फिर दूसरी से कर लेना-4

प्रेषक : संजय शर्मा

कहानी के तीसरे अंश में मैंने लिखा कि मैं, बिमला दीदी और उसकी ननद गुड़िया, हम तीनों के घर आने के बाद उसी दिन दोपहर को एक जम कर हम सबने चुदाई की और तीनों ने मिलकर हमारे लंड को चूस चूस कर हमारी मलाई काफी स्वाद लेकर खाई ! किस तरह दिन गुजर गया पता ही नहीं चला !

रात को खाना खाकर हम पांचों टीवी देखने लगे और एक दूसरे से छेड़खानी करने लगे ! न जाने कब विजय भैया बिमला दीदी को लेकर कमरे में चले गए। हॉल में अब मैं, सीमा दीदी और गुड़िया रह गए थे। वो दोनों मुझसे चिपकी हुई थी मैं दोनों की एक एक चूची दबा रहा था और वो मेरे लौड़े से खेल रही थी, कभी चूस रही थी कभी ऊपर नीचे करके हिला रही थी।

इतने में सीमा दीदी ने कहा- मैं अभी आती हूँ !

लेकिन जब काफी देर तक नहीं आई और हम भी टीवी से बोर हो गए तो मैं गुड़िया को लेकर कमरे में आया तो देखा भैया को लेकर दोनों दीदी झगड़ा कर रही थी !

मैंने सीमा दीदी को कहा- बिमला दीदी भैया से काफी दिनों बाद मिली है और घर पर मेहमान (गुड़िया) भी आई हुई है, आज थोड़ी देर भैया और दीदी को छोड़ दो मैं तुम दोनों को संतुष्ट कर दूंगा ! बिमला दीदी की ससुराल में तो मैंने दीदी और गुड़िया को एक साथ चोदा था ! तब सीमा दीदी मेरे पास आ गई और मैं सीमा दीदी और गुड़िया तीनों एक साथ चुदाई में मग्न हो गए ! फिर मैंने गुड़िया की गांड मारनी शुरू की। उधर भैया भी बिमला दीदी की गांड मार रहे थे ! दोनों मजे ले ले कर गांड मरवाने का मजा ले रही थी !

चूंकि मैंने बिमला दीदी की गांड चौड़ी कर दी थी और गुड़िया को गांड में लंड लेने की आदत थी, इसलिए दोनों मजे लूट रही थी ! दोनों को मजे से गांड मरवाते देख सीमा दीदी कहाँ पीछे रहने वाली थी,उसने कहा- मेरी भी गांड में डालो ना ! मैं भी देखूँ कि कितना मजा आता है !

मैंने कहा- दीदी, गांड मरवाने में पहली बार बहुत तकलीफ होती है तुम चीख पड़ोगी ! कल जब मैंने बिमला दीदी की गांड मारी तब बहुत जोर से “हाय माँ मैं मर गई” और बहुत जोर जोर से चीखने लगी ! वहाँ घर पर कोई न रहने की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई ! अभी घर पर सब ही हैं, अगर किसी तेरी चीख सुन ली और यहाँ आ गए तो हम लोगों का भंडाफोड़ हो जायेगा ! कल दिन में सबके जाने के बाद मैं और भैया मिलकर तुमको चूत और गांड का मजा एक साथ ही देंगे !

वो शांत हो गई ! फिर मैं और भैया तीनों को एक एक बार और चोदकर एक दूसरे से चिपक कर सो गए ! इसके बाद मैं दीदी और गुड़िया को छोड़ आया क्योंकि विनय जीजू नहीं आ सके !

इस तरह करीब छः महीने गुजर गए। बिमला दीदी इस दौरान एक बार और आई एक हफ्ता चुदवाकर चली गई !

मेरी, भैया और सीमा दीदी की चुदाई चालू रही ! इस बीच भैया की नौकरी भी लग गई ! वो भी काम पर जाने लगे ! अब मैं और सीमा दीदी घर पर अकेले रह जाते ! दिन में घर पर हम दोनों बिना कपड़ों के रहते ! दीदी का जब मन करता मेरा लौड़ा पकड़ कर चूसने लगती और मेरा मन करता तब मैं उसके मम्मे दबाता ! और दोनों चुदाई भी करते !

इसके बाद हमारे जीवन में बदलाव आ गया ! उधर खबर आई कि बिमला दीदी को बच्चा होने वाला है तो हमारे घर खुशी का पारावार नहीं रहा ! मुझे कुछ शगुन देकर दीदी के यहाँ भेजा तो मैं दो दिन वहाँ भी दीदी और गुड़िया को चोदकर और गांड मारकर वापस आ गया ! जब भी हमारे घर पर दीदी के बारे में बात होती सब कहते लड़का होगा पर न जाने क्यों मेरा मन कहता कि काश लड़की हो !

कुछ ही दिनों में भैया और सीमा दीदी की शादी पक्की हो गई ! एक तरफ जहाँ सीमा दीदी के जाने का दुःख था क्योंकि मैं अकेला रह जाने वाला था !

दूसरी तरफ भाभी के आने की खुशी भी थी ! पता नहीं भाभी किस नेचर की होगी ? क्या मुझे चोदने देगी ? ये सब सोचते सोचते मैं परेशान हो जाता था !

एक दिन जब रहा नहीं गया तो मैंने भैया को कहा इस बारे में ! भैया के ये कहते ही कि ‘तू परेशान क्यूँ होता है साली तुझसे नहीं चुदवायेगी तो जायेगी कहाँ ! तेरा लंड तो मुझसे काफी अच्छा है, एक बार देख लेगी तो अपने आप चुदाने चली आयेगी ! अब तक हम लोगों ने जैसी मस्ती की है वो तो चालू रहनी ही चाहिए !

