जयपुर की रूपा की अन्तर्वासना-4

(Gujrati bhabhi Sex Story: Jaipur Ki Rupa Ki Antarvasna- Part 4)

This story is part of a series:

जैसे ही पप्पू का हाथ अपने लंड पे गया, रूपा अपने हाथों से खुद अपनी चूचियाँ मसलती हुई बोली- उउम्म्म थोड़ा और जोर से मार ना… पूरा लेना है लौड़ा चूत में हरामी. तू दर्द की चिंता मत कर, जितनी बेरहमी से हो सके डाल अपना लौड़ा मेरी चूत में और चोद मुझे.

रूपा की इस बात पे पप्पू ने भी जोश में आकर उसकी कमर में हाथ डाल कर एक ज़ोरदार धक्का दिया, जिससे उसका मोटा लंड रूपा की चूत फ़ैलाते हुए करीब-करीब आधा घुस गया. इतना मोटा लौड़ा घुसने से रूपा का सीना और माथा पसीने से लथपथ हो गया. दर्द से उसने आँखें बंद करके होंठ दाँतों में दबा लिये.
रूपा के सीने का पसीना चाट कर पप्पू बोला- उम्म्ह… अहह… हय… याह… तेरी माँ की चूत चोदूँ, साली रंडी, क्या टाइट चूत है तेरी. लगता है तेरे पति का लंड ज्यादा बड़ा नहीं है जो मेरा लंड इतना टाइट जा रहा है.

अपनी कमर हिला कर, पैर फ़ैलाते हुए रूपा पप्पू के लंड का रास्ता और आसान करती हुई, पप्पू के चौड़े सीने पे हाथ फेरती हुई बोली- अरे मेरे पति की बात छोड़, तुझे एक 42-43 साल की औरत की इतनी टाइट चूत में लंड डालने में मजा आ रहा है ना? यार तू अपनी सोच, मेरे बारे में बोल, पति का क्या काम है? उसका काम खत्म हुआ जब उसने दो बेटियाँ दे दीं, मुझे अब उसका कोई काम नहीं है, साला पाँच मिनट में झड़ जाता है. तेरी कसम पप्पू मुझे ये इतना पसीना इक्कीस साल की शादी में कभी नहीं आता था.

दो तीन बार लंड आगे पीछे करके पप्पू ने फिर ज़ोर से धक्का दे कर लंड रूपा की चूत में घुसाया. इस बार पूरा लौड़ा अन्दर घुसा तो रूपा चिल्लाने और तड़पने लगी. अपने मम्मे खुद मसलती हुई वो ज़ोर से आहें भरने लगी.

पप्पू बिना रुके लंड चूत में ठेलते और मम्मे मसलते हुए बोला- मादरचोद, उसकी बात तो आती रहेगी ही रंडी, तू मेरा लौड़ा और चुदाई की उससे तुलना करेगी ही ना? अब कैसे बोली कि इक्कीस साल में पहली बार ऐसा पसीना आया… वो भी आधा लंड घुसने से? तेरी माँ को चोदूँ राँड… ये सोच कि पूरा लंड घुसा कर जब जानवर जैसे तुझे चोदूँगा तब तेरा क्या हाल होगा?

पप्पू का पूरा लौड़ा अन्दर घुसने पर रूपा जोर से ‘ओहहह आहहह ऊफ्फ्फ़’ चिल्लाने लगी. वो खुद कमर ऊपर करके पप्पू के लंड से भिड़ा रही थी. पप्पू ने चूत आहिस्ता चोदते हुए रूपा के होंठों पे अपने होंठ दबा कर मस्ती से मम्मे मसलना शुरू किया. मम्मों से इतना खेलने से वो एकदम लाल हो गए थे.

