस बार तक भी हुआ है।

बालू और आशीष दोनों मुंह फाड़ कर देखने लगे मुझे आश्चर्य से, मैं बोली- इसीलिए बोलती हूं अभी मत पूछो बालू!
बालू बोला- गजब हो यार… तुम्हारा कोई जवाब नहीं! बस इतना और हिंट दे दो कि हर महीने जिनके साथ सोती थी, कुछ महीनों में जो आठ दस बार हो जाते थे, वो सब अलग अलग मर्द होते थे या एक दो ही मर्द हैं? और हां एक और वादा करो कि मुझे हर एक के साथ जितनी बार सोई हो और सेक्स किया है, कैसे शुरू हुआ और फिर कैसे हुआ, क्या क्या किस किस तरह हुआ एक एक शब्द पूरा का पूरा सच सच बताओगी।

मैं बोली- देखो बालू, पहली बात तो यह कि ये जो अभी तुम्हारे सामने है आशीष मेरा ये ब्वाय फ्रेंड है, इसका बता दूं, इसने आज तक मेरे साथ छः बार किया है, जिसमें दो बार दोस्त भी थे इसके साथ, ऐसे ही दो तीन रिश्तेदार हैं जिनने दो या तीन बार किया है। ऐसे ही पापा के दोस्त हैं दो जो एक बार से ज्यादा मेरे साथ सोये हैं, और ऐसे ही मेरे बड़े भाई के तीन दोस्त हैं जो दो या तीन बार किये हैं। इसके अलावा हर बार कोई नया मर्द ही रहा है। सबसे ज्यादा बार इस आशीष ने ही मुझे किया है, आज ये आशीष का सातवीं बार है। और मैं वन्द्या अपनी मम्मी की कसम खाकर कहती हूं कि शादी होने के बाद उसी दिन से आपको अपने गुजरे वक्त के सारे मर्दों के साथ बने फिजिकल रिलेशन के बारे में कैसे बने, किस जगह में किस वक्त में करवाया, और उस समय कितने लोग थे, फिर उन लोगों ने क्या किया और मैंने किस तरह से करवाया, क्या क्या उन लोगों ने गंदी बातें बोली, कितनी गालियां देते थे कुछ लोग, मैंने भी उस समय कितनी गंदी गंदी बातें की, एक एक शब्द सब आपको बिना कुछ छुपाये बताऊंगी. यह मेरा आपसे वादा है बालू!

मेरे होने वाले पति बालू बोले- थैंक यू वन्द्या, चलो एक बात तो मैं जान गया कि तुम बहुत ऑनेस्ट हो, ईमानदार हो, जो भी करती हो, सब बात वैसे ही बता देती हो बिना कुछ छुपाये। थैंक यू अगेन!
और इतना कहते ही मुझसे लिपट गए और मेरे होठों को चूमने लगे.

तब मैं भी यह जान गई कि बालू को मेरे फिजिकल रिलेशन दूसरों के साथ बनाए जाने पर कोई जलन और एतराज नहीं है। यह मेरे लिए बहुत अच्छी बात है मेरे जैसी लड़की को ऐसा ही पति चाहिए, भले ही उस में और कोई कमी हो।

इतने में आशीष बोला- वन्द्या, तुम बड़ी छुपी रुस्तम निकली, आज तक यह सच्चाई मुझे भी नहीं बताई थी, मुझे यह शक तो था कि तुम मेरे अलावा भी कुछ मर्दों से रिलेशन बनाती हो, पर यह नहीं पता था कि तुम रंडियों छिनालों से भी आगे निकल चुकी हो, और ना जाने कितने मर्दों के साथ तुम सोती हो! गजब की हो वन्द्या! वैसे तुम्हारा हुस्न और तुम्हारी अदाएं और उसमें जितनी हॉट गरम तुम हो, यह पक्का है कि तुम्हें कोई मर्द देखेगा तो उसके मन में तुम्हारे साथ सोने का तुम्हें चोदने का ख्याल देखते ही आ जाता है, और बिना चोदे वह तुम्हें फिर रह नहीं सकता। मुझे वन्द्या सिर्फ इतना बता दो कि इतना ज्यादा चुदाई करवाने के बाद भी आज भी तुम्हारी चूत इतनी टाइट कैसे है? ऐसा लगता है कि तुम्हारी चूत सील बंद है और तुम पहली बार चुदवा रही हो। इसका राज क्या है? तुम्हारे बूब्स पहले जब मैं मिला था तो 30 साइज के थे, और इतना बूब्स दबाया होगा मर्दों ने लगभग मेरा अंदाज है कि दो साल में करीब 50 मर्दों के साथ तो तुम सो चुकी होगी, और सभी ने चोदा भी होगा सभी तुम्हारे बूब्स जम के ही दबाए होंगे। तब भी बहुत मेंटेन है तुम्हारे बूब्स एकदम टाइट, साइज भी बूब्स का सिर्फ 32 हुआ है, और वह भी बिल्कुल कच्ची कली कुंवारी लड़की की तरह… यह कैसे हुआ?

