कोलेज़ की दो लड़कियाँ, मैं अकेला

(College Ki Do Ladkiyan, Mai Akela)

सिद्धार्थ राणा
यह आज से 8 साल पहले की बात है जब मैं बी. कॉम फाइनल इयर में पढता था। हमारे कॉलेज में बहुत लड़कियाँ पढ़ती थी और हमारी क्लास में भी काफ़ी लड़कियाँ थी। लेकिन उनमें दो 2 लड़कियाँ ऐसी थी कि जिन को देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और मैं सिर्फ़ उनकी तरफ़ देखता रहता था। एक का नाम पूजा था और दूसरी श्रुति।

पूजा मेरे साथ ज़्यादा खुली थी जबकि श्रुति इतनी नहीं थी। मैं हमेशा उनको चोदने का सोचा करता था लेकिन कभी भी मोका नहीं मिल सका था। एक दिन हमारी क्लास ख़त्म हुई तो हम सब विद्यार्थी नीचे आ गए। कुछ देर बाद मैंने देखा कि पूजा और श्रुति ऊपर जा रही हैं। मैंने उनका पीछा किया। वो दोनों क्लास में चली गई और दरवाज़ा बंद कर लिया। मैं दरवाज़े के साथ लग कर खड़ा हो गया और सोचा कि जैसे ही वो निकलेंगी तो मैं क्लास में अंदर जाने के बहाने किसी एक के बूब्स को हाथ लगा लूँगा।

लेकिन काफ़ी देर गुज़र जाने के बाद जब वो बाहर नहीं आई तो मैंने दरवाज़े से कान लगा लिया। अंदर से कुछ सेक्सी आवाजें आ रही थी- आ आह ह्ह्ह्ह्छ हह ओह हह ह्ह्ह्ह्छ हम मम् म्मम्म।

मैं समझ गया कि कुछ तो हो रहा है। मैं इधर उधर देखने लगा कि कहीं से कोई ऐसी जगह नज़र आए जहाँ से मैं उनको देख सकूं। अचानक मुझे खिड़की में एक छेद नज़र आया और मैं वहां से उनको देखने लगा।

वो दोनों बिल्कुल नंगी थी, उनके कपड़े साइड वाली कुर्सी पर रखे हुए थे और वो लेस्बियन एन्जॉय कर रही थी। पूजा श्रुति की योनि चाट रही थी और श्रुति दर्द और सेक्स के मारे आवाजें कर रही थी। जब मैंने उनको ऐसा करते देखा तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया और ऐसा लग रहा था कि अभी अंडरवियर फाड़ कर बाहर आ जाएगा।

श्रुति चीख रही थी- हाँ हाँ ! कर पूजा कर ! और तेज़ कर ! फ़टाफ़ट जोर जोर से कर !

कोई 10 मिनट बाद मैंने देखा कि श्रुति की टाइट चूत से एकदम सफ़ेद रस बाहर निकला जो सीधा पूजा के चेहरे पर गिरा और पूजा उसे मजे से चाटने लगी और श्रुति से कहा कि तुम भी चाटो। श्रुति बिल्कुल मदहोश हो गयी थी।

इसके बाद पूजा कुर्सी पर बैठी और श्रुति से कहा कि अब तुम मेरी योनि को चाटो। श्रुति ने जब उसकी टांगों को खोला तो यह देख कर मैं बहुत हो गया कि पूजा की चूत खुली थी बिल्कुल ब्लू फिल्मों की लड़कियों की चूत की तरह।

मुझे बहुत हैरत हुई। श्रुति ने पूजा से कहा कि तुम्हारी चूत इतनी खुली क्यूँ है, तो पूजा ने कहा कि श्रुति ज़ान ! तुम ने आज यह पहली बार किया है, जब तुम रोज़ करोगी और अपनी ऊँगली चूत में अन्दर बाहर करोगी तो तुम्हारी चूत भी ऐसी हो जाएगी और मैं तो रोज़ चुदाई भी करवाती हूँ। अगर तुम हमारे घर आओ तो मैं तुम्हें भी चुदवाऊंगी अपने पड़ोसी से, बहुत मज़ा आता है और मेरी एक इच्छा है कि मेरी चूत इतनी खुल जाए कि मैं अपना पूरा हाथ इस में अंदर ले सकूं।

कोई 8-10 मिनट बाद पूजा भी चरमसीमा पर पहुँच गई और वो दोनों अपने कपड़े पहनने लगी कि अचानक मेरे मुंह से आवाज़ निकली और मैं भी झड़ हो गया।

उन्होंने वो आवाज़ सुन ली तो श्रुति ने कहा कि शायद कोई हमें देख रहा था, तो पूजा बोली कोई बात नहीं मैं देखती हूँ पूजा ने दरवाज़ा थोड़ा सा खोला क्योंकि वो अभी भी नंगी थी और बोली कौन है?

मैंने हिम्मत कर के कहा कि मैं राणा !
तो वो बोली कि क्यूँ आए हो?
मैंने कहा कि अपनी पेन भूल गया था वो लेने आया हूँ।
उस ने कहा ठीक है अंदर आ जाओ !