रूपा पप्पू को बाहों में लेकर उसको किस करके बोली- अरे, मैं तुलना करके उससे कहूँगी कि तेरे जैसे असली मर्द कैसे चोदते हैं. तू क्यों बीच में उसे लाता है, तू मेरी और अपनी बात कर ना. आज तुझे मौका मिला है तो कर ले इस जिस्म से अपने दिल की भड़ास पूरी. ऐसा मौका बार-बार नहीं आता कि मेरी जैसे गर्म चुदास औरत तेरे जैसे तगड़े चोदू मर्द के नीचे हो. हाँ ये बात और है कि तेरे जैसे मर्दों के गर्म करने पर मेरे जैसी औरतें टाँगें फ़ैला देती हैं… लेकिन मेरे जैसी औरतें गर्म होने में बहुत समय लेती हैं. आहहहह आँआँ.. फाड़ दिया मेरी चूत को… गधी की औलाद… भोसड़ी वाले… चोद.. और डाआआआल अपना लौड़ाआआ… अन्दर आ.. ओ.. आँआँ आआआह..

‘ठीक है राँड, अब तेरे हिजड़े पति की बात नहीं करूँगा. चोदने तक तेरी बात और उसके बाद तेरी सहेलियों और तेरी कमसिन बेटियों की बात करूँगा. आज रात भर तुझे ऐसे ही खुली हवा में चोदूँगा रंडी की तरह… और कोई भी आए तो मेरे बाद उससे भी तुझे चुदवाऊँगा समझी? तेरी जैसी रंडी औरत को जब जब मैं चाहता हूँ… अपने नीचे लेता हूँ, तेरी जैसी गुजराती औरतें नखरे करके और शर्मा के चुदवाती हैं इससे हम मर्द बड़े गर्म होते हैं. हमारी लड़कियाँ तो बस थोड़ा खेला.. तो गर्म हो जाती हैं, तुम आराम से गर्म होती हो और बेरहमी चुदवा कर ठंडी होती हो. आह.. मादरचोद लगता है ज़िंदगी में पहली बार लंड गया तेरी चूत में.. जो तू इतना चिल्ला रही है.. हरामन साली ये तो शुरूआत है… अभी तेरी गांड बाकी है छिनाल.

जीभ रूपा के मुँह में घुसा कर उसके मम्मे मसलते हुए पप्पू ने अब उसकी चुदाई ज़ोर से शुरू की. रूपा ने उसे जवाब देने के लिए अपने होंठ पप्पू के होंठों से थोड़े अलग किए और इसलिए उसने अपनी चूची उसके मुँह में दे दी.

पप्पू का लंड ज्यादा से ज्यादा चूत में ले कर वो पैर फ़ैला के कमर उठा कर मस्ती से चुदवाने लगी.

पप्पू का मुँह मम्मे पे दबा कर वो बोली- ले मेरे मम्मे चूस कर मेरे दर्द को ज़रा तसल्ली दे. पप्पू बहनचोद… मैं तो ऐसे चुदवाने को शादी की पहली रात से तड़प रही थी कि खुली हवा में चुदवाऊँ लेकिन मेरा पति, साले का लंड खुले में आते ही मानो ठंडा पड़ जाता है. अरे अब शुरूआत ऐसी हो चुकी है तो अंत भी बड़ा ज़ालिम होना चाहिये. मुझे ऐसा लगना चाहिये कि ज़िंदगी में पहली बार चुदी हूँ. सुन पप्पू गांडू… तेरा रस मेरी चूत के एकदम अन्दर डालना… मेरी बच्चेदानी पे… तभी मुझे सही में शाँति मिलेगी.

पप्पू ने रूपा के मम्मे पहले बच्चे की तरह चूस कर फिर जोश में आकर दोनों निप्पल बारी-बारी चूस कर, चबाते हुए पूरे लाल कर दिए. फिर नीचे चूत में लंड घुसा-घुसा कर रूपा को चोदते हुए पप्पू ने उसके मम्मे इतने चूसे कि उसके चबाने से रूपा के मम्मों से हल्का सा खून आ गया, जिसे पप्पू ने चाट लिया.

फिर मम्मे मसलते हुए पप्पू बोला- रूपा मैं तो तेरे जैसी गर्म माल के साथ ज़िंदगी भर खेलूँगा, तुझे अपनी राँड बना कर रखूंगा, तेरी जैसे गर्म चूत आज तक नहीं मिली. रूपा शादी के इक्कीस साल के बनवास के बाद आज तुझे एक असली दमदार लंड से मुक्ति मिल रही है. साली तेरा पति जल्दी झड़ जाता है ना… इसलिए मुझे शक है कि वो तेरी बेटियों का बाप नहीं है.. क्यों.. बोल साली.. बहनचोद चुदाई के अंत में तू लंड निकाल लेने के भीख माँगेगी… समझी छिनाल? बहनचोद आज तुझे चोद चोद के फिर माँ बनाऊँगा और अपने बच्चे की सौतेली बहनों को और उसकी माँ को चोदता रहूँगा.

