मेरे यौन जीवन की शुरुआत-3

लेखिका : रेखा जैन

पापा ने मम्मी की चूत से लंड निकाला उनका लंड पूरी तरह चिकने पदार्थ से गीला हो रहा था। उन्होंने मम्मी को जमीं पर घुटनों के बल बैठा दिया। मम्मी अब सही में किसी कुतिया की तरह बैठी थी, पापा उनके पीछे आये और उनकी चूत में लंड डालकर जोर जोर से धक्के मारने लगे।

पापा ने पूछा- प्रभा, याद है यह डॉगी स्टाइल।

मम्मी ने कहा- हाँ ! यह मिस्टर बन्सल का पसन्दीदा स्टाइल था।

पापा हंसने लगे, फिर गंभीर होकर कहने लगे- प्रभा, आज मैं जो भी हूँ, बस तुम्हारी वजह से हूँ। अगर उस दिन तुम मिस्टर बन्सल से चुदवाने को मना कर देती तो वो ठेका हमें नहीं मिलता और हम आज भी गरीब होते।

मम्मी ने कहा- मैंने वो सब हमारी भलाई के लिए किया था।

पापा ने कहा- बन्सल बहुत चतुर चालाक इन्सान था, उसने तुम्हें प्रेग्नेंट किया और हमें ब्लैकमेल किया कि अगर गर्भ गिराया तो वो ठेका निरस्त कर देगा। सोचो प्रभा, अगर किसी दिन रेखा को पता चल गया कि मैं उसका बाप नहीं हूँ तो क्या होगा?

यह सुनकर मेरे पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मेरी हालत का अंदाजा आप लगा सकते हैं। जिस आदमी को मैं इतने साल तक अपना बाप समझती रही वो मेरा बाप नहीं था, मुझे अपने माँ बाप पर गुस्सा आने लगा।

तभी मम्मी ने कहा- यह बात हम दोनों के बीच है, उसे कैसे पता चलेगा? फ़िर तुम उसे अपनी सगी बेटी राखी से भी ज्यादा प्यार करते हो ! और बन्सल इतना बुरा भी नहीं था, मैंने तुम्हें एक बात नहीं बताई है। बन्सल रेखा के जन्म के 2 साल बाद घर आया था जब तुम टूर पर गए थे, वो 6 दिन मेरे साथ पति की तरह रहा, मैं मना नहीं कर पाई।

फिर उसने मुझे अपनी कहानी सुनाई कि उसकी पत्नी ने उससे धोखा किया है, उसके दोनों लड़कों में से को भी उसका अपना नहीं है इसीलिए उसने हमें ब्लैकमेल किया, वो इस दुनिया में अपनी खुद की औलाद चाहता था। तुम क्या सोचते हो उसने रेखा के नाम वो 40 लाख रुपये क्यों किये है। उसने मुझे उसी दिन बता दिया था कि अगर मुझे लड़का होता तो मैं अपनी पूरी जायदाद उसके नाम कर देता। उसने मुझसे कहा कि अगर मैं उसके एक और बच्चे को जन्म दूँ तो वो हमें दस लाख रूपये देगा। मैंने मना कर दिया, उसने कहा कि मैं मरने से पहले इस बच्ची के नाम काफी पैसा कर दूँगा, यह मेरा वादा है।

तुम्हें पता है, हमारे यहाँ उस समय बीना नाम की नौकरानी काम करती थी।

पापा ने कहा- हाँ !

मम्मी ने कहा- एक दिन उसने बन्सल और मुझे सेक्स करते हुए देख लिया था। फिर मैंने बन्सल से कहा कि अगर मैं तुम्हारे लिए एक औरत ला दूँ जो तुम्हारा बच्चा पैदा करे तो वो खुश हो गया।

पापा अब भी जोर जोर से मम्मी को चोद रहे थे। फिर वो एकदम धीमे हो गए, मम्मी भी जोर की सिसकारी लेकर अकड़ गई और पापा का वीर्य मम्मी की चूत में जाने लगा, कुछ वीर्य मम्मी की टांगों पर भी बह रहा था। फिर मम्मी जमीन पर लेट गई, पापा उनकी चूत चाटने लगे।