मैं जैसे ही अंदर गया तो देखा कि वो दोनों अभी तक नंगी थी। श्रुति ने ब्रा और अंडरवियर पहना था जब कि पूजा बिल्कुल नंगी खड़ी थी। उसने मुझसे कहा कि मुझे पता था कि तुम ज़रूर आओगे क्यूँकि मैं तुम्हे रोज़ क्लास में देखती थी कि तुम सिर्फ़ हमारी गांड और स्तन को देखते हो लेकिन तुम कुछ कर नहीं सकते थे। मुझसे ज़्यादा तुम इस ब्लैक ब्यूटी श्रुति को पसन्द करते हो, जब वो चलती है तो तुम्हारी नज़र उसके शरीर को घूरती है।

मैं भी तुमको देखती थी लेकिन कुछ कह नहीं सकती थी। आज तुम आए हो तो तुम मेरी और मैं तुम्हारी प्यास बुझाऊंगी। यह कह कर उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मैं भी उसे किस करने लगा श्रुति हम दोनों को देख रही थी वो बहुत डरी हुई लग रही थी।

मैंने उसको हाथ से पकड़ कर अपनी तरफ़ खींच लिया और पूजा से कहा कि प्लीज़ तुम मेरा लंड अपने मुंह में ले लो। पूजा ने मेरे लंड को चूसना शुरू किया और मैं श्रुति को किस करने लगा। मैंने उसका ब्रा खोल दिया और उसके अनछुए सांवले मुम्मे चूसने लगा वो बेकरार हो रही थी तो मैंने कहा कि तुम भी मेरा लंड चूस कर मज़ा लो।

तो उस ने कहा कि नहीं यह बहुत गन्दा है !
तो मैंने उसको कहा कि देखो पूजा कैसे मज़ा ले रही है तुम भी ले लो !

लेकिन वो नहीं मानी तो पूजा और मैंने ज़बरदस्ती उस के मुंह में अपना लंड डाल दिया तो उस ने धीरे धीरे चूसना शुरू किया उससे मज़ा आने लगा और वो चूसती रही। 15 मिनट के बाद मैंने उसका मुंह अपनी क्रीम से भर दिया तो पूजा जो श्रुति की चूत को चाट रही थी अचानक ऊपर उठी और क्रीम उसके मुंह से अपने मुंह में लेने लगी।

अब मैं उन दोनों को चोदना चाहता था तो मैंने पूजा से कहा कि मैं पहले श्रुति को चोदना चाहता हूँ !
तो उसने कहा कि वो अभी कुँवारी है बहुत मुश्किल है यहाँ !
लेकिन मैंने कहा कि प्लीज़ !

तो उस ने कहा ठीक है लेकिन श्रुति के मुंह पर कोई कपड़ा बांधो तो मैंने उसका ब्रा उसके मुंह पर बाँध दिया और अपना 7.5′ इंच का लंड उसकी चूत पर रख दिया और आहिस्ता आहिस्ता धक्के मारने लगा, उसे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर आहिस्ता आहिस्ता मैंने ज़ोर लगाना शुरू कर दिया।

आहिस्ता आहिस्ता मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर जा रहा था और वो अपने हाथों से मेरा लंड हटाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मैंने उस के हाथ पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का लगाया और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था। वो एक दम ऊपर उठी और नीचे गिर गयी। वो बेहोश हो गयी थी, उसकी चूत से खून बहने लगा था।

अब हम दोनों भी परेशान हो गए कि इसको होश में कैसे लाएं। वहाँ पर पानी भी नहीं था। मैंने पूजा से कहा कि अब क्या किया जाए तो पूजा ने कहा- तुम मेरे मुँह में पेशाब करो, मैं तुम्हारा पेशाब श्रुति पर छिड़कती हूँ।

मैंने अपना लण्ड श्रुति की चूत से निकाल कर पूजा के मुँह में डाल दिया और पेशाब कर दिया। अभी पूजा ने थोड़ा ही पेशाब छिड़का था कि श्रुति होश में आ गई। पूजा ने बाकी पेशाब पी लिया और बोली- वाह ! क्या स्वादिष्ट पेशाब है तुम्हारा !

श्रुति ने और चुदाई से मना कर दिया और कहा कि आज़ बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन पूजा ने उसे समझाया कि पहले दर्द होगा फ़िर मज़ा आएगा।

बड़ी मुश्किल से वो मानी तो मैंने फ़िर अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और धक्के मारने लगा। अब उसे मज़ा आ रहा था। कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि श्रुति की चूत से क्रीम बाहर निकल रही है तो मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए और 25 मिनट बाद मेरी क्रीम श्रुति के मुँह में थी। मैं भी तीन बार झड़ चुकने के बाद काफ़ी कमजोरी महसूस कर रहा था इसलिए पूजा से कहा कि तुम्हें कल करूंगा। तो वो बोली- नहीं एक बार तो आज ही करो !

मेरा लण्ड बिल्कुल ढीला हो गया था और उसने चूस कर उसको दोबारा तैयार किया तो मैंने पूजा को भी चोदा और जब उसे चोद रहा था तो श्रुति बोली- प्लीज़ ! मुझे दोबारा करो !

तो मैंने उसको भी दूसरी कुर्सी पर बिठा कर उसकी टांगें ऊपर कर ली।

अब थोड़ी देर श्रुति और थोड़ी देर पूजा को चोद रहा था और कोई 35 मिनट के बाद मैंने अपनी क्रीम पूजा की चूत में ही निकाल दी।

अपने विचार मुझे [email protected] पर भेजें !
0532

इस कहानी को पीडीएफ PDF फ़ाइल में डाउनलोड कीजिए! कोलेज़ की दो लड़कियाँ, मैं अकेला

प्रातिक्रिया दे