रूपा पप्पू का चेहरा चूमते हुए हाथ नीचे डाल कर उसकी गोटियाँ मसल कर बोली- अरे-अरे ये गाली मत दे उसे… उसके साथ शादी के बाद आज पहली बार किसी पराये मर्द का लंड इस चूत को नसीब हुआ है.. पर शादी से पहले मैंने अपनी चूत में बहुत लंड लिए हैं. आज इस चूत को फाड़ कर अपनी रस की एक भी बूँद मेरी चूत के बाहार ना जाये… ये देखना. अच्छा लेकिन ये तो बता तुझे मुझ जैसी लजीज़ माल तो कई और भी मिली होंगी ना?

लंड करीब करीब बाहर निकाल कर फिर बेरहमी से अन्दर ठाँसते हुए और मम्मे नोंचते मसलते हुए पप्पू बोला- बहनचोद तेरा चूतिया मर्द मिले तो उसकी गांड मारूँगा, हरामी ने तेरी जैसी गर्म चूत इतने दिन मुझसे जो छिपाई. तेरी माँ की चूत… साली तू तो बचपन से मेरी राँड होनी चाहिये थी. तेरी माँ को चोदूँ राँड… अपने कीमती लंड के पानी की एक भी बूँद बाहर नहीं जाने दूँगा. तेरी गर्म चूत की कसम… कई चूतें चोदीं, पर तेरी जैसी माल आज तक नहीं मिली. तेरी जैसी गर्म और हर बात में साथ देने वाली चूत नसीब वाले मर्द को ही मिलती है रंडी.
‘तू मेरी चूत चोदता रह… भड़वे. तेरी गाली, मार और लंड मुझे और मस्त बना रहे हैं पप्पू.. और ज़ोर से चोद मुझे, मेरी ये चूत चोद कर निकाल ले पूरी भड़ास गांडू…

पप्पू के लंड पे शायद भूत सवार था. वो तो बेरहमी से रूपा को चोद कर उसके मम्मे मसलते हुए दबा रहा था. चूत चोदते हुए उसकी गांड में उंगली घुसाते हुए उसमें घुमा कर.. फिर निकाल के रूपा को चाटने के लिए दे दी.

फिर वो बोला- ये बोल आज के पहले भी मर्दों ने तुझे भीड़ में मसला होगा, तो उनसे क्यों नहीं चुदी तू राँड?

रूपा पप्पू की उंगली शौकिया तौर पे एक रंडी जैसे चाट कर और फिर अपनी एक उंगली उसके लंड के साथ अपनी चूत में डाल कर निकाल के पप्पू को चाटने के लिए देते हुए बोली- अरे कई लोगों ने मुझे क्या.. कई औरतों को मसला है… इसलिए तो हम औरतों को भीड़ में जाना पसंद नहीं. रही बात औरों से मसलवाने की, तो कई बार मसली गई हूँ.. पर किसी में तेरे जितना दम ही नहीं था इसलिए सिर्फ़ मसलने पे ही बात खत्म हुई. तू जिस हिसाब से मेरी बात माने बिना भीड़ में ब्लाउज खोलने लगा… तभी मैंने फ़ैसला कर लिया था कि तुझे अपने साथ आने को कहूँगी.

रूपा की उंगली पूरी चाट कर हल्के से चबाते हुए पप्पू बोला- क्या बोलती है यार? तेरी जैसी गर्म रंडी औरत को भीड़ में जाना पसंद नहीं? अरे तेरी जैसी औरत को ही तो मैं भीड़ में ढूँढ कर गर्म कर कर चोदता हूँ, तू मेरी ज़िंदगी में बस में मिली वैसे तीसरी चूत है. ये बता कि तूने भीड़ में सामने वाले को आज के पहले कितनी लिफ्ट दी और वो कहाँ तक आया तेरे साथ?

