शाकाल और नंगी हसीनाएँ-4

प्रेषिका : उषा मस्तानी

काउंटर पर बहुत भीड़ थी, अभी शो शुरू नहीं हुआ था। नीचे घूम रही रण्डियाँ ग्राहकों से टिप लेकर चूचियाँ दबवा रही थीं और उनसे होंट चुसवा रही थीं।

तभी मंच से सीटी की आवाज़ आई तो गुण्डों ने सभी ग्राहकों को उनकी सीटों पर बैठा दिया।

सीटों पर 1 से 40 तक नंबर पड़े थे। सभी ग्राहक जाकर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं। सभी रण्डियाँ आधी आधी, दोनों तरफ़ जाकर खड़ी हो गई। गुण्डे शराब का आर्डर ले रहे थे। रूचि, सरीना और छः लड़कियाँ ग्राहकों के पास जाकर अब शराब बाँटने लगी। ग्राहक उनसे छेड़खानी भी कर रहे थे।

सौ रुपए टिप मिलने पर शराब बांटने वाली लड़की को ग्राहक की जाँघों पर दो मिनट बैठ कर शराब पिलानी पड़ती थी। ग्राहक शराब बांटने वाली लड़कियों को जाँघों पर बैठाकर उनका शबाब भी पी रहे थे। रूचि दो ग्राहकों की जाँघों पर बैठ चुकी थी। इस समय सरीना और दो लड़कियाँ ग्राहकों की गोदी में बैठी थीं और शराब पिला रही थीं।

उमा मंच से बोली- अब आपके सामने आपकी सीट पर पर्चियों से भरा एक डिब्बा आएगा, आप अपनी परची निकालिए और उस पर जो नम्बर लिखा है उस नम्बर की हसीना को लण्ड सेवा काउंटर पर परची दिखा कर ले आएं, उस हसीना की जवानी का रस पीजिए और देखिए अपनी प्यारी भाभी शीतल और राखी का नग्न मुजरा। पहले मुजरे के बाद आप हाल के गेट नम्बर 6 से चुदाई हाल में जाकर अपनी पर्ची वाले कमरा नम्बर में कर सकते हैं अपनी हसीना की आगे और पीछे से प्यार भरी लण्ड से ठुकाई।

दस मिनट के अन्दर सभी को पर्ची बंट गई और सभी अपनी अपनी रण्डियाँ को लण्ड सेवा काउंटर से ले आए और उनके ब्लाउज उतार कर जाँघों पर बैठा कर उनके संतरों से खेलने लगे।

दस मिनट के बाद उमा मंच पर आकर बोली- अब आपके सामने मुजरा करने आ रही हैं हमारी शीतल रानी जवान और गर्म शीतल जिनकी जवानी का रस अभी तक भोगा है सिर्फ़ उनके पति ने ! वो करेंगी हसीन सेक्सी मुजरा आपके सामने।

मंच पर गाना “मेरी जवानी हुई बेकाबू लूट लो बाज़ार वालों आज इसे” बजने लगा, शीतल लहंगा और लो-कट ब्लाउज पहन कर नाचने आ जाई और बार बार झुककर संतरे दिखाने लगी। 3-4 गुण्डे मंच पर घूम रहे थे, बीच बीच में शीतल उनके ऊपर गिरी तो उन्होंने शीतल का ब्लाउज खोल कर उसके दूध नुमाया कर दिए और दबा कर छोड़ दिए।

देखने वालों के लण्ड खड़े होने लगे।

दो मिनट बाद गाने के बोल ” मेरे गोल गोल संतरे बड़े रसीले ! इनका रस पी लो बाज़ार वालों ! ” पर गुण्डों ने शीतल का ब्लाउज उतार कर फ़ेंक दिया तो माहौल और गरमाने लगा।

कुछ ग्राहक गोद में बैठी रण्डियों का पेटीकोट खोल कर उनकी चूत मसलने लगे। शीतल दो मिनट तक नग्न-वक्ष होकर नाची। दो मिनट बाद गाने के बोल ” गरम हो रही मेरी गुफा इसको ठंडी हवा खिला दो बाज़ार वालो !” लाइन के साथ ही शीतल का लहंगा उतर गया और पूरी नंगी होकर वो मंच पर दूध हिला कर नाचने लगी और मंच पर लेट गई टांगें फ़ैलाकर ! घोड़ी बनकर 3-4 तरीकों से अपनी चूत का मुजरा पेश किया। नाच दस मिनट के करीब चला।

उमा की आवाज़ आती है- शीतल की जवानी का रस चूसने के लिए अपनी बोली लगाइए लण्ड सेवा काउंटर पर। जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा वो रात भर हमारी प्यारी शीतल भाभी का रस पी सकेगा।