मैं बोली- आशीष, यह तुम बिल्कुल सच बोल रहे हो, जितने भी मर्द मेरे साथ सोए हैं, मुझे चोदा है, यह बात सबने बोली है, कि आज मैंने तुम्हारी सील तोड़ी है, और पूछे हैं कि यह बताओ वन्द्या की इतने दिन बिना किसी से चुदवाये कैसे रही हो. हर मर्द को लगता है कि वह मुझे पहली बार कर रहा है। यह नेचुरल है पता नहीं कैसे मेरे साथ है और मैंने इसके लिए कुछ नहीं किया। और यह भी बता दूं कि अगर मैं 15 या 20 दिन किसी मर्द के साथ ना चुदवाऊँ तो उसके बाद जब कोई मेरी चूत में लन्ड डालता या घुसाता है तब खून भी निकलता है, एकदम से कुंवारी लड़की की तरह मेरी चूत हो जाती है।

आशीष बोला- बालू भाई, तुम बहुत लकी मैन हो, कुछ भी हो जाए तुम वन्द्या को मत छोड़ना, इससे शादी कर ही लेना, तुम जितनी बार चोदोगे तुम्हें हर बार एकदम टाइट चूत मिलेगी, और तुम्हें लगेगा कि हर रात तुम्हारी सुहागरात है, पहली रात है। वन्द्या अगर दूसरे मर्दों के साथ सोती भी रहेगी या चुदवाती भी रहेगी जो कि वन्द्या करेगी ही भले ही तुम कितने पहरे लगाओगे, पर मौका पाते ही यह करेगी ही और अगर यह ना बताएगी तो तुम जान भी नहीं पाओगे।

इतना कहते ही आशीष ने मेरी टांगों को फैला कर मेरी चूत में उंगली डाल दिया और अपने मुंह को भी मेरी चूत में रख दिया।
आशीष बोला- बालू भाई, बहुत टाइम हो गया, कोई आए दूसरा यहां… उससे पहले अब वन्द्या की प्यास बुझा देते हैं, चलो दोनों तरफ से अब इसकी जम कर चुदाई करते हैं।

और इतना सुनते ही मैं बिल्कुल और जोश में आ गई कि अब दोनों मुझे चोदेंगे.

तभी आशीष मेरी चूत में अपनी दो उंगलियां डाल के अंदर बाहर करने लगा तो मैंने बालू को कस के पकड़ लिया और बोली- बालू, तुम बताओ कहां डालोगे अपना लन्ड? आज तुमसे मैं बहुत खुश हूं! तब बालू मेरे कूल्हों को पकड़ कर बोला- मेरी जान, मेरी रंडी वन्द्या… आज तो मैं तुम्हारी इस उठी हुई मस्त गांड में ही अपना लौड़ा डालूंगा और जम के तुम्हारी गांड को चोदूंगा।
मैं बोली- ओहह हहहह मेरे राजा, कितने मस्त हो… अब देर मत करो!

इतने में आशीष मेरी गीली चूत में अपनी उंगली से मेरी चूत का रस निकाल कर उसे चाटने लगा था, उसकी उंगली से ही अंदर बाहर चोदने जैसा लगा तो मैं तड़पने लगी, मुझे दोनों ने बहुत गर्म कर दिया।
आशीष बोला- वन्द्या सबसे टेस्टी तुम्हारे चूत का रस है, इसे पाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं। तुम किसी से चुदवाना… पर मुझे अपनी चूत का रस हमेशा चटाते रहना।

फिर वो मेरे होने वाले पति बालू से बोला- बालू भाई, मैं आपसे प्रार्थना करता हूं, आपके हाथ जोड़ता हूं कि जब आपकी शादी वन्द्या से हो जाएगी तो प्लीज उसके बाद एक भीख मुझे देंगे?
बालू बोले- कैसी बात करते हो आशीष? इस तरह मांगोगे तो जान भी हाजिर है।
आशीष बोला- वादा करिए कि मना नहीं करोगे?