मैं खुश हो गया ! भैया ने कहा जब तेरी शादी होगी तब मैं भी तेरी बीवी को चोदूँगा !

मैंने कहा- कोई प्रोब्लम नहीं है !

भैया और सीमा दीदी की शादी ताऊजी और पापा ही तय कर आये थे! हम लोगों को केवल इतना ही कहा कि भाभी का नाम किरण है और जीजू का नाम श्याम है ! दोनों के परिवार आपस में एक दूसरे के दूर के रिश्तेदार हैं और दोनों परिवार उनके समझे हुए हैं ! इस पर भैया और दीदी ने कुछ नहीं कहा क्योंकि बिमला दीदी की शादी भी उन्होंने तय की थी और वह अपने ससुराल में बहुत ही खुश थी !

कुछ दिनों बाद मुझे कुछ सामान लेकर सीमा दीदी की ससुराल जाना पड़ा। पहले तो मैंने मना कर दिया पर मज़बूरी थी सो जाना ही पड़ा ! वहाँ जाकर तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गई। श्याम जीजू जहाँ बहुत हैण्डसम थे साथ ही मिलनसार भी ! उनके माता पिता भी बहुत अच्छे थे ! मुझे सबसे अच्छी जीजू की दो बहनें लगी ! दोनों की उम्र बीस और बाईस की थी ! सबसे मजेदार देखने की उनकी चूची और गांड थी ! मेरा लौड़ा खड़ा होने लगा था बड़ी मुश्किल से उसे छुपाया !

क्या क़यामत चीज थी ! जीजू ने मेरा उनसे परिचय कराया तो दोनों ने मुझसे हाथ मिलाये ! मेरी तो जैसे लॉटरी ही निकल गई ! मुझे शाम को ही वापस आना था पर सबने मिलकर मुझे रोक लिया और घर पर फोन कर दिया कि एक दो दिन रह कर जायेगा ! मैं खुश हो गया ! रात को खाना खाकर कुछ देर सब टीवी देखते रहे फिर दीदी के सास ससुर सोने चले गए ! उनके जाने के कुछ देर बाद जीजू ने कहा- संजय, चलो सोने चलते हैं !

मैं उठने ही वाला था की जीजू की एक बहन ने कहा- क्या भैया ? आज क्या कुछ नहीं होगा ? आज तो एक नया मुर्गा भी है !

मैं समझ गया कि ये भी हमारी तरह हैं, सीमा दीदी बहुत खुश रहेगी यहाँ ! बड़ी बहन का नाम रीना और छोटी बहन का नाम टीना था। टीना तो रीना से भी ज्यादा सेक्सी थी। फिर टीना उठकर मेरे पास आकर बैठ गई और मुझसे लिपट गई, और रीना उठकर जीजू के गले लग गई ! फिर न जाने कब हम लोगों ने एक दूसरे को चूमना-चाटना चालू कर दिया !

न जाने टीना ने कब मेरा लंड बाहर निकाल लिया और चूसने लगी !

उधर जीजू भी अपना लंड चुसवा रहे थे और चूची दबा रहे थे !

टीना ने भी अपने बोबे मेरा हाथ में देकर कहा- संजय मेरे बोबे भी दबाओ !

और मैं मस्ती ले ले कर दबाने लगा ! सच कहूँ- क्या चुचे थे बता नहीं सकता !

फिर दोनों ने कहा- आज तो बहुत ही मजा आ रहा है ! आज तक तो हम दोनों भैया के साथ ही सोते थे और चुदाई करते थे, आज तुम आ गए हो तो डबल मजा आयेगा !

इस तरह हाल में कब बारह बज गए पता ही नहीं चला।

जीजू ने कहा- चलो अब कमरे में चलते हैं !

हम लोग नंगे ही कमरे में चले गए ! तब टीना ने मुझे खींच कर बाथरूम में ले गई और शावर के नीचे खड़ा कर दिया और खुद भी मुझ से चिपक गई ! मुझे जो मजा आ रहा था, बयान नहीं कर सकता ! फिर टीना ने शैम्पू टाइप की कोई चीज़ ली और मेरे बदन पर लगाने लगी ! उसके बाद वो अपने बदन से मेरे बदन को रगड़ने लगी जिसे झाग ही झाग हो गया !

टीना मुझे नीचे लिटाकर मेरे बदन से अपना बदन रगड़ने लगी ! मैं इतना उत्तेजित हो गया कि मुझ से रहा नहीं गया ! मैं टीना को एक बार चोदना चाहता था ! पर उसने कहा- थोड़ा कंट्रोल करो, देखो बहुत मजा आयेगा !

मैं क्या करता ! मैं भी उसके बदन से अपना बदन घिसने लगा ! इतने में रीना भी वहाँ आ गई और हमें देख कर कहा- तो ये सब चल रहा है यहाँ !

तो टीना ने कहा- तू भी आ जा ! दोनों मिलकर संजय का मजा लेते हैं !

फिर रीना भी आकर हम लोगों के साथ चिपक गई ! हमारे बदन तो चिकने तो थे ही रीना का बदन भी हमसे चिपकते ही चिकना हो गया ! फिर दोनों ने मुझे सेंडविच बना लिया और मेरी मालिश सी करने लगी !

मैं तो मानो सातवें आसमान पर था ! फिर उसी अवस्था में हम लोगों ने काफी देर चुदाई की ! सच कहूँ तो हमारे चिकने बदन की वजह से चुदाई का मजा बहुत बढ़ गया था ! चुदाई खत्म होने के बाद नहा कर हम कमरे में वापस आये तो देखा जीजू सो चुके थे !

इसके बाद आगे की घटना भी बहुत रोचक है जो अगले अंश में लिखूंगा !

कृपया अपनी राय मुझे मेल करें !

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