कुछ ग्राहक उठकर अपनी रण्डियों को चोदने के लिए चुदाई हाल की तरफ जाने लगे।

उमा मंच से कहती है- अब थोड़ी देर में हमारी प्यारी हसीना राखी भाभी सेक्सी डांस करेंगी। भैयाजी दो महीने के लिए विदेश चले गए हैं और राखी भाभी की चूत मांग रही है लण्ड लण्ड और लण्ड।

इसके बाद मंच पर राखी नाम की पतली दुबली सी औरत बिना ब्लाउज के पानी से भीगी साड़ी पहन कर मंच पर आती है उसके दूध साड़ी में से चमक रहे थे।

राखी गाना “सात दिन से सो नहीं पाई, रात रात भर लण्ड लण्ड मेरी मुनिया चिल्लाई !” गाने पर मुजरा शुरू कर देती है। अपना पल्लू स्टाइल से नीचे गिराते हुए राखी दूध हिलती है और खुद भी गाती है “रात भर ठन्डे पानी से नहाई लेकिन मेरी मुनिया बार बार लण्ड लण्ड गाई !”

राखी अपनी साड़ी कभी थोड़ी कभी ज्यादा उठाती थी जिसमें से उसकी नंगी जांघें चमकती थी और चूत की झलक दिखती थी।

गाने के बोल ” मेरी सुन्दर मुनिया देखो और इसमें अपना लण्ड डाल दो !” गाने के साथ गुण्डे राखी की साड़ी खींच देते हैं और राखी नंगी हो जाती है और मंच पर लेट जाती है, गुण्डे उसकी तरफ नकली लण्ड फेंकते हैं तो एक मिनट तक अपनी चूत में नकली लण्ड कई तरह से फिराती है इसके बाद गुण्डे गोद में उठाकर उसकी चूत में नकली लण्ड घुसाते हैं। इस तरह 5 मिनट तक अपनी चूत, चूचियों और नकली लण्ड से राखी मंच पर सबका दिल बहलाती है।

उमा मंच पर आती है और बोलती है- अब आ रही हैं शाकाल अड्डे की टॉप की हसीनाएँ रचना, रेशमा, रूचि और सरीना।

गाना ” मोटे मोटे लण्डों को चूसने में बड़ा मज़ा आए !” बजने लगता है, रचना, रेशमा, रूचि, सरीना ब्रा पेंटी पहने मंच पर आती हैं और आते ही ब्रा निकाल कर फ़ेंक देती है और चूची हिलाते हुए जाकर चारों कोनों पर खड़े चार गुण्डों की लुंगी खोल देती हैं और उनके तने हुए लण्ड झुक कर 2-3 बार चूसती हैं। गुण्डे उनके चूतड़ दबा देते हैं। गाने के बोल “सखी, आज तो सेक्सी दिन है, 4-4 लौड़े चूसने में बड़ा मज़ा आए ! ” पर दो मिनट तक पेंटी पहने दूध हिलाते हुए चारों हसीनाएँ मच पर एक-एक करके चारों गुण्डों का लण्ड एक-एक बार 5-6 सेकंड के लिए चूसती हैं और आपस मैं भी सभी एक दूसरी के चुचूकों को उमेठती हैं।

गाने के बोल ” गरम गरम चूत में लण्ड घुसाने में बड़ा मज़ा ” आने पर दो गुण्डे आगे बढ़कर रेशमा और रचना को गोद में उठाकर उनकी चड्डी उतार देते हैं और घोड़ी बनाकर उनकी चूत में पीछे से पेल देते हैं और दोनों को चोदने लगते हैं। सरीना और रूचि की भी चड्डी उतार दी जाती है, दोनों गुण्डों के साथ नंगी नाचने लगती हैं और बीच बीच में उनका लण्ड भी चूसती हैं। मंच पर चुदाई, चुसाई और नाच सब साथ साथ चलता है। रचना और रेशमा के गुण्डे 10-12 शोट उनकी चूत में मारते हैं। इसके बाद दुसरे दो गुण्डे आकर दोनों को चोदते हैं। दोनों मस्ती लेती हुई चुदवाती हैं।

” गाने के बोल लण्ड चूसते चूसते चुदवाने मे स्वर्ग का मज़ा आए !” पर रचना और रेशमा अपने अपने सामने खड़े गुण्डे का लण्ड चूसने लगती हैं और दो गुण्डे अलग अलग उन्हें चोदने लगते हैं। रूचि और सरीना एक तरफ़ नंगी मटकने लगती हैं।