बालू मेरे होने वाले पति बोले- पहले बताओ तो?
आशीष ने बोला- अगर आप नहीं कहोगे बालू भाई तो मैं कभी कुछ नहीं करूंगा, वादा है तुमसे, पर प्लीज पूरी जिंदगी सिर्फ मुझे वन्द्या की चूत का रस चाटने देना, बालू भाई तुम वन्द्या को जब जब चोदोगे और फिर वन्द्या की चूत को चोदने से जो रस निकलेगा उसे मुझे चाट के साफ़ करने के लिए अपना नौकर रख लेना!

पता नहीं किस मूड में थे मेरे होने वाले पति बालू… उन्होंने कहा- मैं वादा करता हूं आशीष तुमसे… जिस दिन मेरी शादी वन्द्या से हो जाएगी, ठीक उसी दिन से तुम्हें वन्द्या की चूत चाटने और चूत का रस चूसने से कभी मना नहीं करूंगा।
आशीष बालू के पैरों में पड़ गया और फिर बालू के हाथ जोड़कर बोला- थैंक्यू बालू भाई, मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा।
बालू ने कहा- कोई बात नहीं आशीष, आज से भाई हो मेरे, दोस्त हो मेरे, चलो अब शुरू हो जाओ और वन्द्या मेरी डार्लिंग की प्यास अपन बुझाते हैं।

इतना सुनते ही जोर जोर से आशीष मेरी चूत का रस चाटने लगा और मैं पागल होने लगी.

तभी पीछे बालू ने भी मेरे कूल्हों को फैलाया और मेरी गांड में जो गांड की रेखा है पतली सी उसमें उंगली चलाने लगे. बालू अपना थूक निकाल कर उसमें उंगली डालने लगे और चाटने लगे।

अब तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं पागल हो रही थी, मेरा मन कर रहा था कि कैसे भी दोनों आगे पीछे से बस मेरी चूत और गांड में अपना लन्ड डाल दें, मैं बिल्कुल मदहोश हो चुकी थी। और लन्ड डलवाने के लिए बेताब हो गई, पागल हो गई!

जैसे ही मैंने आशीष को देखा कि आशीष बिल्कुल पागल हो गया है, उसका बहुत बड़ा लन्ड मेरी चूत में घुसने को तैयार है, मैं बोली- आशीष मेरी राजा, अब मुझे मत तड़पाओ!
इतनी में मेरे होने वाले पति बालू बोले- आशीष, वन्द्या तुम्हारे लन्ड के लिए तड़प रही है इसे अब चोद दो, आज मैं इसे चुदते देखना चाहता हूं क्या मस्त सेक्सी पागलपन इसके बूब्स और चूत हैं!
आशीष बोला- बालू भैया, आप भी इसकी गांड में अपना लन्ड फिट करिए, अपन दोनों एक साथ ही वन्द्या को चोदेंगे। वन्द्या तुम्हें मंजूर है?
मैं बोली- यह तो मेरी बिन मांगी मुराद पूरी होने जैसे है। तुम दोनों मेरी तड़पती चूत और गांड को फाड़ दो जल्दी… नहीं मैं मर जाऊंगी।
बालू बोले- चलो आज इसको अपने मर्द होने की ताकत दिखा देते हैं, वन्द्या आज तुम्हें हम दोनों रुला देंगे।

बालू ने अपना लन्ड मेरी मचलती गांड में फिट कर दिया और दोनों बूब्स कस के दबा दिए, मैं बोली- अब घुसा दो बालू तू मेरा कुत्ता है!

तभी आशीष ने भी अपना मस्त लन्ड मेरी चूत में फिट कर दिया और बोला- बालू, अब इसको चोदते हैं।
आशीष अपने लन्ड का पूरा टोपा जैसे चूत में रखा, मैं तड़प गई, बोली- मेरे होठों को चूस लो और अपना लन्ड डालो आशीष!
इतने में आशीष ने अपना लन्ड मेरी चूत पर फिट करके अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिये, मैंने उसे कस के पकड़ लिया।

पीछे से बालू मेरे दूध दबा रहा था, तभी दोनों ने एक साथ बोला- घुसा दें?
और पूरी ताकत से एक ही साथ मेरी चूत और गांड में जोर से लंड डाला।