पप्पू अब चूत चोदते हुए रूपा की गांड में एक के बाद दूसरी उंगली डालते हुए अब चूत और गांड एक साथ चोदने लगा.

रूपा पूरी मस्ती में आ कर अपनी कमर उछाल-उछाल कर चुदवाती हुई बोली- और तेज़ कर भोसड़ी के… और तेज़ डाल ना, मजा आ रहा है एक साथ चूत और गांड चुदवाने में. उफ्फ्फ़ बड़ा ज़ालिम मर्द है तू… पप्पू और चोद मुझे गांडू.

रूपा की गांड में तीसरी उंगली डाल के घुमाते हुए उसकी चूत को पप्पू चोद रहा था. रूपा चूत में लंड घुसने की ‘थप थप’ की आवाज़ आने लगी और रूपा की सिसकरियाँ सुनाई देने लगी.

पप्पू फिर निप्पल खींचते हुए बोला- ये ले रानी और ले और ले, तेरी माँ की चूत… आज तेरी गांड और चूत फाड़ दूँगा. बोल तूने कहाँ तक लिफ्ट दी है मर्दों को, जब उन्होंने तेरा जिस्म भीड़ में मसला… बोल रूपा रानी?

कमर उछाल उछाल कर चुदवाने से रूपा के मम्मे उछल रहे थे और फचक-फचक की आवाज़ आने लगी जब पप्पू का लंड उसकी चूत में घुस कर बाहर निकलता क्योंकि दोनों बहुत गीले हुए पड़े थे.

निप्पल खींचने से रूपा दर्द और मस्ती से बोली- आहह आहहह और तेज़ गांडू, मेरे जिस्म को बेरहमी से मसलते हुए चोद मेरी चूत. पप्पू मैंने तेरे से ज्यादा किसी को लिफ्ट नहीं दी. लिफ्ट तो बस भीड़ तक ही दी, जो दूसरे मर्दों ने किया, वो भीड़ में वहीं करने दिया, पर तेरे सामने नंगी हो कर जैसे चुदवा रही हूँ वैसा मौका किसी भी मर्द को नहीं दिया. एक दो मर्दों ने भीड़ में ही अपना लंड पैंट की ज़िप खोल कर बाहर निकाल कर मेरी साड़ी के ऊपर से गांड पे रगड़ा भी और मेरी पीठ और साड़ी पर अपना वीर्य भी छोड़ा, पर मैंने अब तक चुदवाया किसी से नहीं है.

रूपा का जोश और बढ़ावा देख कर खुश हो कर पप्पू ने सोचा कि साली को सच में आज तक ऐसा लौड़ा नहीं मिला, तभी ये इतनी उछल कर चुदवा रही है. अब इसको और मजा दूँगा. वो रूपा की कमर पकड़ कर बोला- सुन रंडी की चूत… अब मैं नीचे आऊँगा और तू मेरे ऊपर आ कर मेरे लौड़े से तू चूत चुदवा ले अपनी… समझी रंडी?
रूपा को बाहों में पकड़ कर घूम कर उसे पप्पू अपने ऊपर ले कर बोला- चल रंडी अब देखता हूँ… कितना दम है तुझ में.

रूपा के लाल मम्मों को अब और बेरहमी से मसलते हुए और निप्पल खींच कर उसे दर्द और मजा देते हुए नीचे से गांड उठा कर उसके धक्कों का जवाब पप्पू देने लगा. इस पोज़िशन में आठ-दस धक्के खाने के बाद रूपा चूत से लंड निकाल कर घूम के अपनी पीठ पप्पू की तरफ कर के लंड अपनी चूत में डाल कर चुदवाने लगी.

ऐसा करने से पप्पू को अपना लंड रूपा की चूत से अन्दर बाहर होते दिखने लगा. साथ-साथ रूपा अपने मम्मे खुद दबा कर कई बार अपनी चूत को सहलाते हुए सिसकरियाँ भरती हुई चुदवाने लगी.