थोड़ी देर बाद दोनों चोदने वाले गुण्डे हट जाते हैं और रूचि, सरीना की कमर पीछे से पकड़ कर उनकी टांगें चौड़ी करके उन्हें ऊपर उठा लेते हैं और सबको उनकी चूत का दर्शन कराते हैं। एक मिनट फिर नंगा नाच चलता है। इसके बाद गाने के बोल ” ऊई माँ ऊई माँ ! लण्ड चूस चूस के खुजली हो रही तेज ! थोड़ा बढ़िया से चोद दे राजा मेरे !” पर दो नए गुण्डे आते हैं, रचना और रेशमा को घोड़ी बनाते हैं और उनकी गाण्ड में लण्ड घुसा देते हैं।

गाना थोड़ी देर के लिए बंद हो जाता है और दोनों की मंच से “ऊई, मर गई ! फट गई ! छोड़ो छोड़ो !” की आवाजें गूंजती हैं।

इसके एक मिनट बाद उनकी गाण्ड में लण्ड दौड़ने लगते हैं और जोरों की सिसकारियाँ मंच पर गूंजने लगती हैं। आधे से ज्यादा लोग अपनी गोद में बैठी रण्डियों के साथ चुदाई हाल में चोदने चले जाते हैं।

इसके बाद रचना और रेशमा उमा के इशारे पर दो अलग अलग गद्देदार सोफों पर लेट जाती हैं और गुण्डे उनकी चूत में लण्ड घुसा देते है और चोदने लगते हैं। मंच पर बाकी के चार गुण्डे साथ वाले सोफों पर बैठ जाते हैं, उनके लण्ड रूचि, सरीना, राखी और शीतल चूसती हैं।

थोड़ी देर बाद रचना और रेशमा अपने गुण्डों के ऊपर आ जाती हैं और गुण्डे नीचे लेट कर उनकी चूत चोदने लगते हैं। उनकी फटी गाण्ड अब ऊपर साफ़ चमक रही थी रूचि और सरीना वाले गुण्डे आकर अलग अलग उनकी गाण्ड पर सवार हो जाते हैं और उनकी गाण्ड मारने लगते हैं। अब दोनों की गाण्ड और चूत एक साथ पिल रही थी। मुँह सोफे से बहार निकल रहा था जिस पर उमा के इशारे पर मंच पर बचे दो गुण्डे अपने लण्ड दोनों के मुँह में डाल देते हैं, अब दोनों ३-३ लण्डों से खेल रही थीं। गाने के आखरी बोल “लण्ड चूसते चूसते चुदवाने और फटवाने में बड़ा मज़ा आए !” बज़ रहा था।

5 मिनट तक दोनों ने 2-3 आसनों में 3-3 लण्डों से पिलवाया। इसके बाद सब गुण्डे हट गए और गुण्डों ने अपनी अपनी हसीना रूचि, रेशमा, राखी, सरीना, रचना और शीतल के मुँह में वीर्य पिला दिया।

रात का डेढ़ बज रहा था। इसके बाद उमा मंच पर आई और बोली- शीतल की चूत की सेवा आज करेंगे राका ! जिन्होंने खरीदा है शीतल को २५००० रुपए में और राखी को खरीदा है राजू सेठ ने २८००० रुपए में। अब दोनों हसीनाएँ आपकी सेवा करेंगी सुबह छः बजे तक। हमारी 40 हसीन रण्डियों की बोली अभी 15 मिनट के लिए खुली हुई है, तीन हज़ार रुपए से शुरुआत है, अपनी हसीना बुक करें लण्ड सेवा काउंटर पर और बजाएं सुबह ६ बजे तक। एक कमरे में तीन लोग तक अपनी अपनी हसीनाएँ शेयर कर सकते हैं। देर न करें ! जल्दी बुक करें !

लण्ड सेवा काउंटर पर भीड़ हो गई, 32 लोगों ने लड़कियाँ बुक कीं। सभी हसीनाओं और उनके आशिकों को चुदाई हाल में भेज दिया गया। उमा ने बाहर जाने वाले दरवाजे पर बची हुई आठ लड़कियों को पतली पारदर्शी पेंटी पहना कर खुली चुचियों के साथ फूल लेकर खड़ा कर दिया। ये सब साधारण सी दिखने वाली रण्डियाँ थीं। ये रण्डियाँ अब दो हज़ार रुपए में सुबह के लिए मौजूद थीं। बाहर जाने वाले 5 लोगों को पटाने में ये सफल हो गईं, बाकी बचे लोग बाहर चले गए।

कहानी जारी रहेगी।

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