मैं दर्द के मारे चिल्ला उठी पर मेरे होंठों पर होंठ रखे थे आशीष ने तो मेरी आवाज दब गई। एक ही झटके में लन्ड डाला, गांड में आधा लन्ड डाला और मैं रोने लगी, आंखों से आंसू आने लगे.
दूसरे झटके में बालू का पूरा लन्ड मेरी गांड में चला गया।

अब दोनों ही के लन्ड मेरी चूत और गांड में घुस गये, इधर बालू जोर जोर से मेरे दूध दबा रहा है और गांड में मेरे कूल्हों में अपने थप्पड़ मार रहा है। गांड में मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

तभी दोनों अपना लन्ड मेरी चूत और गांड में रगड़ने लगे. टीवी की आवाज तेज थी, तब भी फच फच की आवाज कमरे में गूंजने लगी। बालू अपना लन्ड मेरी गांड में पूरा जड़ तक डाल देता, मुझे बहुत मजा आ रहा था, अब मेरा सारा दर्द मिट गया।

करीब 10 मिनट बाद मैंने आशीष को होठों से हटाया और गाली बकने लगी, मैं बोली- जोर से बहन चोद, अपनी रंडी को चोदो जम कर!
वो दोनों भी गाली बक रहे थे, मुझे बोले- साली कुतिया तू सबसे बड़ी छिनाल है रे वन्द्या!
और चूत में पूरा लन्ड डालने लगा आशीष!

करीब 15 मिनट तक दोनों ने चोदा, तभी सबसे पहले आशीष बहुत जोर से झटके मेरी चूत में मारने लगा और मेरे दूध चूसने लगा, साथ में बोला- साली छिनाल, सबसे चुदाई करवाती है.
तभी बालू बोला- अब तो बता दे वन्द्या, कितनों से चुदवाई हो आज तक?

दोनों तरफ मेरे लन्ड घुसे थे, मैं फुल जोश में थी तो सब कुछ सच सच बता दिया, मैं बोली- जिसने भी मांग लिया मुझसे और बोल दिया कि चोदने दोगी उसे आज तक मना नहीं किया! मम्मी कसम और समय पर आ गया तो चुदाई करवा लेती हूं, किसी को मना नहीं करती। करीब 200 लोग मुझे चोद चुके हैं, उन में से कुछ ही को मैं जानती हूं. जब मेरा मन करता है तब मुझे कुछ होश नहीं रहता, मैं कई बार किसी को भी फोन लगा कर बुला लेती हूं, अगर कोई पहचान वाला नहीं मिला तो अंजान से भी करवा लेती हूं, मुझसे बर्दाश्त नहीं होता, मैं जब गर्म कहानियां सेक्सी कहानियां पढ़ती हूं तब जो भी मिल जाए उसी से चुदवा लेती हूं। कई बार तो उन चोदने वाले मर्द को पहचानी भी नहीं, यह सब सच बता रही हूं। इस बात का बहुत बुरा मत मानना… मैं बहुत सेक्सी और हॉट हूं नेचुरली, इतनी चुदासी हो जाती हूं कि बता नहीं सकती, यही सच्चाई है।

अब आशीष बहुत तेजी से झटके मेरी चूत में मार रहा था, उसका पूरा लन्ड मेरे अंदर घुस जाता और फिर बाहर निकालता. उसने मेरे दोनों बूब्स जम कर दबाना और चूसना शुरू कर दिया। और लंबी लंबी सांसें लेने लगा.

मैं पागल हो रही थी बिल्कुल… अपनी कमर और गांड दोनों को उछाल रही थी.

आशीष बोला- बहुत सेक्सी हो वन्द्या, तुम्हें चोदने पर मुझे दुनिया की सब खुशियाँ मिल जाती हैं, तुम्हें चोदे बिना मैं नहीं रह सकता। अब तेरी शादी के बाद तेरी चूत चाटने आया करूंगा.
बालू बोला- हां आशीष, तुम मस्त चाटते हो रोज आकर चाट जाया करना!

दोनों ही बहुत मस्त चोद रहे थे.