रूपा के इस स्टाइल और बेशर्मी से खुश हो कर पप्पू उसकी चूत सहलाते हुए अब आराम से उसकी गांड में भी उंगली करने लगा. बीच में उसके मम्मे भी खींच कर नोंचते हुए वो बोला- बहनचोद तू तो बड़ी मस्त रंडी है, क्या स्टाइल से चुद रही है राँड, ऐसा कभी देखा नहीं छिनाल और ज़ोर से चुदवा ले रंडी, देखने दे तेरी चूत में कितनी गर्मी है छिनाल.. आहहहहह साली और ज़ोर से उछल, लंड तेरी बच्चेदानी पे टकरा रहा है या नहीं साली रखैल?

नीचे के धक्कों से रूपा भी अब अपना पूरा ज़ोर लगा कर उछलने लगी. काफी चुदाई के बाद उसकी चूत में अब सूजन महसूस होने लगी, जिसका पप्पू को भी एहसास हुआ. ज़ोर से उछलने और हिलने से रूपा के मम्मे हवा में झूल रहे थे और पप्पू उनको बेरहमी से मसल रहा था.

अपनी चूत सहलाते हुए रूपा बोली- हाँ पप्पू.. साले! तेरा लंड मेरी बच्चेदानी पे दस्तक दे रहा है. लगता है तेरे लौड़े को मेरी गर्म चूत में झड़ कर इस चुदाई की निशानी छोड़नी है. तेरे लौड़े से चुदवाने से मेरी चूत सूज गई है लेकिन अभी तक दिल नहीं भरा… मेरे चोदू राजा.

रूपा के उछलते मम्मे मुठ्ठी में दबाते हुए पप्पू बोला- साली रंडी अब और चोदूँगा तुझे, ये तो नार्मल स्टाइल हुई… अभी तुझे कुतिया बना के चोदना है. तेरी जैसी गर्म औरत को कुतिया बना के चोदने में बड़ा मजा आता है मुझे… रूपा छिनाल! इससे मेरे लंड को ठंडक पहुँचती है. देख तेरे मम्मे कैसे हवा में उछल रहे हैं, मादरचोद बता न तुझे चोदने में मजा आ रहा है?

अब रूपा की हालत बड़ी खराब होने लगी. इतना दर्द उसे पहले कभी नहीं हुआ था. वो कमर थोड़ी ऊपर करके अब पप्पू का पूरा लंड चूत में ना लेते हुए बोली- हाँ… हाँ… तुझे मजा आ रहा है भड़वे! पर तेरे लौड़े से मेरी हवा बिगड़ने लगी है.

रूपा की कमर कस कर पकड़ कर चूत में लंड ठेलते हुए पप्पू बोला- तो क्या करूँ? तूझे नीचे ले कर आखिरी धक्के मार के तेरी चूत में अपनी निशानी छोड़ जाऊँ क्या रूपा रंडी?
रूपा में अब बोलने की ताकत नहीं रही थी इसलिए वो चिल्लाते हुए बोली- आह आहहह आहहह ओहहह माँ आहहह ओहहह माँ ममाँआँ ओहहह माँ चूत फट गई ओहहहहह हाय गाँआँआँडू आहहहहह आहहह होओओओओ माँ..
जानवर बन के पप्पू बिना रहम के उसको चोदते हुए बोला- फटने दे रंडी, तुझे याद रहेगा कि असली मर्द के लंड से तेरी चूत फटी, ये ले… और ले… और ले साली.
बेरहमी से उसे चोदते हुए और फिर उसे अपने नीचे ले कर पप्पू चोदते हुए बोला- बोल मेरी रंडी बनेगी ना? अपनी बेटियाँ चोदने देगी ना मुझे रूपा?

अब पप्पू का लंड पूरा का पूरा रूपा की बच्चेदानी पर धक्के देने लगा था. अपना सीना पप्पू के मुँह पे दबाते हुए रूपा बोली- अरे बन गई हूँ ना अब मैं तेरी रंडी पप्पू और हाँ… दूँगी तुझे अपनी बेटियाँ भी. पर क्या मेरी बेटियाँ तुझसे चुदवा सकेंगी, ये तगड़ा लौड़ा उनकी चूत फाड़ नहीं देगा राजा?