फिर पापा सोफे पर बैठ गये मम्मी ने उनके लंड से वीर्य की एक एक बूंद चाट ली। दोनों सोफे पर एक दूसरे को बाहों में लेकर निढाल हो गए।

मम्मी बोली- उस दिन बन्सल ने जाने का नाटक किया, जैसा मैंने कहा था और घर की एक डुप्लीकेट चाभी उसे दे दी। फिर मैं बीना को अपने कमरे में ले गई और गुस्से में उससे पूछा कि वो मेरे कमरे में क्यों झाँक रही थी कल।

वो डर गई, बोली- मालकिन, मैं तो झाड़ू लगाने आई थी। मैं किसी से नहीं कहूँगी ! सच !

और वो रोने लगी। मैंने और जोर की आवाज में कहा- जा साली, तेरे कहने से क्या होता है। मेरा पति मुझे बहुत प्यार करता है। वो यह सुनते ही तुझे जान से मार देगा।

वो बहुत डर गई, हाथ जोड़ कर मेरे पैरों में गिर कर बोली- मालकिन, सच में कभी अपना मुँह नहीं खोलूँगी। मुझ पर दया कीजिये, आप जैसा कहोगी, मैं वैसा करुँगी आज से।

मैंने कहा- ठीक है, जा एक गिलास पानी ला मेरे लिए !

वो जल्दी से पानी ले आई। मैं बेड पर लेट गई और उससे जमीन पर बैठने को कहा।

मैंने उससे पूछा- तेरे पति को मरे हुए कितना वक्त हुआ है?

उसन कहा- मालकिन, 2 साल।

मैंने उससे उम्र पूछी तो बोली- 32 साल है।

मैंने बच्चों का पूछा तो कहा- एक भी नहीं !

मैंने पूछा- क्यों?

तो उसने कहा- मेरा पति नामर्द था। उसका तो खड़ा ही नहीं होता था, इसी लिए उसने आत्माहत्या कर ली।

मैं यह सुनकर खुश हो गई, मैंने उसे कहा- मेरी अलमारी में नीचे के खाने से पुरानी ब्रा और पैंटी निकाल।

उसने तुरंत कहना माना।

मैंने उससे कहा- मेरा साइज़ तुझे थोड़ा बड़ा पड़ेगा पर इसे पहन ले, तेरे पास ये चीजें नहीं हैं।

पापा ने हँसते हुए कहा- हाँ तुम्हारे बूब्स तो शुरू से ही बहुत बड़े हैं।

मम्मी ने आगे कहा- वो दूसरे कमरे में जाकर ब्रा और पैंटी पहन कर आ गई। मैं एकदम चिल्लाई- साली कुतिया, मैंने कहा था कि सिर्फ ब्रा और पैंटी पहन कर आना।

उसने कहा- नहीं मालकिन, आपने तो सिर्फ पहनने के लिए कहा था।

मैं फिर गुस्से में बोली- साली जुबान लडड़ाती है? चल यहाँ आ।

वो आई तो मैंने खींच कर उसकी साड़ी उतार दी, वो बेचारी सिर्फ मालकिन-मालकिन करती रह गई। फिर मैंने उसका ब्लाऊज़ और पेटीकोट भी उतार दिया। उसका फिगर भी काफी अच्छा था। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतारे और पूछा- तेरे घर में कौन कौन है?

उसने कहा- सास और मैं बस।

मैंने पूछा- किसी से करने का मन नहीं करता?

तो बोली- करता है, पर क्या करूँ?

मैंने कहा- मैं तुझे लंड दिलाऊँ तो? और तुझे बच्चा भी पैदा करवाऊँ?

तो वो डर कर बोली- नहीं मालकिन, बहुत बदनामी होगी।

मैंने कहा- तेरी सास अच्छी है?

उसने कहा- नहीं कमीनी है, मुझे मारती भी है।

मैंने कहा- तू उसे छोड़ दे, उसके साथ क्यों रहती है?

तो बोली- मालकिन कहाँ जाऊँगी?

मैंने कहा- ये कपड़े भी उतार।

हम दोनों नंगी हो गई थी, मैं उसके बोबे दबाने लगी, फिर वो भी मूड में आ गई, मैंने उसकी चूत में उंगली घुसाई तो वो नहीं घुसी, वो चिल्लाई ‘आह ह्ह !’