आशीष बोला- मैं अब झड़ने वाला हूं। बता वन्द्या, मेरा लन्ड रस पिएगी या चूत में ही डाल दूं?
मैं बोली- अपना लन्ड रस मुंह में मेरे डालो!
और सच में आशीष ने मेरे मुंह में लंड डालकर अपना पूरा रस मेरे मुंह पर भर दिया, मैंने उसे चाट लिया. लन्ड साफ होने के बाद आशीष मेरे ऊपर से हट गया।

अब बालू मुझे बोला- कि घोड़ी बन जा वन्द्या!
और मैं लन्ड डलवाए डलवाए घोड़ी बन गई, अब जोर जोर से पीछे की तरफ से बालू मेरी गांड में लन्ड डाल रहा था और पीछे से दूध पकड़े हुए बहुत जोर से दबा रहा था.
तभी अंदर मेरे बहुत गर्मी होने लगी, मैं बोली- मेरे भड़वे कुत्ते बालू… और चोद गांड को मेरी!

मैंने उसका जोश बढ़ाया तो वह जम जम से चोदने लगा। करीब पांच मिनट मेरी गांड लगातार चोदता रहा बालू, फिर बोला- वन्द्या, अब मेरा रस निकलने वाला है, कहां लेगी?
मैं बोली- गांड में ही डाल दो!
और बालू ने अपना पूरा लन्ड रस गरम-गरम गांड में डाल दिया.

मैं बिल्कुल मदहोश हो गई और अब मैं भी झड़ गई और इस तरह मैं अपने होने वाले पति बालू के सामने आशीष से बहुत जम कर चूत चुदवाई.

अब पूरे शरीर में मेरे अकड़न और दर्द हो गया, तब आशीष मेरी चूत और गांड दोनों को चाट कर साफ किया.
आशीष को चाटते देखकर बालू बोला- वन्द्या डार्लिंग, आशीष को चाटने के लिए नौकरी में आज से रख लें?
सच बताऊं तो मुझे बहुत अच्छा लगा, मैंने बालू को बोला- मुझे तुम्हारी यही अदा बहुत पसंद आती है।
और मैं बोली- आशीष, आज से तेरी नौकरी मेरी तरफ से भी पक्की… तू हमेशा आकर मेरी चूत और गांड चाट जाना!

इतना सुनते ही आशीष मुझसे लिपट गया पीछे से, और आगे से बालू… दोनों मुझे चूमने लगे, मेरे होठों को मेरे पीठ को सबको चूमा।

मैं बालू से बोली- कभी कभी अगर आप बुरा ना मानो तो आशीष से डलवा लिया करूंगी वो भी आपके सामने!
बालू बोला- ठीक है, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं… पर जो भी करना मुझे बता कर या मेरे सामने! फिर जिसमें तुम्हारी खुशी हो सब करना।

मुझे बालू की यह बात बहुत अच्छी लगी, मैं बालू से लिपट कर उसके होठों पे किस करने लगी, बालू भी मेरे होठों को चूमने लगा और बोला- आशीष, अब तुम निकल जाओ क्योंकि मम्मी आने वाली होंगी।
आशीष ने अपने कपड़े पहने और बाहर निकल गया।

फिर बालू और मैंने भी कपड़े पहने.

करीब पन्द्रह मिनट बाद मम्मी आ गयी, आते ही बालू से मम्मी ने पूछा- बेटा, ये अच्छे से मिली और अच्छे से बातचीत की है?
मैं बोली- मम्मी, तुम जो बोलोगी, उससे दोगुना ही करूंगी और आज भी किया है।
मम्मी बोली मुझे- हट शैतान लड़की… मेरे बालू बेटा को परेशान मत करना, हर बात मानना इनकी!
मैं बोली- जी मम्मी, आपसे भी आगे निकल जाऊंगी और बन भी जाऊंगी।

यह कहानी एक एक शब्द, मम्मी की कसम, सही है, इसमें एक शब्द भी मैं झूठ नहीं बोली। मेरी पहली घटना या पहली मुलाक़ात फिर दूसरी बार में कैसे दो मर्दों ने सील भंग किया फिर आशीष कैसे मुझसे प्यार करने लगा और कैसे मैं इतनी हाट गर्ल बन गई, एक एक सत्य घटना पागलपन है, ऐसा कि कोई सोच नहीं सकता है।

जो कोई सोच नहीं सकता है, उसे मैं कर चुकी हूं आप जानेंगे तो मदहोश होकर पागल हो जायेंगे, खुद पर कंट्रोल नहीं कर पायेंगे और मुझे देखने के बाद तो आप रह ही नहीं पाओगे, यह दावा है मेरा!
मेरी सत्य सेक्स घटना पर आपको कैसी लगी, मुझे मेरी मेल आईडी पर मेल कर के बता सकते हैं।
[email protected]

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