मुँह पे आए रूपा के मम्मे चूसते हुए और कमर कस के पकड़ कर चोदते हुए पप्पू बोला- नहीं ले सकेंगी मेरा लंड तो चूत फटेगी और क्या होगा? पर असली मर्द से चूत फटने का मजा तो मिलेगा ना उनको? नहीं तो वो दोनों ना जाने कौन से चूतियों के लुल्लियों से अपनी चूत चुदवा के अपनी जवानी बर्बाद कर देंगी.
रूपा पप्पू के बाल संवारते हुए झड़ने के करीब होने से अपना जिस्म पप्पू के बदन से रगड़ते हुए बोली- ठीक है भोसड़ी वाले! तुझे मैं अपनी बेटी को चोदने दूँगी में. तूने जो मुझे चोद के मुझ पर मेहरबानी की है उसके लिए तुझे अपनी बेटी जरूर दूँगी.

पप्पू भी झड़ने पे आया था, वो कस कर रूपा को पकड़ कर उसके निप्पल बेरहमी से चूसते चबाते और चूत चोदते हुए बोला- मैं भी झड़ने वाला हूँ तेरी गर्म चूत में, बहुत मजा आया जान, ले और ले रंडी. आहहहहहह ये ले रंडी साली मजा आया तुझे चोदने में रूपा.

रूपा जैसे ही झड़ने लगी तो चिल्लाती हुई बोली- आहहहह आआहहहह आँआँहहह.. मैं तो ओओह.. गईईईई ऊऊईईई माँआँ.. आहहहह.. मुझे कस कर पकड़ पप्पू. रूपा की उछल कूद से जैसे ही पप्पू झड़ने लगा तो रूपा को कस कर पकड़ कर अपना लंड पूरा अन्दर तक घुसाते हुए बोला- ये ले छीनाआआल चूत आहहहह.. क्क्याआआ..गर्म चूत है तेरीईईईई.

पप्पू कस के रूपा को पकड़ कर लंड का पानी उसकी चूत में छोड़ने लगा. रूपा को वो गर्म पानी अपनी बच्चेदानी पे गिरने का एहसास होने लगा. वो गर्म गर्म लावा उसकी चूत में जाके उसकी चूत को ठंडक देने लगा. लंड का पानी चूत को भरने लगा और चूत भरने के बाद काफी वीर्य बाहर आकर रूपा की जाँघों को गीला करता हुआ नीचे गिरने लगा.

पप्पू निप्पल चूस कर बोला- ले जान आहहहह सालीईई पूराआ पानी ले रही है तेरी चूत रूपा छिनाल.
रूपा ने पप्पू का चेहरा पकड़ कर एक ज़ोरदार चुम्मा उसके होंठों पे सटाया. रूपा अब भी हाँफ रही थी और संतोष के मारे उसकी आँखें अभी भी बंद थी. पूरा झड़ने के बाद दोनों हाँफ रहे थे.

जैसे ही पप्पू का लंड चूत से निकला तो ‘पाप’ की आवाज़ हुई और लंड निकालने के बाद चूत में वीर्य बाहर बहने लगा. रूपा की ब्रा से चूत साफ़ करके पप्पू उठ कर घुटनों पे खड़ा हो कर लंड रूपा के होंठों के पास लाते हुए बोला- मेरे इस मुस्टंडे लंड को कैसे साफ़ करेगी रूपा राँड?
लंड रूपा के होंठों पे घुमाते हुए पप्पू आगे बोला- ले रंडी चाट के साफ़ कर मेरा लंड… छिनाल रूपा.

रूपा थकान की वजह से यंत्रवत अपनी जीभ बाहर निकाल कर पप्पू का लंड चाटने लगी. पप्पू हौले-हौले अपना लंड रूपा के मुँह में डाल के साफ़ करते हुए बोला- अच्छे से चूस कर साफ़ कर रंडी, ये तेरे हिजड़े पति का छोटा सा लण्ड नहीं है, तेरे यार का लौड़ा है. ठीक से साफ़ कर इसे.
रूपा के पूरा लंड चाट कर साफ़ करने के बाद वो दोनों उसी खुली हवा में थकान से निढाल हो कर लेट गए.

मेरी सेक्स स्टोरी पर कमेन्ट भेजिए.
[email protected]
कहानी जारी है.