उसकी चूत बहुत टाइट थी, मैंने बहुत देर तक उससे अपनी चुद चटवाई। फिर उसे बेड पर लिटा कर उसकी साड़ी से उसकी आँखें बाँध दी।

मैंने कहा- मुझे शर्म आ रही है।

मैंने बन्सल को इशारा किया, वो रूम में आ गया, फिर वो बीना की चूत चाटने लगा। फिर जब बीना झड़ गई तो मैं बीना के साथ लेट गई और उसके बोबे दबाने लगी, बन्सल मेरी चूत चाटने लगा। जब मैं झड़ गई तब मैंने बीना से कहा- मैं तुम्हारी चूत में एक खीरा डालूँगी।

मैंने उससे कहा- अपनी टाँगें पूरी तरह से फ़ैला ले।

मैंने बन्सल से इशारे में कहा कि बिना इसे छुए करो ! वो अपने लंड को उसकी चूत पर फिराने लगा, बीना की हालत ख़राब हो रही थी, कहने लगी- मालकिन, जल्दी, अब सब्र नहीं होता।

बन्सल ने धीरे धीरे लंड उसकी चूत में घुसना चालू किया तो बीना की चीख निकल गई।

यह सुनकर पापा का लंड फिर तन गया। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।

वो सोफे पर लेट गए और मम्मी को अपने खड़े लंड पर बैठने को कहा। मम्मी पापा के लंड पर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी।

पापा ने पूछा- प्रभा, तुमने मुझे ये बातें पहले क्यों नहीं बताई?

मम्मी बोली- बन्सल ने मुझे रेखा की कसम दी थी कि उसके मरने के पहले ये बातें अपने पति को मत बताना इसलिए। आप मुझे माफ़ कर दो।

पापा ने कहा- कोई बात नहीं, आगे बताओ।

मम्मी पापा के लंड पर ऊपर नीचे हो रही थी। मेरी उंगली भी अपनी योनि में धीरे धीरे अन्दर जा रही थी।

मम्मी बोली- बन्सल ने पहला झटका जोर से मारा तो बीना की चीख निकाल गई ‘मालकिन धीरे धीरे !’ बन्सल ने पहले ही झटके में अपना आधा लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया था। फिर वो धीरे धीरे लंड चूत में अन्दर बाहर करने लगा।

बीना बोली- मालकिन, बहुत मजा आ रहा है।

फिर मेरे इशारे पर बन्सल ने लंड उसकी चूत से निकाल लिया तो वो बोली- मालकिन, थोड़ी देर और ! उसकी आवाज में याचना थी। मैं बोली- रुक, मैं तुझे अब चोदूँगी।

उसने पूछा- कैसे?

मैंने कहा- यह खीरा बहुत बड़ा है, इसे मैं अपनी चूत में पूरा डाल लेती हूँ। फिर भी यह इतना बाहर बचा है जितना बड़ा मर्द का लंड होता है। बस उसी से मैं तुझे चोदूँगी।

उसने कहा- मालकिन, जल्दी, बड़ा मजा आएगा।

मैंने कहा- ठीक है ! और बन्सल को इशारा किया, वो तुरंत उस पर चढ़ गया और उसकी चूत में लंड घुसा दिया। आधा लंड उसकी चूत में जाने के बाद उसने ऐसा झटका मारा कि पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया। बीना झनझना गई। फिर बन्सल उसे धीरे धीरे चोदने लगा, वो भी उसके साथ कमर हिला रही थी।

15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ने लगी तो चिल्लाई- मालकिन, मैं तो गई। तभी बन्सल भी झड़ गया और पूरा वीर्य उसकी चूत में निकाल दिया।

कहानी जारी रहेगी !

आप अपनी राय साईट पर ही कहानी के नीचे डिस्कस पर लिखें ! अपनी इमेल मैं अपनी पहचान गुप्त रखने के लिए नहीं दे रही हूँ !

सभी व्यक्तियों व स्थानों के नाम भी कुछ परिवर्तित हैं पर मिलते जुलते हैं !

Leave a Reply